मुरैना जिले के मुरैना नगर में दबंगों द्वारा एक परिवार की कृषि भूमि पर जबरन कब्जा करने, पेड़ काटने और रोकने पर गोलियां चलाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। महावीरपुरा निवासी पीड़ित परिवार ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार द्वारा प्रशासन को सौंपे गए आवेदन के अनुसार, यह विवाद मुरैना नगर के लक्ष्मी दाल मिल के पास स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 1931 एवं 1932 से जुड़ा है। पीड़ितों ने संदीप सिंह परमार, हरी सिंह और अन्य लोगों पर अवैध कब्जा करने तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का सीधा आरोप लगाया है। आवेदन में उल्लेख है कि 12 जुलाई 2026 की रात आरोपी पक्ष करीब 10-15 लोगों के साथ मौके पर पहुंचा, जिसके बाद उन्होंने खेत की मेड़ तोड़ दी, वहां लगे पेड़ों को काटा और जमीन पर कब्जा कर लिया। जब पीड़ित पक्ष ने इस कब्जे को रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता की, धमकियां दीं और गोलियां चलाईं। पीड़ित परिवार ने अब प्रशासन से मांग की है कि इस कथित अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें अपनी भूमि पर वापस कब्जा दिलाया जाए।
मुरैना जिले के मुरैना नगर में दबंगों द्वारा एक परिवार की कृषि भूमि पर जबरन कब्जा करने, पेड़ काटने और रोकने पर गोलियां चलाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। महावीरपुरा निवासी पीड़ित परिवार ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार द्वारा प्रशासन को सौंपे गए आवेदन के अनुसार, यह विवाद मुरैना नगर के लक्ष्मी दाल मिल के पास स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 1931 एवं 1932 से जुड़ा है। पीड़ितों ने संदीप सिंह परमार, हरी सिंह और अन्य लोगों पर अवैध कब्जा करने तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का सीधा आरोप लगाया है। आवेदन में उल्लेख है कि 12 जुलाई 2026 की रात आरोपी पक्ष करीब 10-15 लोगों के साथ मौके पर पहुंचा, जिसके बाद उन्होंने खेत की मेड़ तोड़ दी, वहां लगे पेड़ों को काटा और जमीन पर कब्जा कर लिया। जब पीड़ित पक्ष ने इस कब्जे को रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता की, धमकियां दीं और गोलियां चलाईं। पीड़ित परिवार ने अब प्रशासन से मांग की है कि इस कथित अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें अपनी भूमि पर वापस कब्जा दिलाया जाए।
- मुरैना जिले के मुरैना नगर में दबंगों द्वारा एक परिवार की कृषि भूमि पर जबरन कब्जा करने, पेड़ काटने और रोकने पर गोलियां चलाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। महावीरपुरा निवासी पीड़ित परिवार ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार द्वारा प्रशासन को सौंपे गए आवेदन के अनुसार, यह विवाद मुरैना नगर के लक्ष्मी दाल मिल के पास स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 1931 एवं 1932 से जुड़ा है। पीड़ितों ने संदीप सिंह परमार, हरी सिंह और अन्य लोगों पर अवैध कब्जा करने तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का सीधा आरोप लगाया है। आवेदन में उल्लेख है कि 12 जुलाई 2026 की रात आरोपी पक्ष करीब 10-15 लोगों के साथ मौके पर पहुंचा, जिसके बाद उन्होंने खेत की मेड़ तोड़ दी, वहां लगे पेड़ों को काटा और जमीन पर कब्जा कर लिया। जब पीड़ित पक्ष ने इस कब्जे को रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता की, धमकियां दीं और गोलियां चलाईं। पीड़ित परिवार ने अब प्रशासन से मांग की है कि इस कथित अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें अपनी भूमि पर वापस कब्जा दिलाया जाए।1
- मुरैना के सबलगढ़ नगरपालिका में प्रभारी सीएमओ अतर सिंह रावत का भव्य स्वागत किया गया है। उनके इस स्वागत समारोह के चलते पूरी नगरपालिका में खुशी की लहर दौड़ गई है।1
- राजस्थान के धौलपुर में प्रतिबंधित चंबल बजरी के अवैध खनन और परिवहन पर निगरानी व्यवस्थाओं का जायजा लेने केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति पहुंची है। समिति के चेयरमैन चंद्र प्रकाश गोयल और सदस्य अंजन मोहन्ती ने धौलपुर दौरे के दौरान सबसे पहले अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने जिले में लगे सीसीटीवी कैमरों, संवेदनशील मार्गों और चेक पोस्टों की रियल टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था का अवलोकन किया। अधिकारियों ने समिति को अवैध बजरी खनन और परिवहन की रोकथाम के लिए अपनाई जा रही तकनीकी व्यवस्थाओं और त्वरित कार्रवाई की पूरी जानकारी दी। इसके बाद समिति ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी, पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान, डीटीओ गौरव यादव, डीएफओ वी. चेतन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में अवैध खनन और परिवहन की रोकथाम को लेकर विभागीय समन्वय, निगरानी तंत्र और प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा की गई। समिति ने आधुनिक तकनीक के अधिक प्रभावी उपयोग और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने कहा कि धौलपुर में प्रतिबंधित चंबल बजरी के अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त और निरंतर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।4
