बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर थाने में पदस्थ एक आरक्षक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। आरक्षक, जो शुक्रवार की रात ड्यूटी करने के बाद थाने के ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में सोने गया था, सुबह 10 बजे तक बाहर नहीं निकला, जिसके बाद साथी पुलिसकर्मियों ने उसे मृत पाया। मृत आरक्षक की पहचान भफौली निवासी 40 वर्षीय जुगन साय पैकरा, पिता करम साय पैकरा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अलसुबह करीब 4 बजे जुगन साय ने अपने साथी वाहन चालक आरक्षक दिलीप यादव को फोन कर पीने का पानी मंगाया था। जब सुबह 10 बजे तक वह कमरे से बाहर नहीं आए, तो राजपुर में पदस्थ प्रधान आरक्षक अनिल पैकरा उनके कमरे में पहुंचे। उन्होंने देखा कि जुगन पैकरा बिस्तर पर सोए हुए थे, लेकिन उनके शरीर में कोई हलचल नहीं थी और उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह ने बताया कि जुगन साय सितंबर 2024 से राजपुर थाना में पदस्थ थे और कुछ दिनों से बुखार व पीलिया का इलाज करवा रहे थे। इलाज के बाद वे ठीक होकर ड्यूटी पर लौटे थे। हालांकि, उनकी मौत का स्पष्ट कारण अभी तक ज्ञात नहीं हो सका है, और यह पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। आरक्षक की अचानक हुई इस मौत से उनके परिजनों और साथी पुलिसकर्मियों में गहरा सदमा है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर थाने में पदस्थ एक आरक्षक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। आरक्षक, जो शुक्रवार की रात ड्यूटी करने के बाद थाने के ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में सोने गया था, सुबह 10 बजे तक बाहर नहीं निकला, जिसके बाद साथी पुलिसकर्मियों ने उसे मृत पाया। मृत आरक्षक की पहचान भफौली निवासी 40 वर्षीय जुगन साय पैकरा, पिता करम साय पैकरा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अलसुबह करीब 4 बजे जुगन साय ने अपने साथी वाहन चालक आरक्षक दिलीप यादव को फोन कर पीने का पानी मंगाया था। जब सुबह 10 बजे तक वह कमरे से बाहर नहीं आए, तो राजपुर में पदस्थ प्रधान आरक्षक अनिल पैकरा उनके कमरे में पहुंचे। उन्होंने देखा कि जुगन पैकरा बिस्तर पर सोए हुए थे, लेकिन उनके शरीर में कोई हलचल नहीं थी और उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह ने बताया कि जुगन साय सितंबर 2024 से राजपुर थाना में पदस्थ थे और कुछ दिनों से बुखार व पीलिया का इलाज करवा रहे थे। इलाज के बाद वे ठीक होकर ड्यूटी पर लौटे थे। हालांकि, उनकी मौत का स्पष्ट कारण अभी तक ज्ञात नहीं हो सका है, और यह पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। आरक्षक की अचानक हुई इस मौत से उनके परिजनों और साथी पुलिसकर्मियों में गहरा सदमा है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के जन्मदिवस के अवसर पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके साथ जुड़े युवाओं ने एक अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने घोषणा की है कि वे शिक्षा मंत्री को इस्तीफे का पत्र उपहार (गिफ्ट) के रूप में भेजेंगे। अभिजीत दीपके ने बताया कि वे शिक्षा मंत्री से अनुरोध करेंगे कि वे इस पत्र पर अपना अंगूठा लगाकर इस्तीफा स्वीकार करें। उनके अनुसार, यह प्रतीकात्मक कदम शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर उनकी असहमति और विरोध को व्यक्त करने के लिए है। इस कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने भी कॉकरोच जनता पार्टी की इस मांग का समर्थन किया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।1
- मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्हें पहले गुटखा छुपाने की बात करते और फिर झारमुर्रा का स्वाद लेते हुए देखा गया है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। कई लोगों का कहना है कि जिस तरह मंत्री बार-बार दुकान से उठाकर खा रही थीं, वह तरीका गलत है। वहीं, कुछ अन्य लोगों ने आरोप लगाया है कि मंत्री ने पहले गुटखा छिपाने को कहा ताकि वीडियो में वह न दिखे और जनता के सामने यह लगे कि वह आम लोगों के बीच हैं, झारमुर्रा खा रही हैं। इसे जमीनी स्तर से जुड़े रहने का दिखावा बताया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में उनके कार्यों को 'जीरो' कहा जा रहा है।1
