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नागौर के जसवंताबाद ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की गई, जहाँ 20 वर्ष से लंबित 20 परिवारों के 400 बीघा भूमि विवाद का निस्तारण किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार और नायब तहसीलदार प्रेम कुमार रेबाना ने की, और इसमें ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। नायब तहसीलदार प्रेम कुमार रेबाना ने बताया कि यह मामला कई वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन था, जिसे शिविर में परिवार के सभी सदस्यों की आपसी सहमति और बातचीत से सुलझाया गया। इस निर्णय से संबंधित परिवारों को बड़ी राहत मिली, जिन्होंने प्रशासन का आभार व्यक्त किया। शिविर प्रभारी जगदीश माली के अनुसार, इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना और वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण करना था। इस पहल में कुल 22 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। राजस्व विभाग ने 10 बंटवारा प्रकरणों का निस्तारण किया और 40 नाम शुद्धिकरण किए। पंचायत विभाग को जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण सहित 30 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, साथ ही 13 से अधिक पट्टों का वितरण किया गया और 20 से अधिक नए जॉब कार्ड जारी किए गए। लेखा एवं प्रमाण-पत्र शाखा द्वारा 30 जाति प्रमाण पत्र और 40 मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए। राशन विभाग को 20 से अधिक आवेदन मिले, जबकि विद्युत विभाग में 10 नए आवेदनों का पंजीकरण हुआ। आयुर्वेद विभाग ने 70 रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और सहकारी बैंक ने 50 नए आवेदन स्वीकार किए। पशुपालन विभाग ने 600 से अधिक पशुओं को दवाइयाँ वितरित कीं। शिक्षा विभाग ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और संबंधित मामलों का निस्तारण किया। जलदाय विभाग को पाँच नए आवेदन प्राप्त हुए, वहीं कृषि विभाग ने किसानों को 250 से अधिक मिनीकिट बांटे। इस शिविर में प्रशासक संतोष बाना, सरपंच प्रतिनिधि रामावतार बाना, ग्राम विकास अधिकारी आकाश तिवाड़ी, पटवारी चेनाराम बोराणिया, रामस्वरूप खालिया, कृषि सुपरवाइजर सुखाराम, चिकित्सा विभाग से सुमित कंवर, विद्युत विभाग से योगेंद्र सिंह और मंछीराम देवासी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने वर्षों से लंबित मामलों के समाधान पर संतोष व्यक्त करते हुए शिविर की व्यवस्थाओं की सराहना की।

1 hr ago
user_Vishnaram saini
Vishnaram saini
Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
1 hr ago

नागौर के जसवंताबाद ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की गई, जहाँ 20 वर्ष से लंबित 20 परिवारों के 400 बीघा भूमि विवाद का निस्तारण किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार और नायब तहसीलदार प्रेम कुमार रेबाना ने की, और इसमें ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। नायब तहसीलदार प्रेम कुमार रेबाना ने बताया कि यह मामला कई वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन था, जिसे शिविर में परिवार के सभी सदस्यों की आपसी सहमति और बातचीत से सुलझाया गया। इस निर्णय से संबंधित परिवारों को बड़ी राहत मिली, जिन्होंने प्रशासन का आभार व्यक्त किया। शिविर प्रभारी जगदीश माली के अनुसार, इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना और वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण करना था। इस पहल में कुल 22 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। राजस्व विभाग ने 10 बंटवारा प्रकरणों का निस्तारण किया और 40 नाम शुद्धिकरण किए। पंचायत विभाग को जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण सहित 30 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, साथ ही 13 से अधिक पट्टों का वितरण किया गया और 20 से अधिक नए जॉब कार्ड जारी किए गए। लेखा एवं प्रमाण-पत्र शाखा द्वारा 30 जाति प्रमाण पत्र और 40 मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए। राशन विभाग को 20 से अधिक आवेदन मिले, जबकि विद्युत विभाग में 10 नए आवेदनों का पंजीकरण हुआ। आयुर्वेद विभाग ने 70 रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और सहकारी बैंक ने 50 नए आवेदन स्वीकार किए। पशुपालन विभाग ने 600 से अधिक पशुओं को दवाइयाँ वितरित कीं। शिक्षा विभाग ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और संबंधित मामलों का निस्तारण किया। जलदाय विभाग को पाँच नए आवेदन प्राप्त हुए, वहीं कृषि विभाग ने किसानों को 250 से अधिक मिनीकिट बांटे। इस शिविर में प्रशासक संतोष बाना, सरपंच प्रतिनिधि रामावतार बाना, ग्राम विकास अधिकारी आकाश तिवाड़ी, पटवारी चेनाराम बोराणिया, रामस्वरूप खालिया, कृषि सुपरवाइजर सुखाराम, चिकित्सा विभाग से सुमित कंवर, विद्युत विभाग से योगेंद्र सिंह और मंछीराम देवासी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने वर्षों से लंबित मामलों के समाधान पर संतोष व्यक्त करते हुए शिविर की व्यवस्थाओं की सराहना की।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • नागौर जिले में अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थांवला पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीम बाड़ीघाटी टोल के पास नाकाबंदी कर रही थी, तभी एक संदिग्ध 12 चक्का डम्पर को रोककर उसकी जांच की गई। जांच के दौरान डम्पर चालक बजरी परिवहन से संबंधित ई-रवन्ना या अन्य कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद, पुलिस ने डम्पर की तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में बजरी भरी हुई पाई गई। पुलिस ने तत्काल डम्पर को जब्त कर थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा करवा दिया है और मामले की सूचना अग्रिम कार्रवाई के लिए खनिज विभाग को भी दे दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    नागौर जिले में अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थांवला पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीम बाड़ीघाटी टोल के पास नाकाबंदी कर रही थी, तभी एक संदिग्ध 12 चक्का डम्पर को रोककर उसकी जांच की गई।

