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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर फतेहाबाद थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक तेज रफ्तार कार पीछे से एक कंटेनर में जा घुसी। इस दर्दनाक घटना में दो सगे भाइयों सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। प्राथमिक सूचना के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि कार चालक को नींद की झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का आधा हिस्सा कंटेनर में बुरी तरह फंसकर क्षतिग्रस्त हो गया। कार में सवार सभी लोग बिहार से राजस्थान एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, यूपीडा (UPEIDA) और एंबुलेंस की टीमों ने मौके पर पहुँचकर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी घायल व्यक्तियों को सीएचसी फतेहाबाद में भर्ती कराया गया है।
प्रदीप कुमार
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर फतेहाबाद थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक तेज रफ्तार कार पीछे से एक कंटेनर में जा घुसी। इस दर्दनाक घटना में दो सगे भाइयों सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। प्राथमिक सूचना के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि कार चालक को नींद की झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का आधा हिस्सा कंटेनर में बुरी तरह फंसकर क्षतिग्रस्त हो गया। कार में सवार सभी लोग बिहार से राजस्थान एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, यूपीडा (UPEIDA) और एंबुलेंस की टीमों ने मौके पर पहुँचकर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी घायल व्यक्तियों को सीएचसी फतेहाबाद में भर्ती कराया गया है।
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- फ़िरोज़ाबाद में ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया है। इस शिविर के माध्यम से लोगों को यह जानकारी दी गई है कि सार्वजनिक स्थानों पर नशा करना महंगा पड़ सकता है। चेतावनी दी गई है कि ऐसे मामलों में भारी जुर्माना लगाया जाएगा।1
- जोधपुर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) जोधपुर की 2026 पुनर्गठन के बाद पहली औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस कॉन्फ्रेंस को नव चयनित अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ राज लोढ़ा, नए सचिव डॉ. प्रदीप जैन, नवनियुक्त कोषाध्यक्ष डॉ. अमित सिंघवी और नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष डॉ. कंतेश खेतानी ने संबोधित किया। कॉन्फ्रेंस के दौरान, डॉ. प्रदीप जैन ने भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) के मुख्य कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आईएमए चिकित्सकों के हितों की रक्षा, सरकार और नियामक संस्थाओं के समक्ष उनका प्रतिनिधित्व, कानूनी एवं नैतिक मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ-साथ चिकित्सा नैतिकता को बढ़ावा देने का कार्य करता है। आईएमए सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) के माध्यम से चिकित्सकों को नवीनतम वैज्ञानिक प्रगति से अवगत कराता है और जनस्वास्थ्य गतिविधियों जैसे जागरूकता अभियान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भागीदारी तथा आपदा राहत कार्य में सक्रिय योगदान देता है। इसके अतिरिक्त, आईएमए स्वास्थ्य नीति निर्माण में सहभागिता करता है, समाज के वंचित वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाता है और झोलाछाप चिकित्सा के विरुद्ध अभियान चलाता है। संघ का मूल मंत्र है: "चिकित्सकों के हितों की रक्षा, चिकित्सा विज्ञान की उन्नति और समाज के स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए समर्पित सेवा।" आईएमए जोधपुर ने अपने सामाजिक-आर्थिक सरोकारों के निर्वहन हेतु विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया। इस अवसर पर, आईएमए जोधपुर ने सभी नागरिकों से तंबाकू एवं तंबाकू उत्पादों के सेवन से दूर रहने का आह्वान किया, क्योंकि तंबाकू विश्वभर में रोकी जा सकने वाली मृत्यु और गंभीर बीमारियों का एक प्रमुख कारण है। धूम्रपान, गुटखा, खैनी, जर्दा जैसे उत्पाद फेफड़ों के कैंसर, मुख कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, सीओपीडी और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए जिम्मेदार हैं। तंबाकू का दुष्प्रभाव सेवन करने वाले व्यक्ति तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार, विशेषकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य में, आईएमए जोधपुर द्वारा एक जन-जागरूकता रैली एवं विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज, जोधपुर से प्रातः 6:30 बजे हुआ। इस रैली को माननीय न्यायमूर्ति श्री मुकेश राजपुरोहित एवं डॉ. बी.