अनूपपुर में आगामी मानसून काल के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला आपदा प्रबंधन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराव की विशेष उपस्थिति में संपन्न हुई। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु में संभावित आपदाओं का समय रहते सटीक आकलन करें तथा बचाव एवं राहत के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों का शीघ्र चिन्हांकन कर आपदा की स्थिति में त्वरित राहत कार्य शुरू करना और जनहानि को रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री वसीम अहमद भट्ट, डिप्टी कलेक्टर श्री कमलेश पुरी, तहसीलदार भू संसाधन एवं प्रबंधन श्री प्रदीप कुमार मोगरे सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी संवेदनशील और संभावित दुर्घटना क्षेत्रों की चिन्हित सूची तैयार की जाए, ताकि आपातकाल में राहत दल बिना समय गंवाए सीधे मौके पर पहुंच सकें। इसके साथ ही निर्माण विभाग के अधिकारियों को वर्षा से पूर्व जिले के सभी बांधों, डैमों, पुल-पुलियाओं और राफ्टों का बारीकी से निरीक्षण करने की हिदायत दी गई। कलेक्टर ने कहा कि भारी बारिश के दौरान जिन स्थानों पर पानी पुल के ऊपर से बहता है, वहां दोनों ओर तत्काल कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर आवागमन रोका जाए। इसके अलावा, आपातकालीन परिस्थितियों में सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए सक्रिय किए जा रहे जिला कंट्रोल रूम में थाना प्रभारी, सीएमओ, पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों सहित सभी मैदानी अमले के संपर्क नंबर अपडेट रखने के भी निर्देश दिए गए ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल समन्वय स्थापित किया जा सके। वर्षाकाल के दौरान जनस्वास्थ्य, जलभराव और सुरक्षा को लेकर भी बैठक में व्यापक कार्ययोजना बनाई गई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि डायरिया, डेंगू, मलेरिया जैसी जलजनित व मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी रूप से दवा व रसायनों का छिड़काव, औषधि वितरण और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। साथ ही, शहरी क्षेत्रों में जलजमाव को रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था, सड़कों का पैचवर्क कार्य प्राथमिकता से कराने, नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता बेहतर करने तथा तालाब व जलाशयों में चेतावनी बोर्ड लगाने पर बल दिया गया। जनसुरक्षा के मद्देनजर, जिले के सभी जर्जर व खतरनाक भवनों को चिन्हित कर उनके स्वामियों को समय पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भारी बारिश में किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, कलेक्टर श्री पंचोली ने स्वास्थ्य विभाग को सर्पदंश से बचाव और आवश्यक सावधानियों के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्पदंश की घटनाओं की रोकथाम एवं समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला चिकित्सालय में आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं, एंटी-स्नेक वेनम और चिकित्सकों की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराव ने भी लोक निर्माण विभाग तथा सड़क एवं पुल निर्माण से जुड़े अधिकारियों को वर्षा ऋतु के दौरान आवश्यक संसाधनों, प्रकाश व्यवस्था एवं पर्याप्त कर्मचारियों की मुस्तैदी पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या जलभराव की समस्या उत्पन्न होने पर संबंधित विभाग तत्काल पुलिस प्रशासन से समन्वय स्थापित करें, ताकि समय रहते त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके और यातायात व्यवस्था व जनसुरक्षा प्रभावित न हो। कलेक्टर ने जोर देते हुए कहा कि वर्षा पूर्व आपदा प्रबंधन हेतु बचाव एवं राहत का समुचित उपाय किया जाए।
