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भारत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने की दिशा में अग्रसर है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि 'विक्रम 1' नामक देश के पहले निजी रॉकेट के माध्यम से हासिल की जाएगी, जिसे स्काईरूट द्वारा विकसित किया गया है। इस कदम से भारत वैश्विक अंतरिक्ष विज्ञान में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
Sunil Cgs
भारत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने की दिशा में अग्रसर है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि 'विक्रम 1' नामक देश के पहले निजी रॉकेट के माध्यम से हासिल की जाएगी, जिसे स्काईरूट द्वारा विकसित किया गया है। इस कदम से भारत वैश्विक अंतरिक्ष विज्ञान में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
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- रायगढ़ पुलिस के "ऑपरेशन क्लीन हंट" अभियान के तहत तमनार पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है, जिसके तहत CHP चौक लिबरा हिंसा कांड के मुख्य आरोपी राजेश मरकाम को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आरोपी राजेश मरकाम पुलिस पर प्राणघातक हमला, लूटपाट, आगजनी, बलवा, शासकीय कार्य में बाधा और आर्म्स एक्ट सहित चार गंभीर आपराधिक मामलों में नामजद था और घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, तमनार और पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी राजेश मरकाम ग्राम बरपाली आया हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस के अनुसार, यह घटना दिसंबर 2025 से गारे पेलमा सेक्टर-01 कोयला परियोजना की जनसुनवाई के विरोध में CHP चौक लिबरा में चल रहे धरना-प्रदर्शन और आर्थिक नाकेबंदी से जुड़ी है। 27 दिसंबर 2025 को यह आंदोलन हिंसक हो गया, जिसमें आरोपियों ने भीड़ को उकसाकर पुलिस बल पर लाठी, डंडे, टांगी और पत्थरों से हमला कर दिया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए, शासकीय वॉकी-टॉकी और मोबाइल लूट लिए गए, साथ ही पुलिस और प्रशासन के वाहनों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई। प्लांट में भी बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई थी। इस हिंसक घटना के संबंध में थाना तमनार में कुल 16 अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं। अब तक 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपी राजेश मरकाम थाना तमनार के अपराध क्रमांक 303/2025, 306/2025, 307/2025 और 308/2025 में नामजद था। पूछताछ में उसने आंदोलनकारियों के साथ मिलकर हिंसक घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की। विवेचना के दौरान आंदोलनकारियों को दुष्प्रेरित करने में उसकी भूमिका सामने आने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 49 भी प्रकरण में जोड़ी गई है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।2
- छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को PPP मॉडल पर निजीकरण करने की कथित तैयारियों पर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता विजय केशरवानी ने जनता की गाढ़ी कमाई से बने इस अस्पताल को PPP मॉडल पर सौंपने की सरकार की कोशिशों पर चिंता व्यक्त की है, आरोप है कि सरकार इसे निजी हाथों में देने की तैयारी में है।1
- पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने नगर पंचायत सरगाँव की नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष पूजा कमल कौशिक को उनकी जीत पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। यह जानकारी बुधवार शाम 6:46 बजे बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक के निज सचिव द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति से मिली। पूजा कमल कौशिक नगर पंचायत सरगाँव में भाजपा प्रत्याशी के तौर पर उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुई हैं। इस अवसर पर श्री कौशिक ने ईश्वर से पूजा कमल कौशिक के सफल, यशस्वी और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि जनता जिन उम्मीदों के साथ जनादेश देती है, उन पर पूरी निष्ठा से काम करना सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों का कर्तव्य है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष