प्रतापगढ़ जिले की पट्टी कोतवाली क्षेत्र के पेड़रा गांव में सरकारी नाली पर कब्जे को लेकर रामउदित और भागीरथी नामक दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें आठ लोग घायल हो गए। यह विवाद सरकारी नाली पर कब्जे को लेकर शुरू हुआ था। मंगलवार दोपहर करीब 12:00 बजे, रामउदित का पक्ष घायल अवस्था में पट्टी कोतवाली पहुंचा। इस पक्ष से रामउदित, जियालाल, मुन्नालाल, जयशंकर, मुकेश, वंदना और आयुष सहित कुल आठ लोग घायल हुए। पुलिस ने तत्काल सभी घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए सीएचसी पट्टी भेजा, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। विशेष रूप से, मुन्नालाल और जयशंकर के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते सीएचसी पट्टी के डॉक्टर राकेश कुमार ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्रतापगढ़ के मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पट्टी कोतवाल आनंदपाल सिंह ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नाली के विवाद में दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रतापगढ़ जिले की पट्टी कोतवाली क्षेत्र के पेड़रा गांव में सरकारी नाली पर कब्जे को लेकर रामउदित और भागीरथी नामक दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें आठ लोग घायल हो गए। यह विवाद सरकारी नाली पर कब्जे को लेकर शुरू हुआ था। मंगलवार दोपहर करीब 12:00 बजे, रामउदित का पक्ष घायल अवस्था में पट्टी कोतवाली पहुंचा। इस पक्ष से रामउदित, जियालाल, मुन्नालाल, जयशंकर, मुकेश, वंदना और आयुष सहित कुल आठ लोग घायल हुए। पुलिस ने तत्काल सभी घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए सीएचसी पट्टी भेजा, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। विशेष रूप से, मुन्नालाल और जयशंकर के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते सीएचसी पट्टी के डॉक्टर राकेश कुमार ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्रतापगढ़ के मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पट्टी कोतवाल आनंदपाल सिंह ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नाली के विवाद में दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- सुल्तानपुर के कुरेभार थाने में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ थानेदार ने फोन पर दावा किया है कि पीड़िता अनीता देवी ने कोई तहरीर नहीं दी है। इसके ठीक उलट, पीड़िता अनीता देवी ने पलटवार करते हुए कहा है कि वह पिछले एक महीने से थाने के चक्कर काट रही हैं, लेकिन थानेदार उनकी शिकायत दर्ज नहीं कर रहे। पीड़िता का आरोप है कि वह सुबह से दोपहर तक थाने में बैठी रहीं, लेकिन पुलिस ने उनकी तहरीर लेने से साफ इनकार कर दिया। अनीता देवी का कहना है कि उनका कसूर सिर्फ इतना है कि वे गरीब हैं, इसलिए थाने में उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इस मामले से जुड़ी खबर वायरल होने और वीडियो सामने आने के 24 घंटे बाद भी कुरेभार पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया, और आरोपी अभी भी गाँव में खुलेआम घूम रहे हैं। पीड़िता अभी भी न्याय के लिए भटक रही हैं, जबकि थानाध्यक्ष कुरेभार कथित तौर पर मुकदमा दर्ज करने को तैयार नहीं हैं। अनीता देवी ने कुरेभार थाने में लगे सीसीटीवी फुटेज की जाँच की मांग की है, उनका कहना है कि फुटेज चेक होते ही साफ हो जाएगा कि थानेदार सही बोल रहे हैं या पीड़िता, और इससे 'दूध का दूध, पानी का पानी' हो जाएगा। इस पूरे मामले पर एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिला सुरक्षा और ज़ीरो टॉलरेंस की बात करते हैं, तो कुरेभार पुलिस उनके आदेशों को ठेंगा क्यों दिखा रही है। पीड़िता ने इस बात पर रोष व्यक्त किया कि सुल्तानपुर में कथित तौर पर दो तरह के कानून चल रहे हैं: जहाँ पीडब्ल्यूडी के गार्ड की पिटाई के मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया जाता है, वहीं अनीता देवी जैसी पीड़िता कई महीनों से थाने के चक्कर काट रही हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।1
