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डीएम/एसएसपी हरिद्वार द द्वारा संयुक्त रूप से किया गया नारसन बॉर्डर तक यात्रा व्यवस्था का भौतिक निरीक्षण। आज जिलाधिकारी/ एसएसपी हरिद्वार द्वारा आगामी चार धाम यात्रा के दृष्टिगत संयुक्त रूप से सीमावर्ती नारसन बॉर्डर पहुंच कर यातायात व्यवस्था का भौतिक निरीक्षण करते हुए अधीनस्थ पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए जिससे कि चारधाम यात्रा पर आने श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या न उत्पन्न हो।
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डीएम/एसएसपी हरिद्वार द द्वारा संयुक्त रूप से किया गया नारसन बॉर्डर तक यात्रा व्यवस्था का भौतिक निरीक्षण। आज जिलाधिकारी/ एसएसपी हरिद्वार द्वारा आगामी चार धाम यात्रा के दृष्टिगत संयुक्त रूप से सीमावर्ती नारसन बॉर्डर पहुंच कर यातायात व्यवस्था का भौतिक निरीक्षण करते हुए अधीनस्थ पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए जिससे कि चारधाम यात्रा पर आने श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या न उत्पन्न हो।
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- लावारिस लाश को मिला न्याय — हरिद्वार पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाई ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री” 🟦 मुख्य खबर: हरिद्वार से एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक लावारिस लाश के मामले में पुलिस की कड़ी मेहनत रंग लाई है। एसएसपी नवनीत सिंह के प्रभावी नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने सिर्फ 48 घंटे के भीतर इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर दिया। 🟥 घटना का खुलासा: पुलिस जांच में सामने आया कि दो आरोपियों ने शराब और गांजे के नशे में मृतक के पास पैसे देख लालच में आकर उसकी हत्या कर दी। दरिंदों ने पत्थर मारकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए। 🟨 पुलिस कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने खुद वादी बनकर मुकदमा दर्ज किया और लगातार जांच करते हुए दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 🟦 अब भी एक सवाल: हालांकि, मृतक की पहचान अब तक नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस लगातार शिनाख्त के प्रयास कर रही है। 🟥 समापन: एक बार फिर हरिद्वार पुलिस ने साबित कर दिया है कि अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो, कानून के हाथों से बच नहीं सकता।1
- कहा जाता है कि 'जल ही जीवन है ' लेकिन जब विभाग ही 'जीवन' बहाने में लगा हो तो फिर कोई क्या कर सकता है।कल हमें जल संरक्षण में लगे कुछ स्वयंसेवियों द्वारा सूचना दी गई थी कि सिंहद्वार फ्लाईओवर के पास गुरुकुल कांगड़ी अंडरपास के नीचे पेयजल लाइन फटी हुई है जिससे गैलनों पानी बर्बाद हो रहा है।खबर के बाद इसका संज्ञान तो लिया गया लेकिन विभाग ने केवल जुगाड़ व्यवस्था की जिसके कारण पानी अब भी लगातार बर्बाद हो रहा है जो सर्विस लेन में फैलकर आवागमन भी प्रभावित कर रहा है।1
- "ऋषिकुल मैदान से खुला आस्था का मार्ग” — पहले दिन ही श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण, हुआ भव्य स्वागत “अतिथि देवो भव की परंपरा” — प्रशासन ने फूल-मालाओं से किया तीर्थयात्रियों का अभिनंदन ✍️ स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से हरिद्वार, 17 अप्रैल 2026। तीर्थ नगरी हरिद्वार—जिसे कोई “हरि का द्वार” तो कोई “हर का द्वार” कहकर पुकारता है—आज एक बार फिर आस्था, भक्ति और मोक्ष मार्ग का केंद्र बन गया। वैशाख अमावस्या के पावन स्नान के उपरांत हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पवित्र धारा में डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य किया और इसके बाद चारधाम यात्रा की ओर अपने कदम बढ़ा दिए। इसी पावन क्रम में हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में बनाए गए ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र पर आज से विधिवत पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई, जहां श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के लिए अपना पहला पंजीकरण कराया। “गंगा स्नान से चारधाम तक — आस्था का दिव्य संगम” वैशाख अमावस्या के पावन अवसर पर गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति की चमक और आत्मिक संतोष स्पष्ट झलक रहा था। 