जांच के दौरान डम्पर चालक बजरी परिवहन से संबंधित ई-रवन्ना या अन्य कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद, पुलिस ने डम्पर की तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में बजरी भरी हुई पाई गई। पुलिस ने तत्काल डम्पर को जब्त कर थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा करवा दिया है और मामले की सूचना अग्रिम कार्रवाई के लिए खनिज विभाग को भी दे दी है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    43 min ago
  • सूरत-गोडोदरा में घनश्याम दास जी महाराज का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर आयोजित गौ माता कार्यक्रम में राजपुरोहित समाज के लोग बड़ी संख्या में उमड़ पड़े, जिससे कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण माहौल देखा गया।
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    सूरत-गोडोदरा में घनश्याम दास जी महाराज का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर आयोजित गौ माता कार्यक्रम में राजपुरोहित समाज के लोग बड़ी संख्या में उमड़ पड़े, जिससे कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण माहौल देखा गया।
    user_रमेश सिंह
    रमेश सिंह
    Merta, Nagaur•
    1 hr ago
  • अजमेर जिले के पीसांगन पुलिस थाना ने चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से लगभग ₹3 लाख मूल्य का चोरी का माल बरामद किया गया है। पुलिस अधीक्षक अजमेर के निर्देश पर क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी, नकबजनी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए यह कार्रवाई की गई। घटना 6 अप्रैल 2026 की है, जब ग्राम मोवडिया, थाना पीसांगन निवासी रामस्वरूप पुत्र मांगीलाल रैगर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोर उनके मकान से सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी कर ले गए हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस थाना पीसांगन में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र के जरिए जांच करते हुए रोड मोहल्ला मेवड़िया, थाना पीसांगन निवासी 65 वर्षीय रामस्वरूप पुत्र भोजूजी रैगर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने घर में घुसकर चोरी की वारदात को कबूल किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक जोड़ी चांदी की पायजेब, चांदी की पातला जोड़ी, चांदी की पट्टी, चांदी की अंगूठियां, चांदी की बिछुड़ियां, चांदी के सिक्के और सोने के आभूषण बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹3 लाख बताई गई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुरेश चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम के एएसआई, कांस्टेबल सहित अन्य जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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    अजमेर जिले के पीसांगन पुलिस थाना ने चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से लगभग ₹3 लाख मूल्य का चोरी का माल बरामद किया गया है। पुलिस अधीक्षक अजमेर के निर्देश पर क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी, नकबजनी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए यह कार्रवाई की गई।

