फर्जी पहचान बात कर लोगों को परेशान करने वाला व्यक्ति अब पत्रकारों को भी दे रहा धमकी फर्जी पहचान बनाकर धौंस जमाने का आरोप, पत्रकारों को धमकी से मचा हड़कंप मौदहा, हमीरपुर। कस्बे के टिकरा मस्जिद क्षेत्र में एक युवक पर खुद को कभी बीजेपी नेता, कभी बिजली विभाग का जेई और कभी पत्रकार बताकर लोगों को धमकाने व झूठी शिकायतें दर्ज कराने का आरोप लगा है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि आरोपी ने मनगढ़ंत आरोप लगाकर उन्हें कोतवाली तक दौड़ाया। मामला निस्तारित होने के बाद भी एक सिपाही द्वारा लोगों को बार-बार बुलाने की चर्चा से आक्रोश बढ़ा है। वहीं खबर प्रकाशित होने से नाराज आरोपी पर पत्रकारों को फोन पर गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप है। चार दिन बीतने के बाद भी आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई न होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कस्बे में मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
फर्जी पहचान बात कर लोगों को परेशान करने वाला व्यक्ति अब पत्रकारों को भी दे रहा धमकी फर्जी पहचान बनाकर धौंस जमाने का आरोप, पत्रकारों को धमकी से मचा हड़कंप मौदहा, हमीरपुर। कस्बे के टिकरा मस्जिद क्षेत्र में एक युवक पर खुद को कभी बीजेपी नेता, कभी बिजली विभाग का जेई और कभी पत्रकार बताकर लोगों को धमकाने व झूठी शिकायतें दर्ज कराने का आरोप लगा है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि आरोपी ने मनगढ़ंत आरोप लगाकर उन्हें कोतवाली तक दौड़ाया। मामला निस्तारित होने के बाद भी एक सिपाही द्वारा लोगों को बार-बार बुलाने की चर्चा से आक्रोश बढ़ा है। वहीं खबर प्रकाशित होने से नाराज आरोपी पर पत्रकारों को फोन पर गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप है। चार दिन बीतने के बाद भी आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई न होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कस्बे में मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
- फर्जी पहचान बनाकर धौंस जमाने का आरोप, पत्रकारों को धमकी से मचा हड़कंप मौदहा, हमीरपुर। कस्बे के टिकरा मस्जिद क्षेत्र में एक युवक पर खुद को कभी बीजेपी नेता, कभी बिजली विभाग का जेई और कभी पत्रकार बताकर लोगों को धमकाने व झूठी शिकायतें दर्ज कराने का आरोप लगा है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि आरोपी ने मनगढ़ंत आरोप लगाकर उन्हें कोतवाली तक दौड़ाया। मामला निस्तारित होने के बाद भी एक सिपाही द्वारा लोगों को बार-बार बुलाने की चर्चा से आक्रोश बढ़ा है। वहीं खबर प्रकाशित होने से नाराज आरोपी पर पत्रकारों को फोन पर गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप है। चार दिन बीतने के बाद भी आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई न होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कस्बे में मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं।1
- यूजीसी एक्टिविटी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में अपना दल कमेरावादी ने धरना प्रदर्शन किया।1
- #Apkiawajdigital डिजिटल 'भ्रम': पुरानी वारदातों को ताजा जख्म बनाकर परोस रहा सोशल मीडिया, जिम्मेदार बनें पाठक लखनऊ | सिटी डेस्क राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित मेहता लॉन का एक वीडियो इन दिनों वॉट्सऐप और फेसबुक पर तेजी से प्रसारित किया जा रहा है। वीडियो में कुछ बाराती एक बग्घी चालक को बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को 'हालिया घटना' बताकर साझा किया जा रहा है, जिससे शहर में रोष और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि यह घटना 22 फरवरी 2024 की है, जिसका आज की कानून-व्यवस्था से कोई संबंध नहीं है। क्या है सच्चाई ? पड़ताल के मुताबिक, यह वीडियो करीब दो साल पुराना है। उस समय ठाकुरगंज पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेकर आरोपियों की पहचान की थी और उचित कानूनी कार्रवाई की गई थी। अब कुछ शरारती तत्व या 'व्यूज' के भूखे सोशल मीडिया हैंडल इसे दोबारा वायरल कर रहे हैं ताकि लोगों की संवेदनाओं को उकसाया जा सके। क्यों खतरनाक है ऐसी अफवाहें? पुरानी घटनाओं को नया बताकर वायरल करने से पुलिस की छवि धूमिल होती है और समाज में बेवजह तनाव पैदा होता है। खासकर शादी-ब्याह के सीजन में ऐसी खबरें लोगों के बीच डर पैदा करती हैं। हमारी अपील: शेयर करने से पहले सोचें: किसी भी वीडियो को शेयर करने से पहले देखें कि क्या उसमें कोई तारीख या स्थान का स्पष्ट विवरण है? सत्यता की जांच करें: स्थानीय समाचार पत्रों या पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (जैसे @LkoPolice) पर जाकर खबर की पुष्टि करें। भ्रामक दावों को रिपोर्ट करें: यदि कोई पुरानी खबर को नया बताकर फैला रहा है, तो उसे रिपोर्ट करें ताकि डिजिटल प्रदूषण को रोका जा सके।1
- सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं, मामले को लेकर चर्चा तेज। राजस्थान के टोंक–सवाई माधोपुर क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान विवाद की स्थिति देखी जा सकती है। वायरल वीडियो में टोंक–सवाई माधोपुर से पूर्व बीजेपी सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया गरीबों को कंबल वितरित करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर आरोप लगाया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान वहां मौजूद कुछ मुस्लिम महिलाओं को कंबल वितरण स्थल से हटने के लिए कहा गया। इतना ही नहीं, कुछ महिलाओं को दिए गए कंबल वापस लेने की भी बात सामने आई है। वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि जब मौके पर मौजूद लोगों ने इस संबंध में सवाल पूछने की कोशिश की, तो पूर्व सांसद बिना कोई प्रतिक्रिया दिए वहां से निकलते हुए दिखाई दिए। यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इस घटना की निंदा कर रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग मामले की सच्चाई की जांच की मांग कर रहे हैं। फिलहाल इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। संबंधित पक्ष की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- Post by Mamta chaurasiya1
- पैलानी तहसील के अंतर्गत महिला विकलांग का पुरुष पहुंचे जिला अधिकारी कार्यालय जमीनी विवाद को लेकर जिलाधिकारी को दिया शिकायत पत्र अपनी समस्या कि हमारी समस्या का निश्चरण किया जाए1
- Post by Raj dwivedi1
- Post by ISLAM1