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मौसम विभाग ने कल ही भुवनेश्वर के निवासियों को शाम के बाद तेज आंधी, तूफान और बारिश की चपेट में आने की संभावना के प्रति सचेत किया था, साथ ही उन्हें बाहर न निकलने की सलाह भी दी थी। यह पूर्वानुमान बिल्कुल सही सिद्ध हुआ, क्योंकि आज ओडिशा के भुवनेश्वर में चेतावनी के अनुसार ही भीषण आंधी, तूफान और बारिश देखी गई।

3 hrs ago
user_दिगेन्द्र कुमार बाजपेई
दिगेन्द्र कुमार बाजपेई
Local News Reporter पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

मौसम विभाग ने कल ही भुवनेश्वर के निवासियों को शाम के बाद तेज आंधी, तूफान और बारिश की चपेट में आने की संभावना के प्रति सचेत किया था, साथ ही उन्हें बाहर न निकलने की सलाह भी दी थी। यह पूर्वानुमान बिल्कुल सही सिद्ध हुआ, क्योंकि आज ओडिशा के भुवनेश्वर में चेतावनी के अनुसार ही भीषण आंधी, तूफान और बारिश देखी गई।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में, नौतपा के पाँचवें दिन भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे और फिर बरसात शुरू हो गई। यह बारिश ऐसे समय में आई है जब ग्वालियर जिले का तापमान 46 डिग्री तक पहुँच चुका था, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त था। कल रात हुई बूंदाबांदी के बाद, आज सुबह से शुरू हुई इस बरसात ने मौसम को सुहाना बना दिया है और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इस बदलाव से लोगों को चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
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    मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में, नौतपा के पाँचवें दिन भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे और फिर बरसात शुरू हो गई। यह बारिश ऐसे समय में आई है जब ग्वालियर जिले का तापमान 46 डिग्री तक पहुँच चुका था, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त था। कल रात हुई बूंदाबांदी के बाद, आज सुबह से शुरू हुई इस बरसात ने मौसम को सुहाना बना दिया है और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इस बदलाव से लोगों को चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
    user_Rajesh kumar soni
    Rajesh kumar soni
    Local News Reporter पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • एक संदेश के माध्यम से माननीय प्रद्युम्न जी से सीधे तौर पर यह पूछा गया है कि 'इस रोड' को क्या नाम दिया जाना चाहिए। इस प्रश्न को बार-बार दोहराया गया है, जिससे सड़क की पहचान या उसकी वर्तमान स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है।
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    एक संदेश के माध्यम से माननीय प्रद्युम्न जी से सीधे तौर पर यह पूछा गया है कि 'इस रोड' को क्या नाम दिया जाना चाहिए। इस प्रश्न को बार-बार दोहराया गया है, जिससे सड़क की पहचान या उसकी वर्तमान स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है।
    user_GWALIOR PRAVAH NEWS
    GWALIOR PRAVAH NEWS
    Salesperson गिर्द, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • दतिया जिले के प्रसिद्ध रतनगढ़ माता मंदिर क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का बड़ा खेल खुलेआम जारी है। इस पूरे मामले का खुलासा सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से हुआ है, जिसमें रेत से भरे ट्रक दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में यह भी दिख रहा है कि सिंध नदी पुल से लाई गई रेत ट्रकों में भरी जा रही है। यह सब तब हो रहा है जब दतिया पुलिस अधीक्षक रेत माफियों पर पूरी तरह लगाम लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बावजूद, दिनदहाड़े भारी वाहन रेत माफिया द्वारा रतनगढ़ माता क्षेत्र से होते हुए बसई मालिक, मर्सेनी और भागुपुरा जैसे इलाकों से धड़ल्ले से गुजर रहे हैं।
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    दतिया जिले के प्रसिद्ध रतनगढ़ माता मंदिर क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का बड़ा खेल खुलेआम जारी है। इस पूरे मामले का खुलासा सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से हुआ है, जिसमें रेत से भरे ट्रक दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में यह भी दिख रहा है कि सिंध नदी पुल से लाई गई रेत ट्रकों में भरी जा रही है।

