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मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के अंबाह में स्थित अंबा हॉस्पिटल में नई टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है। इस नई तकनीक के इस्तेमाल के बीच यह सवाल उठाया गया है कि आखिर गरीब और अमीर में क्या अंतर है।
Patrakar वंदे भारत न्यूज़
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के अंबाह में स्थित अंबा हॉस्पिटल में नई टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है। इस नई तकनीक के इस्तेमाल के बीच यह सवाल उठाया गया है कि आखिर गरीब और अमीर में क्या अंतर है।
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- मध्य प्रदेश में खरीफ की फसल के समय किसानों को यूरिया और डीएपी खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। बाजार में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है और एनपीके खाद को ₹2100 प्रति कट्टा की बढ़ी हुई दर पर अनिवार्य रूप से दिया जा रहा है, जिससे आर्थिक संकट में होने के बाद भी किसान इसे खरीदने को मजबूर हैं। खाद संकट का मुख्य कारण इसका उत्पादन न होना है, क्योंकि खाद बनाने वाली एलएनजी गैस का टैंकर समुद्र में खड़ा है और मोदी सरकार ट्रंप के आदेश को मानकर उसे भारत लाने का प्रयास नहीं कर रही है। किसानों की इस समस्या को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने पूरे प्रदेश में 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी है। मुरैना के कैलारस में पुरानी सब्जी मंडी पर दोपहर से यह हड़ताल शुरू हुई, जिसमें मुख्य रूप से माकपा नेता गयाराम सिंह धाकड़, सियाराम सिंह बस्तोली, निरंजन शाक्य, सुरेश चंद्र धाकड़, बनवारी लाल धाकड़ निरारा और डॉ. रामकुमार श्रीवास सहित सैकड़ों किसान और कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं। इस दौरान हुई सभा को गयाराम सिंह धाकड़, सरवन लाल धाकड़, कन्हैयालाल और रामकुमार श्रीवास आदि नेताओं ने संबोधित किया। इस भूख हड़ताल की समाप्ति पर कल 27 जून को दोपहर 12:00 बजे प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा।4
- कैलारस में किसानों के लिए खाद की भारी किल्लत को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने पूरे प्रदेश में 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी है। खरीफ की फसल के लिए किसानों को यूरिया खाद की बेहद जरूरत है, लेकिन डीएपी खाद बाजार में उपलब्ध नहीं है। किसानों को एनपीके खाद भी ₹2100 प्रति कट्टा की बढ़ी हुई दर पर अनिवार्य रूप से दी जा रही है, जिसे आर्थिक संकट में होने के बावजूद किसान खरीदने को मजबूर हैं। खाद बनाने वाली एलएनजी गैस का टैंकर जहाज समुद्र में खड़ा हुआ है, लेकिन मोदी सरकार ट्रंप के आदेश को मानकर उसे भारत में लाने का प्रयास नहीं कर रही है। इसके चलते खाद का उत्पादन समुचित मात्रा में नहीं हो पा रहा है और संकट और गहरा गया है। इसी समस्या को लेकर पुरानी सब्जी मंडी में दोपहर से शुरू हुई इस भूख हड़ताल में माकपा नेता गयाराम सिंह धाकड़, सियाराम सिंह बस्तोली, निरंजन शाक्य, सुरेश चंद्र धाकड़, बनवारी लाल धाकड़ निरारा और डॉ. रामकुमार श्रीवास सहित सैकड़ों किसान और कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं। भूख हड़ताल के दौरान आयोजित सभा को माकपा नेता गयाराम सिंह धाकड़, सरवन लाल धाकड़, कन्हैयालाल और रामकुमार श्रीवास ने संबोधित किया। यह भूख हड़ताल कल 27 जून को दोपहर 12:00 बजे प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के साथ समाप्त होगी।1
- मुरैना के पोरसा अंतर्गत ग्राम बुधारा स्थित कुंवारी नदी में गुरुवार शाम छलांग लगाने वाली 19 वर्षीय युवती का शव शुक्रवार सुबह बरामद कर लिया गया है। शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे ग्राम बुधारा के सरपंच पति बलवीर कुशवाहा ने पुल से लगभग दो किलोमीटर दूर नदी में शव देखा और तुरंत ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला गया। सुबह करीब 7 बजे पोरसा थाना पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका की पहचान रामचंद्र का पुरा निवासी माखन सिंह सखवार की 19 वर्षीय पुत्री के रूप में हुई है, जिसने गुरुवार शाम करीब 4 बजे बुधारा के पास कुंवारी नदी में छलांग लगाई थी। गुरुवार देर शाम तक चले रेस्क्यू अभियान में सफलता नहीं मिली थी, लेकिन शुक्रवार सुबह शव बरामद होने के बाद इस अभियान को समाप्त कर दिया गया। थाना प्रभारी दिनेश सिंह कुशवाहा के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला नदी में कूदने का प्रतीत होता है और घटना के कारणों की जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल दे।1
