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कुंडल स्टेट हाईवे पर अतिक्रमण का 'श्राप': घंटों जाम में फंस रही जनता, 2 फरवरी को कलक्ट्रेट पर हुंकार भरने की तैयारी में लोग ​दौसा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के भेडोली कट से जुड़ने वाला कुंडल स्टेट हाईवे इन दिनों अव्यवस्थाओं और भारी अतिक्रमण की चपेट में है। हालात यह हैं कि प्रतिदिन शाम होते ही यहाँ वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे आमजन को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस ज्वलंत मुद्दे को लेकर अब जिले की जनता ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। सूत्रों के अनुसार आगामी 2 फरवरी को दौसा जिला कलेक्ट्रेट के बाहर विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किए जाने की क्षेत्र में सुगबुगाहट जोरों पर हैं। ​अतिक्रमण ने छीनी सड़क की रफ्तार ​स्थानीय नागरिकों के अनुसार, बीती 24 जनवरी की शाम को भी हाईवे पर स्थिति भयावह रही। शाम 6 बजे के आसपास अतिक्रमण और बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण स्टेट हाईवे पूरी तरह ठप हो गया। एक्सप्रेस-वे का लिंक मार्ग होने के कारण यहाँ दर्जनों जिलों के वाहनों की आवाजाही रहती है, लेकिन सड़क के दोनों ओर बढ़ते अवैध कब्जों ने रास्ते को संकरा कर दिया है। ​प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल ​मामले को लेकर क्षेत्र के जागरूक युवाओं और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या से पूरी तरह वाकिफ है, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। जाम की वजह से न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं (एम्बुलेंस आदि) को भी रास्ता नहीं मिल पा रहा है। ​2 फरवरी को 'चलो कलक्ट्रेट' के आह्वान की सुगबुगाहट तेज - ​समस्या के समाधान हेतु अब सर्व समाज और युवा शक्ति एकजुट होकर 2 फरवरी को जिला प्रशासन और राजस्थान सरकार की 'नींद' उड़ाने की तैयारी करने में लगे है। ​"यह समस्या केवल कुंडल या दौसा की नहीं, बल्कि इस मार्ग का उपयोग करने वाले हर उस मुसाफिर की है जो घंटों इस जाम में पिसता है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि तुरंत अतिक्रमण मुक्त हाईवे और सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।" — क्षेत्रीय संघर्ष समिति

15 hrs ago
user_Raj Kumar Chaturvedi
Raj Kumar Chaturvedi
Journalist बांदीकुई, दौसा, राजस्थान•
15 hrs ago

कुंडल स्टेट हाईवे पर अतिक्रमण का 'श्राप': घंटों जाम में फंस रही जनता, 2 फरवरी को कलक्ट्रेट पर हुंकार भरने की तैयारी में लोग ​दौसा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के भेडोली कट से जुड़ने वाला कुंडल स्टेट हाईवे इन दिनों अव्यवस्थाओं और भारी अतिक्रमण की चपेट में है। हालात यह हैं कि प्रतिदिन शाम होते ही यहाँ वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे आमजन को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस ज्वलंत मुद्दे को लेकर अब जिले की जनता ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। सूत्रों के अनुसार आगामी 2 फरवरी को दौसा जिला कलेक्ट्रेट के बाहर विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किए जाने की क्षेत्र में सुगबुगाहट जोरों पर हैं। ​अतिक्रमण ने छीनी सड़क की रफ्तार ​स्थानीय नागरिकों के अनुसार, बीती 24 जनवरी की शाम को भी हाईवे पर स्थिति भयावह रही। शाम 6 बजे के आसपास अतिक्रमण और बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण स्टेट हाईवे पूरी तरह ठप हो गया। एक्सप्रेस-वे का लिंक मार्ग होने के कारण यहाँ दर्जनों जिलों के वाहनों की आवाजाही