कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में जौरवा गाँव के पास सोमवार दोपहर करीब तीन बजे एक बड़ा हादसा टल गया। सड़क पर अचानक सामने आई एक गाय को बचाने के प्रयास में मौरंग से लदा एक ट्राला अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती में जा गिरा। इस हादसे में चालक सुरक्षित बच गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा संकट टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक ने सड़क पर आई गाय को बचाने के लिए वाहन को अचानक मोड़ने की कोशिश की, जिससे ट्राला अपना संतुलन खो बैठा और पलट गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मंगलवार शाम करीब चार बजे, दो हाइड्रा मशीनों की मदद से ट्राले को खंती से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा था। इस घटना के बाद क्षेत्र में एक गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि जब सिकंदरा-झींझक मार्ग पर भारी वाहनों के लिए 'नो-एंट्री' लागू है, तो मौरंग से भरा यह ट्राला इस प्रतिबंधित मार्ग पर आखिर पहुंचा कैसे। स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि नो-एंट्री के नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाता, तो संभवतः यह हादसा टल सकता था। अब लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कहीं जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित विभागों की अनदेखी के कारण ही तो भारी वाहन प्रतिबंधित मार्गों पर बेरोकटोक नहीं दौड़ रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने इस पूरे मामले की गहन जाँच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में जौरवा गाँव के पास सोमवार दोपहर करीब तीन बजे एक बड़ा हादसा टल गया। सड़क पर अचानक सामने आई एक गाय को बचाने के प्रयास में मौरंग से लदा एक ट्राला अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती में जा गिरा। इस हादसे में चालक सुरक्षित बच गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा संकट टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक ने सड़क पर आई गाय को बचाने के लिए वाहन को अचानक मोड़ने की कोशिश की, जिससे ट्राला अपना संतुलन खो बैठा और पलट गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मंगलवार शाम करीब चार बजे, दो हाइड्रा मशीनों की मदद से ट्राले को खंती से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा था। इस घटना के बाद क्षेत्र में एक गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि जब सिकंदरा-झींझक मार्ग पर भारी वाहनों के लिए 'नो-एंट्री' लागू है, तो मौरंग से भरा यह ट्राला इस प्रतिबंधित मार्ग पर आखिर पहुंचा कैसे। स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि नो-एंट्री के नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाता, तो संभवतः यह हादसा टल सकता था। अब लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कहीं जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित विभागों की अनदेखी के कारण ही तो भारी वाहन प्रतिबंधित मार्गों पर बेरोकटोक नहीं दौड़ रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने इस पूरे मामले की गहन जाँच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
- कानपुर देहात के बिधूना थाना क्षेत्र में देर रात डहरियापुर मोड़ के पास थाना बिधूना पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश घायल हो गए, जबकि पुलिस ने मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए सभी आरोपी चोरी के एक मामले में वांछित थे। मुठभेड़ के बाद घायल हुए बदमाशों को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधूना भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित सामान भी बरामद किया है और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी बिधूना पी. पुनीत मिश्र ने बताया कि यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। संयुक्त टीम ने प्राप्त सूचना के आधार पर घेराबंदी की थी, जिसके परिणामस्वरूप यह मुठभेड़ हुई। मामले की जांच अभी जारी है।1
- औरैया के बिधूना में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद चोरी के मामले में वांछित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। थाना बिधूना, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम डहरियापुर मोड़ के पास दबिश दी थी, जिसके दौरान यह मुठभेड़ हुई। इस कार्रवाई में दो आरोपी घायल हो गए, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए सीएचसी बिधूना भेजा गया है। यह बड़ी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक औरैया के निर्देशों पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के विरुद्ध आगे की अन्य विधिक कार्रवाई जारी है।3
- भरथना थाना क्षेत्र में भरथना-ऊसराहार मार्ग पर एक तेज रफ्तार पिकअप ने सवारियों से भरे ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप चालक ऑटो को करीब 25 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। इस हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई, जिसके उपरांत ऑटो में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया। इस दुर्घटना में एक 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि दो घायलों को सैफई पीजीआई रेफर किया गया है। दुर्घटना का शिकार हुए लोग रमायन गाँव में रिश्तेदारी में आए हुए थे।1
- नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के अवसर पर, कानपुर देहात की एसपी श्रद्धा पांडेय ने अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन और वाहन चालकों से बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने अपने संदेश में यह भी कहा कि बच्चों पर पढ़ाई का अनावश्यक दबाव न डाला जाए, बल्कि उन्हें एक सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल प्रदान किया जाना चाहिए।1
- जनपद कानपुर देहात में 1 जुलाई, 2026 से सभी विद्यालय पुनः खुलने जा रहे हैं। इस अवसर पर, पुलिस अधीक्षक (एसपी) कानपुर देहात ने सभी अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन और वाहन चालकों से बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से आग्रह किया है कि बच्चों को केवल अधिकृत और सुरक्षित स्कूल वाहनों से ही विद्यालय भेजें। एसपी ने वाहन चालकों और प्रबंधन को वाहन की फिटनेस, चालक के लाइसेंस और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, दोपहिया वाहनों पर हेलमेट और चारपहिया वाहनों में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने पर भी जोर दिया गया है। अभिभावकों से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे बच्चों पर अनावश्यक पढ़ाई का दबाव न डालें, बल्कि उन्हें प्रोत्साहित करें और घर में सकारात्मक माहौल प्रदान करें। कानपुर देहात पुलिस ने छात्रों और छात्राओं की सुरक्षा के लिए सदैव उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है।1
- थाना बिधूना क्षेत्रांतर्गत ग्राम डहरियापुर मोड के पास हुई एक पुलिस मुठभेड़ के संबंध में क्षेत्राधिकारी बिधूना ने बाईट दी है। यह जानकारी मुठभेड़ से जुड़े तथ्यों को उजागर करती है।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा में एक जमीनी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें दोनों पक्षों के कुल 12 लोग घायल हो गए। भरथना कोतवाली क्षेत्र के दीनपुरा कुशना गांव में हुई इस हिंसक झड़प के बाद सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मारपीट की घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। इस मामले में एक पक्ष ने छेड़छाड़ समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरे पक्ष ने भी पलटवार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और अब पूरी घटना की जांच में जुट गई है।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में जौरवा गाँव के पास सोमवार दोपहर करीब तीन बजे एक बड़ा हादसा टल गया। सड़क पर अचानक सामने आई एक गाय को बचाने के प्रयास में मौरंग से लदा एक ट्राला अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती में जा गिरा। इस हादसे में चालक सुरक्षित बच गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा संकट टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक ने सड़क पर आई गाय को बचाने के लिए वाहन को अचानक मोड़ने की कोशिश की, जिससे ट्राला अपना संतुलन खो बैठा और पलट गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मंगलवार शाम करीब चार बजे, दो हाइड्रा मशीनों की मदद से ट्राले को खंती से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा था। इस घटना के बाद क्षेत्र में एक गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि जब सिकंदरा-झींझक मार्ग पर भारी वाहनों के लिए 'नो-एंट्री' लागू है, तो मौरंग से भरा यह ट्राला इस प्रतिबंधित मार्ग पर आखिर पहुंचा कैसे। स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि नो-एंट्री के नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाता, तो संभवतः यह हादसा टल सकता था। अब लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कहीं जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित विभागों की अनदेखी के कारण ही तो भारी वाहन प्रतिबंधित मार्गों पर बेरोकटोक नहीं दौड़ रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने इस पूरे मामले की गहन जाँच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।1