प्रत्येक वर्ष 31 मई को वैश्विक स्तर पर विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, तंबाकू उद्योग की चालाकियों को उजागर करना और लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करना है। वर्ष 2026 के लिए इस दिवस की थीम "Unmasking the Appeal: Countering Nicotine and Tobacco Addiction" (अनमास्किंग द अपील: निकोटिन और तंबाकू की लत का मुकाबला) निर्धारित की गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में हर साल 80 लाख से अधिक लोग तंबाकू और इससे संबंधित बीमारियों जैसे कैंसर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और फेफड़ों की बीमारियों के कारण अपनी जान गंवाते हैं। भारत में भी करोड़ों लोग तंबाकू का सेवन करते हैं, जिसमें युवा और महिलाएं तेजी से इसकी लत का शिकार बन रहे हैं। तंबाकू कंपनियां बच्चों और युवाओं को आकर्षित करने के लिए आकर्षक फ्लेवर, रंग-बिरंगी पैकेजिंग और सोशल मीडिया मार्केटिंग जैसी चालाक रणनीतियों का इस्तेमाल करती हैं। इस वर्ष का फोकस विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि तंबाकू उद्योग इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट, वाष्प और निकोटिन पाउच जैसे नए उत्पादों के माध्यम से युवाओं को लुभा रहा है, जो देखने में आधुनिक और स्वादिष्ट लगते हैं लेकिन वास्तव में बेहद खतरनाक हैं; WHO इस थीम के जरिए इन चालाकियों को बेनकाब कर रहा है। जो लोग तंबाकू छोड़ना चाहते हैं, उनके लिए नेशनल टोबैको क्विटलाइन टोल फ्री नंबर 1800 11 2356 पर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक काउंसलिंग उपलब्ध है, या 011-22901701 पर मिस्ड कॉल भी दी जा सकती है। तंबाकू छोड़ने के फायदे कुछ ही घंटों में दिखने शुरू हो जाते हैं, जैसे 20 मिनट के भीतर ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट का सामान्य होना। एक साल बाद हार्ट अटैक का खतरा आधा हो जाता है, और 5 से 10 साल बाद कई बीमारियों का जोखिम काफी कम हो जाता है। स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ युवाओं, अभिभावकों और पूरे समाज से तंबाकू से दूर रहने की अपील करता है। साथ ही, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने और तंबाकू का सेवन करने वालों को क्विटलाइन पर कॉल करने के लिए प्रेरित करने का भी आग्रह किया गया है। तंबाकू मुक्त भारत का निर्माण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रत्येक वर्ष 31 मई को वैश्विक स्तर पर विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, तंबाकू उद्योग की चालाकियों को उजागर करना और लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करना है। वर्ष 2026 के लिए इस दिवस की थीम "Unmasking the Appeal: Countering Nicotine and Tobacco Addiction" (अनमास्किंग द अपील: निकोटिन और तंबाकू की लत का मुकाबला) निर्धारित की गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में हर साल 80 लाख से अधिक लोग तंबाकू और इससे संबंधित बीमारियों जैसे कैंसर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और फेफड़ों की बीमारियों के कारण अपनी जान गंवाते हैं। भारत में भी करोड़ों लोग तंबाकू का सेवन करते हैं, जिसमें युवा और महिलाएं तेजी से इसकी लत का शिकार बन रहे हैं। तंबाकू कंपनियां बच्चों और युवाओं को आकर्षित करने के लिए आकर्षक फ्लेवर, रंग-बिरंगी पैकेजिंग और सोशल मीडिया मार्केटिंग जैसी चालाक रणनीतियों का इस्तेमाल करती हैं। इस वर्ष का फोकस विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि तंबाकू उद्योग इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट, वाष्प और निकोटिन पाउच जैसे नए उत्पादों के माध्यम से युवाओं को लुभा रहा है, जो देखने में आधुनिक और स्वादिष्ट लगते हैं लेकिन वास्तव में बेहद खतरनाक हैं; WHO इस थीम के जरिए इन चालाकियों को बेनकाब कर रहा है। जो लोग तंबाकू छोड़ना चाहते हैं, उनके लिए नेशनल टोबैको क्विटलाइन टोल फ्री नंबर 1800 11 2356 पर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक काउंसलिंग उपलब्ध है, या 011-22901701 पर मिस्ड कॉल भी दी जा सकती है। तंबाकू छोड़ने के फायदे कुछ ही घंटों में दिखने शुरू हो जाते हैं, जैसे 20 मिनट के भीतर ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट का सामान्य होना। एक साल बाद हार्ट अटैक का खतरा