जुलाना कस्बे की परशुराम धर्मशाला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच श्रेय लेने की तीखी होड़ देखने को मिली। सोनीपत से कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी और हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन कैप्टन योगेश बैरागी इस मुद्दे पर मंच पर ही आमने-सामने आ गए, जिससे कार्यक्रम का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया। सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने अपने संबोधन में दावा किया कि उन्होंने जुलाना में रेलवे ओवरब्रिज की मांग को लेकर कई बार संसद में आवाज उठाई है, जिसकी पुष्टि लोकसभा की कार्यवाही से की जा सकती है। उन्होंने बताया कि रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी होती है, और इस ओवरब्रिज के बनने से यातायात सुगम होगा तथा जाम की समस्या से राहत मिलेगी। ब्रह्मचारी ने जोर देकर कहा कि रेलवे मंत्रालय ने उनकी मांग को स्वीकार किया है और रेल मंत्री के पत्र में भी इस मंजूरी का उल्लेख है। उन्होंने इस परियोजना के कार्य में बिना किसी देरी के जल्द से जल्द निर्माण शुरू कराने की मांग की। वहीं, हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन कैप्टन योगेश बैरागी ने सांसद के दावों का खंडन करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को पहले ही मंजूरी दे दी थी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने 19 जुलाई 2025 को रेलवे ओवरब्रिज की मांग को स्वीकृति प्रदान की थी। बैरागी के अनुसार, फिलहाल कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होनी बाकी हैं, जिनके संपन्न होते ही आगामी दो माह के भीतर करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जो क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दोनों नेताओं के बयानों के बाद मंच पर गरमागर्मी बढ़ गई, जिसके बाद सांसद सतपाल ब्रह्मचारी के भाई वजीर गांगोली ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि रेलवे ओवरब्रिज की अंतिम मंजूरी केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है और राज्य सरकार अकेले इसे मंजूर नहीं कर सकती। हालांकि, सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने उन्हें अपनी बात पूरी करने से पहले ही रोक दिया। इस अवसर पर पूर्व सांसद रमेश कौशिक, बादली विधायक कुलदीप वत्स, समाजसेविका वृंदा शर्मा, प्रधान देवेंद्र शर्मा, त्रिलोकी शर्मा, सतपाल कौशिक,शिवनारायण शर्मा, गौरव भारद्वाज और धर्मराज शर्मा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
जुलाना कस्बे की परशुराम धर्मशाला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच श्रेय लेने की तीखी होड़ देखने को मिली। सोनीपत से कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी और हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन कैप्टन योगेश बैरागी इस मुद्दे पर मंच पर ही आमने-सामने आ गए, जिससे कार्यक्रम का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया। सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने अपने संबोधन में दावा किया कि उन्होंने जुलाना में रेलवे ओवरब्रिज की मांग को लेकर कई बार संसद में आवाज उठाई है, जिसकी पुष्टि लोकसभा की कार्यवाही से की जा सकती है। उन्होंने बताया कि रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी होती है, और इस ओवरब्रिज के बनने से यातायात सुगम होगा तथा जाम की समस्या से राहत मिलेगी। ब्रह्मचारी ने जोर देकर कहा कि रेलवे मंत्रालय ने उनकी मांग को स्वीकार किया है और रेल मंत्री के पत्र में भी इस मंजूरी का उल्लेख है। उन्होंने इस परियोजना के कार्य में बिना किसी देरी के जल्द से जल्द निर्माण शुरू कराने की मांग की। वहीं, हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन कैप्टन योगेश बैरागी ने सांसद के दावों का खंडन करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को पहले ही मंजूरी दे दी थी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने 19 जुलाई 2025 को रेलवे ओवरब्रिज की मांग को स्वीकृति प्रदान की थी। बैरागी के अनुसार, फिलहाल कुछ औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होनी बाकी हैं, जिनके संपन्न होते ही आगामी दो माह के भीतर करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जो क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दोनों नेताओं के बयानों के बाद मंच पर गरमागर्मी बढ़ गई, जिसके बाद सांसद सतपाल ब्रह्मचारी के भाई वजीर गांगोली ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि रेलवे ओवरब्रिज की अंतिम मंजूरी केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है और राज्य सरकार अकेले इसे मंजूर नहीं कर सकती। हालांकि, सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने उन्हें अपनी बात पूरी करने से पहले ही रोक दिया। इस अवसर पर पूर्व सांसद रमेश कौशिक, बादली विधायक कुलदीप वत्स, समाजसेविका वृंदा शर्मा, प्रधान देवेंद्र शर्मा, त्रिलोकी शर्मा, सतपाल कौशिक,शिवनारायण शर्मा, गौरव भारद्वाज और धर्मराज शर्मा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
- राजाखेड़ा कस्बे में रविवार को 'योगा फॉर हेल्दी ऐजिंग' थीम के साथ 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस उपखण्ड स्तरीय कार्यक्रम का मुख्य आयोजन स्थानीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय में हुआ, जहाँ योग प्रशिक्षकों ने विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राजाखेड़ा तहसीलदार दीप्ति देव ने इस अवसर पर कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में स्वस्थ रहने के लिए योग अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इससे कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है। उन्होंने योग को भारत की एक प्राचीन पद्धति बताते हुए इसकी वर्तमान समय में बेहद जरूरत पर जोर दिया। तहसीलदार दीप्ति ने सभी लोगों से अपील की कि वे अपनी व्यस्त दिनचर्या में से रोजाना कुछ समय निकालकर सुबह के समय योग अवश्य करें, जिससे शरीर स्वस्थ रहे, ताजगी और स्फूर्ति बनी रहे तथा कार्यक्षमता में भी वृद्धि हो। इसी कड़ी में, राजाखेड़ा थाना परिसर में भी पुलिस जवानों ने योग दिवस मनाया, जहाँ पुलिस उपनिरीक्षक भीम सिंह ने जवानों को विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। इस योग दिवस कार्यक्रम में अधिकारियों-कर्मचारियों, स्थानीय नागरिकों और पुलिसकर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।1