एस. जोधा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आईएमए जोधपुर के अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ राज लोढ़ा ने स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया, वहीं सचिव डॉ. प्रदीप जैन ने युवाओं से विशेष अपील की कि वे तंबाकू की लत से दूर रहें और अपने परिवार तथा समाज को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। डॉ. कंतेश खेतानी ने तंबाकू के विभिन्न प्रकारों और उनसे होने वाली बीमारियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने धूम्रपान वाले उत्पादों जैसे सिगरेट, बीड़ी, सिगार से फेफड़ों, मुख, गले और स्वरयंत्र के कैंसर, सीओपीडी, हृदयाघात और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का उल्लेख किया। चबाने वाले तंबाकू उत्पादों जैसे गुटखा, खैनी, जर्दा से मुंह और जीभ के कैंसर, ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस और पाचन तंत्र के कैंसर का खतरा बताया। नसवार जैसे सूंघने वाले तंबाकू से नाक, साइनस के कैंसर और श्वसन तंत्र की समस्याओं की जानकारी दी। ई-सिगरेट और वेपिंग जैसे आधुनिक निकोटिन उत्पादों से निकोटिन की लत, फेफड़ों की क्षति और हृदय रोगों का जोखिम बढ़ने की चेतावनी दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि तंबाकू का कोई भी रूप सुरक्षित नहीं है और इसे छोड़ना ही स्वास्थ्य, परिवार व भविष्य की सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है। डॉ. अमित सिंघवी ने तंबाकू से गुर्दा (किडनी) एवं मूत्र तंत्र (पेशाब की नली और मूत्राशय) पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धूम्रपान मूत्राशय कैंसर का सबसे बड़ा रोके जा सकने वाला कारण है, जिसके लक्षणों में पेशाब में खून आना, बार-बार पेशाब आना और पेशाब करते समय जलन शामिल हैं। तंबाकू के सेवन से किडनी कैंसर का जोखिम भी बढ़ जाता है और यह क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का कारण बन सकता है, जिससे गुर्दों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचता है और उनकी कार्यक्षमता कम होने लगती है। तंबाकू सेवन से पेशाब में प्रोटीन आने लगता है, जो किडनी क्षति का प्रारंभिक संकेत है, और लंबे समय तक सेवन करने वालों में किडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है। पुरुषों में, तंबाकू रक्त प्रवाह को प्रभावित कर स्तंभन दोष और प्रजनन क्षमता में कमी का कारण बन सकता है। डॉ. सिंघवी ने संदेश दिया कि "तंबाकू केवल फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि गुर्दों और मूत्राशय को भी गंभीर नुकसान पहुंचाता है। समय रहते तंबाकू छोड़ें और अपने गुर्दों की रक्षा करें।" सभी वक्ताओं ने तंबाकू उत्पादों पर कठोर सरकारी नियमों और उनके अनुपालन की आवश्यकता पर बल दिया। आईएमए जोधपुर ने प्रसिद्ध युवाओं के आदर्शों द्वारा तंबाकू युक्त पदार्थों के विज्ञापन का कड़ा विरोध किया और लोक लुभावन तंबाकू विज्ञापनों पर रोक लगाने की वकालत की। अंत में, एक बार फिर यह संदेश दोहराया गया: "स्वास्थ्य चुनें, तंबाकू नहीं। तंबाकू छोड़ें, जीवन अपनाएं।"1
