घोरावल पुलिस का बड़ा खुलासा: हत्या के सनसनीखेज मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार सोनभद्र। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जनपद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। अपर पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी घोरावल श्री राहुल पाण्डेय के नेतृत्व में थाना घोरावल पुलिस ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले का सफल अनावरण करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में हुई इस हत्या की घटना से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल जांच शुरू की और विभिन्न पहलुओं पर गहन छानबीन की। साक्ष्यों के संकलन, तकनीकी सर्विलांस तथा मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश तेज कर दी। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना से जुड़ी अहम जानकारी दी, जिसके आधार पर हत्या के पीछे के कारणों का भी खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, आपसी रंजिश/विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया था। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त सामान भी बरामद किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस सफल अनावरण से क्षेत्रीय लोगों ने राहत की सांस ली है और पुलिस की तत्परता की सराहना की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने टीम के उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें प्रोत्साहित करते हुए भविष्य में भी इसी तरह अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
घोरावल पुलिस का बड़ा खुलासा: हत्या के सनसनीखेज मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार सोनभद्र। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जनपद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। अपर पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी घोरावल श्री राहुल पाण्डेय के नेतृत्व में थाना घोरावल पुलिस ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले का सफल अनावरण करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में हुई इस हत्या की घटना से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल जांच शुरू की और विभिन्न पहलुओं पर गहन छानबीन की। साक्ष्यों के संकलन, तकनीकी सर्विलांस तथा मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश तेज कर दी। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना से जुड़ी अहम जानकारी दी, जिसके आधार पर हत्या के पीछे के कारणों का भी खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, आपसी रंजिश/विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया था। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त सामान भी बरामद किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस सफल अनावरण से क्षेत्रीय लोगों ने राहत की सांस ली है और पुलिस की तत्परता की सराहना की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने टीम के उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें प्रोत्साहित करते हुए भविष्य में भी इसी तरह अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
- आबकारी नीति लागू होते ही शराब के दामों में जबरदस्त बढ़ोतरी कर दी गई है। आज से पूरे प्रदेश में देशी और विदेशी शराब नई दरों पर ही बेची जा रही है। 31 मार्च के बाद बचा पुराना स्टॉक भी अब संशोधित कीमतों पर ही मिलेगा। सरकार ने राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से लाइसेंस फीस, एक्साइज ड्यूटी, आयात-निर्यात और परिवहन शुल्क में बदलाव किया है। इसके चलते कई लोकप्रिय ब्रांड्स की कीमतों में साफ बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। नई दरों के मुताबिक—ब्लेंडर प्राइड, 8PM, आफ्टर डार्क, VAT 69 जैसे ब्रांड्स अब पहले से महंगे हो गए हैं। देसी शराब की कीमत भी बढ़ाकर 80 रुपये कर दी गई है। सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि सप्लाई और पैकेजिंग सिस्टम में भी बदलाव किया गया है। अब रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) पेय कांच की बोतलों के साथ-साथ कैन में भी उपलब्ध होंगे, जिससे बाजार में नए विकल्प बढ़ेंगे। कीमतों में इस बढ़ोतरी से जहां आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, वहीं सरकार को इससे राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है। अब देखना होगा कि महंगी हुई शराब का असर बिक्री और लोगों की खपत पर कितना पड़ता है।1
- सोनभद्र। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जनपद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। अपर पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी घोरावल श्री राहुल पाण्डेय के नेतृत्व में थाना घोरावल पुलिस ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले का सफल अनावरण करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में हुई इस हत्या की घटना से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल जांच शुरू की और विभिन्न पहलुओं पर गहन छानबीन की। साक्ष्यों के संकलन, तकनीकी सर्विलांस तथा मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश तेज कर दी। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना से जुड़ी अहम जानकारी दी, जिसके आधार पर हत्या के पीछे के कारणों का भी खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, आपसी रंजिश/विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया था। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त सामान भी बरामद किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस सफल अनावरण से क्षेत्रीय लोगों ने राहत की सांस ली है और पुलिस की तत्परता की सराहना की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने टीम के उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें प्रोत्साहित करते हुए भविष्य में भी इसी तरह अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।1