- जनता को भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक करने का आह्वान किया गया है। इस दौरान भ्रष्ट प्रधानों द्वारा जनता के पैसे के दुरुपयोग का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। यह बताया गया है कि ऐसे भ्रष्ट प्रधानों के कार्यों के प्रति लोगों को सचेत करना और उन्हें जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि सार्वजनिक धन के इस अनुचित उपयोग को रोका जा सके।1
- आसपास के क्षेत्रों में मानसून ने दस्तक दे दी है, जिसके साथ ही मौसम ने भी करवट बदल ली है। इस बदलाव के चलते इन इलाकों में झमाझम बारिश होने की संभावना है। मौसम के इस सुखद परिवर्तन से जनमानस को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है, और लोगों के चेहरों पर खुशी की लहर साफ दिखाई दे रही है।1
- अयोध्या में सामने आए चोरी के मामले पर बाबा बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सहज भाषा में कहा कि जो भी व्यक्ति चोरी में संलिप्त पाया जाएगा, उसे सरकार तो दंड अवश्य देगी, लेकिन भगवान उसे कभी माफ नहीं करेंगे। धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी कहा कि अगर इस मामले की गहन जांच की जाती है, तो इसमें और भी लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने चोरों को रावण का उदाहरण देते हुए चेतावनी दी कि रावण ने मां सीता को चुराया था, जिसके परिणामस्वरूप उसका पूरा खानदान समाप्त हो गया था। धीरेंद्र शास्त्री ने वर्तमान चोरों से सवाल किया कि यदि उन्होंने भगवान के धन की चोरी की है, तो उनका क्या हश्र होगा, उन्हें रावण के अंजाम से सीखना चाहिए।1
- लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के कारीबहार गांव में पुरानी रंजिश के चलते आजाद वर्मा की गोली मारकर हत्या के बाद सोमवार को गांव में भारी तनाव फैल गया। लखनऊ से पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब 4:40 बजे जैसे ही आजाद का शव गांव पहुंचा, परिजनों में कोहराम मच गया। उन्होंने अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई न होने तक अंतिम संस्कार करने से स्पष्ट इनकार कर दिया, जिससे गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और प्रशासनिक अधिकारी लगातार समझाने का प्रयास करते रहे। आजाद वर्मा को रविवार शाम करीब पौने छह बजे उस वक्त बदमाशों ने गोली मार दी थी, जब वह ट्यूबवेल पर जा रहे थे। इलाज के दौरान लखनऊ में उनकी मौत हो गई। मृतक के पिता जमुना प्रसाद ने एसडीएम प्रभात सिंह को एक पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा है, जिसमें हत्यारोपियों के खिलाफ एनकाउंटर की कार्रवाई, दो करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, शस्त्र लाइसेंस, आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। परिजनों का कहना था कि प्रशासन अक्सर आश्वासन देकर अंतिम संस्कार करा देता है, लेकिन बाद में मांगें पूरी नहीं होतीं, इसलिए इस बार पहले कार्रवाई और उसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम प्रभात सिंह, सदर न्यायिक एसडीएम शिवप्रसाद, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) राकेश सिंह, तहसीलदार मयंक मिश्रा, नायब तहसीलदार रूबी यादव और क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों से बात की। शाम करीब 6:15 बजे अपर पुलिस अधीक्षक वृज नारायण सिंह भी मृतक के घर पहुंचे और कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सोमवार सुबह मृतक के भाई बादल वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने अशोक पाण्डेय, राजनारायण पाण्डेय, अनुराग, रूपम, सत्यम और सूरज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। अपर पुलिस अधीक्षक वृज नारायण सिंह ने बताया कि नामजद आरोपियों में सूरज पाण्डेय, सत्यम पाण्डेय और रूपम पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर गोसाईगंज थानाध्यक्ष अखंड देव मिश्रा के नेतृत्व में गोसाईगंज, मोतिगरपुर, अखंडनगर और जयसिंहपुर समेत करीब आधा दर्जन थानों की पुलिस और तीन गाड़ियों से आए पीएसी