- आगरा के फाउंड्री नगर स्थित लंबे समय से प्रतीक्षित सेटेलाइट बस स्टेशन सोमवार से पूरी तरह संचालित हो गया है। इस नई व्यवस्था से यात्रियों को अब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न शहरों के लिए बेहतर और सुविधाजनक परिवहन सुविधा मिल सकेगी। स्टेशन प्रभारी रमेश तिवारी ने बताया कि शुरुआती चरण में प्रतिदिन लगभग 150 से 200 बसों का संचालन किया जाएगा। फिलहाल देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, मुरादाबाद और सहारनपुर जाने वाली बसों को फाउंड्री नगर सेटेलाइट बस स्टेशन से हाथरस मार्ग के जरिए संचालित किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से इन रूटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को शहर के भीतर स्थित अन्य बस अड्डों तक नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनके समय की बचत होगी और यात्रा के दौरान अधिक सुविधा मिलेगी। परिवहन विभाग का मानना है कि सेटेलाइट बस स्टेशन से बसों का संचालन शुरू होने से शहर के व्यस्त चौराहों और मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और जाम की समस्या में भी राहत मिलने की उम्मीद है।1
- उत्तरप्रदेश के बरेली में गुलाब नगर इलाके में 30 मई की देर रात एडवोकेट बृजेश मिश्रा और उनके मामा-मामी पर बिलाल घोसी नामक एक बदमाश ने चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। पीड़ित बृजेश मिश्रा के अनुसार, हमलावर ने उन्हें पीछे से दबोचकर वार किए और जब उनके मामा-मामी बीच-बचाव करने आए तो उन्हें भी निशाना बनाया गया। हालांकि, पीड़ित वकील के जवाबी हमले के बाद बदमाश वहां से फरार हो गया। पीड़ित वकील ने बताया कि बिलाल घोसी से उनकी कोई पुरानी रंजिश नहीं थी, लेकिन आरोपी एक जिला बदर और गैंगस्टर है जिस पर पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं। इस अचानक हुए हमले से पीड़ित परिवार दहशत में है। घटना के बाद पीड़ित ने 31 मई की सुबह प्रेम नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस द्वारा इस पूरे मामले में दो टीमों का गठन किया गया था और कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही थी। 31 मई की रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बिलाल घोसी जनकपुरी पुरानी रेलवे लाइन आरपीएफ बेरिक के पास मौजूद है। जब पुलिस टीम ने बिलाल घोसी को घेरने का प्रयास किया, तो उसने भागते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस टीम द्वारा भी जवाबी फायरिंग की गई, जिसमें बिलाल घोसी के दोनों पैरों में गोली लगी और वह घायल हो गया। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक अवैध चाकू, एक 315 बोर का तमंचा मय खोखा कारतूस जो उसमें फंसा हुआ था, और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। घायल बिलाल घोसी को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है, जहां वह पुलिस अभिरक्षा में इलाज करा रहा है। पुलिस ने यह भी बताया कि बिलाल घोसी पहले से ही आपराधिक प्रवृत्ति का है और उसके खिलाफ लूट, चोरी व धोखाधड़ी के आधे दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस द्वारा उसके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी और उसकी हिस्ट्रीशीट भी तैयार कराई जाएगी।1
- स्थानीय लोगों को एक जगह पर कई सालों से जमा पानी के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस जलभराव से लगातार बदबू आ रही है, जिसके चलते क्षेत्र में कई तरह की बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से इस जमा पानी को निकालने में मदद करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, उन्होंने मान्यवर मुख्यमंत्री जी से विशेष अपील की है कि वे इस गंभीर समस्या पर गंभीरता से ध्यान दें और इसके समाधान के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने की कृपा करें।1
- आगरा के कलेक्ट्रेट सभागार में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मेधावी छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें मेडल पहनाए और ₹21,000 की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए। समारोह में विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों और प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में महापौर हेमलता दिवाकर, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। वक्ताओं ने सभी विद्यार्थियों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।1