👉 गंगा स्नान के पश्चात 👉 चारधाम यात्रा का संकल्प यह दृश्य दर्शाता है कि हरिद्वार केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि मोक्ष की ओर बढ़ने का पहला पवित्र द्वार है। “अतिथि देवो भव” — प्रशासन ने निभाई सनातन परंपरा जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने 👉 फूल-मालाओं से स्वागत 👉 टिका-चंदन लगाकर अभिनंदन करते हुए सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुखद, सुरक्षित और मंगलमय हो—इसकी कामना की। यह दृश्य केवल स्वागत नहीं, बल्कि देवभूमि की आत्मा और संस्कृति का जीवंत रूप था, जहां श्रद्धालु ही भगवान का स्वरूप माने जाते हैं। “देशभर से उमड़ रही श्रद्धा” — पंजीकरण केंद्र बना आस्था का केंद्र ऋषिकुल मैदान में 👉 देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु 👉 बड़ी संख्या में पंजीकरण कराते नजर आए जिससे स्पष्ट है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी होने जा रही है। “स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोपरि” — हर यात्री की हो रही स्क्रीनिंग चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए 👉 स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण 👉 स्क्रीनिंग की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी जोखिम से बचाव सुनिश्चित हो सके। “व्यवस्थाओं से संतुष्ट श्रद्धालु” — सरकार को मिला आशीर्वाद मध्य प्रदेश से आए तीर्थयात्री बिसाहू लाल विश्वकर्मा ने कहा— पंजीकरण केंद्र की व्यवस्थाएं अत्यंत उत्कृष्ट हैं स्वागत से मन अत्यंत प्रसन्न हुआ “प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद” — हर स्तर पर मजबूत तैयारी इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान , एसडीएम जितेंद्र कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे, जो यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने में जुटे हुए हैं। “हरिद्वार — जहां से शुरू होता है मोक्ष का मार्ग” “चारधाम यात्रा: आस्था, तप और मोक्ष की दिव्य यात्रा” चारधाम यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि यह सनातन आस्था, आत्मशुद्धि और मोक्ष प्राप्ति का दिव्य मार्ग है। सदियों से श्रद्धालु अपने जीवन के पापों का क्षय करने, आत्मिक शांति पाने और भगवान के साक्षात्कार की अनुभूति के लिए इस पावन यात्रा पर निकलते हैं। चारधाम यात्रा क्या है और कौन-कौन से धाम शामिल हैं? उत्तराखंड की पवित्र धरती पर स्थित चार प्रमुख धाम— 👉 यमुनोत्री – मां यमुना का उद्गम स्थल 👉 गंगोत्री – मां गंगा का अवतरण स्थल 👉 केदारनाथ – भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग 👉 बद्रीनाथ – भगवान विष्णु का दिव्य धाम इन चारों धामों के दर्शन को ही चारधाम यात्रा कहा जाता है। कब से शुरू हुई यह परंपरा? चारधाम यात्रा की परंपरा आदि गुरु आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित मानी जाती है। 8वीं शताब्दी में उन्होंने सनातन धर्म को पुनर्जीवित करने के लिए इन धामों की स्थापना और यात्रा परंपरा को व्यवस्थित किया। तब से लेकर आज तक, यह यात्रा अटूट आस्था और परंपरा का प्रतीक बनी हुई है। चारधाम यात्रा क्यों की जाती है? 1. पापों का नाश और आत्मशुद्धि धार्मिक मान्यता है कि 👉 चारधाम के दर्शन और गंगा-यमुना में स्नान करने से 👉 व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं 👉 आत्मा शुद्ध और पवित्र हो जाती है 2. मोक्ष प्राप्ति का मार्ग सनातन धर्म में यह विश्वास है कि चारधाम यात्रा करने से जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलती है। 