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पीलीभीत के बरखेड़ा थाना परिसर में रविवार को 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृत्व के प्रति सम्मान का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार ने स्वयं पौधारोपण करते हुए संदेश दिया कि मां हमें जीवन देती हैं और वृक्ष हमें जीवन जीने के लिए आवश्यक प्राणवायु प्रदान करते हैं। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। थाना प्रभारी ने बढ़ते पर्यावरण संकट की ओर इशारा करते हुए कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण के लिए पौधे लगाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने और वृक्षारोपण अभियानों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अभियान के तहत थाना परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए और उपस्थित लोगों ने उनकी सुरक्षा एवं संरक्षण का संकल्प भी लिया।

2 hrs ago
user_सतर्क भारत न्यूज़
सतर्क भारत न्यूज़
Media company Bisalpur, Pilibhit•
2 hrs ago
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पीलीभीत के बरखेड़ा थाना परिसर में रविवार को 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृत्व के प्रति सम्मान का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार ने स्वयं पौधारोपण करते हुए संदेश दिया कि मां हमें

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जीवन देती हैं और वृक्ष हमें जीवन जीने के लिए आवश्यक प्राणवायु प्रदान करते हैं। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। थाना प्रभारी ने बढ़ते पर्यावरण संकट की ओर इशारा करते हुए कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित और हरित

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वातावरण के लिए पौधे लगाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने और वृक्षारोपण अभियानों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अभियान के तहत थाना परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए और उपस्थित लोगों ने उनकी सुरक्षा एवं संरक्षण का संकल्प भी लिया।