- उचाना उपमंडल कार्यालय के सभागार में विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान विधायक पूरी तरह एक्शन मोड में नज़र आए और उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ज़ोर दिया कि शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को एक ही कार्य के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। विधायक अत्री ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की विकास रैली के दौरान उचाना हलके के लिए मंजूर हुई मांगों पर तेज़ी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने करसिंधु महाग्राम, छात्तर, नगूरां और अलेवा सहित विभिन्न गांवों में जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की, साथ ही बिजली निगम और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों से भी क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली। बैठक में विधायक ने अपनी सरकार का उद्देश्य अंत्योदय की भावना को साकार करना बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने उचाना की जनता से किए गए विकसित उचाना के वादे को पूरा करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात कही। मानसून को देखते हुए, विधायक अत्री ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के विशेष निर्देश दिए, ताकि बारिश के मौसम में कहीं भी जलभराव की स्थिति न बने और लोगों को परेशानी न हो। नहरी पानी से जुड़े मुद्दों पर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए ताकि किसानों और ग्रामीणों को कोई दिक्कत न हो। विधायक ने जन स्वास्थ्य विभाग, नहरी विभाग, बिजली निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारियों को जनसंवाद और समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि प्रत्येक समस्या का त्वरित समाधान हो। विधायक अत्री ने बताया कि वह सप्ताह में पांच दिन लोगों के बीच रहते हैं और किसी भी समय फोन पर जनता की समस्याएं सुनने के लिए उपलब्ध हैं, क्योंकि जनता की सेवा करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और विकसित उचाना का सपना भी जल्द साकार होगा।1
- हजारों विद्यार्थियों के डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार हो गया, जब भिवानी में NEET-UG 2026 परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस परीक्षा ने अनगिनत अभ्यर्थियों को उनके सुनहरे भविष्य की ओर एक कदम और करीब ला दिया है। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सख्त जांच-पड़ताल और प्रशासन की सतर्क निगरानी के बीच सभी आवश्यक व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। किसी भी केंद्र से कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। अब, इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल हुए लाखों विद्यार्थियों की निगाहें उत्सुकता से परिणामों पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार NEET का कटऑफ कितना रह सकता है।1
- भिवानी जिले में 21 जून को देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही हजारों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की भारी भीड़ देखी गई। प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक सुरक्षा प्रबंधों और सख्त निगरानी के बीच हजारों विद्यार्थियों ने डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई, जिसमें बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान पत्रों की जांच और सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से प्रत्येक अभ्यर्थी की कड़ी स्क्रीनिंग शामिल थी। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की नकल या अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहे। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने केंद्रों पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर संतोष व्यक्त किया। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों के चेहरों पर उत्साह और उम्मीद साफ दिखाई दी। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित था, हालांकि कुछ विषयों में प्रश्न अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण थे। अब लाखों विद्यार्थियों की निगाहें परीक्षा परिणाम और संभावित कटऑफ पर टिकी हुई हैं। NEET परीक्षा को मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश का सबसे बड़ा द्वार माना जाता है, जिसमें हर वर्ष लाखों विद्यार्थी भाग लेते हैं। भिवानी में भी परीक्षा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली है, और सबकी नजरें अब नतीजों पर हैं।1
- भिवानी के देवसर धाम से मैया रानी के दिव्य दर्शन हुए हैं। इस अवसर पर भक्तों ने 'जय माता दी' का जयघोष किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।1
- HPSC के पीड़ित अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर पंचकूला में मुख्यमंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली और उनका पुतला फूंका। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। अभ्यर्थियों का यह आंदोलन HPSC की कथित "छात्र विरोधी नीतियों" के खिलाफ काफी समय से चल रहा है, जिसे उन्होंने अब और तेज कर दिया है।1
- भिवानी में 65 साल पुराने किरायेदारों के समर्थन में जनता का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है, जहाँ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। यह पूरा मामला एक जमीन विवाद से जुड़ा है, जिसने अब एक राजनीतिक रंग ले लिया है। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं प्रशासन की भूमिका पर भी कई सवाल खड़े किए गए हैं। शहर में इस जमीन विवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई है।1
- भिवानी में 21 जून को आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने युवाओं से योग अपनाने का आह्वान करते हुए इसे स्वस्थ जीवन का आधार बताया। मंत्री राणा ने रेखांकित किया कि प्रदेश सरकार योग के प्रचार-प्रसार पर लगातार कार्य कर रही है, ताकि युवा पीढ़ी नशे जैसी बुराइयों से दूर रह सके। उन्होंने योग को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। किसानों से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए कृषि मंत्री ने हरियाणा में डीएपी और यूरिया खाद की कोई कमी न होने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाई है, जिससे किसी भी किसान को कोई परेशानी नहीं होगी। फसल नुकसान और मुआवजे के संबंध में, मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान का आकलन जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर गठित समितियां करती हैं, और सरकार नियमानुसार किसानों को मुआवजा प्रदान करती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले वर्ष प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को सरकार द्वारा मुआवजा दिया गया था। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री राणा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्धों और वैश्विक परिस्थितियों का असर ईंधन की कीमतों पर पड़ा है। इसके बावजूद, उन्होंने जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखी गई है और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी गई है।2
- यह नए भारत की पहचान है, जहाँ योग को केवल एक अभ्यास नहीं बल्कि जीवन जीने के एक तरीके के रूप में अपनाया गया है।1