यह सब तब हो रहा है जब दतिया पुलिस अधीक्षक रेत माफियों पर पूरी तरह लगाम लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बावजूद, दिनदहाड़े भारी वाहन रेत माफिया द्वारा रतनगढ़ माता क्षेत्र से होते हुए बसई मालिक, मर्सेनी और भागुपुरा जैसे इलाकों से धड़ल्ले से गुजर रहे हैं।
    user_AD SINGH DHAKAD
    AD SINGH DHAKAD
    Local News Reporter दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • *दतिया मांझी समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, ओबीसी सूची से हटाने की मांग* *विंध्य क्षेत्र के धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को मूल मांझी जनजाति में शामिल करने का हवाला* *दतिया, 29 मई 2026* - मांझी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को विलोपित किया जाए। *1950 के परिपत्र का दिया हवाला* मांझी समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख के परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS 49 दिनांक 07 जनवरी 1950 में मांझी जाति के समक्ष धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को अनुसूचित जनजाति में समाहित किए जाने की अनुशंसा की गई थी। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि जनजाति कार्य विभाग म.प्र. आयुक्त के पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को मांझी जनजाति में मूल रूप से समाहित होना स्वीकार किया गया है। *विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा* समाज के लोगों ने बताया कि म.प्र. विधानसभा में अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 दिनांक 13-03-2023 के जवाब में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे द्वारा विधानसभा में यह स्वीकार किया जा चुका है कि मांझी जनजाति में तत्कालीन विंध्यप्रदेश के केवट, धीमर, मल्लाह, भोई समाहित हैं और यही मूल मांझी जनजाति है।मांझी समाज के जिला अध्यक्ष ने बताया कि विंध्यप्रदेश के अन्तर्गत आने वाले जिलों रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया, टीकमगढ़ में "मांझी" नाम की कोई अलग जाति नहीं पाई गई है। यहां धीमर, केवट, मल्लाह, भोई ही मूल समाहित मांझी जनजाति के रूप में मान्य हैं। ये विंध्यप्रदेश के पुकारू शब्द हैं। समाज ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संदर्भित दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को विलोपित किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित रहे। कलेक्टर ने ज्ञापन लेकर उचित माध्यम से शासन को भेजने का आश्वासन दिया।
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    *दतिया मांझी समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, ओबीसी सूची से हटाने की मांग*  
*विंध्य क्षेत्र के धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को मूल मांझी जनजाति में शामिल करने का हवाला*