अनूपपुर में आगामी मानसून काल के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला आपदा प्रबंधन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराव की विशेष उपस्थिति में संपन्न हुई। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु में संभावित आपदाओं का समय रहते सटीक आकलन करें तथा बचाव एवं राहत के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों का शीघ्र चिन्हांकन कर आपदा की स्थिति में त्वरित राहत कार्य शुरू करना और जनहानि को रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री वसीम अहमद भट्ट, डिप्टी कलेक्टर श्री कमलेश पुरी, तहसीलदार भू संसाधन एवं प्रबंधन श्री प्रदीप कुमार मोगरे सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी संवेदनशील और संभावित दुर्घटना क्षेत्रों की चिन्हित सूची तैयार की जाए, ताकि आपातकाल में राहत दल बिना समय गंवाए सीधे मौके पर पहुंच सकें। इसके साथ ही निर्माण विभाग के अधिकारियों को वर्षा से पूर्व जिले के सभी बांधों, डैमों, पुल-पुलियाओं और राफ्टों का बारीकी से निरीक्षण करने की हिदायत दी गई। कलेक्टर ने कहा कि भारी बारिश के दौरान जिन स्थानों पर पानी पुल के ऊपर से बहता है, वहां दोनों ओर तत्काल कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर आवागमन रोका जाए। इसके अलावा, आपातकालीन परिस्थितियों में सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए सक्रिय किए जा रहे जिला कंट्रोल रूम में थाना प्रभारी, सीएमओ, पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों सहित सभी मैदानी अमले के संपर्क नंबर अपडेट रखने के भी निर्देश दिए गए ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल समन्वय स्थापित किया जा सके। वर्षाकाल के दौरान जनस्वास्थ्य, जलभराव और सुरक्षा को लेकर भी बैठक में व्यापक कार्ययोजना बनाई गई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि डायरिया, डेंगू, मलेरिया जैसी जलजनित व मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी रूप से दवा व रसायनों का छिड़काव, औषधि वितरण और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। साथ ही, शहरी क्षेत्रों में जलजमाव को रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था, सड़कों का पैचवर्क कार्य प्राथमिकता से कराने, नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता बेहतर करने तथा तालाब व जलाशयों में चेतावनी बोर्ड लगाने पर बल दिया गया। जनसुरक्षा के मद्देनजर, जिले के सभी जर्जर व खतरनाक भवनों को चिन्हित कर उनके स्वामियों को समय पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भारी बारिश में किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, कलेक्टर श्री पंचोली ने स्वास्थ्य विभाग को सर्पदंश से बचाव और आवश्यक सावधानियों के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्पदंश की घटनाओं की रोकथाम एवं समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला चिकित्सालय में आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं, एंटी-स्नेक वेनम और चिकित्सकों की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराव ने भी लोक निर्माण विभाग तथा सड़क एवं पुल निर्माण से जुड़े अधिकारियों को वर्षा ऋतु के दौरान आवश्यक संसाधनों, प्रकाश व्यवस्था एवं पर्याप्त कर्मचारियों की मुस्तैदी पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या जलभराव की समस्या उत्पन्न होने पर संबंधित विभाग तत्काल पुलिस प्रशासन से समन्वय स्थापित करें, ताकि समय रहते त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके और यातायात व्यवस्था व जनसुरक्षा प्रभावित न हो। कलेक्टर ने जोर देते हुए कहा कि वर्षा पूर्व आपदा प्रबंधन हेतु बचाव एवं राहत का समुचित उपाय किया जाए।