- रामानुजगंज क्षेत्र में चोरी की लगातार बढ़ती घटनाओं के बीच, शासकीय आईटीआई कॉलेज परिसर में एक बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। अज्ञात चोरों ने प्रशिक्षण कार्य के लिए खड़ी एक ट्रक के चारों टायर चुरा लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद, आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के साथ भी छेड़छाड़ की। जानकारी के अनुसार, चोर देर रात कॉलेज परिसर में दाखिल हुए और ट्रक से टायर निकालकर फरार हो गए। इस चोरी का खुलासा सुबह हुआ, जब कॉलेज कर्मचारियों ने ट्रक को टायर रहित पाया। कॉलेज प्रबंधन ने तत्काल इसकी सूचना रामानुजगंज थाने में दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने के साथ-साथ अन्य साक्ष्य भी जुटा रही है, ताकि आरोपियों की तलाश की जा सके। इस घटना ने शासकीय संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बावजूद अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है। पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच करने और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास करने का आश्वासन दिया है।4
- कोरबा में खनिज विभाग ने माफियाओं के खिलाफ एक हाईटेक कार्रवाई शुरू की है, जिसमें ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। विभाग द्वारा की गई इस 'ड्रोन की उड़ान' के कारण खनिज माफियाओं में हड़कंप मच गया है। यह इस तरह की पहली कार्रवाई बताई जा रही है, जिसके तहत विभाग ने तीन वाहनों को जब्त किया है।1
- शुक्रवार को गुमला जिले के डुमरी प्रखंड अंतर्गत निचीतपुर गांव में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), गुमला द्वारा एक विधिक जागरूकता सह नशा मुक्ति अभियान का आयोजन किया गया। यह अभियान डालसा के अध्यक्ष श्री अजीत कुमार सिंह और सचिव श्री राम कुमार लाल गुप्ता के मार्गदर्शन में मझगांव पंचायत के पीएलवी बिरेन्द्र नायक और भूखसाय खेरवार द्वारा चलाया गया, जिसमें ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग, उनके दुष्परिणाम तथा अवैध तस्करी से होने वाले सामाजिक और कानूनी प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उपस्थित ग्रामीणों से नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज को भी नशामुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की गई। इसके अतिरिक्त, बाल विवाह, बाल मजदूरी तथा पलायन जैसी सामाजिक समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। ग्रामीणों को बताया गया कि इन कुरीतियों को रोकने के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है तथा किसी भी प्रकार की सूचना संबंधित विभाग को तुरंत देनी चाहिए। अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गुमला द्वारा पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की गई। बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर, जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्ति किसी भी कानूनी समस्या के समाधान के लिए डालसा से निःशुल्क सहायता प्राप्त कर सकते हैं।1
- कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। सुदूर वनांचल ग्राम तेलियापानी लेदरा के एक सरकारी स्कूल में पदस्थ शिक्षक सुरेश कुमार नेताम को कथित तौर पर स्कूल परिसर के अंदर ही शराब का सेवन करते हुए देखा गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद लोगों में यह चिंता भी देखी जा रही है कि माता-पिता ऐसे सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए कैसे भेजें।1
- बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर थाने में पदस्थ एक आरक्षक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। आरक्षक, जो शुक्रवार की रात ड्यूटी करने के बाद थाने के ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में सोने गया था, सुबह 10 बजे तक बाहर नहीं निकला, जिसके बाद साथी पुलिसकर्मियों ने उसे मृत पाया। मृत आरक्षक की पहचान भफौली निवासी 40 वर्षीय जुगन साय पैकरा, पिता करम साय पैकरा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अलसुबह करीब 4 बजे जुगन साय ने अपने साथी वाहन चालक आरक्षक दिलीप यादव को फोन कर पीने का पानी मंगाया था। जब सुबह 10 बजे तक वह कमरे से बाहर नहीं आए, तो राजपुर में पदस्थ प्रधान आरक्षक अनिल पैकरा उनके कमरे में पहुंचे। उन्होंने देखा कि जुगन पैकरा बिस्तर पर सोए हुए थे, लेकिन उनके शरीर में कोई हलचल नहीं थी और उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह ने बताया कि जुगन साय सितंबर 2024 से राजपुर थाना में पदस्थ थे और कुछ दिनों से बुखार व पीलिया का इलाज करवा रहे थे। इलाज के बाद वे ठीक होकर ड्यूटी पर लौटे थे। हालांकि, उनकी मौत का स्पष्ट कारण अभी तक ज्ञात नहीं हो सका है, और यह पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। आरक्षक की अचानक हुई इस मौत से उनके परिजनों और साथी पुलिसकर्मियों में गहरा सदमा है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1