*दतिया, 29 मई 2026* - मांझी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को विलोपित किया जाए।
*1950 के परिपत्र का दिया हवाला*  
मांझी समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख के परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS 49 दिनांक 07 जनवरी 1950 में मांझी जाति के समक्ष धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को अनुसूचित जनजाति में समाहित किए जाने की अनुशंसा की गई थी। 
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि जनजाति कार्य विभाग म.प्र. आयुक्त के पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को मांझी जनजाति में मूल रूप से समाहित होना स्वीकार किया गया है। 
*विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा*  
समाज के लोगों ने बताया कि म.प्र. विधानसभा में अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 दिनांक 13-03-2023 के जवाब में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे द्वारा विधानसभा में यह स्वीकार किया जा चुका है कि मांझी जनजाति में तत्कालीन विंध्यप्रदेश के केवट, धीमर, मल्लाह, भोई समाहित हैं और यही मूल मांझी जनजाति है।मांझी समाज के जिला अध्यक्ष ने बताया कि विंध्यप्रदेश के अन्तर्गत आने वाले जिलों रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया, टीकमगढ़ में "मांझी" नाम की कोई अलग जाति नहीं पाई गई है। यहां धीमर, केवट, मल्लाह, भोई ही मूल समाहित मांझी जनजाति के रूप में मान्य हैं। ये विंध्यप्रदेश के पुकारू शब्द हैं। 
समाज ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संदर्भित दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को विलोपित किया जाए। 
ज्ञापन सौंपने वालों में मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित रहे। कलेक्टर ने ज्ञापन लेकर उचित माध्यम से शासन को भेजने का आश्वासन दिया।
    user_पूरन केवट जिला अध्यक्ष दतिया
    पूरन केवट जिला अध्यक्ष दतिया
    Farmer दतिया नगर, दतिया, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • दतिया जिले के सेवढ़ा नगर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस से पहले महिलाओं ने एक अनूठे तरीके से नशा मुक्ति का संदेश दिया। वार्ड क्रमांक 01 के दुबे मोहल्ला में आयोजित एक कार्यक्रम में महिलाओं ने गीत-संगीत, जागरूकता गीतों और प्रेरणादायी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को तंबाकू और अन्य नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों, सामाजिक और आर्थिक नुकसान के बारे में सूचित करना था। महिलाओं ने जोर देकर कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज की खुशहाली को भी प्रभावित करता है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अपने वार्ड और आसपास के क्षेत्रों में लगातार नशा मुक्ति अभियान चलाती रहेंगी और लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगी। इस पहल के तहत, महिलाओं ने सामूहिक रूप से 'नशा मुक्त सेवढ़ा' बनाने का संकल्प लिया। जागरूकता रैली, सामूहिक शपथ, नुक्कड़ नाटक, संकल्प हस्ताक्षर अभियान और तंबाकू त्याग परामर्श जैसी विभिन्न गतिविधियों के जरिए लोगों में जागरूकता फैलाई गई। महिलाओं ने 'तंबाकू छोड़ो–जीवन जोड़ो' और 'नशा मुक्त हो हर परिवार, तभी बनेगा स्वस्थ समाज' जैसे सशक्त नारों के साथ समाज को सकारात्मक संदेश दिया। इस अवसर पर नशा मुक्ति पंपलेट और संकल्प शपथ पत्र वितरित किए गए, साथ ही उपस्थित प्रतिभागियों को स्वल्पाहार भी कराया गया। कार्यक्रम में सोनिया दुबे, पूजा, गौरी, भूता रजक, अंजना व्यास, कृष्णा उपाध्याय, श्रद्धा, गौरी बाई, कांता बाई सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। वार्डवासियों ने महिलाओं की इस पहल की सराहना की और अभियान में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया।
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    दतिया जिले के सेवढ़ा नगर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस से पहले महिलाओं ने एक अनूठे तरीके से नशा मुक्ति का संदेश दिया। वार्ड क्रमांक 01 के दुबे मोहल्ला में आयोजित एक कार्यक्रम में महिलाओं ने गीत-संगीत, जागरूकता गीतों और प्रेरणादायी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को तंबाकू और अन्य नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।

यह कार्यक्रम जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों, सामाजिक और आर्थिक नुकसान के बारे में सूचित करना था। महिलाओं ने जोर देकर कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज की खुशहाली को भी प्रभावित करता है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अपने वार्ड और आसपास के क्षेत्रों में लगातार नशा मुक्ति अभियान चलाती रहेंगी और लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगी।

इस पहल के तहत, महिलाओं ने सामूहिक रूप से 'नशा मुक्त सेवढ़ा' बनाने का संकल्प लिया। जागरूकता रैली, सामूहिक शपथ, नुक्कड़ नाटक, संकल्प हस्ताक्षर अभियान और तंबाकू त्याग परामर्श जैसी विभिन्न गतिविधियों के जरिए लोगों में जागरूकता फैलाई गई। महिलाओं ने 'तंबाकू छोड़ो–जीवन जोड़ो' और 'नशा मुक्त हो हर परिवार, तभी बनेगा स्वस्थ समाज' जैसे सशक्त नारों के साथ समाज को सकारात्मक संदेश दिया। इस अवसर पर नशा मुक्ति पंपलेट और संकल्प शपथ पत्र वितरित किए गए, साथ ही उपस्थित प्रतिभागियों को स्वल्पाहार भी कराया गया। कार्यक्रम में सोनिया दुबे, पूजा, गौरी, भूता रजक, अंजना व्यास, कृष्णा उपाध्याय, श्रद्धा, गौरी बाई, कांता बाई सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। वार्डवासियों ने महिलाओं की इस पहल की सराहना की और अभियान में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया।
    user_Vikas Sen
    Vikas Sen
    Photographer दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • ग्राम पंचायत बामरोल में जमीन के सीमांकन के दौरान जमकर हंगामा हुआ, जिसमें भाजपा नेता जीता रावत के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। बताया गया है कि जीता रावत और उनके साथियों द्वारा खरीदी गई 72 बीघा जमीन का सीमांकन कराया जा रहा था, तभी यह विवाद बढ़ गया। इस घटना के बाद मामला भितरवार पुलिस थाना पहुंच गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और इलाके में इस घटना को लेकर चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।
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    ग्राम पंचायत बामरोल में जमीन के सीमांकन के दौरान जमकर हंगामा हुआ, जिसमें भाजपा नेता जीता रावत के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। बताया गया है कि जीता रावत और उनके साथियों द्वारा खरीदी गई 72 बीघा जमीन का सीमांकन कराया जा रहा था, तभी यह विवाद बढ़ गया।