- भारतीय जनता पार्टी की सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार, तानाशाही, पेपर लीक और बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी की जिला इकाई ने अनूपपुर जिला मुख्यालय में 'हल्लाबोल' प्रदर्शन किया। अमरकंटक चौक से शंकर मंदिर चौक होते हुए इंदिरा तिराहा तक निकाले गए इस मार्च में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जोन प्रभारी रामकृपाल आर्मो ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पूरा देश महंगाई और भ्रष्टाचार से त्रस्त है, और बिना रिश्वत के तहसील से थाने तक कोई काम नहीं होता, आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जनता को लूटने का लाइसेंस दे रखा है। जिला अध्यक्ष संदीप पडवार ने मोदी सरकार पर जनता के साथ धोखा करने का आरोप लगाया, citing gas सिलेंडर की कीमत 1180 रुपये, पेट्रोल-डीजल के दाम सौ रुपये के पार और बिजली 8.35 रुपये प्रति यूनिट पहुंचने का जिक्र किया, जिससे गरीब की थाली से दाल-सब्जी गायब हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में जनता इस तानाशाही का मुंहतोड़ जवाब देगी। प्रदेश सचिव लक्ष्मीकांत त्रिपाठी ने NEET घोटाले को लेकर तीखा हमला करते हुए कहा कि NEET का पेपर 30 लाख रुपये में बिका है, और मध्यप्रदेश व्यापमं से लेकर NEET तक हर परीक्षा में घोटाला हुआ है। उन्होंने इस मामले में उच्च स्तरीय CBI जांच और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की, यह कहते हुए कि युवाओं का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। संगठन मंत्री इसराज मंसूरी ने जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिले में कानून व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो चुकी है, अपराध बढ़ रहे हैं और पुलिस सिर्फ तमाशा देख रही है। उन्होंने बिजुरी में नाबालिग के एक मामले में पुलिस की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए रेत-कोयला माफिया को पुलिस का संरक्षण प्राप्त होने का आरोप भी लगाया। किसान विंग के जिला अध्यक्ष अमर गुप्ता ने किसानों की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार में खाद-बीज की भारी किल्लत है, किसानों को समय पर खाद-बीज नहीं मिल पा रहा है, और DAP 1400 रुपये में ब्लैक हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं मिल रहा है, दूध पर MSP लागू नहीं है, जिसके कारण किसान कर्ज में डूबकर आत्महत्या कर रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन में प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें NEET व पटवारी घोटाले की CBI जांच, गैस सिलेंडर 450 रुपये में उपलब्ध कराना, 200 यूनिट बिजली मुफ्त देना, किसानों को खाद-बीज आधे दाम पर उपलब्ध कराना और जिले में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर रोक लगाना शामिल था। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष एवं शहडोल जोन प्रभारी रामकृपाल सिंह आर्मो, जिला अध्यक्ष संदीप पडवार, संगठन मंत्री मो. इसराज मंसूरी, प्रदेश संयुक्त सचिव शिक्षा विंग अजय शर्मा, प्रदेश संयुक्त सचिव किसान विंग समयलाल चंद्रवंशी, प्रदेश संयुक्त सचिव ओबीसी विंग योगेश कुमार सोनी, किसान विंग जिला अध्यक्ष अमर गुप्ता, जिला अध्यक्ष SC विंग धर्मदास चौधरी, महिला विंग जिला अध्यक्ष शकुंतला केवट, महिला विंग जिला उपाध्यक्ष विद्यावती पनिका, जिला सचिव संजय राठौर, यूथ विंग जिला उपाध्यक्ष चक्रमणी सोनी, सक्रिय कार्यकर्ता राहुल सोनी, मीडिया सह प्रभारी श्रीकांत यादव, जिला संयुक्त सचिव देवेंद्र ओलाड़ी, सक्रिय कार्यकर्ता हरिश्चंद्र कुशवाहा, तेजू केवट और रमेश गुप्ता सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एक डिप्टी कलेक्टर को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।1
- Post by Rakesh Singh Aarmo1
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- शारदा ओसीएम में ग्रामीणों ने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विरोध में शामिल 25 लोगों के खिलाफ इस्तगासा दर्ज किया है।1
- आज पेंड्रा रोड में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ धूप खिली होने के बावजूद बारिश का माहौल बनता दिखा। दोपहर 3:35 बजे की जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में इस वक्त बारिश हो रही है और आगे भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है।1
