फर्रुखाबाद के कमालगंज ब्लॉक के ग्राम दान मंडी में विकास कार्यों की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान राखी दीक्षित, लेखपाल और संबंधित अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, कहते हैं कि उनकी खराब कार्यशैली के कारण गांव की स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। ग्राम निवासी सचिन दीक्षित समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है; नालियां टूटी हुई हैं, कई जगह गंदगी के ढेर लगे हैं, और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि खेलकूद मैदान भी मौके पर स्पष्ट रूप से नहीं मिला, जिससे विकास कार्यों की हकीकत पर संदेह पैदा हुआ है। उनका आरोप है कि प्रधान राखी दीक्षित के कार्यकाल में गांव की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया गया, सड़कें जर्जर हैं और विकास कार्य केवल कागजों तक ही सीमित हैं। वहीं, इन आरोपों पर प्रधान पक्ष से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेखपाल पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वर्ष 2022 में प्रदेश सरकार के मंत्री जितिन प्रसाद के आगमन से पहले गांव में तालाबों की सफाई, सड़कों की मरम्मत और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया था, लेकिन मंत्री के दौरे के बाद प्रशासनिक सक्रियता खत्म हो गई और गांव धीरे-धीरे फिर बदहाली की ओर लौट गया। आज भी कई सड़कें खस्ताहाल हैं और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। समस्याओं की शिकायत पर गांव पहुंचे खंड विकास अधिकारी (वीडीओ) से जब ग्रामीणों और मीडिया कर्मियों ने विभिन्न मुद्दों पर सवाल किए, तो ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचने की कोशिश की, जिससे प्रशासन के प्रति असंतोष और बढ़ गया। अब ग्रामीण जिला प्रशासन से गांव में हुए विकास कार्यों की जांच कराने, खर्च किए गए सरकारी धन का लेखा-जोखा सार्वजनिक करने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ-साथ जन आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। फिलहाल, दान मंडी में विकास कार्यों को लेकर उठ रहे सवाल और ग्रामीणों का बढ़ता आक्रोश प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता दिखाई दे रहा है।
फर्रुखाबाद के कमालगंज ब्लॉक के ग्राम दान मंडी में विकास कार्यों की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान राखी दीक्षित, लेखपाल और संबंधित अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, कहते हैं कि उनकी खराब कार्यशैली के कारण गांव की स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। ग्राम निवासी सचिन दीक्षित समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है; नालियां टूटी हुई हैं, कई जगह गंदगी के ढेर लगे हैं, और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि खेलकूद मैदान भी मौके पर स्पष्ट रूप से नहीं मिला, जिससे विकास कार्यों की हकीकत पर संदेह पैदा हुआ है। उनका आरोप है कि प्रधान राखी दीक्षित के कार्यकाल में गांव की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया गया, सड़कें जर्जर हैं और विकास कार्य केवल कागजों तक ही सीमित हैं। वहीं, इन आरोपों पर प्रधान पक्ष से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेखपाल पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वर्ष 2022 में प्रदेश सरकार के मंत्री जितिन प्रसाद के आगमन से पहले गांव में तालाबों की सफाई, सड़कों की मरम्मत और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया था, लेकिन मंत्री के दौरे के बाद प्रशासनिक सक्रियता खत्म हो गई और गांव धीरे-धीरे फिर बदहाली की ओर लौट गया। आज भी कई सड़कें खस्ताहाल हैं और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। समस्याओं की शिकायत पर गांव पहुंचे खंड विकास अधिकारी (वीडीओ) से जब ग्रामीणों और मीडिया कर्मियों ने विभिन्न मुद्दों पर सवाल किए, तो ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचने की कोशिश की, जिससे प्रशासन के प्रति असंतोष और बढ़ गया। अब ग्रामीण जिला प्रशासन से गांव में हुए विकास कार्यों की जांच कराने, खर्च किए गए सरकारी धन का लेखा-जोखा सार्वजनिक करने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ-साथ जन आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। फिलहाल, दान मंडी में विकास कार्यों को लेकर उठ रहे सवाल और ग्रामीणों का बढ़ता आक्रोश प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता दिखाई दे रहा है।
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक युवक और युवती को उनके परिजनों ने साथ पकड़ लिया। इस घटना के बाद, परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में युवक से युवती की मांग भरवाई गई। इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएँ और प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।1
