हरि का द्वार, हर का द्वार” — हरिद्वार से शुरू हुई मोक्ष यात्रा, वैशाख अमावस्या पर गंगा स्नान के बाद चारधाम की ओर बढ़े श्रद्धालु "ऋषिकुल मैदान से खुला आस्था का मार्ग” — पहले दिन ही श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण, हुआ भव्य स्वागत “अतिथि देवो भव की परंपरा” — प्रशासन ने फूल-मालाओं से किया तीर्थयात्रियों का अभिनंदन ✍️ स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से हरिद्वार, 17 अप्रैल 2026। तीर्थ नगरी हरिद्वार—जिसे कोई “हरि का द्वार” तो कोई “हर का द्वार” कहकर पुकारता है—आज एक बार फिर आस्था, भक्ति और मोक्ष मार्ग का केंद्र बन गया। वैशाख अमावस्या के पावन स्नान के उपरांत हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पवित्र धारा में डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य किया और इसके बाद चारधाम यात्रा की ओर अपने कदम बढ़ा दिए। इसी पावन क्रम में हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में बनाए गए ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र पर आज से विधिवत पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई, जहां श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के लिए अपना पहला पंजीकरण कराया। “गंगा स्नान से चारधाम तक — आस्था का दिव्य संगम” वैशाख अमावस्या के पावन अवसर पर गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति की चमक और आत्मिक संतोष स्पष्ट झलक रहा था। 👉 गंगा स्नान के पश्चात 👉 चारधाम यात्रा का संकल्प यह दृश्य दर्शाता है कि हरिद्वार केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि मोक्ष की ओर बढ़ने का पहला पवित्र द्वार है। “अतिथि देवो भव” — प्रशासन ने निभाई सनातन परंपरा जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने 👉 फूल-मालाओं से स्वागत 👉 टिका-चंदन लगाकर अभिनंदन करते हुए सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुखद, सुरक्षित और मंगलमय हो—इसकी कामना की। यह दृश्य केवल स्वागत नहीं, बल्कि देवभूमि की आत्मा और संस्कृति का जीवंत रूप था, जहां श्रद्धालु ही भगवान का स्वरूप माने जाते हैं। “देशभर से उमड़ रही श्रद्धा” — पंजीकरण केंद्र बना आस्था का केंद्र ऋषिकुल मैदान में 👉 देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु 👉 बड़ी संख्या में पंजीकरण कराते नजर आए जिससे स्पष्ट है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी होने जा रही है। “स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोपरि” — हर यात्री की हो रही स्क्रीनिंग चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए 👉 स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण 👉 स्क्रीनिंग की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी जोखिम से बचाव सुनिश्चित हो सके। “व्यवस्थाओं से संतुष्ट श्रद्धालु” — सरकार को मिला आशीर्वाद मध्य प्रदेश से आए तीर्थयात्री बिसाहू लाल विश्वकर्मा ने कहा— पंजीकरण केंद्र की व्यवस्थाएं अत्यंत उत्कृष्ट हैं स्वागत से मन अत्यंत प्रसन्न हुआ “प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद” — हर स्तर पर मजबूत तैयारी इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान , एसडीएम जितेंद्र कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे, जो यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने में जुटे हुए हैं। “हरिद्वार — जहां से शुरू होता है मोक्ष का मार्ग” “चारधाम यात्रा: आस्था, तप और मोक्ष की दिव्य यात्रा” चारधाम यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि यह सनातन आस्था, आत्मशुद्धि और मोक्ष प्राप्ति का दिव्य मार्ग है। सदियों से श्रद्धालु अपने जीवन के पापों का क्षय करने, आत्मिक शांति पाने और भगवान के साक्षात्कार की अनुभूति के लिए इस पावन यात्रा पर निकलते हैं। चारधाम यात्रा क्या है और कौन-कौन से धाम शामिल हैं? उत्तराखंड की पवित्र धरती पर स्थित चार प्रमुख धाम— 👉 यमुनोत्री – मां यमुना का उद्गम स्थल 👉 गंगोत्री – मां गंगा का अवतरण स्थल 👉 केदारनाथ – भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग 👉 बद्रीनाथ – भगवान विष्णु का दिव्य धाम इन चारों धामों के दर्शन को ही चारधाम यात्रा कहा जाता है। कब से शुरू हुई यह परंपरा? चारधाम यात्रा की परंपरा आदि गुरु आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित मानी जाती है। 