रहती है, लेकिन सड़क के दोनों ओर बढ़ते अवैध कब्जों ने रास्ते को संकरा कर दिया है। ​प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल ​मामले को लेकर क्षेत्र के जागरूक युवाओं और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या से पूरी तरह वाकिफ है, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। जाम की वजह से न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं (एम्बुलेंस आदि) को भी रास्ता नहीं मिल पा रहा है। ​2 फरवरी को 'चलो कलक्ट्रेट' के आह्वान की सुगबुगाहट तेज - ​समस्या के समाधान हेतु अब सर्व समाज और युवा शक्ति एकजुट होकर 2 फरवरी को जिला प्रशासन और राजस्थान सरकार की 'नींद' उड़ाने की तैयारी करने में लगे है। ​"यह समस्या केवल कुंडल या दौसा की नहीं, बल्कि इस मार्ग का उपयोग करने वाले हर उस मुसाफिर की है जो घंटों इस जाम में पिसता है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि तुरंत अतिक्रमण मुक्त हाईवे और सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।" — क्षेत्रीय संघर्ष समिति

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  • बांदीकुई में अखिल भारतीय किन्नर महा सम्मेलन का आयोजन किन्नर समाज के स्वागत में शहरवासियों ने बिछाए पलक पांवड़े शहर में हर जगह जाम , सड़कों पर नजर आए शहर वासी , पुलिस ने सम्भाली शहर की ट्रैफिक सहित अन्य व्यवस्थाएं
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    बांदीकुई में अखिल भारतीय किन्नर महा सम्मेलन का आयोजन 
किन्नर समाज के स्वागत में शहरवासियों ने बिछाए पलक पांवड़े 
शहर में हर जगह जाम , सड़कों पर नजर आए शहर वासी , पुलिस ने सम्भाली शहर की ट्रैफिक सहित अन्य व्यवस्थाएं
    user_Raj Kumar Chaturvedi
    Raj Kumar Chaturvedi
    Journalist बांदीकुई, दौसा, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • Post by जनता न्यूज़ थानागाजी
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    Post by जनता न्यूज़ थानागाजी
    user_जनता न्यूज़ थानागाजी
    जनता न्यूज़ थानागाजी
    Local News Reporter थानागाजी, अलवर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • दौसा जिला अस्पताल में मातृ-शिशु सुरक्षा भगवान भरोसे, आपातकालीन लैब बनी मौत का इंतज़ार घर Dausa: जिला अस्पताल की मातृ एवं शिशु कल्याण इकाई में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत डराने वाली है। रात्रिकालीन आपात सेवाओं के लिए बनी लैब संख्या-10 उस समय पूरी तरह लावारिस पाई गई, जब लेबर रूम में महिलाएं प्रसव पीड़ा से जूझ रही थीं। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, करीब एक घंटे तक लैब में कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं था। मजबूरी में लेबर रूम से भेजे गए ब्लड सैंपल को परिजनों को खुद उठाकर ले जाना पड़ा। देरी के चलते सैंपल जम गया और जांच नहीं हो सकी। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि मां और नवजात की जान के साथ खुला खिलवाड़ है। प्रसव के दौरान जांच न होना मतलब सही इलाज में देरी जटिलताओं का बढ़ता खतरा और हर पल जीवन-मृत्यु की रस्साकशी ऐसे में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं कागजों तक सीमित रह जाती हैं और जमीनी हकीकत में मरीज भगवान भरोसे छोड़ दिए जाते हैं।सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि पीएमओ का ड्राइवर सैंपल वितरण जैसे तकनीकी और संवेदनशील कार्य में लगाया गया, जबकि जिम्मेदार स्टाफ गायब रहा। यह सीधे-सीधे नियमों की धज्जियां उड़ाने और प्रशासनिक लापरवाही का प्रमाण है। बड़ा सवाल यह है जब सरकार वेतन देती है सेवा के लिए, तो अस्पताल में बेशर्मी की चुप्पी और गैरजिम्मेदारी क्यों? अब सिर्फ जांच नहीं, जवाबदेही तय होनी चाहिए, पीएमओ से इस लापरवाही पर स्पष्टीकरण लिया जाए, और यह तय होना चाहिए कि दौसा जिला अस्पताल में अगली बार किसी मां या बच्चे की जान लैब की गैरहाजिरी की भेंट न चढ़े। क्योंकि यहाँ बात व्यवस्था की नहीं, ज़िंदगियों की है।
