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दतिया जिले के प्रसिद्ध रतनगढ़ माता मंदिर क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का बड़ा खेल खुलेआम जारी है। इस पूरे मामले का खुलासा सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से हुआ है, जिसमें रेत से भरे ट्रक दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में यह भी दिख रहा है कि सिंध नदी पुल से लाई गई रेत ट्रकों में भरी जा रही है। यह सब तब हो रहा है जब दतिया पुलिस अधीक्षक रेत माफियों पर पूरी तरह लगाम लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बावजूद, दिनदहाड़े भारी वाहन रेत माफिया द्वारा रतनगढ़ माता क्षेत्र से होते हुए बसई मालिक, मर्सेनी और भागुपुरा जैसे इलाकों से धड़ल्ले से गुजर रहे हैं।
AD SINGH DHAKAD
दतिया जिले के प्रसिद्ध रतनगढ़ माता मंदिर क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का बड़ा खेल खुलेआम जारी है। इस पूरे मामले का खुलासा सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से हुआ है, जिसमें रेत से भरे ट्रक दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में यह भी दिख रहा है कि सिंध नदी पुल से लाई गई रेत ट्रकों में भरी जा रही है। यह सब तब हो रहा है जब दतिया पुलिस अधीक्षक रेत माफियों पर पूरी तरह लगाम लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बावजूद, दिनदहाड़े भारी वाहन रेत माफिया द्वारा रतनगढ़ माता क्षेत्र से होते हुए बसई मालिक, मर्सेनी और भागुपुरा जैसे इलाकों से धड़ल्ले से गुजर रहे हैं।
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- दतिया जिले के प्रसिद्ध रतनगढ़ माता मंदिर क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का बड़ा खेल खुलेआम जारी है। इस पूरे मामले का खुलासा सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से हुआ है, जिसमें रेत से भरे ट्रक दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में यह भी दिख रहा है कि सिंध नदी पुल से लाई गई रेत ट्रकों में भरी जा रही है। यह सब तब हो रहा है जब दतिया पुलिस अधीक्षक रेत माफियों पर पूरी तरह लगाम लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बावजूद, दिनदहाड़े भारी वाहन रेत माफिया द्वारा रतनगढ़ माता क्षेत्र से होते हुए बसई मालिक, मर्सेनी और भागुपुरा जैसे इलाकों से धड़ल्ले से गुजर रहे हैं।1
- *दतिया मांझी समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, ओबीसी सूची से हटाने की मांग* *विंध्य क्षेत्र के धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को मूल मांझी जनजाति में शामिल करने का हवाला* *दतिया, 29 मई 2026* - मांझी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को विलोपित किया जाए। *1950 के परिपत्र का दिया हवाला* मांझी समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख के परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS 49 दिनांक 07 जनवरी 1950 में मांझी जाति के समक्ष धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को अनुसूचित जनजाति में समाहित किए जाने की अनुशंसा की गई थी। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि जनजाति कार्य विभाग म.प्र. आयुक्त के पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को मांझी जनजाति में मूल रूप से समाहित होना स्वीकार किया गया है। *विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा* समाज के लोगों ने बताया कि म.प्र. विधानसभा में अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 दिनांक 13-03-2023 के जवाब में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे द्वारा विधानसभा में यह स्वीकार किया जा चुका है कि मांझी जनजाति में तत्कालीन विंध्यप्रदेश के केवट, धीमर, मल्लाह, भोई समाहित हैं और यही मूल मांझी जनजाति है।मांझी समाज के जिला अध्यक्ष ने बताया कि विंध्यप्रदेश के अन्तर्गत आने वाले जिलों रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया, टीकमगढ़ में "मांझी" नाम की कोई अलग जाति नहीं पाई गई है। यहां धीमर, केवट, मल्लाह, भोई ही मूल समाहित मांझी जनजाति के रूप में मान्य हैं। ये विंध्यप्रदेश के पुकारू शब्द हैं। समाज ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संदर्भित दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को विलोपित किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित रहे। कलेक्टर ने ज्ञापन लेकर उचित माध्यम से शासन को भेजने का आश्वासन दिया।1
