आज बुधवार शाम 4 बजे नगर निगम सभाकक्ष में निगम आयुक्त सी.पी. राय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण टीएल (टाइम लिमिट) बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई और आगामी विश्व पर्यावरण दिवस तथा अन्य जनहितकारी कार्यक्रमों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके बाद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि नगरीय निकायों में 5 जून से 21 जून 2026 तक जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों के तहत विशेष अभियान चलाए जाएंगे। आयुक्त श्री राय ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस से "एक पेड़ मां के नाम" नामक एक व्यापक वृक्षारोपण महाअभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत पीपल, नीम, बरगद, आम जैसे औषधीय और फलदार पौधों के रोपण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिसमें स्थानीय जलवायु के अनुरूप पौधों का चयन किया जाएगा। विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को इस अभियान में सहभागी बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नगरीय क्षेत्रों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाए जाएंगे, जिसमें शहर के बाहरी क्षेत्रों और प्रवेश मार्गों पर जमा प्लास्टिक और पॉलीथीन की हैंड पिकिंग कर साफ-सफाई की जाएगी। तालाबों, कुओं, बावड़ियों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों की भी साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी। आगामी कार्यक्रमों की कड़ी में, 12 से 18 जून के दौरान नगरीय निकायों में जनकल्याण शिविरों का आयोजन होगा, जहाँ विभिन्न शासकीय योजनाओं से वंचित पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा। इसी प्रकार, 19 एवं 20 जून को स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। बैठक में कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त टीएल शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण की स्थिति की समीक्षा भी की गई, साथ ही सांसदों एवं विधायकों के पत्रों पर प्राप्त आवेदनों पर की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। इस बैठक में उपायुक्त कमलेश निर्गुणकर, सहायक आयुक्त मीना कोरी सहित सभी शाखाओं के प्रमुख अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
आज बुधवार शाम 4 बजे नगर निगम सभाकक्ष में निगम आयुक्त सी.पी. राय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण टीएल (टाइम लिमिट) बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई और आगामी विश्व पर्यावरण दिवस तथा अन्य जनहितकारी कार्यक्रमों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके बाद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि नगरीय निकायों में 5 जून से 21 जून 2026 तक जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों के तहत विशेष अभियान चलाए जाएंगे। आयुक्त श्री राय ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस से "एक पेड़ मां के नाम" नामक एक व्यापक वृक्षारोपण महाअभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत पीपल, नीम, बरगद, आम जैसे औषधीय और फलदार पौधों के रोपण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिसमें स्थानीय जलवायु के अनुरूप पौधों का चयन किया जाएगा। विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को इस अभियान में सहभागी बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नगरीय क्षेत्रों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाए जाएंगे, जिसमें शहर के बाहरी क्षेत्रों और प्रवेश मार्गों पर जमा प्लास्टिक और पॉलीथीन की हैंड पिकिंग कर साफ-सफाई की जाएगी। तालाबों, कुओं, बावड़ियों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों की भी साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी। आगामी कार्यक्रमों की कड़ी में, 12 से 18 जून के दौरान नगरीय निकायों में जनकल्याण शिविरों का आयोजन होगा, जहाँ विभिन्न शासकीय योजनाओं से वंचित पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा। इसी प्रकार, 19 एवं 20 जून को स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। बैठक में कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त टीएल शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण की स्थिति की समीक्षा भी की गई, साथ ही सांसदों एवं विधायकों के पत्रों पर प्राप्त आवेदनों पर की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। इस बैठक में उपायुक्त कमलेश निर्गुणकर, सहायक आयुक्त मीना कोरी सहित सभी शाखाओं के प्रमुख अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- छिंदवाड़ा के वार्ड क्रमांक-9, मोहरली के रहवासी भीषण गर्मी के बीच गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। क्षेत्र में नियमित जलापूर्ति न होने और बोरवेल के पाइप निकाले जाने से नाराज़ स्थानीय लोगों ने आज बुधवार को दोपहर 2 बजे नगर निगम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। रहवासियों ने बताया कि उन्हें कई दिनों से पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है, और स्थिति इतनी खराब है कि चार दिन में केवल 15 मिनट के लिए ही नल में पानी आता है। यह ज्ञापन नेता प्रतिपक्ष हंसा दाड़े के नेतृत्व में सौंपा गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। पानी की इस किल्लत के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान, नेता प्रतिपक्ष ने अमृत योजना को विफल करार देते हुए मौजूदा जल संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया।1