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    दौसा जिला अस्पताल में मातृ-शिशु सुरक्षा भगवान भरोसे,
आपातकालीन लैब बनी मौत का इंतज़ार घर
Dausa: जिला अस्पताल की मातृ एवं शिशु कल्याण इकाई में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत डराने वाली है। रात्रिकालीन आपात सेवाओं के लिए बनी लैब संख्या-10 उस समय पूरी तरह लावारिस पाई गई, जब लेबर रूम में महिलाएं प्रसव पीड़ा से जूझ रही थीं। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, करीब एक घंटे तक लैब में कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं था। मजबूरी में लेबर रूम से भेजे गए ब्लड सैंपल को परिजनों को खुद उठाकर ले जाना पड़ा। देरी के चलते सैंपल जम गया और जांच नहीं हो सकी। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि मां और नवजात की जान के साथ खुला खिलवाड़ है। प्रसव के दौरान जांच न होना मतलब  सही इलाज में देरी  जटिलताओं का बढ़ता खतरा और हर पल जीवन-मृत्यु की रस्साकशी
ऐसे में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं कागजों तक सीमित रह जाती हैं और जमीनी हकीकत में मरीज भगवान भरोसे छोड़ दिए जाते हैं।सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि
पीएमओ का ड्राइवर सैंपल वितरण जैसे तकनीकी और संवेदनशील कार्य में लगाया गया, जबकि जिम्मेदार स्टाफ गायब रहा। यह सीधे-सीधे नियमों की धज्जियां उड़ाने और प्रशासनिक लापरवाही का प्रमाण है।
बड़ा सवाल यह है
जब सरकार वेतन देती है सेवा के लिए, तो अस्पताल में बेशर्मी की चुप्पी और गैरजिम्मेदारी क्यों? अब सिर्फ जांच नहीं, जवाबदेही तय होनी चाहिए, पीएमओ से इस लापरवाही पर स्पष्टीकरण लिया जाए, और यह तय होना चाहिए कि
दौसा जिला अस्पताल में अगली बार किसी मां या बच्चे की जान लैब की गैरहाजिरी की भेंट न चढ़े। क्योंकि यहाँ बात व्यवस्था की नहीं, ज़िंदगियों की है।
    user_VK News Rajasthan
    VK News Rajasthan
    Farmer राहुवास, दौसा, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • लालसोट उपखंड में विराट हिंदू सम्मेलन श्याम सरोवर गार्डन में आयोजित हुआ।। महा काली मंदिर लालसोट से एक विशाल शोभायात्रा एवं विशाल कलश यात्रा दोपहर 12:00 निकाली गई । जिसमें 2100 महिलाओं द्वारा सिर पर कलश रखकर मंगल गीत गाते हुए। शोभायात्रा में शामिल हुई। जिसके कारण 1 किलोमीटर तक यातायात अवरुद्ध सा हो गया।जिसमें भगवान एवं महापुरुषों की अनेकों जीवंत झांकियां शामिल हुई। जिनका प्रदर्शन दिल्ली के मशहूर कलाकारों द्वारा किया गया। शोभायात्रा जवाहरगंज सर्कल, बडाया धर्मशाला, ज्योतिबा फूले सर्किल, महाकाली मंदिर से खटवा रोड लक्ष्मी गार्डन होकर श्याम सरोवर पहुंची। मुख्य वक्ता बाबूलाल प्रांत प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा अपना उद्बोधन प्रस्तुत किया गया। एवं संत समागम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं व हिंदुस्तान स्काउट गाइड के बालकों का पूर्ण सहयोग रहा। इस शोभा यात्रा में समस्त हिंदू समाज में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
