जुन्नारदेव ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने एसडीम को एक ज्ञापन सौंपकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी पर की गई कथित अभद्र एवं अशोभनीय टिप्पणी का कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ब्लॉक अध्यक्ष अरुण शाहपुर ने इस दौरान बताया कि मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी से न केवल सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का, बल्कि प्रदेश के किसानों का भी अपमान हुआ है। कांग्रेस ने इस कृत्य की घोर निंदा करते हुए मांग की है कि प्रदेश में सर्वोच्च पद पर बैठे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। इसके साथ ही, राज्यपाल महोदय द्वारा मुख्यमंत्री को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न करने की समझाइश देने की भी मांग की गई है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता है, तो वे उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी। जुन्नारदेव कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के बयान पर भारी बवाल मचाते हुए गृह मंत्री पर आदिवासियों के अपमान का भी आरोप लगाया है।
जुन्नारदेव ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने एसडीम को एक ज्ञापन सौंपकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी पर की गई कथित अभद्र एवं अशोभनीय टिप्पणी का कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ब्लॉक अध्यक्ष अरुण शाहपुर ने इस दौरान बताया कि मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी से न केवल सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का, बल्कि प्रदेश के किसानों का भी अपमान हुआ है। कांग्रेस ने इस कृत्य की घोर निंदा करते हुए मांग की है कि प्रदेश में सर्वोच्च पद पर बैठे मुख्यमंत्री
डॉ. मोहन यादव इस टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। इसके साथ ही, राज्यपाल महोदय द्वारा मुख्यमंत्री को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न करने की समझाइश देने की भी मांग की गई है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता है, तो वे उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी। जुन्नारदेव कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के बयान पर भारी बवाल मचाते हुए गृह मंत्री पर आदिवासियों के अपमान का भी आरोप लगाया है।
- Bhagavandes Yaduwanshiजमाई, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेशफिर भासड दे2 hrs ago
- Bhagavandes Yaduwanshiजमाई, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेशसही कहा मुख्य मंत्री जी ने पहले आप जितु पटवारी जी का पुरा विडियो देखे2 hrs ago
- छिंदवाड़ा के वार्ड क्रमांक-9, मोहरली के रहवासी भीषण गर्मी के बीच गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। क्षेत्र में नियमित जलापूर्ति न होने और बोरवेल के पाइप निकाले जाने से नाराज़ स्थानीय लोगों ने आज बुधवार को दोपहर 2 बजे नगर निगम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। रहवासियों ने बताया कि उन्हें कई दिनों से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है, और स्थिति इतनी खराब है कि चार दिन में केवल 15 मिनट के लिए ही नल में पानी आता है। यह ज्ञापन नेता प्रतिपक्ष हंसा दाड़े के नेतृत्व में सौंपा गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। पानी की इस किल्लत के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान, नेता प्रतिपक्ष ने अमृत योजना को विफल करार देते हुए मौजूदा जल संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया।1
- बैतूल पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बोरदेही क्षेत्र में हुई 9 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले में मुखबिरी करने वाले आरोपी सुशील यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के साथ, इस प्रकरण में कुल छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि पाँच आरोपियों को पूर्व में ही पकड़ा जा चुका था। गिरफ्तार आरोपी सुशील पिता मदन यादव (31), निवासी ग्राम हतनोरा, थाना बोरदेही, जिला बैतूल, फरियादी विक्की साहू की दुकान के पास कृषि उपकरण की दुकान चलाता है। 20 मई 2026 को आरोपी सुशील ने फरियादी विक्की साहू और पीड़ित प्रदीप झरबड़े के बीच हुई बातचीत सुन ली थी, जिसमें प्रदीप झरबड़े द्वारा आमला जाकर बैंक से बड़ी रकम निकालने की जानकारी दी गई थी। इसी सूचना के आधार पर सुशील यादव ने पीड़ित की पहचान, हुलिया, मोटरसाइकिल और बैंक से रकम निकालने संबंधी सारी जानकारी फोन के ज़रिए मुख्य आरोपी देवानंद उर्फ देवा इवने को दे दी। इसी सूचना के आधार पर देवा और उसके साथियों ने योजनाबद्ध तरीके से पीड़ित का पीछा कर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने सुशील यादव को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी, एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह और डीएसपी महिला सेल श्री दुर्गेश आर्मो के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। थाना बोरदेही में अपराध क्रमांक 99/2026 अंतर्गत धारा 309(6), 304(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और साइबर सेल की मदद से