*क्रिकेट बना भाईचारे का माध्यम, निरंकारी युवाओं ने पेश की मिसाल* *राजस्थान की टीम रही विजेता* खैरथल /हीरालाल भूरानी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी की असीम कृपा से 26 वें बाबा गुरबचन सिंह मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट का समापन आज संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल समालखा हरियाणा में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ इस टूर्नामेंट का शुभाराम 26 में हुआ था जिसमें देशभर के विभिन्न राज्यों से चयनित 24 टीमों ने भाग लेकर खेल प्रतिभा के साथ-साथ आपसी भाईचारे और अनुशासन की भावना का उत्कृष्ट परिचय दिया 10 मार्च को खेलें गए क्रिकेट के फाइनल मुकाबले में फिरोजपुर (पंजाब )और श्रीगंगानगर( राजस्थान) की श्रेष्ठ टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला जिसमें श्रीगंगानगर( राजस्थान )विजेता टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम की टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सोनू राजपूत (श्रीगंगानगर )को मैन ऑफ़ द मैच सम्मान से भी नवाजा गया संपूर्ण प्रतियोगिता का संचालन आदरणीय जोगिंदर सुखीजा सचिव संत निरंकारी मंडल के नेतृत्व में किया गया उन्होंने अपने संबोधन ने कहा कि यह टूर्नामेंट केवल खेल प्रतियोगिता नहीं बल्कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का एक सुंदर माध्यम है जहां प्रति स्पर्धा के साथ-साथ प्रेम सम्मान और सौहार्द की भावना भी विकसित होती है । इसके अतिरिक्त प्रतिदिन सायकाल युवाओं के लिए सत्संग कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता रहा, जिसका उद्देश्य उन्हें शारीरिक रूप से सृदृढ बनाने के साथ-साथ आध्यात्मिक जागरूकता सकारात्मक सोच और मानसिक शांति की दिशा में प्रेरित करना था समापन अवसर पर संत निरंकारी मंडल के मेंबर इंचार्ज प्रचार विभाग आदरणीय राकेश मुटरेजा ने विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया और उन्होंने कहा सद्गुरु जीवन जीने का संदेश देते हैं कि हमें हर पल में सीखना है खेलों से सीखो, चलते हुए सीखो और गिरते हुए भी सीखो यही जीवन जीने का सलीका है अंत में उन्होंने कहा कि सद्गुरु ब्रह्म ज्ञान देकर हमें माया से बजाते हैं और जीवन में विश्वास भक्ति और आनंद का मार्ग दिखाते हैं खेल जीत हार के लिए नहीं बल्कि सिख और अनुभव के लिए होते हैं उन्होंने गंगानगर फिरोजपुर जयपुर और भीलवाड़ा की टीम सहित सभी 24 टीमों को शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित सभी संतों का धन्यवाद किया । निसंदेह इन खेलों का उद्देश्य समाज में प्रेम और सौहार्द की सुंदर भावना का संचार करना है जिसे इस इस टूर्नामेंट में प्रतिभागियों ने सार्थक रूप से साकार किया।
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प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सोनू राजपूत (श्रीगंगानगर )को मैन ऑफ़ द मैच सम्मान से भी नवाजा गया संपूर्ण प्रतियोगिता का संचालन आदरणीय जोगिंदर सुखीजा सचिव संत निरंकारी मंडल के नेतृत्व में किया गया उन्होंने अपने संबोधन ने कहा कि यह टूर्नामेंट केवल खेल प्रतियोगिता नहीं बल्कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का एक सुंदर माध्यम है जहां प्रति स्पर्धा के साथ-साथ प्रेम सम्मान और सौहार्द की भावना भी विकसित होती है । इसके अतिरिक्त प्रतिदिन सायकाल युवाओं के लिए सत्संग कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता रहा, जिसका उद्देश्य उन्हें शारीरिक रूप से सृदृढ बनाने के साथ-साथ आध्यात्मिक जागरूकता सकारात्मक सोच और मानसिक शांति की दिशा में प्रेरित करना था समापन अवसर पर संत निरंकारी मंडल के मेंबर इंचार्ज प्रचार विभाग आदरणीय राकेश मुटरेजा ने विजेता टीम को
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- "शिक्षा से ही समाज का अंधकार किया जा सकता है दूर " सोडावास. सोडावास कस्बे के अजरका रोड राव वीरेंद्र उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में शीतला अष्टमी पर्व बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शाला निदेशक वीरेंद्र यादव ने कहा शिक्षा से ही समाज का अंधकार दूर किया जा सकता है। बालक- बालिकाओं को शिक्षित करने एवं महिला शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए। इस कार्यक्रम में समाज के सामाजिक कार्यकर्ता, समाजसेवी एवं भामाशाह व दुकानदार मौजूद रहे।1
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