आधा हो जाता है, और 5 से 10 साल बाद कई बीमारियों का जोखिम काफी कम हो जाता है। स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ युवाओं, अभिभावकों और पूरे समाज से तंबाकू से दूर रहने की अपील करता है। साथ ही, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने और तंबाकू का सेवन करने वालों को क्विटलाइन पर कॉल करने के लिए प्रेरित करने का भी आग्रह किया गया है। तंबाकू मुक्त भारत का निर्माण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोबरा नवापारा में 108 और 102 आपातकालीन एंबुलेंस सेवाओं का स्थायी स्टॉपेज न होने के कारण मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आपातकाल में कॉल करने पर एंबुलेंस के देर से पहुँचने के कारण कई मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन ने शासन को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया है, जहाँ बताया गया कि आपात स्थिति में एंबुलेंस दूर-दराज से आती हैं, जिससे महत्वपूर्ण 'गोल्डन आवर' निकल जाता है और मरीजों को समय पर रेफर या उपचार नहीं मिल पाता। प्रसव, सड़क हादसे और हार्ट अटैक जैसी स्थितियों में यह देरी जानलेवा साबित हो रही है। गौरतलब है कि केंद्र के पास केवल एक शासकीय वाहन चालक है, जिसकी ड्यूटी केवल कार्यदिवस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रहती है, जिसके चलते रात और अवकाश के दिनों में आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह ठप रहती हैं। इस गंभीर विषय पर विधायक इंद्रकुमार साहू ने बताया कि उन्होंने मंत्री और संबंधित जिला स्वास्थ्य अधिकारी को इसकी जानकारी दी है और जल्द ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस स्टॉपेज की व्यवस्था कराई जाएगी। वहीं, नगर के लोग सुशासन तिहार शिविर में उच्च अधिकारियों को लिखित में इस समस्या से दोबारा अवगत कराने की तैयारी में हैं। क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग से जनहित में गोबरा नवापारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल 108 और 102 एंबुलेंस की तैनाती की मांग की है, ताकि आपातकाल में मरीजों को समय पर जीवनरक्षक सेवा मिल सके।1
- केसीजी जिले के छुईखदान में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। 31 मई रविवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम उर्तुली निवासी 45 वर्षीय झलेप गोंड की निर्माणाधीन मकान में काम करते समय गिरने से मौत हो गई। उन्हें गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुईखदान लाया गया था, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पोस्टमार्टम के बाद शव को घर ले जाने के लिए अस्पताल की ओर से कोई शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। इस मजबूरी के चलते उन्हें मृतक के शव को मालवाहक वाहन में रखकर गांव ले जाना पड़ा। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जिले में शव परिवहन व्यवस्था की कमी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। दूसरी ओर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुईखदान के बीएमओ डॉक्टर मनीष बघेल ने बताया कि शव वाहन की व्यवस्था खैरागढ़ से की गई थी और परिजनों को वाहन पहुंचने में लगभग आधा घंटा लगने की सूचना भी दी गई थी। हालांकि, परिजनों ने वाहन के आने का इंतजार किए बिना ही शव लेकर प्रस्थान कर दिया। इस पूरी घटना के बाद, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए प्रत्येक विकासखंड में पर्याप्त शव वाहन उपलब्ध कराने की जोरदार मांग की है।1
- तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के ग्राम अल्दा में एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। जल, जंगल, जमीन और बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण के गंभीर मुद्दों को लेकर आयोजित इस महापंचायत में हजारों किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया। यह महापंचायत कुम्हारी-मानपुर जलाशय बचाओ एवं प्रदूषणकारी उद्योग भगाओ संघर्ष मंच के तत्वावधान में आयोजित की गई थी, जहां क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण से खेती, जल स्रोतों और जनस्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को उठाया गया। किसानों ने खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने, कृषि कार्य में उपयोग होने वाले डीजल पर राहत देने तथा धान के समर्थन मूल्य में वृद्धि करने की मांग की। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा को लेकर भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। महापंचायत को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके मुद्दों के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने किसानों के हितों तथा क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन से कार्यक्रम में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। किसानों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों और क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की तथा शासन-प्रशासन से समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। यह महापंचायत शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसने क्षेत्र के विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति किसानों की एकजुटता को प्रदर्शित किया।4
- राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह युवक संतोषी नगर चौक में अवैध रूप से धारदार चाकू लहराकर लोगों को डरा-धमका रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लोहे का धारदार चाकू भी बरामद किया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि संतोषी नगर चौक से भाठागांव जाने वाले मार्ग के पास एक युवक हाथ में धारदार चाकू लेकर राहगीरों को भयभीत कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना टिकरापारा प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार मरई के नेतृत्व में एक पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया। आरोपी ने हालांकि बचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने मशक्कत के बाद उसे अवैध हथियार सहित गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान थलेन्द्र साहू (20 वर्ष), निवासी ग्राम सरवदा, चौकी बिरेंझर, थाना कुरूद, जिला धमतरी के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ थाना टिकरापारा में अपराध क्रमांक 465/2026 के तहत धारा 25 और 27 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि पुलिस उपायुक्त (वेस्ट जोन) संदीप पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा और सहायक पुलिस आयुक्त नवनीत पाटित के निर्देश पर शहर में चाकूबाजी और अवैध हथियारों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।1
- रायपुर पुलिस ने वन विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से ₹11 लाख की ठगी करने वाले आरोपी दीपराज गायकरवाड़ को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने स्वयं को वन विभाग का कर्मचारी बताकर धोखाधड़ी की। प्रार्थी ने थाना सरस्वती नगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी दीपराज गायकरवाड़ ने वर्ष 2023 की वन विभाग भर्ती प्रक्रिया का हवाला देते हुए उसे वनरक्षक पद पर सीधी भर्ती कराने का भरोसा दिलाया। आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र और हस्ताक्षरित आदेश की प्रति भी उपलब्ध कराई, जिससे युवक उसके झांसे में आ गया। शिकायत के अनुसार, 11 जून 2025 से 28 मई 2026 के बीच आरोपी ने ऑनलाइन और नकद माध्यम से अलग-अलग किश्तों में कुल ₹11 लाख प्राप्त किए। बाद में जब प्रार्थी ने नियुक्ति आदेश की सत्यता जांचने के लिए वन विभाग कार्यालय से संपर्क किया, तो उसे पता चला कि दस्तावेज फर्जी थे और उसके साथ धोखाधड़ी की गई है। पैसे वापस मांगने पर आरोपी ने देने से साफ इनकार कर दिया था। पीड़ित की रिपोर्ट पर, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) के निर्देश पर थाना सरस्वती नगर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी की तलाश में विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। पूछताछ के दौरान आरोपी दीपराज गायकरवाड़ ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 108/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336(3), 338 और 341(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम दीपराज गायकरवाड़ है, जो कृष्णराव गायकरवाड़ का पुत्र और 34 वर्ष का निवासी रायपुर है। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी एक आपराधिक मामला दर्ज है। इस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।1