- दुद्धी (सोनभद्र)। कोतवाली क्षेत्र के अमवार चौकी अंतर्गत ग्राम भीसूर में मंगलवार शाम एक बेहद चिंताजनक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। घर में खेलते-खेलते 7 वर्षीय मासूम परम सिंह ने अनजाने में थिनर पी लिया और मासूमियत में अपने छोटे भाई प्रियांशु को भी पिला दिया। घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, भीसूर निवासी अशोक सिंह के घर पर इन दिनों दरवाजे की पेंटिंग का काम चल रहा था। मंगलवार करीब शाम 6 बजे पिता घर के बाहर खड़ी बाइक को अंदर कर रहे थे, उसी दौरान दरवाजे के पास एक झोले में रखा थिनर बच्चों की नजर में आ गया। खेल-खेल में परम ने झोले से बोतल निकाली और उसे पी लिया। इसके बाद उसने पास खड़े अपने छोटे भाई प्रियांशु को भी थिनर पिला दिया। बताया जा रहा है कि प्रियांशु ने जैसे ही थिनर मुंह में लिया, उसने तुरंत उसे उगल दिया, जिससे उसकी हालत ज्यादा खराब नहीं हुई। लेकिन परम के शरीर पर इसका गहरा असर पड़ने लगा और उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। बच्चे की हालत बिगड़ते देख परिजनों के होश उड़ गए। पूछताछ करने पर छोटे भाई ने पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिवार ने बिना देर किए निजी वाहन से परम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचाया। सीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. मनोहर सिंह के देखरेख में बच्चे का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, थिनर जैसे रसायन शरीर के लिए अत्यंत खतरनाक होते हैं और इसका सेवन जानलेवा साबित हो सकता है। फिलहाल बच्चे को उल्टी कराकर शरीर से जहरीले तत्व बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। डॉक्टर ने बताया कि बच्चे की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और लगातार निगरानी रखी जा रही है। अगले कुछ घंटे काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में भी इस हादसे को लेकर चिंता और भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों में पेंटिंग या निर्माण कार्य के दौरान इस्तेमाल होने वाले खतरनाक रसायनों को बच्चों की पहुंच से दूर रखना बेहद जरूरी है, वरना इस तरह की घटनाएं कभी भी बड़ा रूप ले सकती हैं।2
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1
- साइबर ठगों पर चोपन पुलिस का प्रहार: पीड़ित को वापस दिलाए ठगी के ₹1.22 लाख सोनभद्र (चोपन)। साइबर अपराधियों के बढ़ते जाल के बीच जनपद की चोपन पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक व्यक्ति से ठगी गई ₹1,22,631 की पूरी रकम वापस कराकर साइबर ठगों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। अपनी डूबी हुई रकम वापस पाकर पीड़ित के चेहरे पर खुशी लौट आई। क्या था मामला? ग्राम जमुअल (थाना जुगैल) निवासी संत कुमार पुत्र ईश्वर प्रसाद के साथ अज्ञात साइबर अपराधियों ने धोखाधड़ी कर उनके खाते से ₹1,22,631 पार कर दिए थे। ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित ने तत्काल इसकी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार व क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक चोपन के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी विश्लेषण: साइबर टीम ने तत्काल तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला और संबंधित बैंक व वित्तीय संस्थानों से ई-मेल के जरिए पत्राचार किया। सफलता: पुलिस के दबाव और त्वरित कार्रवाई के चलते फ्रॉड की गई पूरी राशि पीड़ित के मूल बैंक खाते में सफलतापूर्वक रिफंड करा दी गई। सराहनीय कार्य करने वाली टीम इस कामयाबी में प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा, महिला कांस्टेबल प्राची शुक्ला और महिला कांस्टेबल शैलजा सिंह (साइबर हेल्प डेस्क, थाना चोपन) की मुख्य भूमिका रही। पुलिस की अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें चोपन पुलिस ने आम जनमानस को साइबर ठगी से बचने के लिए निम्न सुझाव दिए हैं: बैंक अधिकारी बनकर आने वाले किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड करें। बैंकिंग लेनदेन हमेशा आधिकारिक ऐप या बैंक शाखा के माध्यम से ही करें। अपने मोबाइल पर आने वाले ट्रांजेक्शन अलर्ट को नियमित चेक करते रहें।1
- Post by Raghuvir1
- सोनभद्र के थाना घोरावल क्षेत्रांतर्गत प्रॉपर्टी डीलर की हत्याकांड के अनावरण के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अनिल कुमार की बाइट-1
- दुद्धी, सोनभद्र कोतवाली क्षेत्र के अमवार चौकी अंतर्गत ग्राम भीसूर में मंगलवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां खेलते-खेलते 7 वर्षीय बच्चे ने घर में रखा थिनर पी लिया और अपने छोटे भाई को भी पिला दिया। घटना के बाद बच्चे की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुद्धी ले गए, जहां उसका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार भीसूर निवासी अशोक सिंह का 7 वर्षीय पुत्र परम सिंह मंगलवार शाम करीब 6 बजे घर के बाहर खेल रहा था। उसी समय घर में दरवाजा रंगने का काम चल रहा था और दरवाजे के पास जमीन पर एक झोले में थिनर रखा हुआ था। खेलते-खेलते परम ने झोले से थिनर निकालकर पी लिया और पास खड़े अपने छोटे भाई प्रियांशु को भी पिला दिया बताया जा रहा है कि प्रियांशु ने थोड़ा सा पीते ही उल्टी कर दी, लेकिन परम की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। जब पिता अशोक सिंह ने बच्चों से पूछताछ की तो छोटे बेटे ने बताया कि बड़े भाई ने थिनर पिया और उसे भी पिलाया था। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। परिजन तुरंत निजी साधन से परम को सीएचसी दुद्धी लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक डॉ. मनोहर सिंह के मार्गदर्शन में उसका इलाज किया जा रहा है। डॉ. मनोहर सिंह ने बताया कि बच्चे की स्थिति अभी गंभीर बनी हुई है। उसे उल्टी कराकर शरीर से थिनर निकालने का प्रयास किया जा रहा है और लगातार निगरानी में रखा गया है। फिलहाल स्थिति पर नजर रखते हुए आगे का इलाज किया जाएगा। इस घटना के बाद इलाके में भी चिंता का माहौल है। जानकारों का कहना है कि थिनर, पेट्रोल, केमिकल जैसे खतरनाक पदार्थों को बच्चों की पहुंच से दूर रखना बेहद जरूरी है, वरना छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।1