पूजा कमल का नेतृत्व, समर्पण और जन सेवा का भाव नगर पंचायत सरगाँव में विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करेगा। श्री कौशिक ने आगे कहा कि "ट्रिपल इंजन" सरकार बनने के साथ ही निकायों के अंतर्गत सभी पंचायतों में समुचित विकास लगातार हो रहा है। उन्होंने सभी की सहभागिता से गाँव से लेकर शहर तक विकास की गंगा बहाने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि विष्णु देव साय सरकार के नेतृत्व में नगर पंचायत सरगाँव के चहुंमुखी विकास के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने सरगाँव नगर पंचायत को स्वच्छ और सुंदर बनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इस कार्य के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।1
- बेमेतरा जिले के खम्हरिया थाना क्षेत्र में पुलिस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सोने की चेन लूटने और लूटी गई संपत्ति खरीदने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लगभग 3 तोला 20 मिलीग्राम वजनी सोने की चेन बरामद की है, जिसकी कीमत करीब 3,60,000/- रुपये बताई जा रही है। यह मामला तब सामने आया जब गढ़ुवा निवासी 70 वर्षीय प्रार्थीया पार्वती लोधी ने 01.07.2026 को शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 30.06.2026 को दोपहर 12 बजे जब वह अपने घर के बाड़ी में बोर चालू करके नहा रही थीं, तभी गांव का भुलउ नाउ उनके घर में घुसकर हाथ धोने के लिए पानी मांगने लगा। पानी देने के बाद उसने कोई कपड़ा उनके मुंह पर फेंका और सिर व पीठ पर मारपीट कर उन्हें गिरा दिया, जिससे वे कुछ क्षण के लिए अचेत हो गईं। इसी दौरान आरोपी ने उनके गले में पहनी तीन तोले की सोने की चेन खींचकर फरार हो गया। इस रिपोर्ट पर धारा 309(6) और 331(2) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। घटना के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया, जिसके बाद पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश यादव और एसडीओपी बेमेतरा श्री भूषण एक्का के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी खम्हरिया उप निरीक्षक ओंकार साहू को स्टाफ के साथ विवेचना में लगाया गया। विवेचना के दौरान, गढ़ुवा निवासी आरोपी भुलउ सेन (उम्र 19 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसने लूटी गई सोने की चेन को देवरबीजा निवासी धर्मेन्द्र निर्मलकर को गिरवी रखकर 5,000/- रुपये लिए थे, जिसे उसने दोस्तों के साथ खाने-पीने में खर्च कर दिया। इस प्रकरण में लूटी गई संपत्ति खरीदने के आरोप में धर्मेन्द्र निर्मलकर के विरुद्ध धारा 317(2) भी जोड़ी गई। दोनों आरोपियों की संयुक्त पेशी पर लूटी गई करीब 3 तोला 20 मिलीग्राम सोने की चेन, जिसकी कीमत 3,60,000/- रुपये है, जब्त कर बरामद कर ली गई। आरोपी आनंद सेन उर्फ भुलउ (पिता छगन लाल सेन, उम्र 19 वर्ष, निवासी गढ़ुवा) और धर्मेन्द्र निर्मलकर (पिता हेमंत निर्मलकर, उम्र 18 वर्ष, निवासी देवरबीजा) को 01.07.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में न्यायिक रिमांड पर प्रस्तुत किया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी खम्हरिया उप निरीक्षक ओंकार साहू, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक सुरेश चौहान, आरक्षक अशरफी खान, बलदेव निषाद, मुकेश चंद्रवंशी सहित अन्य खम्हरिया स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- गरियाबंद पुलिस ने अवैध गांजा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चार अलग-अलग मामलों में कुल 81.374 किलोग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 40 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके अतिरिक्त, अभियान में दो कार, दो मोटरसाइकिल और तेरह मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। यह संयुक्त कार्रवाई देवभोग, इंदागांव और पायलीखंड थाना पुलिस द्वारा मिलकर अंजाम दी गई। अब गरियाबंद पुलिस इस पूरे तस्करी नेटवर्क की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।1
- ग्राम गोंडा बरबसपुर में एक गुमशुदा बैल मिला है। जानकारी के अनुसार, इस बैल की नीलामी सरपंच के माध्यम से की जा चुकी है। बैल के असली मालिक से अनुरोध किया गया है कि वे ग्राम गोंडा बरबसपुर आकर भुगतान करें और अपने बैल को वापस ले जाएं।1