के जवान गांव में तैनात रहे। मृतक के घर पूर्व विधायक अरुण वर्मा, अपना दल (एस) के विधि सचिव सत्यप्रकाश पटेल, जिलाध्यक्ष राकेश वर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओपी चौधरी, बसपा मंडल कोऑर्डिनेटर उदयराज वर्मा, भाजपा नेता विकास वर्मा, कुलदीप यादव जनवादी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। आजाद वर्मा दो भाइयों में छोटा था, और उनके पिता जमुना प्रसाद खेती-किसानी करते हैं। बेटे की मौत से मां परम शिला का रो-रोकर बुरा हाल है। खबर लिखे जाने तक अंतिम संस्कार के लिए परिजनों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन पाई थी, और पूरा गांव छावनी में तब्दील रहा।1
- ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का सुपुर्द-ए-खाक उनकी हत्या के 131 दिन बाद किया जा रहा है। इस छह दिवसीय राजकीय जनाजे के लिए ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी न्योता भेजा था, लेकिन भारत सरकार ने कूटनीतिक संतुलन साधते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। भारत सरकार द्वारा भेजे जा रहे आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल में न तो प्रधानमंत्री मोदी और न ही विदेश मंत्री शामिल होंगे। इसके बजाय, भारतीय प्रतिनिधिमंडल की कमान बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन सहित दो प्रमुख हस्तियां संभालेंगी। भारत ने यह कदम अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे भारी तनाव को देखते हुए उठाया है। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य दोनों पक्षों के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों में संतुलन बनाए रखना है।1
- यह पाठ श्री हनुमान जी और प्रभु राम के प्रति श्रद्धाभाव को व्यक्त करता है। इसमें 'जय जय' का कई बार उद्घोष किया गया है, जिसके बाद 'श्री हनुमान जी' का स्मरण किया गया है। अंत में, 'राम राम' के उच्चारण के माध्यम से प्रभु राम का भी स्मरण किया गया है।1
- सुल्तानपुर में मानसून ने अपनी पहली दस्तक दे दी है, जिससे जनजीवन को कई दिनों से पड़ रही अत्यधिक गर्मी से आखिरकार राहत मिली है। आज सुबह मौसम ने करवट बदली और शुरुआत बूंदाबांदी से हुई, जो कुछ ही पलों में झमाझम बारिश में बदल गई। गर्मी से निजात मिलने के साथ-साथ, समय पर प्रकृति का यह सहयोग खेती-किसानी की शुरुआत के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है। इस सुखद बदलाव से लोगों ने ईश्वर का धन्यवाद किया, और सभी के चेहरों पर खुशी की लहर साफ देखी जा सकती है। आसपास के क्षेत्रों में भी झमाझम बारिश के आसार बने हुए हैं, जिससे जनमानस में और राहत की उम्मीद जगी है।1
- रायबरेली के लालगंज तहसील क्षेत्र के करौंधिया मजरे रजौली गाँव में मंगलवार को प्रशासन ने सार्वजनिक नाली पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटा दिया। इस कार्रवाई से गाँव के एक दर्जन से अधिक परिवारों की लंबे समय से चली आ रही जल निकासी की समस्या दूर हो गई है, जिससे ग्रामीणों ने राहत की साँस ली है। दरअसल, अर्चना पत्नी लक्ष्मण सहित कई ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को एक सामूहिक शिकायती पत्र दिया था। उन्होंने बताया था कि गाँव के कुछ लोगों ने निर्माण कार्य के दौरान सार्वजनिक नाली को पाट दिया था, जिसके कारण बारिश और घरों का पानी निकलना बंद हो गया था। ग्रामीण लंबे समय से इस परेशानी का सामना कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद, जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। नायब तहसीलदार सरेनी के नेतृत्व में राजस्व टीम मौके पर पहुँची, जिसमें राजस्व निरीक्षक रामशरण, लेखपाल मोहित चौधरी, अमर बहादुर, दीपक कुमार और सौरभ वर्मा भी मौजूद थे। इस टीम की उपस्थिति में नाली से अवैध अतिक्रमण को हटवाया गया। तहसीलदार शिवम राठौड़ ने पुष्टि करते हुए बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए सार्वजनिक नाली को अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है, जिससे अब गाँव में पानी का निकास सुचारु रूप से हो सकेगा।1