इस घटना के बाद मामला भितरवार पुलिस थाना पहुंच गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और इलाके में इस घटना को लेकर चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।
    user_Ashish shukla
    Ashish shukla
    Social Media Manager पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • दतिया जिले में स्थित माता रतनगढ़ धाम पर हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। सुबह होते ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं, जहां श्रद्धालु माता रानी के जयकारे लगाते हुए पूजा-अर्चना करते दिखे। इस दौरान, भक्तों ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए विशेष कामनाएँ कीं।
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    दतिया जिले में स्थित माता रतनगढ़ धाम पर हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। सुबह होते ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं, जहां श्रद्धालु माता रानी के जयकारे लगाते हुए पूजा-अर्चना करते दिखे। इस दौरान, भक्तों ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए विशेष कामनाएँ कीं।
    user_AD SINGH DHAKAD
    AD SINGH DHAKAD
    Local News Reporter दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • *दतिया मांझी समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, ओबीसी सूची से हटाने की मांग* *विंध्य क्षेत्र के धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को मूल मांझी जनजाति में शामिल करने का हवाला* *दतिया, 29 मई 2026* - मांझी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को विलोपित किया जाए। *1950 के परिपत्र का दिया हवाला* मांझी समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख के परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS 49 दिनांक 07 जनवरी 1950 में मांझी जाति के समक्ष धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को अनुसूचित जनजाति में समाहित किए जाने की अनुशंसा की गई थी। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि जनजाति कार्य विभाग म.प्र. आयुक्त के पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को मांझी जनजाति में मूल रूप से समाहित होना स्वीकार किया गया है। *विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा* समाज के लोगों ने बताया कि म.प्र. विधानसभा में अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 दिनांक 13-03-2023 के जवाब में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे द्वारा विधानसभा में यह स्वीकार किया जा चुका है कि मांझी जनजाति में तत्कालीन विंध्यप्रदेश के केवट, धीमर, मल्लाह, भोई समाहित हैं और यही मूल मांझी जनजाति है।मांझी समाज के जिला अध्यक्ष ने बताया कि विंध्यप्रदेश के अन्तर्गत आने वाले जिलों रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया, टीकमगढ़ में "मांझी" नाम की कोई अलग जाति नहीं पाई गई है। यहां धीमर, केवट, मल्लाह, भोई ही मूल समाहित मांझी जनजाति के रूप में मान्य हैं। ये विंध्यप्रदेश के पुकारू शब्द हैं। समाज ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संदर्भित दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को विलोपित किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित रहे। कलेक्टर ने ज्ञापन लेकर उचित माध्यम से शासन को भेजने का आश्वासन दिया।
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    *दतिया मांझी समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, ओबीसी सूची से हटाने की मांग*  
*विंध्य क्षेत्र के धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को मूल मांझी जनजाति में शामिल करने का हवाला*