8वीं शताब्दी में उन्होंने सनातन धर्म को पुनर्जीवित करने के लिए इन धामों की स्थापना और यात्रा परंपरा को व्यवस्थित किया। तब से लेकर आज तक, यह यात्रा अटूट आस्था और परंपरा का प्रतीक बनी हुई है। चारधाम यात्रा क्यों की जाती है? 1. पापों का नाश और आत्मशुद्धि धार्मिक मान्यता है कि 👉 चारधाम के दर्शन और गंगा-यमुना में स्नान करने से 👉 व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं 👉 आत्मा शुद्ध और पवित्र हो जाती है 2. मोक्ष प्राप्ति का मार्ग सनातन धर्म में यह विश्वास है कि चारधाम यात्रा करने से जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलती है। 👉 जीवन के अंतिम समय में इस यात्रा का विशेष महत्व माना गया है 3. तप, त्याग और साधना का प्रतीक हिमालय की कठिन व दुर्गम यात्रा 👉 व्यक्ति को धैर्य, संयम और सहनशीलता सिखाती है 👉 यह यात्रा केवल शरीर की नहीं, बल्कि आत्मा की परीक्षा भी है 4. प्रकृति और परमात्मा का संगम चारधाम यात्रा के दौरान 👉 हिमालय की ऊँची चोटियाँ 👉 गंगा-यमुना की पवित्र धारा 👉 और शांत वातावरण मनुष्य को प्रकृति के माध्यम से परमात्मा के करीब ले जाता है चारधाम यात्रा का आध्यात्मिक संदेश 👉 “जीवन क्षणभंगुर है, लेकिन आत्मा अमर है” 👉 “अहंकार छोड़कर भक्ति में लीन होना ही सच्चा मार्ग है” 👉 “सेवा, श्रद्धा और समर्पण से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है” हरिद्वार से क्यों शुरू होती है यात्रा? हरिद्वार को ‘हरि का द्वार’ और ‘हर का द्वार’ कहा जाता है। 👉 यहीं से चारधाम यात्रा का आधिकारिक शुभारंभ होता है 👉 मां गंगा के आशीर्वाद के साथ श्रद्धालु अपनी यात्रा शुरू करते हैं भावनात्मक संदेश जब श्रद्धालु चारधाम की ओर कदम बढ़ाता है, तो वह केवल पहाड़ों की यात्रा नहीं करता… वह अपने भीतर की अशुद्धियों, अहंकार और मोह को पीछे छोड़ते हुए ईश्वर की ओर बढ़ता है। “चारधाम की राह कठिन जरूर है, लेकिन यही राह आत्मा को परमात्मा तक पहुंचाती है… हर कदम पर तप है, हर मोड़ पर भक्ति… और हर धाम में बसती है मोक्ष की अनुभूति।” 🖋️ “गंगा स्नान से शुरू होती है आत्मा की शुद्धि… और हरिद्वार से प्रारंभ होती है मोक्ष की यात्रा।” — रामेश्वर गौड़, स्वतंत्र पत्रकार
हरि का द्वार, हर का द्वार” — हरिद्वार से शुरू हुई मोक्ष यात्रा, वैशाख अमावस्या पर गंगा स्नान के बाद चारधाम की ओर बढ़े श्रद्धालु "ऋषिकुल मैदान से खुला आस्था का मार्ग” — पहले दिन ही श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण, हुआ भव्य स्वागत “अतिथि देवो भव की परंपरा” — प्रशासन ने फूल-मालाओं से किया तीर्थयात्रियों का अभिनंदन ✍️ स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से हरिद्वार, 17 अप्रैल 2026। तीर्थ नगरी हरिद्वार—जिसे कोई “हरि का द्वार” तो कोई “हर का द्वार” कहकर पुकारता है—आज एक बार फिर आस्था, भक्ति और मोक्ष मार्ग का केंद्र बन गया। वैशाख अमावस्या के पावन स्नान के उपरांत हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पवित्र धारा में डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य किया और इसके बाद चारधाम यात्रा की ओर अपने कदम बढ़ा दिए। इसी पावन क्रम में हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में बनाए गए ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र पर आज से विधिवत पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई, जहां श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के लिए अपना पहला पंजीकरण कराया। “गंगा स्नान से चारधाम तक — आस्था का दिव्य संगम” वैशाख अमावस्या के पावन अवसर पर गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति की चमक और आत्मिक संतोष स्पष्ट झलक रहा था। 👉 गंगा स्नान के पश्चात 👉 चारधाम यात्रा का संकल्प यह दृश्य दर्शाता है कि हरिद्वार केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि मोक्ष की ओर बढ़ने का पहला पवित्र द्वार है। “अतिथि देवो भव” — प्रशासन ने निभाई सनातन परंपरा जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने 👉 फूल-मालाओं से स्वागत 👉 टिका-चंदन लगाकर अभिनंदन करते