घटना 6 अप्रैल 2026 की है, जब ग्राम मोवडिया, थाना पीसांगन निवासी रामस्वरूप पुत्र मांगीलाल रैगर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोर उनके मकान से सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी कर ले गए हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस थाना पीसांगन में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र के जरिए जांच करते हुए रोड मोहल्ला मेवड़िया, थाना पीसांगन निवासी 65 वर्षीय रामस्वरूप पुत्र भोजूजी रैगर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने घर में घुसकर चोरी की वारदात को कबूल किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक जोड़ी चांदी की पायजेब, चांदी की पातला जोड़ी, चांदी की पट्टी, चांदी की अंगूठियां, चांदी की बिछुड़ियां, चांदी के सिक्के और सोने के आभूषण बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹3 लाख बताई गई है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुरेश चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम के एएसआई, कांस्टेबल सहित अन्य जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
    user_नरेंद्र कुमार आचार्य
    नरेंद्र कुमार आचार्य
    Agricultural service पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • पीसांगन थाना पुलिस ने चोरी के एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है, जहाँ परिवार के मुखिया ने ही अपनी नशे की लत पूरी करने के लिए अपने घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी किया गया पूरा माल बरामद कर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया। थानाधिकारी सरोज चौधरी के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब गत 6 अप्रैल को ताराचंद रेगर निवासी मेवाड़िया, हाल निवासी नयागांव रोड, मेवाड़िया चौराहा, पीसांगन ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि रात को परिवार के सदस्यों के सो जाने के बाद अज्ञात चोरों ने घर में घुसकर स्टील के डिब्बे से ₹60,000 मूल्य की चांदी की पायजेब, ₹90,000 मूल्य की दो सोने की अंगूठी, ₹15,000 मूल्य की आठ बिछिया, ₹6,000 मूल्य की नाक की बाली, ₹18,000 नकद और चांदी के सिक्के चोरी कर लिए। इस संबंध में थाना पीसांगन में प्रकरण संख्या 120/2026, धारा 331(3), 305(ए) बीएनएस 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया। चोरी गए कुल सोने-चांदी के जेवरात और नकदी का मूल्य ₹1.89 लाख बताया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अग्रवाल के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. लालचंद कायल और वृताधिकारी ग्रामीण के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी सरोज चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में थानाधिकारी सरोज चौधरी के अलावा एएसआई फूलसिंह गुर्जर, आत्माराम शेषमा, कांस्टेबल सुखराम सेवदा, भोमाराम चोयल, गोपालराम ख़टखड़ और दिनेश चौधरी शामिल थे। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी। जाँच के दौरान पुलिस टीम को परिवार के मुखिया की गतिविधियाँ संदिग्ध लगीं। एक दिन पहले मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने 65 वर्षीय रामसुख पुत्र भोजूजी निवासी रेगरों का मोहल्ला मेवाड़िया, जो परिवार का मुखिया भी है, को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में रामसुख ने नशे की लत पूरी करने के लिए अपने ही घर से चोरी करने की बात कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गया पूरा माल बरामद कर लिया, जिसमें चांदी की पायजेब, कड़ा, पातड़ी, 5 जोड़ी बिछिया, 2 सिक्के, सोने का मंगलसूत्र, 2 अंगूठी, नाक का कांटा और 2 लॉकेट शामिल हैं।
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    पीसांगन थाना पुलिस ने चोरी के एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है, जहाँ परिवार के मुखिया ने ही अपनी नशे की लत पूरी करने के लिए अपने घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी किया गया पूरा माल बरामद कर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया।

थानाधिकारी सरोज चौधरी के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब गत 6 अप्रैल को ताराचंद रेगर निवासी मेवाड़िया, हाल निवासी नयागांव रोड, मेवाड़िया चौराहा, पीसांगन ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि रात को परिवार के सदस्यों के सो जाने के बाद अज्ञात चोरों ने घर में घुसकर स्टील के डिब्बे से ₹60,000 मूल्य की चांदी की पायजेब, ₹90,000 मूल्य की दो सोने की अंगूठी, ₹15,000 मूल्य की आठ बिछिया, ₹6,000 मूल्य की नाक की बाली, ₹18,000 नकद और चांदी के सिक्के चोरी कर लिए। इस संबंध में थाना पीसांगन में प्रकरण संख्या 120/2026, धारा 331(3), 305(ए) बीएनएस 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया। चोरी गए कुल सोने-चांदी के जेवरात और नकदी का मूल्य ₹1.89 लाख बताया गया है।

जिला पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अग्रवाल के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. लालचंद कायल और वृताधिकारी ग्रामीण के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी सरोज चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में थानाधिकारी सरोज चौधरी के अलावा एएसआई फूलसिंह गुर्जर, आत्माराम शेषमा, कांस्टेबल सुखराम सेवदा, भोमाराम चोयल, गोपालराम ख़टखड़ और दिनेश चौधरी शामिल थे। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी।

