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Durvesh Kumar
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- शाहजहांपुर के पुवायां क्षेत्र में ब्लॉक सिंधौली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पसिया खेड़ा से चांदा जमदुईया, उमरिया, सिंधौली, कोरोकुइया और मुड़िया पमार को जाने वाला रास्ता बेहद खराब हालत में है। इस बदहाल रास्ते के कारण लोगों का यहां से निकलना काफी मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि बरसात शुरू होने पर इस मार्ग से आवागमन करने में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।2
- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने उत्तर प्रदेश वक़्फ़ बोर्ड में ग़ैर-मुस्लिमों की नियुक्ति के प्रावधान पर प्रतिक्रिया देते हुए हिंदू धार्मिक ट्रस्टों में भी ग़ैर-हिंदुओं की नियुक्ति की मांग उठाई है। 11 जुलाई 2026 को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि वक़्फ़ संशोधन क़ानून के तहत वक़्फ़ बोर्ड में दो ग़ैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति का प्रावधान सही है, तो इसी तर्क के आधार पर मंदिरों, मठों, गुरुद्वारों और चर्चों में भी यह नियम लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वक़्फ़ में पारदर्शिता लाने के लिए यह आवश्यक है, तो सरकार मंदिरों और मठों में अपारदर्शिता क्यों बनाए रखना चाहती है। राम मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी के आरोपों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अब ऐसी नियुक्तियां और भी ज़रूरी हो जाती हैं। शाहनवाज़ आलम ने आपसी सौहार्द की ऐतिहासिक परंपराओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि बंटवारे के बाद पंजाब में सिखों ने मुसलमानों के लिए कब्रिस्तान की ज़मीनें वक़्फ़ की थीं। इसी तरह, अतीत में कई मुस्लिम शासकों ने भी हिंदू मंदिरों के लिए ज़मीनें और जागीरें दान की थीं। उन्होंने बताया कि 18वीं सदी में अवध के नवाब आसिफ़ुद्दौला ने गोरखपुर के गोरक्षनाथ पीठ को ज़मीन वक़्फ़ की थी। कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें भारतीय इतिहास की प्राथमिक किताबें पढ़नी चाहिए ताकि सांप्रदायिक सौहार्द की समझ बढ़ सके। उन्होंने उल्लेख किया कि औरंगज़ेब ने बनारस के जंगमबाड़ी मठ, असम के कामाख्या व उमानंदा मंदिर, उज्जैन के महाकाल मंदिर और मध्य प्रदेश के चित्रकूट स्थित बालाजी मंदिर को ज़मीनें वक़्फ़ की थीं। उन्होंने यह भी कहा कि औरंगज़ेब के प्रशासन में 32 प्रतिशत हिंदू अधिकारी थे, जिससे मुख्यमंत्री को सीखना चाहिए कि प्रशासनिक नियुक्तियों में धार्मिक भेदभाव करना राजधर्म के ख़िलाफ़ है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां कोर्ट परिसर में ही एक डॉक्टर पति पर अपनी पत्नी को दोबारा 'तीन तलाक' देने और यह कहने का आरोप लगा है कि वह कानून नहीं, बल्कि शरीयत को मानता है। पीड़िता ने कैंट थाने में पति समेत अपने ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, धमकी और अन्य गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि उसके पति ने एमडी की पढ़ाई और अस्पताल खोलने के नाम पर ₹1 करोड़ के दहेज की मांग की थी। इसका विरोध करने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उस पर जमीन से जुड़े एक कथित फर्जीवाड़े में साथ देने का दबाव बनाया गया था। महिला का कहना है कि इससे पहले हरिद्वार में भी उसके पति ने उसे तीन तलाक दिया था और अब बरेली कोर्ट परिसर में फिर से तीन तलाक बोलते हुए जल्द ही दूसरा निकाह करने की बात कही। पुलिस ने महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- बरेली के मिलक कलारा क्षेत्र की रहने वाली नरसुनो देवी ने अपनी दान में मिली कृषि भूमि पर कथित अवैध कब्जे और भूमाफियाओं द्वारा पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता नरसुनो देवी, जो मूल रूप से नवाबगंज तहसील के ग्राम आसपुर हसन अली की निवासी हैं और वर्तमान में बरेली के मिलक कलारा में रहती हैं, ने बताया कि उनके पति लाखन सिंह ने उन्हें आराजी संख्या 432, रकबा 0.3650 हेक्टेयर में से 0.031 हेक्टेयर कृषि भूमि दानपत्र के माध्यम से दी थी, जो राजस्व अभिलेखों में उनके नाम दर्ज है। पीड़िता का आरोप है कि गांव के ही प्रमोद कुमार, अनिल कुमार, अमित कुमार, योगेश और अन्य लोगों ने दबंगई के बल पर उनकी इस जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। जब भी वह अपने खेत पर जाती हैं, तो उन्हें वहां से भगा दिया जाता है और विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जाती है। नरसुनो देवी ने आशंका जताई है कि विपक्षी किसी भी समय किसी गंभीर घटना को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने एसएसपी और जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जा हटवाने, भूमि की स्थिति यथावत बनाए रखने, दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने और परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिला अस्पताल में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है। ख़बर जंक्शन बरेली न्यूज़ चैनल द्वारा जिला अस्पताल के इस मामले को सामने लाया गया है।1
- बरेली कलेक्ट्रेट परिसर में शनिवार को ललिता गौतम प्रकरण को लेकर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में संगठन के समर्थक शामिल हुए और उन्होंने मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मेरठ के एसएसपी को निलंबित करने की मांग करते हुए उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों द्वारा भाजपा सरकार के विरोध में भी जमकर नारे लगाए गए। धरना-प्रदर्शन की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे तथा पूरी स्थिति पर नजर बनाए रखी, जिसके चलते यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल भी काफी तेज हो गई है। प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी बरेली के तहसील प्रभारी अजय गौतम ने भी संगठन की ओर से अपनी मांगों को दोहराया और दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।1
- बरेली के शीशगढ़ थाने में 'ऑपरेशन क्लीन 3.0' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध शराब का विनिष्टीकरण किया गया। इस अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 530 लीटर कच्ची शराब के साथ ही 71 पव्वे देशी शराब और 1991 पव्वे अंग्रेजी शराब को नष्ट किया।1
- पीलीभीत के पूरनपुर में हाईवे पर स्थित हरदोई ब्रांच पुल पर शुक्रवार रात करीब 11 बजे एक चलते ट्रक में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि उसने देखते ही देखते पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया और ट्रक धू-धू कर जलने लगा। इस घटना के कारण हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और राहगीरों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। आग बुझने के बाद ट्रक के भीतर से एक अज्ञात युवक का जला हुआ शव बरामद हुआ, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग की चपेट में आने के कारण ही युवक की जलकर मौत हुई है।2