हुए सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुखद, सुरक्षित और मंगलमय हो—इसकी कामना की। यह दृश्य केवल स्वागत नहीं, बल्कि देवभूमि की आत्मा और संस्कृति का जीवंत रूप था, जहां श्रद्धालु ही भगवान का स्वरूप माने जाते हैं। “देशभर से उमड़ रही श्रद्धा” — पंजीकरण केंद्र बना आस्था का केंद्र ऋषिकुल मैदान में 👉 देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु 👉 बड़ी संख्या में पंजीकरण कराते नजर आए जिससे स्पष्ट है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी होने जा रही है। “स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोपरि” — हर यात्री की हो रही स्क्रीनिंग चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए 👉 स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण 👉 स्क्रीनिंग की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी जोखिम से बचाव सुनिश्चित हो सके। “व्यवस्थाओं से संतुष्ट श्रद्धालु” — सरकार को मिला आशीर्वाद मध्य प्रदेश से आए तीर्थयात्री बिसाहू लाल विश्वकर्मा ने कहा— पंजीकरण केंद्र की व्यवस्थाएं अत्यंत उत्कृष्ट हैं स्वागत से मन अत्यंत प्रसन्न हुआ “प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद” — हर स्तर पर मजबूत तैयारी इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान , एसडीएम जितेंद्र कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे, जो यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने में जुटे हुए हैं। “हरिद्वार — जहां से शुरू होता है मोक्ष का मार्ग” “चारधाम यात्रा: आस्था, तप और मोक्ष की
दिव्य यात्रा” चारधाम यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि यह सनातन आस्था, आत्मशुद्धि और मोक्ष प्राप्ति का दिव्य मार्ग है। सदियों से श्रद्धालु अपने जीवन के पापों का क्षय करने, आत्मिक शांति पाने और भगवान के साक्षात्कार की अनुभूति के लिए इस पावन यात्रा पर निकलते हैं। चारधाम यात्रा क्या है और कौन-कौन से धाम शामिल हैं? उत्तराखंड की पवित्र धरती पर स्थित चार प्रमुख धाम— 👉 यमुनोत्री – मां यमुना का उद्गम स्थल 👉 गंगोत्री – मां गंगा का अवतरण स्थल 👉 केदारनाथ – भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग 👉 बद्रीनाथ – भगवान विष्णु का दिव्य धाम इन चारों धामों के दर्शन को ही चारधाम यात्रा कहा जाता है। कब से शुरू हुई यह परंपरा? चारधाम यात्रा की परंपरा आदि गुरु आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित मानी जाती है। 8वीं शताब्दी में उन्होंने सनातन धर्म को पुनर्जीवित करने के लिए इन धामों की स्थापना और यात्रा परंपरा को व्यवस्थित किया। तब से लेकर आज तक, यह यात्रा अटूट आस्था और परंपरा का प्रतीक बनी हुई है। चारधाम यात्रा क्यों की जाती है? 1. पापों का नाश और आत्मशुद्धि धार्मिक मान्यता है कि 👉 चारधाम के दर्शन और गंगा-यमुना में स्नान करने से 👉 व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं 👉 आत्मा शुद्ध और पवित्र हो जाती है 2. मोक्ष प्राप्ति का मार्ग सनातन धर्म में यह विश्वास है कि चारधाम यात्रा करने से जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलती है। 👉 जीवन के अंतिम समय में इस यात्रा का विशेष महत्व माना गया है 3. तप,
त्याग और साधना का प्रतीक हिमालय की कठिन व दुर्गम यात्रा 👉 व्यक्ति को धैर्य, संयम और सहनशीलता सिखाती है 👉 यह यात्रा केवल शरीर की नहीं, बल्कि आत्मा की परीक्षा भी है 4. प्रकृति और परमात्मा का संगम चारधाम यात्रा के दौरान 👉 हिमालय की ऊँची चोटियाँ 👉 गंगा-यमुना की पवित्र धारा 👉 और शांत वातावरण मनुष्य को प्रकृति के माध्यम से परमात्मा के करीब ले जाता है चारधाम यात्रा का आध्यात्मिक संदेश 👉 “जीवन क्षणभंगुर है, लेकिन आत्मा अमर है” 👉 “अहंकार छोड़कर भक्ति में लीन होना ही सच्चा मार्ग है” 👉 “सेवा, श्रद्धा और समर्पण से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है” हरिद्वार से क्यों शुरू होती है यात्रा? हरिद्वार को ‘हरि का द्वार’ और ‘हर का द्वार’ कहा जाता है। 👉 यहीं से चारधाम यात्रा का आधिकारिक शुभारंभ होता है 👉 मां गंगा के आशीर्वाद के साथ श्रद्धालु अपनी यात्रा शुरू करते हैं भावनात्मक संदेश जब श्रद्धालु चारधाम की ओर कदम बढ़ाता है, तो वह केवल पहाड़ों की यात्रा नहीं करता… वह अपने भीतर की अशुद्धियों, अहंकार और मोह को पीछे छोड़ते हुए ईश्वर की ओर बढ़ता है। “चारधाम की राह कठिन जरूर है, लेकिन यही राह आत्मा को परमात्मा तक पहुंचाती है… हर कदम पर तप है, हर मोड़ पर भक्ति… और हर धाम में बसती है मोक्ष की अनुभूति।” 🖋️ “गंगा स्नान से शुरू होती है आत्मा की शुद्धि… और हरिद्वार से प्रारंभ होती है मोक्ष की यात्रा।” — रामेश्वर गौड़, स्वतंत्र पत्रकार
