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सूरत-गोडोदरा में घनश्याम दास जी महाराज का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर आयोजित गौ माता कार्यक्रम में राजपुरोहित समाज के लोग बड़ी संख्या में उमड़ पड़े, जिससे कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण माहौल देखा गया।
रमेश सिंह
सूरत-गोडोदरा में घनश्याम दास जी महाराज का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर आयोजित गौ माता कार्यक्रम में राजपुरोहित समाज के लोग बड़ी संख्या में उमड़ पड़े, जिससे कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण माहौल देखा गया।
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- सापला में श्री केशव गोपाल मंदिर का भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह बड़े ही धूमधाम और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और जनप्रतिनिधि शामिल हुए, जिससे पूरा सापला गांव गोपाल महाराज के जयकारों से गूंज उठा। समारोह के दौरान भव्य शिला पूजन, एक विशेष शिला भ्रमण यात्रा और शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कई जनप्रतिनिधियों ने मंदिर निर्माण के लिए सहयोग राशि की घोषणा भी की। आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण गोमती सागर पर काशी विश्वनाथ की तर्ज पर आयोजित भव्य महाआरती रही, जिसे देखने के लिए प्रदेश सहित देशभर से श्रद्धालु सापला पहुंचे। ड्रोन से हुई पुष्पवर्षा, ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस आध्यात्मिक महोत्सव में संत समागम, सम्मान समारोह और महाप्रसादी का भी आयोजन किया गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस जाब्ता भी तैनात रहा। यह महोत्सव क्षेत्र के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में से एक रहा।1
- अजमेर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के घूघरा स्थित हनुमान नगर में अज्ञात चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। घटना उस वक्त हुई जब मकान मालिक अपने पिता का इलाज करवाने के लिए जयपुर गए हुए थे। इसी दौरान, चोरों ने घर के मुख्य ताले तोड़े और अंदर घुसकर तीन कमरों की तलाशी ली, जहां उन्होंने अलमारियां खंगाल डालीं। घर लौटने पर मकान मालिक को अपना सारा सामान बिखरा हुआ मिला और पता चला कि उनके कीमती जेवरात गायब थे। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) और एमओबी (MOB) टीम भी बुलाई गई, जिन्होंने महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठा किए। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या लगातार बढ़ रही चोरी की इन घटनाओं पर लगाम लग पाएगी।1
- अजमेर में एक बार फिर चेन स्नैचिंग की घटना सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के नगर निगम के पास एक्टिवा स्कूटर पर जा रही एक महिला के गले से बाइक सवार बदमाश ने लगभग 10 ग्राम वजनी सोने की चेन झपट्टकर छीन ली और मौके से फरार हो गया। पीड़िता ने अपने पति के साथ आरोपी का पीछा भी किया, लेकिन बदमाश अग्रसेन गेट की ओर भागने में सफल रहा। बताया गया है कि आरोपी बिना नंबर प्लेट की बाइक पर था। इस वारदात के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इलाके के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या अजमेर में चेन स्नैचरों का कोई गिरोह सक्रिय हो गया है।1
- ब्यावर में वीर हिन्दू आर्मी ने मालवा क्षेत्र के 14 गौरक्षकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के मामले में मानवीय आधार पर राहत और पुनर्विचार की मांग करते हुए महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया है। संगठन के संस्थापक पंकज वर्मा के नेतृत्व में भेजे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि भारत में गौमाता करोड़ों लोगों की आस्था, सनातन संस्कृति और भारतीय सभ्यता का महत्वपूर्ण प्रतीक है। ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया गया कि 14 गौरक्षकों को आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद देशभर के गौभक्तों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों में चिंता एवं पीड़ा का माहौल है। वीर हिन्दू आर्मी ने न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हुए भी मामले के मानवीय, सामाजिक एवं परिस्थितिजन्य पहलुओं पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता जताई। संगठन के अनुसार, संबंधित गौरक्षकों के परिवार, जिनमें उनके माता-पिता, पत्नी, बच्चे एवं अन्य आश्रितजन शामिल हैं, इस समय आर्थिक, सामाजिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं और अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। इसलिए मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से इस प्रकरण की समीक्षा आवश्यक है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि भारतीय संविधान न्याय, दया, करुणा और मानव गरिमा के मूल्यों पर आधारित है, और इसमें विशेष परिस्थितियों में मानवीय आधार पर राहत प्रदान करने के संवैधानिक प्रावधान मौजूद हैं। वीर हिन्दू आर्मी ने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि मालवा के 14 गौरक्षकों के मामले की निष्पक्ष एवं समुचित समीक्षा कराई जाए, और यदि संवैधानिक व विधिक प्रावधानों के तहत संभव हो तो दया याचिका, सजा में कमी अथवा अन्य उपयुक्त राहत पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी न्यायिक निर्णय पर टिप्पणी करना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों की पीड़ा को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचाना है। इस अवसर पर मुकेश मानी, सुनील पालड़चा, शिवराज पांचरी, मनीष सिंह रावत, मयंक सेन सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी ज्ञापन का समर्थन किया, और संगठन ने इस विषय पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सकारात्मक निर्णय लिए जाने की आशा व्यक्त की है।1
- नागौर में पुलिस अधीक्षक (ASP) आशा राम चौधरी के निर्देश पर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 01 जून 2026 से 21 जून 2026 तक यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 5491 वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) के तहत चालान किए गए हैं। पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में बिना हेलमेट के 1241 चालान, बिना सीट बेल्ट के 484, मोबाइल फोन का उपयोग करते पाए जाने पर 7, ओवरलोड सवारी के लिए 183, काली फिल्म लगे वाहनों के 818, और बिना नंबर प्लेट वाले 703 वाहनों के चालान किए गए। इसके अतिरिक्त, वाहनों की संरचना में अवैध परिवर्तन या मॉडिफाइड वाहनों के 78, तथा वाहनों पर अनाधिकृत शब्दों या चिन्हों के अंकन के 78 चालान भी हुए। शराब पीकर वाहन चलाने वाले 189 चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके वाहन जब्त किए गए। अन्य विभिन्न उल्लंघनों के लिए 645 चालान किए गए। नागौर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सुरक्षित यात्रा स्वयं और अपने परिवार की जिम्मेदारी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि सड़क पर थोड़ी सी भी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। यह विशेष अभियान सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से लगातार जारी रहेगा।3
- नागौर के जसवंताबाद ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की गई, जहाँ 20 वर्ष से लंबित 20 परिवारों के 400 बीघा भूमि विवाद का निस्तारण किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार और नायब तहसीलदार प्रेम कुमार रेबाना ने की, और इसमें ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। नायब तहसीलदार प्रेम कुमार रेबाना ने बताया कि यह मामला कई वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन था, जिसे शिविर में परिवार के सभी सदस्यों की आपसी सहमति और बातचीत से सुलझाया गया। इस निर्णय से संबंधित परिवारों को बड़ी राहत मिली, जिन्होंने प्रशासन का आभार व्यक्त किया। शिविर प्रभारी जगदीश माली