- जोधपुर की प्रसिद्ध स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनल परिहार कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में रेड कार्पेट पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद अपने गृह नगर लौट आई हैं। रविवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, उन्होंने फ्रांस के कान्स में बिताए गए अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह यात्रा उनके लिए केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारतीय महिलाओं, डॉक्टरों और छोटे शहरों से आने वाली प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी है। उन्होंने वर्षों तक ऑपरेशन थिएटर में मरीजों की सेवा करने के बाद दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म और फैशन मंचों में से एक, कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट तक पहुंचने को एक सपने के सच होने जैसा बताया। अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स और रील्स में भी उन्होंने इस सफर को "ऑपरेशन थिएटर से फैशन रनवे तक" का सफर बताया है। डॉ. परिहार ने बताया कि कान्स में उन्हें दुनिया भर के कलाकारों, फिल्म निर्माताओं, फैशन डिजाइनर्स और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों से संवाद करने का अवसर मिला। उनके अनुसार, यह मंच केवल ग्लैमर का प्रतीक नहीं है, बल्कि संस्कृति, कला और वैश्विक संवाद का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि उन्हें भारत की परंपराओं और संस्कृति को इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने भारतीय परिधानों और पारंपरिक सौंदर्य को विशेष महत्व दिया, जिसकी झलक उनके सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में भी देखी जा सकती है, जहाँ उन्होंने भारतीयता को वैश्विक मंच पर सम्मानपूर्वक प्रस्तुत करने की बात कही। प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. परिहार ने यह भी कहा कि जीवन को केवल एक ही पहचान तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि डॉक्टर होने के साथ-साथ समाज, संस्कृति और रचनात्मक क्षेत्रों में भी योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को संदेश दिया कि विवाह, परिवार या पेशेवर जिम्मेदारियों के बाद भी सपनों को जिया जा सकता है और नए अवसरों को अपनाया जा सकता है। उन्होंने जोधपुर और राजस्थान की मिट्टी से जुड़े होने पर गर्व व्यक्त किया और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने शहर व प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने को एक बेहद भावुक क्षण बताया। डॉ. परिहार ने विश्वास दिलाया कि यदि समर्पण, मेहनत और आत्मविश्वास हो तो छोटे शहरों से निकलकर भी वैश्विक मंचों तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय परिवार, सहयोगियों, शुभचिंतकों और उन सभी को दिया जिन्होंने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। डॉ. परिहार ने कहा कि कान्स की यह यात्रा उनके लिए एक नई शुरुआत है और वह भविष्य में भी चिकित्सा सेवा के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती रहेंगी।1
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में, जिलाधिकारी ने एक 'अनूठी पहल' करते हुए फरियादियों को स्वयं फोन करके उनकी शिकायतों की जानकारी ली और उनके निवारण की स्थिति जानी। इस कदम से उन्होंने कुर्सी पर बैठे अन्य अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आइना दिखाया। जिला प्रशासन और जिलाधिकारी द्वारा यह एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है, जिसे शिकायतों के त्वरित समाधान के तहत अपनाया जाता है। संपूर्ण समाधान दिवस (जिला या तहसील स्तर पर) में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानने के लिए, जिलाधिकारी या एसडीएम खुद फरियादियों को फोन करके उनकी संतुष्टि का स्तर पूछते हैं। यदि किसी शिकायत में लापरवाही, कर्मचारियों की अनुपस्थिति या झूठी रिपोर्ट पाई जाती है, तो फोन कॉल से सत्यापन के बाद संबंधित दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। AIN नेटवर्क ने संतोष कुमार शर्मा को उनके कार्य करने की शैली के लिए सलाम किया है।1
- एक डेढ़ साल के बच्चे के साथ क्रूरतापूर्ण हरकत करने वाले व्यक्ति को अब एक मतभेद में घायल होने के बाद पानी के लिए तड़पते हुए देखा गया है। वह लगातार पानी-पानी मांग रहा है, जो उसकी पिछली क्रूर कार्रवाई के विपरीत उसकी वर्तमान दयनीय स्थिति को दर्शाता है।1