👉 जीवन के अंतिम समय में इस यात्रा का विशेष महत्व माना गया है 3. तप, त्याग और साधना का प्रतीक हिमालय की कठिन व दुर्गम यात्रा 👉 व्यक्ति को धैर्य, संयम और सहनशीलता सिखाती है 👉 यह यात्रा केवल शरीर की नहीं, बल्कि आत्मा की परीक्षा भी है 4. प्रकृति और परमात्मा का संगम चारधाम यात्रा के दौरान 👉 हिमालय की ऊँची चोटियाँ 👉 गंगा-यमुना की पवित्र धारा 👉 और शांत वातावरण मनुष्य को प्रकृति के माध्यम से परमात्मा के करीब ले जाता है चारधाम यात्रा का आध्यात्मिक संदेश 👉 “जीवन क्षणभंगुर है, लेकिन आत्मा अमर है” 👉 “अहंकार छोड़कर भक्ति में लीन होना ही सच्चा मार्ग है” 👉 “सेवा, श्रद्धा और समर्पण से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है” हरिद्वार से क्यों शुरू होती है यात्रा? हरिद्वार को ‘हरि का द्वार’ और ‘हर का द्वार’ कहा जाता है। 👉 यहीं से चारधाम यात्रा का आधिकारिक शुभारंभ होता है 👉 मां गंगा के आशीर्वाद के साथ श्रद्धालु अपनी यात्रा शुरू करते हैं भावनात्मक संदेश जब श्रद्धालु चारधाम की ओर कदम बढ़ाता है, तो वह केवल पहाड़ों की यात्रा नहीं करता… वह अपने भीतर की अशुद्धियों, अहंकार और मोह को पीछे छोड़ते हुए ईश्वर की ओर बढ़ता है। “चारधाम की राह कठिन जरूर है, लेकिन यही राह आत्मा को परमात्मा तक पहुंचाती है… हर कदम पर तप है, हर मोड़ पर भक्ति… और हर धाम में बसती है मोक्ष की अनुभूति।” 🖋️ “गंगा स्नान से शुरू होती है आत्मा की शुद्धि… और हरिद्वार से प्रारंभ होती है मोक्ष की यात्रा।” — रामेश्वर गौड़, स्वतंत्र पत्रकार4
- Post by Om tv haridwar1
- Post by Dpk Chauhan1
- The Aman Times 🚨 ऑपरेशन प्रहार: दून पुलिस की बड़ी कार्रवाई देहरादून के वसंत विहार क्षेत्र में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। 👮♂️ ऑपरेशन प्रहार के तहत सघन चेकिंग अभियान में पुलिस ने आरोपी को चोरी के लाखों रुपये के सामान के साथ पकड़ा। 🚗 घटना में इस्तेमाल ई-रिक्शा भी सीज़ किया गया। 📦 आरोपी के पास से एसी कंप्रेसर और तांबे के बंडल समेत करीब ₹8.85 लाख का सामान बरामद हुआ। 📍 पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने बल्लूपुर और लक्ष्मण चौक क्षेत्र से चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। 👉 दून पुलिस का अभियान जारी, अपराधियों पर लगातार कड़ी कार्रवाई।1
- *ब्रेकिंग न्यूज़ बिजनौर - मंडावली - बिजनौर के मंडावली क्षेत्र के ग्राम टांडा में उस समय हड़कंप मच गया, जब खाली खेत के पास एक गुलदार दिखाई दिया। गुलदार के दिखते ही गांव में दहशत फैल गई और लोग घरों में दुबक गए। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जांच के दौरान गुलदार बीमार हालत में पाया गया। टीम ने सावधानी बरतते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए। वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद गुलदार को जाल की मदद से पकड़ लिया और उसे उपचार के लिए वन रेंज राजगढ़ भेज दिया गया है।फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लोगों में अभी भी डर का माहौल बना हुआ है। *बिजनौर के थाना मंडावली क्षेत्र का है पूरा मामला*1
- टॉप - देहरादून 🍉 पहाड़ी-मैदानी स्वाद की पार्टी में जुटे कांग्रेसी नेता देहरादून में पूर्व मुख्यमंत्री Harish Rawat ने गर्मियों के खास फलों और पारंपरिक व्यंजनों के साथ अनोखी पार्टी का आयोजन किया। 🥒🍈 पार्टी में खीरा, ककड़ी, खरबूजा, तरबूज के साथ-साथ बुरांश का जूस और हरिद्वार का प्रसिद्ध गुड़ भी परोसा गया। 👥 कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। 🗣️ हरिश रावत ने कहा कि ये मौसमी फल प्रकृति की सौगात हैं और उन्हें बचपन से ऐसे आयोजनों का शौक रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि इन फलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए वे लोगों को प्रेरित भी करते रहे हैं। 👉 पारंपरिक स्वाद और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश भी इस आयोजन के जरिए दिया गया।1