- आज, श्री राम रक्तदान समिति के सदस्य ने एक गंभीर किडनी फेल मरीज जसप्रीत कौर को जीवन देने का अमूल्य प्रयास किया। जसप्रीत कौर को डायलिसिस के दौरान बुराढ़ से शहडोल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, और उन्हें ए पॉजिटिव रक्त की अत्यंत आवश्यकता थी। इस महत्वपूर्ण समय में, रक्तवीर नरेश जी ने आगे आकर रक्तदान किया, जिससे मरीज को अमूल्य सहायता मिली। समिति ने इस प्रयास को महादान बताया, यह संदेश देते हुए कि रक्तदान करने से एक अच्छा अनुभव प्राप्त होता है।2
- अनूपपुर में आगामी मानसून काल के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला आपदा प्रबंधन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराव की विशेष उपस्थिति में संपन्न हुई। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु में संभावित आपदाओं का समय रहते सटीक आकलन करें तथा बचाव एवं राहत के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों का शीघ्र चिन्हांकन कर आपदा की स्थिति में त्वरित राहत कार्य शुरू करना और जनहानि को रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री वसीम अहमद भट्ट, डिप्टी कलेक्टर श्री कमलेश पुरी, तहसीलदार भू संसाधन एवं प्रबंधन श्री प्रदीप कुमार मोगरे सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी संवेदनशील और संभावित दुर्घटना क्षेत्रों की चिन्हित सूची तैयार की जाए, ताकि आपातकाल में राहत दल बिना समय गंवाए सीधे मौके पर पहुंच सकें। इसके साथ ही निर्माण विभाग के अधिकारियों को वर्षा से पूर्व जिले के सभी बांधों, डैमों, पुल-पुलियाओं और राफ्टों का बारीकी से निरीक्षण करने की हिदायत दी गई। कलेक्टर ने कहा कि भारी बारिश के दौरान जिन स्थानों पर पानी पुल के ऊपर से बहता है, वहां दोनों ओर तत्काल कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर आवागमन रोका जाए। इसके अलावा, आपातकालीन परिस्थितियों में सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए सक्रिय किए जा रहे जिला कंट्रोल रूम में थाना प्रभारी, सीएमओ, पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों सहित सभी मैदानी अमले के संपर्क नंबर अपडेट रखने के भी निर्देश दिए गए ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल समन्वय स्थापित किया जा सके। वर्षाकाल के दौरान जनस्वास्थ्य, जलभराव और सुरक्षा को लेकर भी बैठक में व्यापक कार्ययोजना बनाई गई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि डायरिया, डेंगू, मलेरिया जैसी जलजनित व मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी रूप से दवा व रसायनों का छिड़काव, औषधि वितरण और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। साथ ही, शहरी क्षेत्रों में जलजमाव को रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था, सड़कों का पैचवर्क कार्य प्राथमिकता से कराने, नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता बेहतर करने तथा तालाब व जलाशयों में चेतावनी बोर्ड लगाने पर बल दिया गया। जनसुरक्षा के मद्देनजर, जिले के सभी जर्जर व खतरनाक भवनों को चिन्हित कर उनके स्वामियों को समय पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भारी बारिश में किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, कलेक्टर श्री पंचोली ने स्वास्थ्य विभाग को सर्पदंश से बचाव और आवश्यक सावधानियों के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्पदंश की घटनाओं की रोकथाम एवं समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला चिकित्सालय में आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं, एंटी-स्नेक वेनम और चिकित्सकों की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराव ने भी लोक निर्माण विभाग तथा सड़क एवं पुल निर्माण से जुड़े अधिकारियों को वर्षा ऋतु के दौरान आवश्यक संसाधनों, प्रकाश व्यवस्था एवं पर्याप्त कर्मचारियों की मुस्तैदी पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या जलभराव की समस्या उत्पन्न होने पर संबंधित विभाग तत्काल पुलिस प्रशासन से समन्वय स्थापित करें, ताकि समय रहते त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके और यातायात व्यवस्था व जनसुरक्षा प्रभावित न हो। कलेक्टर ने जोर देते हुए कहा कि वर्षा पूर्व आपदा प्रबंधन हेतु बचाव एवं राहत का समुचित उपाय किया जाए।1