- जुन्नारदेव ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने एसडीम को एक ज्ञापन सौंपकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी पर की गई कथित अभद्र एवं अशोभनीय टिप्पणी का कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ब्लॉक अध्यक्ष अरुण शाहपुर ने इस दौरान बताया कि मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी से न केवल सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का, बल्कि प्रदेश के किसानों का भी अपमान हुआ है। कांग्रेस ने इस कृत्य की घोर निंदा करते हुए मांग की है कि प्रदेश में सर्वोच्च पद पर बैठे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। इसके साथ ही, राज्यपाल महोदय द्वारा मुख्यमंत्री को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न करने की समझाइश देने की भी मांग की गई है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता है, तो वे उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी। जुन्नारदेव कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के बयान पर भारी बवाल मचाते हुए गृह मंत्री पर आदिवासियों के अपमान का भी आरोप लगाया है।2
- जल और जंगल को बचाने की अपनी मांग को लेकर सभी आदिवासी समुदाय के लोग सड़क पर उतर आए हैं। वे कलेक्टर का घेराव कर रहे हैं।1
- सिवनी जिले के बंडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बखारी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में नौवीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। यह घिनौनी वारदात तब हुई जब छात्रा पूरक परीक्षा का प्रवेश पत्र लेने स्कूल पहुँची थी। आरोपी उच्च माध्यमिक शिक्षक कृष्णकुमार नायक की इस करतूत को स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों ने कैद कर लिया। परिजनों की शिकायत पर बंडोल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद आरोपी शिक्षक को जेल भेज दिया गया है। इस घटना ने गुरु-शिष्य के रिश्ते को तार-तार कर दिया है।1
- केवलारी क्षेत्र में भीमगढ़ उच्च स्तरीय पुल के उद्घाटन को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पूर्व विधायक राकेश पाल सिंह ने मां बैनगंगा की पूजा-अर्चना करने के बाद पुल से आवागमन शुरू कराया, जिस पर वर्तमान विधायक रजनीश सिंह ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया है। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, और यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। विवाद उस समय और बढ़ गया जब पूर्व विधायक राकेश पाल ने सुनवारा ब्रिज पर भी फीता काटा। वर्तमान विधायक के समर्थकों का कहना है कि शासकीय निर्माण कार्यों का उद्घाटन वर्तमान जनप्रतिनिधि को ही करना चाहिए। वहीं, राकेश पाल के समर्थकों का दावा है कि पुल निर्माण उनके विकास कार्यों का परिणाम है। इस प्रकार, दोनों पक्ष पुल निर्माण को लेकर अपने-अपने दावे पेश कर रहे हैं। आने वाले चुनावों से पहले यह मुद्दा और भी गरमाने लगा है।1
- पांढुर्णा में 03 जून 2026 को जनहित से जुड़े कार्यों को गति देने और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। प्रभारी कलेक्टर श्री अग्रिम कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई इस बैठक में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, डीएफओ श्री सचिन एच.एन., संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा एवं सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, तहसीलदार सुश्री प्रेक्षा पाठक, और जनपद पंचायत सीईओ श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित सभी जिला अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, प्रभारी कलेक्टर श्री अग्रिम कुमार ने जन समस्याओं के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर देते हुए स्पष्ट किया कि आमजन की शिकायतों का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने भू-अभिलेखों के क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और तहसीलदार को तत्काल संबंधित स्थानों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए, प्रभारी कलेक्टर ने पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने ग्राम मड़कावाड़ा की जल आपूर्ति का जायजा लिया और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को बड़ चिचोली तथा पठारा क्षेत्र में पेयजल समस्याओं का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत वाटरशेड गतिविधियों की प्रगति की भी जानकारी ली। पेंशन प्रकरणों में हो रही देरी पर भी चर्चा