नैनीताल पुलिस, प्रशासन और श्रम विभाग की मध्यस्थता से मदरसन कंपनी का विवाद सुलझा, श्रमिकों का अनशन समाप्त *SSP डॉ0 मंजुनाथ टीसी ने की श्रमिकों के धैर्य की सराहना,* *श्रमिकों की आड़ में हिंसा भड़काने और शांति व्यवस्था भंग करने की साजिश रचने वाले उपद्रवियों पर पुलिस की बड़ी कार्यवाही* *जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता* *लालकुआं क्षेत्र स्थित मदरसन कंपनी में पिछले कुछ समय से अपनी मांगों को लेकर* धरने पर बैठे श्रमिकों और प्रबंधन के बीच चल रहा गतिरोध आज मंगलवार को समाप्त हो गया। जिला प्रशासन, श्रम विभाग और नैनीताल पुलिस के समन्वित प्रयासों और सकारात्मक मध्यस्थता के बाद श्रमिकों ने अपना अनशन समाप्त कर काम पर वापस लौटने का निर्णय लिया है। *सफल मध्यस्थता-* पुलिस बल, एसडीएम, श्रम विभाग के अधिकारियों, प्रबंधन और श्रमिकों के बीच कई दौर की वार्ता हुई। *मांगों पर सहमति:* श्रमिकों द्वारा रखी गई *14 प्रमुख मांगों में से 12 मांगों* को प्रबंधन ने तत्काल स्वीकार कर लिया है। शेष 02 मांगों पर शासन स्तर से कार्यवाही की जानी है, जिसके लिए सकारात्मक आश्वासन दिया गया है। *काम पर वापसी:* वार्ता के उपरांत सभी श्रमिक फैक्ट्री में शामिल हो गए हैं और कल से पूर्ण रूप से कार्य सुचारू रूप से शुरू कर दिया जाएगा। *श्रमिकों के धैर्य की सराहना* पुलिस प्रशासन उन सभी श्रमिकों का हृदय से धन्यवाद करता है जिन्होंने धैर्य का परिचय दिया। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने अनुशासन बनाए रखा और किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी। पुलिस बल श्रमिकों के जायज मांग और समस्याओं के समाधान के लिए उनके साथ खड़ा है। *उपद्रवी तत्वों, आराजकतत्वो को सख्त चेतावनी* श्रमिकों की आड़ में कुछ बाहरी अराजकतत्व अपना वर्चस्व चमकाने और माहौल बिगाड़ने की फिराक में थे। पुलिस ने इस संबंध में बड़ी कार्यवाही की है। *हिंसा की साजिश विफल-* अराजक तत्वों ने नोएडा की तर्ज पर कंपनी में तोड़फोड़, आगजनी और व्यापक हिंसा फैलाने की साजिश रची थी। पुलिस कार्य में बाधा डालने, बैरियर तोड़ने और भोले-भाले मजदूरों को हिंसा के लिए उकसाने के आरोप में 20-30 अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। *नैनीताल पुलिस का स्पष्ट सन्देश-* औद्योगिक क्षेत्रों में अशांति फैलाने वाले बाहरी तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। ऐसे अराजक तत्वों के विरुद्ध *गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट* के तहत भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन किसी को भी कानून हाथ में लेने या हिंसा फैलाने की अनुमति है।
नैनीताल पुलिस, प्रशासन और श्रम विभाग की मध्यस्थता से मदरसन कंपनी का विवाद सुलझा, श्रमिकों का अनशन समाप्त *SSP डॉ0 मंजुनाथ टीसी ने की श्रमिकों के धैर्य की सराहना,* *श्रमिकों की आड़ में हिंसा भड़काने और शांति व्यवस्था भंग करने की साजिश रचने वाले उपद्रवियों पर पुलिस की बड़ी कार्यवाही* *जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता* *लालकुआं क्षेत्र स्थित मदरसन कंपनी में पिछले कुछ समय से अपनी मांगों को लेकर* धरने पर बैठे श्रमिकों और प्रबंधन के बीच चल रहा गतिरोध आज मंगलवार को समाप्त हो गया। जिला प्रशासन, श्रम विभाग और नैनीताल पुलिस के समन्वित प्रयासों और सकारात्मक मध्यस्थता के बाद श्रमिकों ने अपना अनशन समाप्त कर काम पर वापस लौटने का निर्णय लिया है। *सफल मध्यस्थता-* पुलिस बल, एसडीएम, श्रम विभाग के अधिकारियों, प्रबंधन और श्रमिकों के बीच कई दौर की वार्ता हुई। *मांगों पर सहमति:* श्रमिकों द्वारा रखी गई *14 प्रमुख मांगों में से 12 मांगों* को प्रबंधन ने तत्काल स्वीकार कर लिया है। शेष 02 मांगों पर शासन स्तर से कार्यवाही की जानी है, जिसके लिए सकारात्मक आश्वासन दिया गया है। *काम पर वापसी:* वार्ता के उपरांत सभी श्रमिक फैक्ट्री में शामिल हो गए हैं और कल से पूर्ण रूप से कार्य सुचारू रूप से शुरू कर दिया जाएगा। *श्रमिकों के धैर्य की सराहना* पुलिस प्रशासन उन सभी श्रमिकों का हृदय से धन्यवाद करता है जिन्होंने धैर्य का परिचय दिया। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने अनुशासन बनाए रखा और किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी। पुलिस बल श्रमिकों के जायज मांग और समस्याओं के समाधान के लिए उनके साथ खड़ा है। *उपद्रवी तत्वों, आराजकतत्वो को सख्त चेतावनी* श्रमिकों की आड़ में कुछ बाहरी अराजकतत्व अपना वर्चस्व चमकाने और माहौल बिगाड़ने की फिराक में थे। पुलिस ने इस संबंध में बड़ी कार्यवाही की है। *हिंसा की साजिश विफल-* अराजक तत्वों ने नोएडा की तर्ज पर कंपनी में तोड़फोड़, आगजनी और व्यापक हिंसा फैलाने की साजिश रची थी। पुलिस कार्य में बाधा डालने, बैरियर तोड़ने और भोले-भाले मजदूरों को हिंसा के लिए उकसाने के आरोप में 20-30 अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। *नैनीताल पुलिस का स्पष्ट सन्देश-* औद्योगिक क्षेत्रों में अशांति फैलाने वाले बाहरी तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। ऐसे अराजक तत्वों के विरुद्ध *गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट* के तहत भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन किसी को भी कानून हाथ में लेने या हिंसा फैलाने की अनुमति है।
- Jag Veerअल्मोड़ा, अल्मोड़ा, उत्तराखंड🙏3 hrs ago
- एंकर मंगलवार को प्रशासन नगर पालिका एवं पुलिस की शाहिद की टीम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाते हुए भारी मात्रा में सामान जप्त करने की कार्रवाई की तो वहीं इसी बीच अतिक्रमणकारियों और पालिका की टीम के बीच हुई तीखी झड़क के बाद मौके पर पालिका के अधिकारियों को पुलिस को बुलाना पड़ा इसके बाद पालिका ने अपने अभियान को सुचारू रूप से शुरू किया एसडीएम गोपाल सिंह चौहान,सीओ सुमित पांडे,एआरटीओ प्रवर्तन रिशु तिवारी एवं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी आलोक उनियाल द्वारा संयुक्त रूप से अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई प्रशासन की कार्रवाई के बाद इसका असर मुख्य बाजार तक देखने को मिला अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए अधिशासी अधिकारी आलोक उनियाल ने बताया कि गैस गोदाम रोड एवं घास मंडी क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन ट्रक से अधिक सामान जप्त करने की कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों का चालान कर उनसे जुर्माना वसूला गया उन्होंने बताया कि घास मंडी क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया है लेकिन उनके द्वारा आज शाम तक समय मांगने के चलते कल इस क्षेत्र में भी पक्के अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी उन्होंने कहा कि पहले का का अवैध अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। आलोक उनियाल ईओ1
- केलाखेड़ा क्षेत्र के डिप्टी फॉर्म इलाके में गेहूं कटाई को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मामले में आरोप है कि एसडीएम के आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक पक्ष की ओर से अनु सिंह ने एसडीएम को पत्र सौंपकर फसल कटवाने की अनुमति मांगी थी। वहीं दूसरे पक्ष के इशू नेहरा का कहना है कि इस संबंध में कोई वैध आदेश जारी ही नहीं हुआ। इस पूरे विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने मामले को और गरमा दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि केलाखेड़ा पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है1
- खोया हुआ आईफोन मिलने पर इतनी खुशी हुई कि शायद इससे पहले कभी ना हुई हो कोतवाली बागेश्वर पुलिस द्वारा गुम हुआ आईफोन बरामद कर मालिक को सौंपा। बागेश्वर पुलिस 'मित्र पुलिस' की संकल्पना को चरितार्थ कर रही है । इसी क्रम में उडियार निवासी द्वारा कोतवाली बागेश्वर आकर सूचना दी कि उनका आईफोन बाजार क्षेत्र में कहीं गुम हो गया है। पुलिस टीम ने सर्विलांस और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करके फोन को सकुशल बरामद कर आज दिनॉक-22/04/2026 को मोबाइल स्वामी को सुपुर्द किया गया। मीडिया सैल पुलिस कार्यालय जनपद बागेश्वर1