- फर्रुखाबाद में 32 वर्षीय विजय उर्फ विमल कश्यप की ट्रेन से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम होतेपुर के पास रेलवे ट्रैक किनारे मिला। मृतक के परिजनों, जिनमें उनकी मां रेखा और पत्नी रानी शामिल हैं, ने विजय के साथ यात्रा कर रहे दो दोस्तों शीलू उर्फ विक्रम और आशू पंडित पर ट्रेन से धक्का देकर उसकी हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। बताया गया कि विजय अपने दोस्तों के साथ आइसक्रीम बेचने के लिए ट्रेन से कासगंज जा रहे थे। बुधवार सुबह रेलवे ट्रैक के पास मिले उनके शव के सिर में गंभीर चोटें पाई गईं। युवक के पास मिले एक झोले में दोस्त विक्रम के दस्तावेज और मोबाइल फोन होने के कारण अस्पताल के रिकॉर्ड में मृतक का नाम गलत दर्ज हो गया था, जिससे कुछ समय तक भ्रम की स्थिति बनी रही। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद, आक्रोशित परिजन फतेहगढ़ कोतवाली के मुख्य गेट पर पहुँच गए और सड़क जाम करने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने समझा-बुझाकर वहाँ से हटाया। इसके बाद परिजन कथित आरोपियों के घर पहुँचे, जहाँ उन्होंने जमकर हंगामा किया और तत्काल कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुँची पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले में लगाए गए आरोपों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- फर्रुखाबाद के सांसद और बीजेपी नेता मुकेश राजपूत ने कालिंदी एक्सप्रेस के संचालन को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक वह सांसद पद पर हैं, इस ट्रेन का संचालन बंद नहीं होगा। सांसद ने जनता से किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न देने की अपील की है। राजपूत ने जोर देकर कहा कि किसी भी स्थिति में कालिंदी एक्सप्रेस का संचालन बंद नहीं होने दिया जाएगा, और यदि आवश्यकता पड़ी तो वैकल्पिक व्यवस्था कर ट्रेन को फर्रुखाबाद तक चलाया जाएगा। उन्होंने कालिंदी एक्सप्रेस को फर्रुखाबाद को दिल्ली से जोड़ने वाली एक प्रमुख ट्रेन बताते हुए कहा कि यह जिले के हजारों यात्रियों के लिए जीवनरेखा के समान है। सांसद राजपूत ने कुछ अधिकारियों पर ट्रेन के महत्व को पूरी तरह से न समझने का आरोप भी लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2014 से पहले, कोहरे के दौरान कालिंदी एक्सप्रेस कई महीनों तक बंद रहती थी। हालांकि, 2014 में सांसद बनने के बाद उनके लगातार प्रयासों से ट्रेन का संचालन नियमित रूप से जारी है। मुकेश राजपूत ने एक बार फिर दोहराया कि जनता को गुमराह होने की आवश्यकता नहीं है और उन्होंने आश्वस्त किया कि कालिंदी एक्सप्रेस फर्रुखाबाद के लोगों की जरूरत है, जिसका संचालन हर हाल में जारी रखा जाएगा।1
- शाहजहाँपुर पुलिस ने अपहरण, हत्या और शव छिपाने के एक मामले का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। प्रेम प्रसंग के चलते इस घटना को अंजाम देने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें मृतक की पत्नी भी शामिल है। पुलिस ने मृतक ओमकार का शव भी बरामद कर लिया है। यह मामला तब सामने आया जब ओमकार, जो मानपुर मलिकापुर का निवासी था, 23 फरवरी 2026 को तिलहर न्यायालय में तारीख पर जाने के लिए घर से निकला और वापस नहीं लौटा। उसके भाई सत्यवीर सिंह ने 6 मार्च 2026 को सेहरामऊ दक्षिणी थाने में गुमशुदगी (क्रमांक-06/2026) दर्ज कराई थी। पुलिस जांच के दौरान मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर 4 जून 2026 को सत्यवीर सिंह ने अपने भाई ओमकार के अपहरण की आशंका व्यक्त करते हुए नन्हे पुत्र विजय सिंह (लिनथरा) और ओमकार की पत्नी ओमा भारती (मानपुर मलिकापुर) के खिलाफ थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0-0158/2026 धारा 140(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कराया। सेहरामऊ दक्षिणी पुलिस ने त्वरित विवेचना करते हुए अभियुक्तों से गहन पूछताछ की और साक्ष्य जुटाए। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि अभियुक्ता ओमा भारती और अभियुक्त नन्हे के बीच प्रेम प्रसंग था, और ओमकार उनके संबंधों में बाधक बन रहा था। इसी कारण अभियुक्तों ने योजनाबद्ध तरीके से ओमकार को शराब पिलाई, उसकी हत्या कर दी और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को अभियुक्त नन्हे की बगीया, ग्राम लिनथरा में केले के पेड़ के समीप गड्ढा खोदकर गाड़ दिया। 