- 🚨 दून पुलिस का ऑपरेशन प्रहार: शातिर चोर फिर गिरफ्तार देहरादून के कोतवाली कैंट क्षेत्र में चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जेल से छूटते ही चोरी करने वाले शातिर अभियुक्त को दून पुलिस ने फिर से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। 👤 आरोपी समद उर्फ समर कुरैशी (28) को पुलिस ने भगत सिंह कॉलोनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। 💼 आरोपी के पास से चोरी की गई कीमती घड़ी, ₹1500 नगद और अन्य सामान बरामद हुआ। 📌 पुलिस के अनुसार, आरोपी हाल ही में 27 मार्च को जेल से छूटा था और दोबारा अपराध में लिप्त हो गया। 📊 आरोपी पर देहरादून के विभिन्न थानों में पहले से ही 14 मुकदमे दर्ज हैं। 👮♂️ एसएसपी देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत सघन चेकिंग अभियान में यह सफलता मिली। 👉 दून पुलिस का संदेश साफ: अपराधियों के लिए अब शहर में कोई जगह नहीं।1
- Platelet-Rich Plasma (PRP) therapy for hair loss is a non-surgical, three-step medical procedure where a patient’s blood is drawn, processed in a centrifuge to concentrate platelets, and injected into the scalp to stimulate hair growth. It is commonly used for androgenetic alopecia (pattern baldness) to increase hair density and follicle health1
- Post by HNNK News Sabir1
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- टिहरी मे जन समस्याओ सहित सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर गरजे कांग्रेस के दिग्गज नेता1
- सहारनपुर। बीती रात थाना सदर बाजार क्षेत्रान्तर्गत न्यू मक्खन कॉलोनी के पास एक पुराने रेलवे यार्ड में एक अज्ञात शव पड़ा मिला। सूचना पर तत्काल थाना सदर बाजार पुलिस द्वारा मौके पर पहुँचकर फील्ड यूनिट को बुलाया गया। शव काफी पुराना है, जिसकी स्थिति काफी खराब हो चुकी थी। जिससे मृतक की पहचान नहीं हो पा रही है। आसपास के सभी थानों में जो भी गुमशुदगी दर्ज की गई है, उनकी जांच की जा रही है तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। यही नहीं सीसीटीवी कैमरे को भी देखा जा रहा है। पुलिस द्वारा शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मौके पर शांति व्यवस्था की स्थिति सामान्य है और अन्य विधिक कार्यवाही की जा रही है। वीडियो:- जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर द्वितीय।1
- The Aman Times डोईवाला पुलिस की बदमाश से मुठभेड़। डोईवाला में ऑपरेशन प्रहार के तहत देर रात पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़। पुलिस चेकिंग के दौरान भाग रहे आरोपी ने टीम पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में हुआ घायल। अभियुक्त के पास से देशी तमंचा और कारतूस बरामद, घटना में प्रयुक्त कार सीज। घायल बदमाश क्रान्तानाथ निवासी पथरी हरिद्वार पर चोरी और आर्म्स एक्ट सहित कई मामले दर्ज, पहले से था वांछित। एसएसपी देहरादून परमेंद्र डोबाल ने अस्पताल पहुंचकर ली घटना की जानकारी, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी।1