आरोपी सुशील यादव की संलिप्तता का खुलासा किया और उसे गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी से 60,000 रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और लूट की राशि से खरीदी गई 02 अन्य मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इस मामले में पूर्व में रामकुमार उर्फ मोहित (18 वर्ष 5 माह), गोविंद (19), शिवराम उर्फ नान्हू (20), दुर्गेश (22) और कमलेश उर्फ मनीष (26) को गिरफ्तार किया जा चुका था, जो सभी छिंदवाड़ा जिले के नवेगांव थाना क्षेत्र के निवासी हैं। हालाँकि, प्रकरण का मुख्य आरोपी देवानंद उर्फ देवा इवने, निवासी घाना उमरी, थाना नवेगांव, जिला छिंदवाड़ा, घटना के दिन से ही फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी और शेष लूटी गई राशि की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पुलिस अधीक्षक बैतूल ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये के इनाम की घोषणा की है। देवानंद उर्फ देवा इवने एक आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध थाना मुलताई में हत्या और आर्म्स एक्ट, थाना बोरदेही में चोरी व नकबजनी, और थाना नवेगांव जिला छिंदवाड़ा में चोरी, लूट व जुआ एक्ट के तहत कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। वह थाना नवेगांव का निगरानी बदमाश भी है। एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह, डीएसपी महिला सेल श्री दुर्गेश आर्मो, निरीक्षक राधेश्याम वट्टी, निरीक्षक मुकेश ठाकुर सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने इस खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन ने इस सफल खुलासे पर टीम की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसी ही तत्परता, दक्षता और पेशेवर प्रतिबद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। बैतूल पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बड़ी नकद राशि लेकर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें, बैंक से अधिक राशि निकालते समय किसी अन्य व्यक्ति को साथ रखें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या पीछा किए जाने की आशंका होने पर तत्काल डायल-112 या निकटतम पुलिस थाना को सूचना दें।1
- पांढुर्णा में 03 जून 2026 को जनहित से जुड़े कार्यों को गति देने और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। प्रभारी कलेक्टर श्री अग्रिम कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई इस बैठक में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, डीएफओ श्री सचिन एच.एन., संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा एवं सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, तहसीलदार सुश्री प्रेक्षा पाठक, और जनपद पंचायत सीईओ श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित सभी जिला अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, प्रभारी कलेक्टर श्री अग्रिम कुमार ने जन समस्याओं के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर देते हुए स्पष्ट किया कि आमजन की शिकायतों का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने भू-अभिलेखों के क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और तहसीलदार को तत्काल संबंधित स्थानों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए, प्रभारी कलेक्टर ने पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने ग्राम मड़कावाड़ा की जल आपूर्ति का जायजा लिया और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को बड़ चिचोली तथा पठारा क्षेत्र में पेयजल समस्याओं का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत वाटरशेड गतिविधियों की प्रगति की भी जानकारी ली। पेंशन प्रकरणों में हो रही देरी पर भी चर्चा हुई, जिसके बाद प्रभारी कलेक्टर ने जनपद पंचायत सौसर के सीईओ को रघुनाथ करोले के मामले में और शिक्षा विभाग को कन्हैयालाल के पेंशन प्रकरणों को दो दिनों के भीतर हल करने के सख्त निर्देश दिए। सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए, उन्होंने किसानों को खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और सोसायटियों में वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के आदेश दिए, ताकि आगामी कृषि कार्यों में कोई व्यवधान न हो। नगर पालिका पांढुर्णा के सीएमओ को नीलकंठ श्मशान घाट मार्ग की मरम्मत का कार्य शीघ्र शुरू कर पूरा करने के निर्देश दिए गए, साथ ही बाहरी जल आपूर्तिकर्ताओं से वॉटर टैक्स की वसूली के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर चर्चा करते हुए, प्रभारी कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निराकरण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपूर्ण होना चाहिए, तथा जिले का संतुष्टि स्तर 92 प्रतिशत से अधिक बनाए रखना अनिवार्य है। महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनवाड़ी सहायिकाओं की नियुक्ति प्रक्रिया तय समय में पूरी करने और प्रधानमंत्री जनजातीय सड़क योजना के तहत आमला ग्राम में प्रस्तावित पुलिया का निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में, प्रभारी कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सीखो-कमाओ योजना के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता लाने की हिदायत दी, साथ ही विकास कार्यों और जन समस्याओं के निराकरण में बरती जा रही लापरवाही पर अपनी नाराजगी भी जताई।1