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    लालसोट उपखंड में विराट हिंदू सम्मेलन श्याम सरोवर गार्डन में आयोजित हुआ।।  महा काली मंदिर लालसोट से एक विशाल शोभायात्रा एवं विशाल कलश  यात्रा  दोपहर 12:00 निकाली गई । जिसमें 2100 महिलाओं द्वारा सिर पर कलश रखकर मंगल गीत गाते हुए। शोभायात्रा में शामिल हुई। जिसके कारण 1 किलोमीटर तक यातायात अवरुद्ध सा हो गया।जिसमें भगवान एवं महापुरुषों की अनेकों जीवंत झांकियां शामिल हुई। जिनका प्रदर्शन दिल्ली के मशहूर कलाकारों द्वारा किया गया। शोभायात्रा जवाहरगंज सर्कल, बडाया धर्मशाला, ज्योतिबा फूले सर्किल, महाकाली मंदिर से खटवा रोड लक्ष्मी गार्डन होकर श्याम सरोवर पहुंची। मुख्य वक्ता बाबूलाल प्रांत प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा अपना उद्बोधन प्रस्तुत किया गया। एवं संत समागम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं व हिंदुस्तान स्काउट गाइड के बालकों का पूर्ण सहयोग रहा। इस शोभा यात्रा में समस्त हिंदू समाज में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
    user_Prakash saini reporter
    Prakash saini reporter
    Journalist लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • yah hmare Patan Gav me nichla bass Bairwa mohalla me yah kachra ho rha h hme yha se aane Jane me paresani aati h
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    yah hmare Patan Gav me nichla bass Bairwa mohalla me yah kachra ho rha h hme yha se aane Jane me paresani aati h
    user_Neeraj Raniwal
    Neeraj Raniwal
    बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • NH-48 पर चलती पिंकअप में लगी आग# दमकल की टीम मौके पर पहुंची,आग पर काबू पाया गया।
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    NH-48 पर चलती पिंकअप में लगी आग# दमकल की टीम मौके पर पहुंची,आग पर काबू पाया गया।
    user_@nilesh Verma-1997
    @nilesh Verma-1997
    Journalist अलवर, अलवर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • NH-48 दिल्ली से जयपुर हाईवे पर शाहपुरा में देर शाम एक चलती पिकअप में अचानक आग लग गई
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    NH-48 दिल्ली से जयपुर हाईवे पर शाहपुरा में देर शाम एक चलती पिकअप में अचानक आग लग गई
    user_Janta Seva84
    Janta Seva84
    Local News Reporter Alwar, Rajasthan•
    7 hrs ago
  • करोड़ों की चरागाह भूमि पर 'अपनों' का डाका: रसूख के साए में सिमट रहे कोलाना के मैदान ​प्रशासन की 'चुप्पी' ने खड़े किए सवाल, चरागाह की जमीन पर रातों-रात गाड़ दिए पोल और तारबंदी ​बसवा/कोलाना। कहते हैं कि अगर बाड़ ही खेत को खाने लगे, तो फसल को कौन बचाएगा? बसवा तहसील के कोलाना ग्राम पंचायत में इन दिनों कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिल रहा है। अलवर-सिकंदरा हाईवे किनारे स्थित करोड़ों रुपये की बेशकीमती चरागाह भूमि पर भू-माफियाओं और जनप्रतिनिधियों की गिद्ध दृष्टि पड़ गई है। स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर पोल गाड़कर और तारबंदी कर अवैध कब्जा जमा लिया गया है, लेकिन तहसील प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। ​छात्रावास के पास की जमीन पर 'सियासी' घेराबंदी ​पूरा मामला कोलाना ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित छात्रावास के पास का है। हाईवे किनारे होने के कारण इस जमीन की कीमत आसमान छू रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि रसूखदार जनप्रतिनिधियों ने अपनी सत्ता की हनक दिखाते हुए इस सार्वजनिक चरागाह भूमि को निजी जागीर बना लिया है। खुलेआम हुए इस अतिक्रमण ने पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। ​ग्रामीणों में भारी आक्रोश: "मूकदर्शक बना प्रशासन" ​स्थानीय