- मुरैना जिले के मुरैना नगर में दबंगों द्वारा एक परिवार की कृषि भूमि पर जबरन कब्जा करने, पेड़ काटने और रोकने पर गोलियां चलाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। महावीरपुरा निवासी पीड़ित परिवार ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार द्वारा प्रशासन को सौंपे गए आवेदन के अनुसार, यह विवाद मुरैना नगर के लक्ष्मी दाल मिल के पास स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 1931 एवं 1932 से जुड़ा है। पीड़ितों ने संदीप सिंह परमार, हरी सिंह और अन्य लोगों पर अवैध कब्जा करने तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का सीधा आरोप लगाया है। आवेदन में उल्लेख है कि 12 जुलाई 2026 की रात आरोपी पक्ष करीब 10-15 लोगों के साथ मौके पर पहुंचा, जिसके बाद उन्होंने खेत की मेड़ तोड़ दी, वहां लगे पेड़ों को काटा और जमीन पर कब्जा कर लिया। जब पीड़ित पक्ष ने इस कब्जे को रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता की, धमकियां दीं और गोलियां चलाईं। पीड़ित परिवार ने अब प्रशासन से मांग की है कि इस कथित अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें अपनी भूमि पर वापस कब्जा दिलाया जाए।1
- राजस्थान के धौलपुर में प्रतिबंधित चंबल बजरी के अवैध खनन और परिवहन पर निगरानी व्यवस्थाओं का जायजा लेने केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति पहुंची है। समिति के चेयरमैन चंद्र प्रकाश गोयल और सदस्य अंजन मोहन्ती ने धौलपुर दौरे के दौरान सबसे पहले अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने जिले में लगे सीसीटीवी कैमरों, संवेदनशील मार्गों और चेक पोस्टों की रियल टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था का अवलोकन किया। अधिकारियों ने समिति को अवैध बजरी खनन और परिवहन की रोकथाम के लिए अपनाई जा रही तकनीकी व्यवस्थाओं और त्वरित कार्रवाई की पूरी जानकारी दी। इसके बाद समिति ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी, पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान, डीटीओ गौरव यादव, डीएफओ वी. चेतन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में अवैध खनन और परिवहन की रोकथाम को लेकर विभागीय समन्वय, निगरानी तंत्र और प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा की गई। समिति ने आधुनिक तकनीक के अधिक प्रभावी उपयोग और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने कहा कि धौलपुर में प्रतिबंधित चंबल बजरी के अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त और निरंतर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।4
- मुरैना के अंबाह में जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकाली गई, जिसमें बाजार के सभी लोगों ने मिलजुलकर भाग लिया।1
- मुरैना के पोरसा में वर्ष 1960 से संचालित सरकारी अस्पताल को नगर सीमा से बाहर ग्राम पंचायत दौहरौटा क्षेत्र में स्थानांतरित किए जाने के विरोध में नागरिकों का आक्रोश भड़क उठा है। नाराज नागरिकों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार श्याम सुंदर सराहिया को सौंपकर पोरसा नगर में पुनः अस्पताल खोलने की मांग की है। नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर नहीं किया जा सकता। सौंपे गए ज्ञापन में नागरिकों ने कहा है कि एक तरफ सरकार हर व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ दशकों पुराने इस अस्पताल को नगर पालिका क्षेत्र से हटाकर ग्राम पंचायत क्षेत्र में भेज दिया गया है। इस फैसले के कारण शहर और आसपास के हजारों लोगों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और गरीब मरीजों को इलाज के लिए अतिरिक्त दूरी तय करने की भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। नागरिकों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि पोरसा नगर में जल्द ही अस्पताल की व्यवस्था दोबारा नहीं की गई, तो सोमवार से चरणबद्ध तरीके से जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में हाईकोर्ट ग्वालियर के एडवोकेट रविंद्र सिंह, मलखान सिंह, बंटू राठौर, जगदीश मानपुर, देवेंद्र कुमार जैन, अशोक सिंह, कौथर कलां के निर्भय सिंह तोमर और दिवाकर सिंह सहित दो दर्जन से अधिक नागरिक शामिल रहे।2
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के महुआ थाना परिसर में शासन के निर्देशानुसार नशा मुक्ति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान थाना प्रभारी उपेंद्र पारासर ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को नशे से दूर रहने व समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है और युवाओं को इस लत से बचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की अपील की। इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया और पुलिस ने आमजन से नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया।1
- मुरैना के पोरसा क्षेत्र में बुधारा नदी में गणपत पुरा गांव की एक 16 वर्षीय किशोरी के कूदने की घटना सामने आई है। इस सूचना के मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम ने नदी में व्यापक तलाश अभियान चलाया। पोरसा थाना प्रभारी दिनेश सिंह कुशवाह के नेतृत्व में रात करीब 8:30 बजे तक लगातार सर्च ऑपरेशन जारी रहा, लेकिन किशोरी का कोई सुराग नहीं मिल सका। नदी के अलग-अलग हिस्सों में गहन खोजबीन की गई, लेकिन अंधेरा बढ़ जाने के कारण रेस्क्यू अभियान को बीच में ही रोकना पड़ा। पुलिस के मुताबिक, सुबह रेस्क्यू टीम द्वारा किशोरी की तलाश का काम फिर से शुरू किया जाएगा। इस घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई है। पुलिस फिलहाल परिजनों से पूछताछ कर आवश्यक जानकारी जुटा रही है और किशोरी के नदी में कूदने के कारणों का पता लगाने के लिए पूरे मामले की जांच में जुटी है।4