- आज की ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, एक घटना सामने आई है जिसमें काम करने वाले लोगों ने एक पुलिसकर्मी को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा है। यह जानकारी मिली है कि यह पूरी घटना काम वाली जगह पर हुई, जहाँ पुलिस वाले को घेर कर मारा गया।1
- पांढुर्णा के भगत सिंह वार्ड में जल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए पुराने और जीर्ण-शीर्ण नल कनेक्शनों के सुधार कार्य की शुरुआत की गई है। लंबे समय से वार्ड में पुराने पाइप और नल कनेक्शन खराब होने के कारण कई उपभोक्ताओं के घरों तक पानी की आपूर्ति व्यवस्थित रूप से नहीं पहुँच पा रही थी। इसी समस्या के समाधान हेतु संबंधित विभाग द्वारा लगातार सुधार कार्य किया जा रहा है, जिसमें तकनीकी टीम द्वारा पुराने कनेक्शनों को बदलने और जल आपूर्ति लाइन की मरम्मत का काम शामिल है। नगर पालिका की इस पहल का उद्देश्य आने वाले समय में वार्डवासियों को बेहतर और नियमित जल सप्लाई प्रदान करना है। प्रशासन ने वार्डवासियों को हो रही अस्थायी असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए उनसे सहयोग की अपील की है। विभाग ने यह भी बताया है कि कार्य पूर्ण होने के बाद पानी की सप्लाई व्यवस्था पहले से अधिक सुचारु और व्यवस्थित हो जाएगी।1
- जुन्नारदेव के अंतर्गत ग्राम पंचायत तुमड़ा में ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ जनपद पंचायत कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की अनुपस्थिति में सौंपे गए इस ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खेत तालाब, सीसी रोड, नाली, स्ट्रीट लाइट, नल जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय और गड्डा बाउंड्री वॉल की मरम्मत के नाम पर लगभग 80 लाख रुपये का गबन किया गया है। ग्रामीणों ने इस मामले में उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायत का निराकरण नहीं होता है, तो वे कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री (सीएम) कार्यालय तक शिकायत दर्ज कराएंगे। ग्रामीणों का दावा है कि यदि निष्पक्ष जांच की जाती है, तो एक बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है।1
- आज बुधवार शाम 4 बजे नगर निगम सभाकक्ष में निगम आयुक्त सी.पी. राय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण टीएल (टाइम लिमिट) बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई और आगामी विश्व पर्यावरण दिवस तथा अन्य जनहितकारी कार्यक्रमों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके बाद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि नगरीय निकायों में 5 जून से 21 जून 2026 तक जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों के तहत विशेष अभियान चलाए जाएंगे। आयुक्त श्री राय ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस से "एक पेड़ मां के नाम" नामक एक व्यापक वृक्षारोपण महाअभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत पीपल, नीम, बरगद, आम जैसे औषधीय और फलदार पौधों के रोपण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिसमें स्थानीय जलवायु के अनुरूप पौधों का चयन किया जाएगा। विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को इस अभियान में सहभागी बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नगरीय क्षेत्रों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाए जाएंगे, जिसमें शहर के बाहरी क्षेत्रों और प्रवेश मार्गों पर जमा प्लास्टिक और पॉलीथीन की हैंड पिकिंग कर साफ-सफाई की जाएगी। तालाबों, कुओं, बावड़ियों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों की भी साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी। आगामी कार्यक्रमों की कड़ी में, 12 से 18 जून के दौरान नगरीय निकायों में जनकल्याण शिविरों का आयोजन होगा, जहाँ विभिन्न शासकीय योजनाओं से वंचित पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा। इसी प्रकार, 19 एवं 20 जून को स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। बैठक में कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त टीएल शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण की स्थिति की समीक्षा भी की गई, साथ ही सांसदों एवं विधायकों के पत्रों पर प्राप्त आवेदनों पर की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। इस बैठक में उपायुक्त कमलेश निर्गुणकर, सहायक आयुक्त मीना कोरी सहित सभी शाखाओं के प्रमुख अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- बैतूल जिले के बोरदेही रेलवे स्टेशन पर पेंचवैली एक्सप्रेस में हुए चर्चित अली खान हत्याकांड में जीआरपी ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। छिंदवाड़ा निवासी अली खान की हत्या ट्रेन में सीट को लेकर हुए विवाद के बाद हुई थी। गिरफ्तार आरोपियों - नवीन पाटील, अमित उबनारे, अयान खान और कन्हैया उर्फ काली को जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। हालांकि, मामले का मुख्य आरोपी बताए जा रहे सागर की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है। पुलिस