के अनुसार, इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना और वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण करना था। इस पहल में कुल 22 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। राजस्व विभाग ने 10 बंटवारा प्रकरणों का निस्तारण किया और 40 नाम शुद्धिकरण किए। पंचायत विभाग को जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण सहित 30 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, साथ ही 13 से अधिक पट्टों का वितरण किया गया और 20 से अधिक नए जॉब कार्ड जारी किए गए। लेखा एवं प्रमाण-पत्र शाखा द्वारा 30 जाति प्रमाण पत्र और 40 मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए। राशन विभाग को 20 से अधिक आवेदन मिले, जबकि विद्युत विभाग में 10 नए आवेदनों का पंजीकरण हुआ। आयुर्वेद विभाग ने 70 रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और सहकारी बैंक ने 50 नए आवेदन स्वीकार किए। पशुपालन विभाग ने 600 से अधिक पशुओं को दवाइयाँ वितरित कीं। शिक्षा विभाग ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और संबंधित मामलों का निस्तारण किया। जलदाय विभाग को पाँच नए आवेदन प्राप्त हुए, वहीं कृषि विभाग ने किसानों को 250 से अधिक मिनीकिट बांटे। इस शिविर में प्रशासक संतोष बाना, सरपंच प्रतिनिधि रामावतार बाना, ग्राम विकास अधिकारी आकाश तिवाड़ी, पटवारी चेनाराम बोराणिया, रामस्वरूप खालिया, कृषि सुपरवाइजर सुखाराम, चिकित्सा विभाग से सुमित कंवर, विद्युत विभाग से योगेंद्र सिंह और मंछीराम देवासी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने वर्षों से लंबित मामलों के समाधान पर संतोष व्यक्त करते हुए शिविर की व्यवस्थाओं की सराहना की।1
- मालवा क्षेत्र के 14 गौरक्षकों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इस फैसले के बाद, 'वीर हिन्दू आर्मी' नामक संगठन ने देश के राष्ट्रपति से इन गौरक्षकों को मिली उम्रकैद की सजा माफ करने की गुहार लगाई है।1
- ब्यावर शहर से जुड़ी खबरें अब 'बात आपकी आवाज इंडिया न्यूज़' चैनल पर देखी जा सकेंगी। चैनल के संपादक साबुद्दीन खानभुट्टा ने जानकारी दी है कि मेड़तिया लौहार द्वारा ब्यावर की खबरें वीडियो फॉर्मेट में सुबह और शाम प्रसारित की जाएंगी।1
- ग्राम पंचायत फतेहगढ़ में बस स्टेशन से गांव के भीतर जाने वाले मुख्य मार्ग पर एक बेहद खतरनाक लापरवाही सामने आई है। सड़क के ठीक किनारे एक गहरा और खुला गड्ढा है, जो नाली या पुलिया का हिस्सा बताया जा रहा है। पंकज बाफना के अनुसार, यह गड्ढा इस वक्त गंदगी और दलदली कीचड़ से भरा हुआ है, जिससे कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। इसी मुख्य रास्ते से रोजाना भारी संख्या में मासूम स्कूली बच्चे आते-जाते हैं, जिनकी जिंदगी इस जानलेवा गड्ढे के कारण दांव पर लगी हुई है। सड़क और गड्ढे के बीच सुरक्षा के नाम पर कोई मजबूत दीवार या बैरिकेडिंग नहीं है, केवल एक छोटा सा पिलर खड़ा है जो महज खानापूर्ति है। स्कूल की छुट्टी के समय बच्चों की भारी भीड़ के दौरान, सामने से किसी वाहन के आने पर जरा सी भी चूक किसी बच्चे को इस गहरे दलदल में धकेल सकती है। इसके अतिरिक्त, मुख्य मार्ग होने के कारण लगातार भारी वाहनों के गुजरने से गड्ढे के आसपास की मिट्टी नीचे धंस रही है, जिससे सड़क का यह हिस्सा और भी ज्यादा खोखला तथा खतरनाक हो चुका है। इस गड्ढे में हफ्तों से पानी ठहरा हुआ है, जिससे सड़े हुए पानी की वजह से क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और संक्रामक बीमारियां फैलने का डर सता रहा है। स्थानीय निवासियों और अभिभावकों में ग्राम पंचायत प्रशासन तथा संबंधित आला अधिकारियों के प्रति गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने पुरजोर मांग की है कि किसी मासूम की जान जाने का इंतजार किए बिना, इस 'मौत के कुएं' को तुरंत दुरुस्त किया जाए और यहाँ मजबूत पक्की दीवार या बैरिकेडिंग का निर्माण करवाया जाए। उनका कहना है कि प्रशासन की इस पर 'मौन' स्थिति गंभीर चिंता का विषय है।1