लोगों का गुस्सा अब फूटने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि: ​"अगर जनता के चुने हुए प्रतिनिधि ही चरागाह भूमियों को निगलने लगेंगे, तो बेजुबान मवेशी कहां जाएंगे? प्रशासन की चुप्पी यह साफ इशारा कर रही है कि कहीं न कहीं ऊपर से दबाव है या फिर अधिकारियों की मिलीभगत है।" ​प्रमुख सवाल जो जवाब मांग रहे हैं: ​क्या हाईवे किनारे की करोड़ों की जमीन की सुरक्षा के लिए प्रशासन के पास कोई योजना नहीं है? ​अवैध तारबंदी और पोल गाड़ने की हिम्मत रसूखदारों को कहां से मिली? ​क्या बसवा तहसील प्रशासन केवल बड़े हादसे या जनांदोलन का इंतजार कर रहा है? ​निष्कर्ष: कोलाना की यह चरागाह भूमि भविष्य में सार्वजनिक विकास कार्यों के काम आ सकती थी, लेकिन फिलहाल यह 'सिस्टम' की लाचारी और 'सत्ता' के लालच की भेंट चढ़ती दिख रही है। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन इस खबर के बाद कुंभकर्णी नींद से जागता है या फिर यह फाइल भी 'ठंडे बस्ते' में डाल दी जाएगी।
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    करोड़ों की चरागाह भूमि पर 'अपनों' का डाका: रसूख के साए में सिमट रहे कोलाना के मैदान
​प्रशासन की 'चुप्पी' ने खड़े किए सवाल, चरागाह की जमीन पर रातों-रात गाड़ दिए पोल और तारबंदी
​बसवा/कोलाना।
कहते हैं कि अगर बाड़ ही खेत को खाने लगे, तो फसल को कौन बचाएगा? बसवा तहसील के कोलाना ग्राम पंचायत में इन दिनों कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिल रहा है। अलवर-सिकंदरा हाईवे किनारे स्थित करोड़ों रुपये की बेशकीमती चरागाह भूमि पर भू-माफियाओं और जनप्रतिनिधियों की गिद्ध दृष्टि पड़ गई है। स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर पोल गाड़कर और तारबंदी कर अवैध कब्जा जमा लिया गया है, लेकिन तहसील प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है।
​छात्रावास के पास की जमीन पर 'सियासी' घेराबंदी
​पूरा मामला कोलाना ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित छात्रावास के पास का है। हाईवे किनारे होने के कारण इस जमीन की कीमत आसमान छू रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि रसूखदार जनप्रतिनिधियों ने अपनी सत्ता की हनक दिखाते हुए इस सार्वजनिक चरागाह भूमि को निजी जागीर बना लिया है। खुलेआम हुए इस अतिक्रमण ने पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
​ग्रामीणों में भारी आक्रोश: "मूकदर्शक बना प्रशासन"
​स्थानीय लोगों का गुस्सा अब फूटने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि:
​"अगर जनता के चुने हुए प्रतिनिधि ही चरागाह भूमियों को निगलने लगेंगे, तो बेजुबान मवेशी कहां जाएंगे? प्रशासन की चुप्पी यह साफ इशारा कर रही है कि कहीं न कहीं ऊपर से दबाव है या फिर अधिकारियों की मिलीभगत है।"
​प्रमुख सवाल जो जवाब मांग रहे हैं:
​क्या हाईवे किनारे की करोड़ों की जमीन की सुरक्षा के लिए प्रशासन के पास कोई योजना नहीं है?
​अवैध तारबंदी और पोल गाड़ने की हिम्मत रसूखदारों को कहां से मिली?
​क्या बसवा तहसील प्रशासन केवल बड़े हादसे या जनांदोलन का इंतजार कर रहा है?
​निष्कर्ष:
कोलाना की यह चरागाह भूमि भविष्य में सार्वजनिक विकास कार्यों के काम आ सकती थी, लेकिन फिलहाल यह 'सिस्टम' की लाचारी और 'सत्ता' के लालच की भेंट चढ़ती दिख रही है। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन इस खबर के बाद कुंभकर्णी नींद से जागता है या फिर यह फाइल भी 'ठंडे बस्ते' में डाल दी जाएगी।
    user_Raj Kumar Chaturvedi
    Raj Kumar Chaturvedi
    Journalist बांदीकुई, दौसा, राजस्थान•
    13 hrs ago
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