जाँच के दौरान पुलिस टीम को परिवार के मुखिया की गतिविधियाँ संदिग्ध लगीं। एक दिन पहले मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने 65 वर्षीय रामसुख पुत्र भोजूजी निवासी रेगरों का मोहल्ला मेवाड़िया, जो परिवार का मुखिया भी है, को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में रामसुख ने नशे की लत पूरी करने के लिए अपने ही घर से चोरी करने की बात कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गया पूरा माल बरामद कर लिया, जिसमें चांदी की पायजेब, कड़ा, पातड़ी, 5 जोड़ी बिछिया, 2 सिक्के, सोने का मंगलसूत्र, 2 अंगूठी, नाक का कांटा और 2 लॉकेट शामिल हैं।
    user_ओमप्रकाश चौधरी
    ओमप्रकाश चौधरी
    पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • अजमेर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के घूघरा स्थित हनुमान नगर में अज्ञात चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। घटना उस वक्त हुई जब मकान मालिक अपने पिता का इलाज करवाने के लिए जयपुर गए हुए थे। इसी दौरान, चोरों ने घर के मुख्य ताले तोड़े और अंदर घुसकर तीन कमरों की तलाशी ली, जहां उन्होंने अलमारियां खंगाल डालीं। घर लौटने पर मकान मालिक को अपना सारा सामान बिखरा हुआ मिला और पता चला कि उनके कीमती जेवरात गायब थे। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) और एमओबी (MOB) टीम भी बुलाई गई, जिन्होंने महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठा किए। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या लगातार बढ़ रही चोरी की इन घटनाओं पर लगाम लग पाएगी।
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    अजमेर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के घूघरा स्थित हनुमान नगर में अज्ञात चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। घटना उस वक्त हुई जब मकान मालिक अपने पिता का इलाज करवाने के लिए जयपुर गए हुए थे। इसी दौरान, चोरों ने घर के मुख्य ताले तोड़े और अंदर घुसकर तीन कमरों की तलाशी ली, जहां उन्होंने अलमारियां खंगाल डालीं।

घर लौटने पर मकान मालिक को अपना सारा सामान बिखरा हुआ मिला और पता चला कि उनके कीमती जेवरात गायब थे। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) और एमओबी (MOB) टीम भी बुलाई गई, जिन्होंने महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठा किए।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या लगातार बढ़ रही चोरी की इन घटनाओं पर लगाम लग पाएगी।
    user_News Daily Hindi
    News Daily Hindi
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • अजमेर में एक बार फिर चेन स्नैचिंग की घटना सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के नगर निगम के पास एक्टिवा स्कूटर पर जा रही एक महिला के गले से बाइक सवार बदमाश ने लगभग 10 ग्राम वजनी सोने की चेन झपट्टकर छीन ली और मौके से फरार हो गया। पीड़िता ने अपने पति के साथ आरोपी का पीछा भी किया, लेकिन बदमाश अग्रसेन गेट की ओर भागने में सफल रहा। बताया गया है कि आरोपी बिना नंबर प्लेट की बाइक पर था। इस वारदात के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इलाके के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या अजमेर में चेन स्नैचरों का कोई गिरोह सक्रिय हो गया है।
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    अजमेर में एक बार फिर चेन स्नैचिंग की घटना सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के नगर निगम के पास एक्टिवा स्कूटर पर जा रही एक महिला के गले से बाइक सवार बदमाश ने लगभग 10 ग्राम वजनी सोने की चेन झपट्टकर छीन ली और मौके से फरार हो गया।