- SSP श्वेता चौबे की सख्ती से साइबर ठग बेनकाब — ऑपरेशन प्रहार के तहत फर्जी बिजली अधिकारी बनकर लाखों की ठगी करने वाला अभियुक्त झारखंड से गिरफ्तार प्रदेश भर में चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत जनपद टिहरी गढ़वाल पुलिस को एक उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। फर्जी बिजली विभाग का अधिकारी बनकर आमजन को ठगी का शिकार बनाने वाले अभियुक्त को थाना लमबगांव पुलिस द्वारा झारखंड से गिरफ्तार कर लिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्वेता चौबे के कुशल नेतृत्व में, अपर पुलिस अधीक्षक टिहरी के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी टिहरी के पर्यवेक्षण में जनपद पुलिस द्वारा ऑपरेशन प्रहार के तहत साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा रहा है। घटना का विवरण दिनांक 19 फरवरी 2026 को महेश सिंह रावत निवासी ग्राम हैरवाल, थाना लम्बगांव द्वारा एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें बताया गया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने स्वयं को बिजली विभाग का अधिकारी बताकर एक फर्जी लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही वादी के बैंक खाते से ₹2,59,500 की धनराशि धोखाधड़ी से निकाल ली गई। पंजीकृत अभियोग उक्त प्रकरण में थाना लम्बगांव पर मु0अ0सं0 03/2026 के तहत धारा 318(4), 319(2), 3(5) बी.एन.एस. के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। मामले की विवेचना उ0नि0 श्री शिवराम द्वारा की गई। पुलिस कार्यवाही विवेचना के दौरान प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त की लोकेशन झारखंड राज्य में चिन्हित की गई। तत्पश्चात थाना लम्बगांव पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए स्थानीय पुलिस के सहयोग से अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। दिनांक 14 अप्रैल 2026 को अभियुक्त शिवम कुमार साहू (उम्र 22 वर्ष) निवासी बागबेडा, जमशेदपुर, झारखंड को विधिवत गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में अभियुक्त द्वारा खुलासा किया गया कि वह एक संगठित गिरोह का सदस्य है, जो गरीब लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उन्हें 10–15% कमीशन देकर ठगी की रकम का लेन-देन करता है। अभियोग में धारा 66(डी) आईटी एक्ट की वृद्धि की गई है ट्रांजिट रिमांड गिरफ्तारी के उपरांत अभियुक्त को सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया है तथा उसे जनपद टिहरी गढ़वाल लाया जा रहा है। अग्रिम वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है। गिरफ्तार अभियुक्त • शिवम कुमार साहू पुत्र उमेश साहू • निवासी: बागबेडा, जमशेदपुर, झारखंड • उम्र: 22 वर्ष पुलिस टीम • उ0नि0 ना0पु0 श्री शिवराम • का0 07 ना0पु0 अमजद खान पुलिस की अपील जनपद टिहरी पुलिस आमजन से अपील करती है कि— किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें स्वयं को सरकारी अधिकारी बताकर कॉल/मैसेज करने वालों से सतर्क रहें साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाना से संपर्क करें1
- मुजफ्फरनगर में प्रेम विवाह के बाद नवदंपति को जान का खतरा, पूर्व विधायक विक्रम सैनी और परिजनों पर गंभीर आरोप जनपद के थाना जानसठ क्षेत्र के ग्राम कवाल से प्रेम विवाह का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। एक प्रेमी जोड़े ने अपनी मर्जी से विवाह करने के बाद अब अपनी जान को खतरा बताते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। निशा का कहना है कि उसने 12 अप्रैल को अजय कुमार के साथ अपनी मर्जी से शादी कर ली है। युवती का आरोप है कि इस अंतर्जातीय विवाह से उसके मायके पक्ष के लोग बेहद नाराज हैं। युवती 'सैनी' समाज से है जबकि युवक 'गड़रिया' समाज से ताल्लुक रखता है। पीड़िता ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसके परिजनों के साथ-साथ खतौली के पूर्व विधायक विक्रम सैनी भी उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। युवती का कहना है कि विधायक जी हमारे रिश्तेदार लगते हैं। उन्होंने साफ कहा है कि अगर तुमने शादी की तो हम तुम दोनों को गोली मार देंगे युवती ने यह भी बताया कि उसके पिता और चाचा (प्रवीण) लगातार उन्हें और उनके ससुराल वालों को प्रताड़ित कर रहे हैं। नवविवाहित जोड़े का कहना है कि उन्हें अपने परिजनों से अपनी जान का सीधा खतरा है। युवती ने आरोप लगाया कि उसके मायके वाले पुलिस पर दबाव बनाकर उसके पति के परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। दंपति ने एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर मांग की है कि उन्हें और उनके ससुराल पक्ष को तत्काल पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए ओर धमकी देने वाले नामजद लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। निशा ( पीड़िता)1