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  • पीलीभीत के बीसलपुर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में करीब 3 करोड़ 96 लाख रुपये की लागत से बन रहे भवन में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के आरोपों पर शनिवार को भारी हंगामा हो गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे विधायक विवेक वर्मा ने निर्माणाधीन भवन का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधायक ने निर्माण में प्रयुक्त ईंटों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मौके पर ही एक ईंट तोड़कर उसकी कमजोरी दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि मानकों को ताक पर रखकर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भवन की मजबूती खतरे में है। विधायक ने तत्काल पीलीभीत के जिलाधिकारी से फोन पर बात कर पूरे मामले से अवगत कराया और विशेषज्ञों की टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग और गुणवत्ता से कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद अब स्थानीय लोगों ने भी पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज कर दी है। हालांकि, इस पूरे मामले पर संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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    पीलीभीत के बीसलपुर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में करीब 3 करोड़ 96 लाख रुपये की लागत से बन रहे भवन में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के आरोपों पर शनिवार को भारी हंगामा हो गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे विधायक विवेक वर्मा ने निर्माणाधीन भवन का बारीकी से निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान विधायक ने निर्माण में प्रयुक्त ईंटों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मौके पर ही एक ईंट तोड़कर उसकी कमजोरी दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि मानकों को ताक पर रखकर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भवन की मजबूती खतरे में है। विधायक ने तत्काल पीलीभीत के जिलाधिकारी से फोन पर बात कर पूरे मामले से अवगत कराया और विशेषज्ञों की टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग और गुणवत्ता से कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद अब स्थानीय लोगों ने भी पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज कर दी है। हालांकि, इस पूरे मामले पर संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
    user_के के मिश्रा अमरउजाला
    के के मिश्रा अमरउजाला
    Voice of people बीसलपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • पीलीभीत के बरखेड़ा विकास खंड के अंतर्गत महदखास गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पात्रता सूची में भारी धांधली का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सचिव और प्रधान पर पात्र लोगों को योजना के लाभ से वंचित करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी (डीएम) और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2024 के आवास प्लस सर्वे में उनके परिवारों का सर्वे तो किया गया था, लेकिन पात्र होने के बावजूद उनका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया, जबकि अपात्रों के नाम जोड़ दिए गए। एक महिला शिकायतकर्ता ने सीधा आरोप लगाया है कि ग्राम सचिव और प्रधान ने आवास का लाभ दिलाने के नाम पर ₹20,000 की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत न देने पर उसका नाम सूची से बाहर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि गांव में कुल 228 परिवारों का सर्वे हुआ था, लेकिन पात्रता सूची में सिर्फ 38 नामों को ही शामिल किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने मामले की लिखित शिकायत पीलीभीत के डीएम और सीडीओ को सौंप दी है, लेकिन अब तक कोई भी अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा है। इस खबर के सामने आने के बाद अब सभी की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
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    पीलीभीत के बरखेड़ा विकास खंड के अंतर्गत महदखास गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पात्रता सूची में भारी धांधली का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सचिव और प्रधान पर पात्र लोगों को योजना के लाभ से वंचित करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी (डीएम) और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2024 के आवास प्लस सर्वे में उनके परिवारों का सर्वे तो किया गया था, लेकिन पात्र होने के बावजूद उनका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया, जबकि अपात्रों के नाम जोड़ दिए गए। एक महिला शिकायतकर्ता ने सीधा आरोप लगाया है कि ग्राम सचिव और प्रधान ने आवास का लाभ दिलाने के नाम पर ₹20,000 की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत न देने पर उसका नाम सूची से बाहर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि गांव में कुल 228 परिवारों का सर्वे हुआ था, लेकिन पात्रता सूची में सिर्फ 38 नामों को ही शामिल किया गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने मामले की लिखित शिकायत पीलीभीत के डीएम और सीडीओ को सौंप दी है, लेकिन अब तक कोई भी अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा है। इस खबर के सामने आने के बाद अब सभी की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
    user_Shivkumar Gangwar
    Shivkumar Gangwar
    Voice of people बीसलपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Durvesh Kumar
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    Post by Durvesh Kumar
    user_Durvesh Kumar
    Durvesh Kumar
    बीसलपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता माननीय शिवपाल सिंह यादव ने अपने बड़े भाई माननीय प्रो. रामगोपाल यादव के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया है। इस विशेष अवसर पर दोनों नेताओं के बीच आपसी आत्मीयता, सम्मान और पारिवारिक संस्कारों की एक बेहद सुंदर झलक देखने को मिली।
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    समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता माननीय शिवपाल सिंह यादव ने अपने बड़े भाई माननीय प्रो. रामगोपाल यादव के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया है। इस विशेष अवसर पर दोनों नेताओं के बीच आपसी आत्मीयता, सम्मान और पारिवारिक संस्कारों की एक बेहद सुंदर झलक देखने को मिली।
    user_Ramveer
    Ramveer
    Photographer फरीदपुर, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • बरेली में आयोजित होने वाले 108वें उर्स-ए-आला हजरत की तारीखों को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। पहले इस बड़े धार्मिक आयोजन के लिए 8, 9 और 10 अगस्त की तारीखें प्रस्तावित मानी जा रही थीं। हालांकि, हाल ही में जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की मौजूदगी में संपन्न हुई पीस कमेटी की बैठक के बाद से तारीखों में संभावित बदलाव को लेकर अटकलें काफी तेज हो गई हैं। इस बीच, जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान कादरी द्वारा जारी एक पत्र ने इस मामले को और हवा दे दी है। पत्र के अनुसार, उर्स-ए-आला हजरत की अंतिम तारीखें तय करने के लिए वरिष्ठ उलेमा-ए-किराम की एक उच्च स्तरीय टीम का गठन किया गया है। इस टीम में देश के कई प्रमुख इस्लामी विद्वान और मुफ्ती शामिल हैं, जो सभी धार्मिक, प्रशासनिक और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श करेंगे और अपनी सिफारिशें दरगाह आला हजरत के जिम्मेदारों को सौंपेंगे। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह एक बेहद महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, इसलिए तारीखों का निर्धारण पूरी गंभीरता और आपसी मशवरे के बाद ही किया जाएगा। फिलहाल, उर्स की तारीखों में किसी भी प्रकार के बदलाव की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, जिसके चलते पूर्व घोषित 8, 9 और 10 अगस्त की तारीखें ही चर्चा के केंद्र में हैं। अब सभी की नजरें दरगाह आला हजरत और संबंधित जिम्मेदारों के अंतिम फैसले पर टिकी हैं कि उर्स पहले से तय तारीखों पर ही संपन्न होगा या इसमें कोई बदलाव किया जाएगा।
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    बरेली में आयोजित होने वाले 108वें उर्स-ए-आला हजरत की तारीखों को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। पहले इस बड़े धार्मिक आयोजन के लिए 8, 9 और 10 अगस्त की तारीखें प्रस्तावित मानी जा रही थीं। हालांकि, हाल ही में जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की मौजूदगी में संपन्न हुई पीस कमेटी की बैठक के बाद से तारीखों में संभावित बदलाव को लेकर अटकलें काफी तेज हो गई हैं।

इस बीच, जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान कादरी द्वारा जारी एक पत्र ने इस मामले को और हवा दे दी है। पत्र के अनुसार, उर्स-ए-आला हजरत की अंतिम तारीखें तय करने के लिए वरिष्ठ उलेमा-ए-किराम की एक उच्च स्तरीय टीम का गठन किया गया है। इस टीम में देश के कई प्रमुख इस्लामी विद्वान और मुफ्ती शामिल हैं, जो सभी धार्मिक, प्रशासनिक और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श करेंगे और अपनी सिफारिशें दरगाह आला हजरत के जिम्मेदारों को सौंपेंगे। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह एक बेहद महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, इसलिए तारीखों का निर्धारण पूरी गंभीरता और आपसी मशवरे के बाद ही किया जाएगा।