- दतिया जिले के सेवढ़ा नगर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस से पहले महिलाओं ने एक अनूठे तरीके से नशा मुक्ति का संदेश दिया। वार्ड क्रमांक 01 के दुबे मोहल्ला में आयोजित एक कार्यक्रम में महिलाओं ने गीत-संगीत, जागरूकता गीतों और प्रेरणादायी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को तंबाकू और अन्य नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों, सामाजिक और आर्थिक नुकसान के बारे में सूचित करना था। महिलाओं ने जोर देकर कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज की खुशहाली को भी प्रभावित करता है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अपने वार्ड और आसपास के क्षेत्रों में लगातार नशा मुक्ति अभियान चलाती रहेंगी और लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगी। इस पहल के तहत, महिलाओं ने सामूहिक रूप से 'नशा मुक्त सेवढ़ा' बनाने का संकल्प लिया। जागरूकता रैली, सामूहिक शपथ, नुक्कड़ नाटक, संकल्प हस्ताक्षर अभियान और तंबाकू त्याग परामर्श जैसी विभिन्न गतिविधियों के जरिए लोगों में जागरूकता फैलाई गई। महिलाओं ने 'तंबाकू छोड़ो–जीवन जोड़ो' और 'नशा मुक्त हो हर परिवार, तभी बनेगा स्वस्थ समाज' जैसे सशक्त नारों के साथ समाज को सकारात्मक संदेश दिया। इस अवसर पर नशा मुक्ति पंपलेट और संकल्प शपथ पत्र वितरित किए गए, साथ ही उपस्थित प्रतिभागियों को स्वल्पाहार भी कराया गया। कार्यक्रम में सोनिया दुबे, पूजा, गौरी, भूता रजक, अंजना व्यास, कृष्णा उपाध्याय, श्रद्धा, गौरी बाई, कांता बाई सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। वार्डवासियों ने महिलाओं की इस पहल की सराहना की और अभियान में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया।1
- मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दतिया का दौरा किया, जहां उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान डॉ. मिश्रा ने संगठन को सशक्त करने पर विशेष बल दिया और कार्यकर्ताओं को जनता के बीच सक्रिय रहकर कार्य करने का संदेश दिया। डॉ. मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा कार्यकर्ता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने सभी से मिलकर पार्टी की नीतियों और सरकार की योजनाओं को आमजन तक पहुँचाने का आग्रह किया, साथ ही कार्यकर्ताओं को क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर लगातार काम करते रहने की बात कही। मुलाकात के समय बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे, जिन्होंने क्षेत्रीय समस्याओं, विकास कार्यों और संगठनात्मक विषयों से संबंधित अपनी बातें डॉ. मिश्रा के सामने रखीं। पूर्व गृहमंत्री ने उन सभी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया।1
- ऑटो चालकों ने बताया कि राहुल गांधी उनके साथ खाना खाने आए और उन्होंने सबके साथ भोजन किया। इस मुलाकात के दौरान, राहुल गांधी जी ने ऑटो चालकों की समस्याओं को संसद में उठाने और उनका बीमा करवाने का भी वादा किया। यह जानकारी ऑटो चालकों ने राहुल गांधी जी से मुलाकात के बाद दी।1
- दतिया पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खण्डेलवाल ने सेवढ़ा अनुभाग के सभी थानों की अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में एसडीओपी सेवढ़ा श्री अजय चानना सहित अनुभाग के समस्त थाना प्रभारी उपस्थित रहे। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्र में सक्रिय गुंडा-बदमाशों, निगरानीशुदा अपराधियों एवं बाउंडओवर की कार्यवाहियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में उपस्थित पुलिस अधिकारियों को आमजन के साथ बेहतर जनसंवाद बनाए रखने, नाबालिग बालक-बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबी सुनिश्चित करने तथा फरार वारंटियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया। लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने हेतु भी आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को संवेदनशीलता एवं सक्रियता के साथ कार्य करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्देशित किया।1
- दतिया में भारतीय जनता पार्टी लगातार मजबूत हो रही है। इसी कड़ी में 29 मई 2026 को भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व और मंडल अध्यक्ष श्री हरिराम पाल की मौजूदगी में पाल समाज के एक दर्जन से अधिक युवाओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। माई निवास पर आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम के दौरान डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सभी नए युवाओं को पार्टी का अंगवस्त्र पहनाकर भाजपा परिवार में स्वागत किया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष हरिराम पाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सदस्यता लेने वाले युवाओं ने बताया कि वे डॉ. मिश्रा के विकास कार्यों और भाजपा की जनहितैषी नीतियों से प्रभावित होकर राष्ट्रहित में पार्टी से जुड़े हैं।1
- दतिया जिले में स्थित माता रतनगढ़ धाम पर हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। सुबह होते ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं, जहां श्रद्धालु माता रानी के जयकारे लगाते हुए पूजा-अर्चना करते दिखे। इस दौरान, भक्तों ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए विशेष कामनाएँ कीं।1