5 जून 2026 को अभियुक्तों की निशानदेही पर अपहृत/मृतक ओमकार का शव बरामद कर लिया गया। जांच में यह भी पता चला कि ओमा भारती का मायका दिवैयापुर का है, और उनकी बड़ी बहन बिट्टन की शादी लगभग 25 वर्ष पहले लिनथरा में हुई थी। इसी वजह से ओमा भारती का लिनथरा आना-जाना लगा रहता था, जहां उनका संपर्क नन्हे से हुआ और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। इस संबंध की जानकारी होने पर ओमकार ने अपनी पत्नी ओमा भारती के साथ मारपीट की थी, जिसके बाद ओमा भारती अपने पति को छोड़कर नन्हे के साथ लिनथरा में रहने लगी थी। अभियुक्तों ने बताया कि उन्हें आशंका थी कि ओमकार उनके संबंधों के कारण उन्हें नुकसान पहुँचा सकता है, इसलिए उन्होंने यह सुनियोजित हत्या की। थाना पुलिस द्वारा शव का पंचायतनामा एवं अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही संपादित की जा रही है। विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर उपरोक्त मुकदमे में धारा 103(1)/238/3(5)/61(2) बीएनएस की वृद्धि की गई है। अभियुक्त नन्हे और ओमा भारती को 5 जून 2026 को सुबह करीब 09:20 बजे ग्राम लिनथरा स्थित नन्हे की बगीया से गिरफ्तार किया गया। आवश्यक विधिक कार्यवाही उपरांत उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है, तथा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर ओमकार सिंह की मृत्यु के कारणों का अवलोकन कर विवेचना में अग्रिम विधिक कार्यवाही की जायेगी। शाहजहाँपुर पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ दीक्षित के कुशल निर्देशन में यह सफल कार्रवाई की गई।3
- जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी गौरक्षा यात्रा लेकर फर्रुखाबाद पहुंचे, जहाँ उन्होंने देश और प्रदेश की वर्तमान सरकार तथा गोरक्ष पीठ के महंत पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर निशाना साधा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में गौ हत्याएँ बढ़ गई हैं और गौ माता को राजमाता का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रदेश की गौशालाओं में गायों की अत्यंत गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त की, आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार द्वारा गौशालाओं में भोजन और पानी की समुचित व्यवस्था नहीं की जा रही है, जिसके कारण गायें तड़प-तड़प कर मर रही हैं। गोरक्ष पीठ के महंत पर निशाना साधते हुए, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अगर कोई निचली अदालत सुप्रीम कोर्ट को मानने से इनकार करती है तो उसे दंडित किया जाना चाहिए। उन्होंने गोरक्ष पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ को 'असली हिंदू नहीं' करार दिया। शंकराचार्य ने 2014 के बाद बीफ के बढ़ते निर्यात पर भी चिंता जताई, कहा कि जब से 'ऐसे लोग' सत्ता में आए हैं, यह चिंता का बड़ा कारण है। उन्होंने कन्नौज प्रवास के दौरान जिला प्रशासन के अपने प्रति रवैये की घोर निंदा करते हुए ऐसे लोगों को 'नकली हिंदू' बताया और धिक्कारा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार उनकी आवाज़ दबा रही है और यदि सरकार सनातन विरोधी नहीं होती, तो सनातन विरोधी कार्य नहीं करती। उन्होंने जोर देकर कहा कि गोरक्ष पीठ के महंत को तब तक साधु नहीं कहा जा सकता, जब तक उनका आचरण साधु जैसा न हो, भले ही उनका भेष साधु का हो। शंकराचार्य ने कहा कि गली-गली में गुंडे घूम रहे हैं जो उन्हें और जनता को डरा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह राम का देश है, रावण का नहीं, और किसी ने यह सोचा भी नहीं होगा कि गोरक्ष पीठ का महंत ऐसा होगा।1
- फर्रुखाबाद में गंगा एक्सप्रेस-वे के आगरा-लखनऊ लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए किसानों से भूमि क्रय प्रक्रिया में तेज़ी आई है। इस लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण हेतु किसानों की कुल 641 हेक्टेयर भूमि खरीदी जानी है। तहसील सदर में अब तक 60 प्रतिशत क्षेत्रफल की बैनामा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहीं 25 प्रतिशत किसानों ने भूमि क्रय संबंधी अधिकारियों को अपने सहमति पत्र सौंप दिए हैं। जिला अधिकारी अंकुर लाठर ने किसानों को चेतावनी दी है कि यदि अधिग्रहीत भूमि का किसानों ने स्वेच्छा से बैनामा नहीं किया, तो जिला प्रशासन स्वयं भूमि का अधिग्रहण करेगा। उन्होंने 15 जून तक 100 प्रतिशत भूमि क्रय करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को 30 मई तक 90 प्रतिशत बैनामा प्रक्रिया पूर्ण करने का आदेश दिया था।2
- फर्रुखाबाद में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया, जिसके उपलक्ष्य में वन विभाग के तत्वाधान में एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस पहल के तहत, जिले में बड़े पैमाने पर पेड़ लगाए गए।1
- फर्रुखाबाद जिले में रेलवे ट्रैक के किनारे एक युवक का क्षत-विक्षत शव बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।1