फिलहाल, उर्स की तारीखों में किसी भी प्रकार के बदलाव की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, जिसके चलते पूर्व घोषित 8, 9 और 10 अगस्त की तारीखें ही चर्चा के केंद्र में हैं। अब सभी की नजरें दरगाह आला हजरत और संबंधित जिम्मेदारों के अंतिम फैसले पर टिकी हैं कि उर्स पहले से तय तारीखों पर ही संपन्न होगा या इसमें कोई बदलाव किया जाएगा।
    user_भारत vision live news
    भारत vision live news
    Court reporter बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    27 min ago
  • पीलीभीत के मां गोमती उद्गम स्थल पर जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 अभियान (एक पेड़ मां के नाम) के सफल क्रियान्वयन को लेकर तैयारियों से संबंधित बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिलाधिकारी ने बड़े स्तर पर आयोजित होने वाले इस वृक्षारोपण अभियान में भाग लेने के लिए सभी लोगों से अपील की है। बैठक में उपस्थित अधिकारियों और प्रबुद्ध जनों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण केवल एक सरकारी योजना या कार्य नहीं है, बल्कि यह हम सभी का सामूहिक नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने जीवन में वृक्षों के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रत्येक नागरिक से इस अभियान से जुड़कर इसे सफल बनाने का आग्रह किया। इसके साथ ही, नोडल अधिकारियों द्वारा जनपद में बड़े स्तर पर पौधारोपण कराने के उद्देश्य से जन जागरूकता बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव, मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र, डीएफओ सामाजिक वानिकी, डीसी मनरेगा, उपायुक्त स्वतः रोजगार, गोमती ट्रस्ट के पदाधिकारी, ग्रामीण और ग्राम प्रधान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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    पीलीभीत के मां गोमती उद्गम स्थल पर जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 अभियान (एक पेड़ मां के नाम) के सफल क्रियान्वयन को लेकर तैयारियों से संबंधित बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिलाधिकारी ने बड़े स्तर पर आयोजित होने वाले इस वृक्षारोपण अभियान में भाग लेने के लिए सभी लोगों से अपील की है।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों और प्रबुद्ध जनों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण केवल एक सरकारी योजना या कार्य नहीं है, बल्कि यह हम सभी का सामूहिक नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने जीवन में वृक्षों के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रत्येक नागरिक से इस अभियान से जुड़कर इसे सफल बनाने का आग्रह किया। इसके साथ ही, नोडल अधिकारियों द्वारा जनपद में बड़े स्तर पर पौधारोपण कराने के उद्देश्य से जन जागरूकता बढ़ाने पर भी चर्चा की गई।

इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव, मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र, डीएफओ सामाजिक वानिकी, डीसी मनरेगा, उपायुक्त स्वतः रोजगार, गोमती ट्रस्ट के पदाधिकारी, ग्रामीण और ग्राम प्रधान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Shivkumar Gangwar
    Shivkumar Gangwar
    Voice of people बीसलपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पीलीभीत जिले के दियोरिया कला क्षेत्र में बरखेड़ा विकास खंड की ग्राम पंचायत बढ़ेपुरा ता कुसुमा में पिछले पांच वर्षों में कराए गए विकास कार्यों की पोल खुल गई है। बारिश होते ही गांव की गलियों की हकीकत सामने आ गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने सड़कों पर फैले कीचड़ का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। इस वीडियो के जरिए ग्रामीणों ने धरातल पर कराए गए विकास कार्यों की वास्तविक सच्चाई उजागर की है। सरकारी दावों में पिछले पांच वर्षों के दौरान नाली और खड़ंजे के नाम पर लाखों रुपए का खर्च दर्शाया गया है, लेकिन धरातल पर इसकी हकीकत बिल्कुल विपरीत है। अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर पांच साल में नाली-खड़ंजे के नाम पर गांव में खर्च किया गया लाखों रुपया कहां लगाया गया है। गलियों में फैले इस भारी कीचड़ की वजह से छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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    पीलीभीत जिले के दियोरिया कला क्षेत्र में बरखेड़ा विकास खंड की ग्राम पंचायत बढ़ेपुरा ता कुसुमा में पिछले पांच वर्षों में कराए गए विकास कार्यों की पोल खुल गई है। बारिश होते ही गांव की गलियों की हकीकत सामने आ गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने सड़कों पर फैले कीचड़ का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। इस वीडियो के जरिए ग्रामीणों ने धरातल पर कराए गए विकास कार्यों की वास्तविक सच्चाई उजागर की है।

सरकारी दावों में पिछले पांच वर्षों के दौरान नाली और खड़ंजे के नाम पर लाखों रुपए का खर्च दर्शाया गया है, लेकिन धरातल पर इसकी हकीकत बिल्कुल विपरीत है। अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर पांच साल में नाली-खड़ंजे के नाम पर गांव में खर्च किया गया लाखों रुपया कहां लगाया गया है। गलियों में फैले इस भारी कीचड़ की वजह से छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
    user_Arvind Kumar maurya Patrakaar
    Arvind Kumar maurya Patrakaar
    पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    13 min ago
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