- अदन की खाड़ी में भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस त्रिकंड ने समुद्री डकैती के एक प्रयास को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। समुद्री डाकू एक भारतीय जहाज पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद आईएनएस त्रिकंड के मार्कोज कमांडो ने अपना 'तांडव' दिखाते हुए इस कोशिश को विफल कर दिया।1
- रायगढ़ पुलिस के "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत मानव तस्करी के एक सनसनीखेज मामले में बड़ी सफलता मिली है। धरमजयगढ़ पुलिस ने करीब चार वर्षों से फरार चल रहे आरोपी रामा चौहान को जशपुर जिले के ग्राम जोराडोल से गिरफ्तार किया। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। यह मामला वर्ष 2022 का है जब थाना धरमजयगढ़ क्षेत्र की एक 17 वर्षीय बालिका के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बालिका को मध्य प्रदेश के अनुपपुर में ट्रेन से दो संदिग्धों के साथ बरामद किया था। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी हीरालाल चौहान, देवलाल तिग्गा, रामपाल यादव और रामा चौहान ने मिलकर बालिका को बहला-फुसलाकर राजस्थान ले जाने और शादी कराने के नाम पर ₹20 हजार में बेचने की साजिश रची थी। इस मामले में पुलिस ने अपहरण, अवैध बंधक बनाने, मानव तस्करी और आपराधिक षड्यंत्र सहित गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया था। वर्ष 2022 में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जबकि रामा चौहान लगातार फरार चल रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत मिली सूचना पर, धरमजयगढ़ पुलिस ने थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े के नेतृत्व में दबिश देकर आरोपी रामा चौहान को उसके गृहग्राम जोराडोल (जशपुर) से दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा और "ऑपरेशन क्लीन हंट" के माध्यम से वर्षों से फरार अपराधियों को भी गिरफ्तार कर कानून के कटघरे में लाया जा रहा है।1
- बेमेतरा जिले के देवरबीजा चौकी अंतर्गत आबादीपारा निवासी रोमन पाण्डेय (36) ने 30 जून 2026 को एक रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने बताया कि 29 जून 2026 की शाम मंदिर की पूजा के बाद वे अन्नपूर्णा कृषि केंद्र देवरबीजा के पास बैठे थे। तभी रात करीब 8:30 बजे कोदवा की तरफ से तेज गति से आ रही एक पिकअप को उन्होंने रोका। वाहन (क्रमांक सीजी-09-जे.टी.-6387) के डाले में 5 बछड़े निर्दयतापूर्वक ठूंस-ठूंसकर भरे हुए थे, जिन्हें न चारा दिया गया था और न पानी, जिससे वे भूखे-प्यासे शारीरिक पीड़ा और यातना झेल रहे थे। पिकअप के अंदर बैठे चार लोगों से पूछताछ करने पर गौवंश मालिक ने अपना नाम बलराम वर्मा, ग्राम दैहानडीह, थाना सहसपुर लोहारा, जिला कबीरधाम बताया। अन्य तीन लोगों ने अपने नाम होम सिंह वर्मा (आमगांव स. लोहारा), घुर सिंह वर्मा और राजेंद्र वर्मा (दोनों ग्राम दैहानडीह स. लोहारा, जिला कबीरधाम से) बताए। ये सभी गौवंश को कत्ल करने के लिए कत्लखाना ले जा रहे थे। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परीक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 (क) (घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दिए जाने पर पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश कुमार यादव एवं एसडीओपी बेमेतरा श्री भूषण एक्का के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी देवरबीजा उप निरीक्षक योगेश अग्रवाल को चौकी स्टाफ के साथ अपराध विवेचना हेतु लगाया गया। विवेचना के दौरान 5 बछड़ों और घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन क्रमांक सीजी-09-जे.टी.-6387 को जब्त किया गया। इस प्रकरण में सभी चारों आरोपी बलराम वर्मा (49, निवासी ग्राम दैहहानडीह), होम सिंह वर्मा (45, निवासी आमगांव), घुर सिंह वर्मा (30, निवासी ग्राम दैहानडीह) और राजेंद्र वर्मा (52, निवासी ग्राम दैहानडीह) को 30 जून 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में न्यायिक रिमांड पर प्रस्तुत किया गया। इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी देवरबीजा उप निरीक्षक योगेश अग्रवाल, प्रधान आरक्षक नंदलाल चतुर्वेदी, नरेंद्र ठाकुर, अवधेश सिंह, आरक्षक मुकेश सिंह, रवि साहू, छोटूराम टेम्बुकर, पुरुषोत्तम पटेल, साबित गोयल और चौकी के समस्त स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1