- बिलासपुर में मास की खरीद-फरोख्त के विवाद दो पक्ष आमने-सामने आ गए।दोनों ओर से जमकर धारदार हथियार और लाठी-डंडे चले इसमें एक पक्ष से साले-बहनोई और दूसरे पक्ष से पिता-पुत्री समेत छह लोग घायल हो गए।पुलिस ने सभी घायलों का सीएचसी में मेडिकल परीक्षण कराया गया जहां से साले-बहनोई को गंभीर अवस्था में जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया। रामपुर के बिलासपुर में बुधवार को नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मिलें कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला साहूकारा के रहने वाले साजिद ने बताया कि उसका साला समीर दुकानों पर मास की सप्लाई करता है,सुबह उसका दूसरे मोहल्ले में रहने वाले इल्यास के पुत्र से विवाद हो गया।आरोप है कि करीब आधा दर्जन लोगों ने उसके साले पर कुल्हाड़ी और धारदार हथियारों से हमला कर दिया।जब वह मौकें पर पहुंचा तो, उक्त लोगों ने उस पर भी हमला करने के बाद लहुलुहान कर दिया।जबकि दूसरे पक्ष के इल्याज ने बताया कि उसका पुत्र का समीर से किसी बात को लेकर विवाद हो गई जब उन्हें सूचना मिली तो,वह परिवार के साथ मौकें पर पहुंचें तो,दूसरे पक्ष के करीब आधा दर्जन लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया उन्होंने बताया उनके पक्ष की ओर से बेटी अनम,फैजान व भूरा सहित चार लोग घायल हुए हैं। प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है,और मामले की जांच की जा रही है,जांच के उपरांत ही अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।1
- COचम्पावत का पुलिस लाइन व यातायात कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के दिए निर्देश1
- Post by Junaid Junaid1
- बाजपुर में पॉलिप्लेक्स फैक्ट्री के 'काले साम्राज्य' के खिलाफ महाजंग सैकड़ों मजदूरों का फूटा गुस्सा,खून-पसीना हमारा, तिजोरी कंपनी की',अब नहीं चलेगा पॉलिप्लेक्स में सुरक्षा के नाम पर 'मौत का खेल', घायल हुए तो सीधे बाहर का रास्ता1
- बाजपुर में पॉलिप्लेक्स फैक्ट्री के ‘काले साम्राज्य’ के खिलाफ महाजंग बाजपुर में स्थित पॉलिप्लेक्स फैक्ट्री एक बार फिर विवादों के घेरे में है, जहां सैकड़ों मजदूरों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। वर्षों से अंदर ही अंदर सुलग रही नाराजगी ने आखिरकार बड़ा रूप ले लिया। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी उनके खून-पसीने से करोड़ों की कमाई कर रही है, लेकिन बदले में उन्हें न तो उचित वेतन मिल रहा है और न ही सुरक्षित कार्यस्थल। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री के अंदर सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। मजदूरों का कहना है कि कई बार हादसे हो चुके हैं, जिनमें कुछ लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने न तो उनकी उचित चिकित्सा करवाई और न ही कोई मुआवजा दिया। आरोप है कि घायल मजदूरों को चुपचाप बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है, ताकि मामला दबा रहे। घटना के दिन हालात तब बिगड़ गए जब एक और मजदूर के घायल होने की खबर फैली। इसके बाद मजदूरों ने काम बंद कर दिया और फैक्ट्री गेट पर इकट्ठा होकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। “खून-पसीना हमारा, तिजोरी कंपनी की — अब नहीं चलेगा” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। मजदूरों की मुख्य मांगों में सुरक्षित कार्यस्थल, उचित वेतन, हादसों में घायल होने पर इलाज और मुआवजा, तथा नौकरी की सुरक्षा शामिल है। उनका कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आया। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और मजदूरों से बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। फिलहाल बाजपुर में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। मजदूरों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है, अगर उनकी आवाज नहीं सुनी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। अब सबकी नजर प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी है—क्या मजदूरों को न्याय मिलेगा या फिर यह ‘काला साम्राज्य’ यूं ही चलता रहेगा?1
- चारधाम यात्रा चरम पर: केदारनाथ आज खुलेंगे, बदरीनाथ के साथ पूरी होगी पवित्र परिक्रमा1