पीड़िता ने अपने पति के साथ आरोपी का पीछा भी किया, लेकिन बदमाश अग्रसेन गेट की ओर भागने में सफल रहा। बताया गया है कि आरोपी बिना नंबर प्लेट की बाइक पर था। इस वारदात के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इलाके के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या अजमेर में चेन स्नैचरों का कोई गिरोह सक्रिय हो गया है।
    user_Prime News Ajmer
    Prime News Ajmer
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • रियाँ बड़ी उपखंड क्षेत्र के ग्राम डुकिया के किसानों ने रेलवे द्वारा किए गए भूमि सर्वे में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उपखंड अधिकारी (एसडीएम) विनीत कुमार सुखाड़िया को एक ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने इस सर्वे की निष्पक्ष जाँच करने, वास्तविक प्रभावित किसानों के लिए पुनः सर्वे कराने और उन्हें न्याय दिलाने की पुरजोर मांग की है। किसानों ने आरोप लगाया है कि रेलवे सर्वे में उन लोगों को भी प्रभावित दर्शाया गया है जिनकी भूमि परियोजना से वास्तव में प्रभावित नहीं हो रही है, जिससे उन्हें अधिक मुआवजा मिलने की संभावना है, जबकि वास्तविक प्रभावित किसान लाभ से वंचित रह रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि गांव के कई व्यक्तियों के कुओं, ट्यूबवेलों और पेड़-पौधों को फर्जी तरीके से सर्वे में शामिल किया गया है। उदाहरण के लिए, कई खेतों में जामुन जैसे पौधे बताए गए हैं जबकि पूरे गांव में जामुन के पेड़ नहीं हैं। किसानों का कहना है कि कुछ लोगों ने सर्वे टीम के साथ मिलीभगत कर अपने खेतों में 20 से 30 फीट गहरे गड्ढे खोदकर पाइपलाइन डाली और उन्हें ट्यूबवेल बताकर लाखों का मुआवजा उठाने की तैयारी कर रहे हैं। किसानों के अनुसार, इससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और वास्तविक प्रभावित लोगों के अधिकारों का हनन हो रहा है। किसानों ने डुकिया गांव में किए गए सर्वे को पुनः कराने की मांग की है ताकि सही स्थिति सामने आ सके। उन्होंने सर्वे में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की भी मांग की है। इसके अतिरिक्त, किसानों ने रेलवे लाइन के कारण खेतों में आने-जाने के रास्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने की भी मांग उठाई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर नागौर और तहसीलदार रियाँ बड़ी को भी भेजी गई है। ज्ञापन सौंपते समय कई किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस मामले में तुरंत जांच की जाएगी और पीड़ित किसानों को न्याय दिलाया जाएगा।
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    रियाँ बड़ी उपखंड क्षेत्र के ग्राम डुकिया के किसानों ने रेलवे द्वारा किए गए भूमि सर्वे में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उपखंड अधिकारी (एसडीएम) विनीत कुमार सुखाड़िया को एक ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने इस सर्वे की निष्पक्ष जाँच करने, वास्तविक प्रभावित किसानों के लिए पुनः सर्वे कराने और उन्हें न्याय दिलाने की पुरजोर मांग की है।

किसानों ने आरोप लगाया है कि रेलवे सर्वे में उन लोगों को भी प्रभावित दर्शाया गया है जिनकी भूमि परियोजना से वास्तव में प्रभावित नहीं हो रही है, जिससे उन्हें अधिक मुआवजा मिलने की संभावना है, जबकि वास्तविक प्रभावित किसान लाभ से वंचित रह रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि गांव के कई व्यक्तियों के कुओं, ट्यूबवेलों और पेड़-पौधों को फर्जी तरीके से सर्वे में शामिल किया गया है। उदाहरण के लिए, कई खेतों में जामुन जैसे पौधे बताए गए हैं जबकि पूरे गांव में जामुन के पेड़ नहीं हैं। किसानों का कहना है कि कुछ लोगों ने सर्वे टीम के साथ मिलीभगत कर अपने खेतों में 20 से 30 फीट गहरे गड्ढे खोदकर पाइपलाइन डाली और उन्हें ट्यूबवेल बताकर लाखों का मुआवजा उठाने की तैयारी कर रहे हैं। किसानों के अनुसार, इससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और वास्तविक प्रभावित लोगों के अधिकारों का हनन हो रहा है।

किसानों ने डुकिया गांव में किए गए सर्वे को पुनः कराने की मांग की है ताकि सही स्थिति सामने आ सके। उन्होंने सर्वे में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की भी मांग की है। इसके अतिरिक्त, किसानों ने रेलवे लाइन के कारण खेतों में आने-जाने के रास्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने की भी मांग उठाई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।