की कार्यप्रणाली, एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी और अन्य संभावित आरोपियों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतक अली खान के साथ यात्रा कर रहे उसके दोस्तों का दावा है कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद मुख्य आरोपी सागर की पहचान कर ली थी और उसका फोटो तथा हुलिया भी पुलिस को उपलब्ध करा दिया था। इसके बावजूद हत्या की एफआईआर दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में हुई देरी चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों का सवाल है कि जब प्रत्यक्षदर्शियों ने शुरुआत में ही पहचान कर ली थी, तो पुलिस ने तत्काल कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की, और क्या शुरुआती देरी का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी फरार होने में सफल रहा? प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, घटना के समय मौके पर 12 से 15 लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है, ऐसे में केवल चार लोगों को आरोपी बनाए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जांच में और लोगों की भूमिका सामने आती है तो उन्हें भी आरोपी बनाया जाना चाहिए। घटना रविवार रात की बताई जा रही है, लेकिन हत्या की एफआईआर दर्ज होने में हुई देरी ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक तौर पर मर्ग जांच की प्रक्रिया अपनाई गई थी, लेकिन हत्या जैसे गंभीर मामले में त्वरित एफआईआर दर्ज न होने को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी देखी जा रही है। मामले को लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की अटकलें और चर्चाएं भी सामने आ रही हैं, जिनमें जांच पर किसी राजनीतिक या अन्य प्रभाव के दबाव के सवाल भी शामिल हैं, हालांकि इस संबंध में अब तक कोई ठोस प्रमाण या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जीआरपी अधिकारियों द्वारा मीडिया को सीमित जानकारी दिए जाने से भी विभिन्न तरह की अटकलों को बल मिला है। फिलहाल, पूरे मामले की निगाहें मुख्य आरोपी सागर की गिरफ्तारी पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद घटना की पूरी सच्चाई, विवाद की वास्तविक वजह और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका अधिक स्पष्ट हो सकेगी।2
- बैतूल जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुलताई पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 34 गौवंशों से भरे एक आयसर ट्रक को पकड़ा है और लगभग 12 लाख 9 हजार रुपये मूल्य का ट्रक और गौवंश जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान ट्रक में अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरे गए 34 गौवंशों में से 2 मृत पाए गए, जबकि 32 जीवित गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कर गौशाला पहुंचाया गया। इस मामले में फरार चालक की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर, जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी और एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार के नेतृत्व में यह विशिष्ट कार्रवाई की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कत्थई रंग का आयसर ट्रक, जिस पर हरे रंग का तिरपाल ढका है, बड़ी संख्या में गौवंशों को लेकर दाबका-पांढरघाटी मार्ग से महाराष्ट्र की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत दाबका फॉरेस्ट नाका पर नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद, संदिग्ध ट्रक क्रमांक MP09GG9363 वहां पहुंचा। पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका और फॉरेस्ट नाके का बैरियर तोड़कर भागने की कोशिश की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर ट्रक को कुछ दूरी पर रोक लिया। हालांकि, चालक मौके का फायदा उठाकर जंगल की ओर फरार हो गया। तलाशी के दौरान, ट्रक के भीतर दो पार्टिशनों में 34 गौवंश अमानवीय तरीके से भरे हुए पाए गए; उनके मुंह और पैर बांध दिए गए थे, जिससे वे हिल-डुल भी नहीं पा रहे थे। मौके पर 2 गौवंश मृत अवस्था में मिले, जबकि 32 जीवित थे। प्रारंभिक जांच में यह प्रतीत हुआ कि इन गौवंशों को वध के उद्देश्य से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अमित पवार ने स्वयं ट्रक चलाकर जब्त गौवंशों को ग्राम बघोड़ा स्थित गायत्री गौशाला पहुंचाया, जहां उनके लिए चारा, पानी और उपचार की उचित व्यवस्था की गई। मृत पाए गए दोनों गौवंशों का पशु चिकित्सक द्वारा पोस्टमार्टम कराकर विधिवत दफन कराया गया, जबकि जीवित गौवंशों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। पुलिस ने अज्ञात चालक के विरुद्ध मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 9 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(घ) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह परिहार, उप निरीक्षक अमित पवार, प्रधान आरक्षक रामकृष्ण सिलारे, बलराम, हाकम तथा आरक्षक मेहमान और शिवराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने मुलताई पुलिस की इस सराहनीय कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिले में गौवंश तस्करी, पशु क्रूरता एवं अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।3