हुई, जिसके बाद प्रभारी कलेक्टर ने जनपद पंचायत सौसर के सीईओ को रघुनाथ करोले के मामले में और शिक्षा विभाग को कन्हैयालाल के पेंशन प्रकरणों को दो दिनों के भीतर हल करने के सख्त निर्देश दिए। सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए, उन्होंने किसानों को खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और सोसायटियों में वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के आदेश दिए, ताकि आगामी कृषि कार्यों में कोई व्यवधान न हो। नगर पालिका पांढुर्णा के सीएमओ को नीलकंठ श्मशान घाट मार्ग की मरम्मत का कार्य शीघ्र शुरू कर पूरा करने के निर्देश दिए गए, साथ ही बाहरी जल आपूर्तिकर्ताओं से वॉटर टैक्स की वसूली के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर चर्चा करते हुए, प्रभारी कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निराकरण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपूर्ण होना चाहिए, तथा जिले का संतुष्टि स्तर 92 प्रतिशत से अधिक बनाए रखना अनिवार्य है। महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनवाड़ी सहायिकाओं की नियुक्ति प्रक्रिया तय समय में पूरी करने और प्रधानमंत्री जनजातीय सड़क योजना के तहत आमला ग्राम में प्रस्तावित पुलिया का निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में, प्रभारी कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सीखो-कमाओ योजना के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता लाने की हिदायत दी, साथ ही विकास कार्यों और जन समस्याओं के निराकरण में बरती जा रही लापरवाही पर अपनी नाराजगी भी जताई।1
- आज बुधवार शाम 4 बजे नगर निगम सभाकक्ष में निगम आयुक्त सी.पी. राय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण टीएल (टाइम लिमिट) बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई और आगामी विश्व पर्यावरण दिवस तथा अन्य जनहितकारी कार्यक्रमों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके बाद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि नगरीय निकायों में 5 जून से 21 जून 2026 तक जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों के तहत विशेष अभियान चलाए जाएंगे। आयुक्त श्री राय ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस से "एक पेड़ मां के नाम" नामक एक व्यापक वृक्षारोपण महाअभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत पीपल, नीम, बरगद, आम जैसे औषधीय और फलदार पौधों के रोपण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिसमें स्थानीय जलवायु के अनुरूप पौधों का चयन किया जाएगा। विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को इस अभियान में सहभागी बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नगरीय क्षेत्रों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाए जाएंगे, जिसमें शहर के बाहरी क्षेत्रों और प्रवेश मार्गों पर जमा प्लास्टिक और पॉलीथीन की हैंड पिकिंग कर साफ-सफाई की जाएगी। तालाबों, कुओं, बावड़ियों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों की भी साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी। आगामी कार्यक्रमों की कड़ी में, 12 से 18 जून के दौरान नगरीय निकायों में जनकल्याण शिविरों का आयोजन होगा, जहाँ विभिन्न शासकीय योजनाओं से वंचित पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा। इसी प्रकार, 19 एवं 20 जून को स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। बैठक में कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त टीएल शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण की स्थिति की समीक्षा भी की गई, साथ ही सांसदों एवं विधायकों के पत्रों पर प्राप्त आवेदनों पर की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। इस बैठक में उपायुक्त कमलेश निर्गुणकर, सहायक आयुक्त मीना कोरी सहित सभी शाखाओं के प्रमुख अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- जुन्नारदेव के अंतर्गत ग्राम पंचायत तुमड़ा में ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ जनपद पंचायत कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की अनुपस्थिति में सौंपे गए इस ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खेत तालाब, सीसी रोड, नाली, स्ट्रीट लाइट, नल जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय और गड्डा बाउंड्री वॉल की मरम्मत के नाम पर लगभग 80 लाख रुपये का गबन किया गया है। ग्रामीणों ने इस मामले में उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायत का निराकरण नहीं होता है, तो वे कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री (सीएम) कार्यालय तक शिकायत दर्ज कराएंगे। ग्रामीणों का दावा है कि यदि निष्पक्ष जांच की जाती है, तो एक बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है।1
- आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। इस शक्ति प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाई है, ताकि उनकी मांगों पर ध्यान दिया जा सके।1