- भरत तिवारी के एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीधे सुनवाई करने से इनकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया है। 12 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे भरत तिवारी के परिवार को अदालत ने पटना हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया है। कोर्ट का मानना है कि हाईकोर्ट इस मामले की बेहतर निगरानी कर सकता है। इस बीच, बिहार सरकार द्वारा इस मामले की न्यायिक जांच करवाई जा रही है, जिसकी जिम्मेदारी सेवानिवृत्त जज विनोद सिन्हा को सौंपी गई है। इस पूरे एनकाउंटर को एक गहरा षड्यंत्र करार देते हुए शाहपुर थाना प्रभारी (SHO) राजेश मालाकार के बयानों पर तीखे सवाल उठाए गए हैं। थाना प्रभारी ने मीडिया को दिए बयान में कहा था कि 'मरने को लिखा था सो मर गया' और 'ज्यादा खून निकलेगा तो मरेगा ही'। आरोप है कि शाहपुर से आरा के बीच चलती वैन में सभी की नजरों से बचकर भरत के गुप्तांग में जानबूझकर पहली गोली मारी गई और उसे मौके पर ही खत्म करने के लिए दूसरी गोली सीने में दागी गई। इस मामले में एसडीपीओ (SDPO) राजेश शर्मा और एसपी श्रीराज को भी चेतावनी दी गई है कि उनकी मनमानी कैमरे में भले न कैद हुई हो, लेकिन सच्चाई छिप नहीं सकती और जरूरत पड़ने पर सीबीआई इस पतंग की डोर को अपने पास खींच ही लेगी। इस षड्यंत्र में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के कमांडो को भेजने पर भी कड़े सवाल खड़े किए गए हैं। एसटीएफ कमांडो, जिन्हें खतरनाक अपराधियों, डकैतों, नक्सलियों या आतंकवादियों को मारने के लिए भेजा जाता है, उन्हें एक सीधे-साधे इंसान के खिलाफ उतार दिया गया। भरत भूषण तिवारी कानून के रिकॉर्ड में कोई अपराधी या डकैत नहीं था, बल्कि गरीबों और दलितों की सेवा करने वाला एक मसीहा था, जिसने शादी न करने का संकल्प लिया था और अपना पिंडदान तक कर चुका था। सुरक्षा के लिए हथियार रखने की तुलना हनुमान जी के सोटे से की गई है। साथ ही, इस फर्जी एनकाउंटर की कहानी की तुलना मुजफ्फरपुर के थानाध्यक्ष राजेश शर्मा की 19 साल पुरानी उस कहानी से की गई है, जिसमें उसने फर्जी एनकाउंटर में तीन छात्रों को मार गिराया था। न्यायिक जांच शुरू होने के बाद इस खेल के षड्यंत्रकारियों में भारी चिंता है क्योंकि छल-कपट का फल इसी धरती पर भुगतना पड़ता है। इस एनकाउंटर को लेकर मुख्य रूप से तीन गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पहला, आरोपी के हथियार डालने और समर्पण करने के बाद भी गोली क्यों चलाई गई; दूसरा, एनकाउंटर में सामान्यतः पैर पर गोली मारी जाती है तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट से निकली गोली सहित पांच घाव कैसे मिले; और तीसरा, एसटीएफ कमांडो को भेजने का आदेश किसने और क्यों दिया। इस फर्जी एनकाउंटर के आकाओं का बुरा वक्त अब शुरू हो चुका है।4
- धौलपुर जिले के उपखण्ड राजाखेड़ा और उसके ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग ने बड़े बकायेदारों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की है। SE विवेक शर्मा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के दौरान 15 लाख रुपये के बकाया होने पर विभाग द्वारा 14 कृषि ट्रांसफॉर्मर उतारे गए हैं। विभाग की इस कार्रवाई के बीच मौके पर ही 5 उपभोक्ताओं ने 3 लाख रुपये का भुगतान भी किया। इसके साथ ही, बिजली चोरी करने वाले और मीटर बाईपास कर एसी चलाने वाले लोगों के खिलाफ भी विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने वालों के खिलाफ वीसीआर भरने की कार्रवाई लगातार जारी है।1
- धौलपुर के राजाखेड़ा उपखंड क्षेत्र के महुअन पुरा गांव में विद्यालय जाने वाले सार्वजनिक मार्ग पर किए गए अवैध अतिक्रमण को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर हटा दिया है। यह कार्रवाई तहसीलदार दीप्ति देव के नेतृत्व में और पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में की गई। तहसीलदार दीप्ति देव ने बताया कि 20 मई को मुख्यमंत्री कार्यालय में दर्ज एक परिवाद के आधार पर इस पूरे मामले की जांच की गई थी। जांच के दौरान धारापुरा से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जाने वाले मार्ग पर अवैध अतिक्रमण पाया गया। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाते हुए बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर मार्ग को अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त कराया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने राहत व्यक्त की है, क्योंकि लंबे समय से बाधित चल रहा यह मार्ग खुलने से अब आवागमन काफी सुगम हो गया है। तहसीलदार ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप सार्वजनिक भूमि और रास्तों पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।3
- धौलपुर जिले के सदरथाना क्षेत्र के पचगांव में बाइक से आए तीन चोर एक किराना स्टोर से मोबाइल चोरी कर फरार हो गए। चोरी की यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। इस फुटेज के आधार पर पुलिस चोरों की तलाश में जुट गई है।1
- मुरैना के सबलगढ़ नगरपालिका में प्रभारी सीएमओ अतर सिंह रावत का भव्य स्वागत किया गया है। इस दौरान प्रभारी सीएमओ अतर सिंह रावत के भव्य स्वागत को लेकर सबलगढ़ नगरपालिका में भारी खुशी की लहर देखी जा रही है।1