*दतिया, 29 मई 2026* - मांझी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को विलोपित किया जाए।
*1950 के परिपत्र का दिया हवाला*  
मांझी समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख के परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS 49 दिनांक 07 जनवरी 1950 में मांझी जाति के समक्ष धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को अनुसूचित जनजाति में समाहित किए जाने की अनुशंसा की गई थी। 
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि जनजाति कार्य विभाग म.प्र. आयुक्त के पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को मांझी जनजाति में मूल रूप से समाहित होना स्वीकार किया गया है। 
*विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा*  
समाज के लोगों ने बताया कि म.प्र. विधानसभा में अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 दिनांक 13-03-2023 के जवाब में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे द्वारा विधानसभा में यह स्वीकार किया जा चुका है कि मांझी जनजाति में तत्कालीन विंध्यप्रदेश के केवट, धीमर, मल्लाह, भोई समाहित हैं और यही मूल मांझी जनजाति है।मांझी समाज के जिला अध्यक्ष ने बताया कि विंध्यप्रदेश के अन्तर्गत आने वाले जिलों रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया, टीकमगढ़ में "मांझी" नाम की कोई अलग जाति नहीं पाई गई है। यहां धीमर, केवट, मल्लाह, भोई ही मूल समाहित मांझी जनजाति के रूप में मान्य हैं। ये विंध्यप्रदेश के पुकारू शब्द हैं। 
समाज ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संदर्भित दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को विलोपित किया जाए। 
ज्ञापन सौंपने वालों में मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित रहे। कलेक्टर ने ज्ञापन लेकर उचित माध्यम से शासन को भेजने का आश्वासन दिया।
    user_पूरन केवट जिला अध्यक्ष दतिया
    पूरन केवट जिला अध्यक्ष दतिया
    Farmer दतिया नगर, दतिया, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • गुरुवार रात ग्वालियर उप नगर में आई तेज आंधी और बारिश के कारण कई क्षेत्रों में वृक्ष गिरने से विद्युत लाइनों और खंभों को गंभीर क्षति पहुँची, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इस स्थिति की सूचना मिलते ही ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर तत्काल मौके पर पहुँचे और प्रभावित क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने माँ वैष्णोंपुरम, चंदनपुरा, श्याम बाबा का मंदिर, राठौर चौक और गदाईपुरा जैसे इलाकों का जायजा लेते हुए राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की समीक्षा की। देर रात करीब 1 बजे तक, श्री तोमर ने विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंधी-पानी से प्रभावित 4 फीडरों पर बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए वैकल्पिक प्रबंध किए जाएँ। इस दौरान ऊर्जा मंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से सीधा संवाद भी किया और उन्हें आश्वस्त किया कि बिजली विभाग की टीमें पूरी तत्परता और तेजी से काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति शीघ्र ही सामान्य कर दी जाएगी। श्री तोमर ने अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जोर दिया कि "जनता की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है," और वे आंधी-पानी से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहे।
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    गुरुवार रात ग्वालियर उप नगर में आई तेज आंधी और बारिश के कारण कई क्षेत्रों में वृक्ष गिरने से विद्युत लाइनों और खंभों को गंभीर क्षति पहुँची, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इस स्थिति की सूचना मिलते ही ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर तत्काल मौके पर पहुँचे और प्रभावित क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने माँ वैष्णोंपुरम, चंदनपुरा, श्याम बाबा का मंदिर, राठौर चौक और गदाईपुरा जैसे इलाकों का जायजा लेते हुए राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की समीक्षा की। देर रात करीब 1 बजे तक, श्री तोमर ने विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंधी-पानी से प्रभावित 4 फीडरों पर बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए वैकल्पिक प्रबंध किए जाएँ।

इस दौरान ऊर्जा मंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से सीधा संवाद भी किया और उन्हें आश्वस्त किया कि बिजली विभाग की टीमें पूरी तत्परता और तेजी से काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति शीघ्र ही सामान्य कर दी जाएगी। श्री तोमर ने अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जोर दिया कि "जनता की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है," और वे आंधी-पानी से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहे।
    user_एक देश एक आवाज़ NEWS
    एक देश एक आवाज़ NEWS
    न्यूज़ संपादक तानसेन, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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