इस ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर नागौर और तहसीलदार रियाँ बड़ी को भी भेजी गई है। ज्ञापन सौंपते समय कई किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस मामले में तुरंत जांच की जाएगी और पीड़ित किसानों को न्याय दिलाया जाएगा।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    46 min ago
  • ग्राम पंचायत फतेहगढ़ में बस स्टेशन से गांव के भीतर जाने वाले मुख्य मार्ग पर एक बेहद खतरनाक लापरवाही सामने आई है। सड़क के ठीक किनारे एक गहरा और खुला गड्ढा है, जो नाली या पुलिया का हिस्सा बताया जा रहा है। पंकज बाफना के अनुसार, यह गड्ढा इस वक्त गंदगी और दलदली कीचड़ से भरा हुआ है, जिससे कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। इसी मुख्य रास्ते से रोजाना भारी संख्या में मासूम स्कूली बच्चे आते-जाते हैं, जिनकी जिंदगी इस जानलेवा गड्ढे के कारण दांव पर लगी हुई है। सड़क और गड्ढे के बीच सुरक्षा के नाम पर कोई मजबूत दीवार या बैरिकेडिंग नहीं है, केवल एक छोटा सा पिलर खड़ा है जो महज खानापूर्ति है। स्कूल की छुट्टी के समय बच्चों की भारी भीड़ के दौरान, सामने से किसी वाहन के आने पर जरा सी भी चूक किसी बच्चे को इस गहरे दलदल में धकेल सकती है। इसके अतिरिक्त, मुख्य मार्ग होने के कारण लगातार भारी वाहनों के गुजरने से गड्ढे के आसपास की मिट्टी नीचे धंस रही है, जिससे सड़क का यह हिस्सा और भी ज्यादा खोखला तथा खतरनाक हो चुका है। इस गड्ढे में हफ्तों से पानी ठहरा हुआ है, जिससे सड़े हुए पानी की वजह से क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और संक्रामक बीमारियां फैलने का डर सता रहा है। स्थानीय निवासियों और अभिभावकों में ग्राम पंचायत प्रशासन तथा संबंधित आला अधिकारियों के प्रति गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने पुरजोर मांग की है कि किसी मासूम की जान जाने का इंतजार किए बिना, इस 'मौत के कुएं' को तुरंत दुरुस्त किया जाए और यहाँ मजबूत पक्की दीवार या बैरिकेडिंग का निर्माण करवाया जाए। उनका कहना है कि प्रशासन की इस पर 'मौन' स्थिति गंभीर चिंता का विषय है।
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    ग्राम पंचायत फतेहगढ़ में बस स्टेशन से गांव के भीतर जाने वाले मुख्य मार्ग पर एक बेहद खतरनाक लापरवाही सामने आई है। सड़क के ठीक किनारे एक गहरा और खुला गड्ढा है, जो नाली या पुलिया का हिस्सा बताया जा रहा है। पंकज बाफना के अनुसार, यह गड्ढा इस वक्त गंदगी और दलदली कीचड़ से भरा हुआ है, जिससे कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।

इसी मुख्य रास्ते से रोजाना भारी संख्या में मासूम स्कूली बच्चे आते-जाते हैं, जिनकी जिंदगी इस जानलेवा गड्ढे के कारण दांव पर लगी हुई है। सड़क और गड्ढे के बीच सुरक्षा के नाम पर कोई मजबूत दीवार या बैरिकेडिंग नहीं है, केवल एक छोटा सा पिलर खड़ा है जो महज खानापूर्ति है। स्कूल की छुट्टी के समय बच्चों की भारी भीड़ के दौरान, सामने से किसी वाहन के आने पर जरा सी भी चूक किसी बच्चे को इस गहरे दलदल में धकेल सकती है। इसके अतिरिक्त, मुख्य मार्ग होने के कारण लगातार भारी वाहनों के गुजरने से गड्ढे के आसपास की मिट्टी नीचे धंस रही है, जिससे सड़क का यह हिस्सा और भी ज्यादा खोखला तथा खतरनाक हो चुका है।

इस गड्ढे में हफ्तों से पानी ठहरा हुआ है, जिससे सड़े हुए पानी की वजह से क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और संक्रामक बीमारियां फैलने का डर सता रहा है। स्थानीय निवासियों और अभिभावकों में ग्राम पंचायत प्रशासन तथा संबंधित आला अधिकारियों के प्रति गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने पुरजोर मांग की है कि किसी मासूम की जान जाने का इंतजार किए बिना, इस 'मौत के कुएं' को तुरंत दुरुस्त किया जाए और यहाँ मजबूत पक्की दीवार या बैरिकेडिंग का निर्माण करवाया जाए। उनका कहना है कि प्रशासन की इस पर 'मौन' स्थिति गंभीर चिंता का विषय है।
    user_KHABRON KA SAFAR NEWS
    KHABRON KA SAFAR NEWS
    Ajmer, Rajasthan•
    1 hr ago
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