NH-48 पर अलवर तिराहे पर बेकाबू ट्रेलर ने 6 वाहनों को रौंदा, घायलों को विधायक मनीष यादव कि टीम व अध्यक्ष मुकेश बुडानिया ने अस्पताल में करवाया भर्ती तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रेलर ने एक के बाद एक कई छोटी गाड़ियों को टक्कर मार दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दिल्ली निवासी एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद घायल को उप जिला अस्पताल, शाहपुरा पहुंचाया गया। हादसे की जानकारी मिलते ही विधायक के कार्यकर्ता और नगर अध्यक्ष मुकेश बुडानिया अस्पताल पहुंचे और घायल व्यक्ति को भर्ती करवाया। उन्होंने चिकित्सकों से बातचीत कर घायल के उपचार की स्थिति की जानकारी ली तथा बेहतर इलाज के निर्देश दिए। प्राथमिक उपचार के बाद घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एसएमएस अस्पताल, जयपुर रेफर किया गया। इस दौरान अस्पताल में एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर अव्यवस्था भी सामने आई, जिससे रेफर प्रक्रिया में कुछ देर हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने एंबुलेंस सेवाओं में सुधार की मांग की। हादसे के बाद कुछ समय तक अलवर तिराहे पर यातायात बाधित रहा। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अलवर तिराहा पहले भी कई हादसों का गवाह रहा है। यहां ट्रैफिक नियंत्रण और स्पीड ब्रेकर जैसी व्यवस्थाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।#अलवर_तिराहा_हादसा#हाईवे_दुर्घटना#ट्रेलर_हादसा#कई_वाहन_टकराए#घायल_व्यक्ति#जयपुर_रेफर#उप_जिला_अस्पताल#आपातकालीन_सेवा#एम्बुलेंस_सेवा#जनप्रतिनिधि_सक्रिय#जनसेवा#स्थानीय_मुद्दा#वायरल_न्यूज़#
NH-48 पर अलवर तिराहे पर बेकाबू ट्रेलर ने 6 वाहनों को रौंदा, घायलों को विधायक मनीष यादव कि टीम व अध्यक्ष मुकेश बुडानिया ने अस्पताल में करवाया भर्ती तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रेलर ने एक के बाद एक कई छोटी गाड़ियों को टक्कर मार दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दिल्ली निवासी एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद घायल को उप जिला अस्पताल, शाहपुरा पहुंचाया गया। हादसे की जानकारी मिलते ही विधायक के कार्यकर्ता और नगर अध्यक्ष मुकेश बुडानिया अस्पताल पहुंचे और घायल व्यक्ति को भर्ती करवाया। उन्होंने चिकित्सकों से बातचीत कर घायल के उपचार की स्थिति की जानकारी ली तथा बेहतर इलाज के निर्देश दिए। प्राथमिक उपचार के बाद घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एसएमएस अस्पताल, जयपुर रेफर किया गया। इस दौरान अस्पताल में एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर अव्यवस्था भी सामने आई, जिससे रेफर प्रक्रिया में कुछ देर हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने एंबुलेंस सेवाओं में सुधार की मांग की। हादसे के बाद कुछ समय तक अलवर तिराहे पर यातायात बाधित रहा। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अलवर तिराहा पहले भी कई हादसों का गवाह रहा है। यहां ट्रैफिक नियंत्रण और स्पीड ब्रेकर जैसी व्यवस्थाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।#अलवर_तिराहा_हादसा#हाईवे_दुर्घटना#ट्रेलर_हादसा#कई_वाहन_टकराए#घायल_व्यक्ति#जयपुर_रेफर#उप_जिला_अस्पताल#आपातकालीन_सेवा#एम्बुलेंस_सेवा#जनप्रतिनिधि_सक्रिय#जनसेवा#स्थानीय_मुद्दा#वायरल_न्यूज़#
- दोषी कोई भी हो बक्सा नहीं जाएगा1
- बीलवाड़ी महामाया माता का मंदिर में विशाल मेला और उमड़ी भीड़#15 दिन लगेगा मेला#पुलिस प्रशासन तैनात#1
- करोड़ों की चरागाह भूमि पर 'अपनों' का डाका: रसूख के साए में सिमट रहे कोलाना के मैदान प्रशासन की 'चुप्पी' ने खड़े किए सवाल, चरागाह की जमीन पर रातों-रात गाड़ दिए पोल और तारबंदी बसवा/कोलाना। कहते हैं कि अगर बाड़ ही खेत को खाने लगे, तो फसल को कौन बचाएगा? बसवा तहसील के कोलाना ग्राम पंचायत में इन दिनों कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिल रहा है। अलवर-सिकंदरा हाईवे किनारे स्थित करोड़ों रुपये की बेशकीमती चरागाह भूमि पर भू-माफियाओं और जनप्रतिनिधियों की गिद्ध दृष्टि पड़ गई है। स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर पोल गाड़कर और तारबंदी कर अवैध कब्जा जमा लिया गया है, लेकिन तहसील प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। छात्रावास के पास की जमीन पर 'सियासी' घेराबंदी पूरा मामला कोलाना ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित छात्रावास के पास का है। हाईवे किनारे होने के कारण इस जमीन की कीमत आसमान छू रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि रसूखदार जनप्रतिनिधियों ने अपनी सत्ता की हनक दिखाते हुए इस सार्वजनिक चरागाह भूमि को निजी जागीर बना लिया है। खुलेआम हुए इस अतिक्रमण ने पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश: "मूकदर्शक बना प्रशासन" स्थानीय लोगों का गुस्सा अब फूटने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि: "अगर जनता के चुने हुए प्रतिनिधि ही चरागाह भूमियों को निगलने लगेंगे, तो बेजुबान मवेशी कहां जाएंगे? प्रशासन की चुप्पी यह साफ इशारा कर रही है कि कहीं न कहीं ऊपर से दबाव है या फिर अधिकारियों की मिलीभगत है।" प्रमुख सवाल जो जवाब मांग रहे हैं: क्या हाईवे किनारे की करोड़ों की जमीन की सुरक्षा के लिए प्रशासन के पास कोई योजना नहीं है? अवैध तारबंदी और पोल गाड़ने की हिम्मत रसूखदारों को कहां से मिली? क्या बसवा तहसील प्रशासन केवल बड़े हादसे या जनांदोलन का इंतजार कर रहा है? निष्कर्ष: कोलाना की यह चरागाह भूमि भविष्य में सार्वजनिक विकास कार्यों के काम आ सकती थी, लेकिन फिलहाल यह 'सिस्टम' की लाचारी और 'सत्ता' के लालच की भेंट चढ़ती दिख रही है। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन इस खबर के बाद कुंभकर्णी नींद से जागता है या फिर यह फाइल भी 'ठंडे बस्ते' में डाल दी जाएगी।2
- अलवर : अंतरराष्ट्रीय टाइगर मैराथन की तैयारी देखने के लिए मैराथन ट्रैक पर निकाली टाइगर मैराथन साइकिल रैली1
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- कुंडल स्टेट हाईवे पर अतिक्रमण का 'श्राप': घंटों जाम में फंस रही जनता, 2 फरवरी को कलक्ट्रेट पर हुंकार भरने की तैयारी में लोग दौसा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के भेडोली कट से जुड़ने वाला कुंडल स्टेट हाईवे इन दिनों अव्यवस्थाओं और भारी अतिक्रमण की चपेट में है। हालात यह हैं कि प्रतिदिन शाम होते ही यहाँ वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे आमजन को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस ज्वलंत मुद्दे को लेकर अब जिले की जनता ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। सूत्रों के अनुसार आगामी 2 फरवरी को दौसा जिला कलेक्ट्रेट के बाहर विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किए जाने की क्षेत्र में सुगबुगाहट जोरों पर हैं। अतिक्रमण ने छीनी सड़क की रफ्तार स्थानीय नागरिकों के अनुसार, बीती 24 जनवरी की शाम को भी हाईवे पर स्थिति भयावह रही। शाम 6 बजे के आसपास अतिक्रमण और बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण स्टेट हाईवे पूरी तरह ठप हो गया। एक्सप्रेस-वे का लिंक मार्ग होने के कारण यहाँ दर्जनों जिलों के वाहनों की आवाजाही रहती है, लेकिन सड़क के दोनों ओर बढ़ते अवैध कब्जों ने रास्ते को संकरा कर दिया है। प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल मामले को लेकर क्षेत्र के जागरूक युवाओं और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या से पूरी तरह वाकिफ है, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। जाम की वजह से न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं (एम्बुलेंस आदि) को भी रास्ता नहीं मिल पा रहा है। 2 फरवरी को 'चलो कलक्ट्रेट' के आह्वान की सुगबुगाहट तेज - समस्या के समाधान हेतु अब सर्व समाज और युवा शक्ति एकजुट होकर 2 फरवरी को जिला प्रशासन और राजस्थान सरकार की 'नींद' उड़ाने की तैयारी करने में लगे है। "यह समस्या केवल कुंडल या दौसा की नहीं, बल्कि इस मार्ग का उपयोग करने वाले हर उस मुसाफिर की है जो घंटों इस जाम में पिसता है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि तुरंत अतिक्रमण मुक्त हाईवे और सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।" — क्षेत्रीय संघर्ष समिति1
- टपूकड़ा। नगर पालिका क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। ठेकेदारों की लापरवाही के चलते सरकारी लाखों रुपए भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं, जबकि धरातल पर सफाई दिखाई नहीं दे रही है। नगर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। जगह-जगह कूड़ा फैला हुआ है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका द्वारा सफाई व्यवस्था पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सफाई व्यवस्था में सुधार किया जाए, जिम्मेदार ठेकेदारों पर कार्रवाई हो तथा नियमित रूप से सफाई अभियान चलाकर शहर को स्वच्छ बनाया जाए।1
- आज सुबह 200 फीट रोड से हरमाड़ा की ओर जा रही एक गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया। गनीमत रही कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई। सभी वाहन चालकों से अपील है 🚗 ➡️ गाड़ी सावधानी और आराम से चलाएं ➡️ तेज रफ्तार और लापरवाही से बचें ➡️ अपनी और दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें एक पल की सावधानी, बड़ी दुर्घटना से बचा सकती है और जुड़े रहिए हमारे साथ कमेंट शेयर फॉलो अवश्य करें जस्ट जयपुर लाइव से।1