पुलिस पर एक गरीब व्यक्ति को जबरन चोर बनाने और उसे चोरी का माल हाथ में पकड़वाकर मीडिया के लिए तस्वीरें खिंचवाने का गंभीर आरोप लगा है। बताया गया है कि पुलिस कथित तौर पर उस बेकसूर व्यक्ति को जेल भेजने की तैयारी कर रही थी, तभी उसने हिम्मत दिखाई। कैमरे के सामने ही उस लड़के ने पुलिस की पोल खोल दी, यह कहते हुए कि जब उसने चोरी नहीं की है, तो वह चोरी का माल पकड़कर तस्वीरें क्यों लेने दे। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन पर किसी को कोई भरोसा न होने की बात कही गई है। आरोप है कि पुलिस मेहनत करना नहीं चाहती और केवल मामलों को 'पूरा क्लियर' दिखाने के लिए बेकसूर गरीबों को पकड़कर, उनके हाथ में चोरी का माल थमाकर झूठी तस्वीरें खिंचवाती है ताकि लोगों के सामने खुद को 'जीनियस' साबित कर सके। सवाल उठाया गया है कि आखिर कोई बेकसूर व्यक्ति किसी और के आरोप की सजा क्यों काटे।
पुलिस पर एक गरीब व्यक्ति को जबरन चोर बनाने और उसे चोरी का माल हाथ में पकड़वाकर मीडिया के लिए तस्वीरें खिंचवाने का गंभीर आरोप लगा है। बताया गया है कि पुलिस कथित तौर पर उस बेकसूर व्यक्ति को जेल भेजने की तैयारी कर रही थी, तभी उसने हिम्मत दिखाई। कैमरे के सामने ही उस लड़के ने पुलिस की पोल खोल दी, यह कहते हुए कि जब उसने चोरी नहीं की है, तो वह चोरी का माल पकड़कर तस्वीरें क्यों लेने दे। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन पर किसी को कोई भरोसा न होने की बात कही गई है। आरोप है कि पुलिस मेहनत करना नहीं चाहती और केवल मामलों को 'पूरा क्लियर' दिखाने के लिए बेकसूर गरीबों को पकड़कर, उनके हाथ में चोरी का माल थमाकर झूठी तस्वीरें खिंचवाती है ताकि लोगों के सामने खुद को 'जीनियस' साबित कर सके। सवाल उठाया गया है कि आखिर कोई बेकसूर व्यक्ति किसी और के आरोप की सजा क्यों काटे।
- राजनांदगांव जिले में बिजली कटौती के खिलाफ कांग्रेस द्वारा आयोजित एक धरना कार्यक्रम विवादों में घिर गया है। यह आरोप लगाया गया है कि इसी कार्यक्रम के दौरान माइक और लाइट जैसी व्यवस्थाओं को चलाने के लिए चोरी की बिजली का इस्तेमाल किया गया।1
- स्थानीय नाली की खराब स्थिति के कारण अब वीडियो ब्लॉगिंग करने का निर्णय लिया गया है। इस वीडियो ब्लॉगिंग के माध्यम से समस्या को उजागर करते हुए इसमें हँसी-मज़ाक का पुट भी जोड़ा जाएगा।1
- छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ एक चौराहे को खून से लाल कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, फरसे के ताबड़तोड़ वार से एक 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई है।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल में यातायात पुलिस के पूर्व हेड कांस्टेबल विवेकानंद तिवारी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस अब उनके द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से किए गए वित्तीय लेनदेन और उनकी पत्नी के आय के स्रोतों की गहन जांच कर रही है। तिवारी को 3 जून को निलंबित किया गया था। निलंबन का कारण 15 दिनों तक बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित रहना और वर्दी में रहते हुए व्यक्तिगत लाभ के लिए वीडियो बनाना बताया गया था। इस निलंबन के बाद, उन्होंने 15 जून को पुलिस विभाग से इस्तीफा दे दिया और वर्तमान में सड़क सुरक्षा व जनजागरूकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं। अब इस पूरे प्रकरण में जांच का दायरा बढ़ाया गया है, जिसमें पुलिस विशेष रूप से तिवारी द्वारा सोशल मीडिया के जरिए किए गए सभी वित्तीय लेनदेनों और उनकी पत्नी के आय के विभिन्न स्रोतों की पड़ताल कर रही है।1
- सोमवार, 29 जून को गण्डई में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। सुबह 9 बजे प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत अध्यक्ष लाल टारकेश्वर शाह खुशरो ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गण्डई स्थित पोलियो बूथ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर लोगों से अपील की गई कि वे अभियान की सफलता के लिए अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएँ। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका खम्मन ताम्रकार ने भी सहभागिता की और बूथ पर पहुँचे बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाकर अभियान का आरंभ किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए हर बच्चे को पोलियो की अतिरिक्त खुराक दिलाना आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में इस अभियान का संचालन किया गया, जिसमें अभिभावकों से उनके पाँच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का आग्रह किया गया।1
- गरियाबंद पुलिस सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर एक व्यापक जन जागरूकता अभियान चला रही है, जिसके तहत गाँव-गाँव और हाट-बाजारों में लोगों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया जा रहा है। यह पहल गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के दिशा-निर्देशन और मार्गदर्शन में समस्त थाना क्षेत्रों में संचालित की जा रही है। इसी कड़ी में, आज थाना पांडुका, थाना फिंगेश्वर और थाना मैनपुर की पुलिस टीम द्वारा ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों, आत्मरक्षा, डिजिटल सुरक्षा, डायल 112 के उपयोग, नशे के दुष्प्रभावों और यातायात नियमों जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजनों को इन विषयों पर सजग बनाना है। कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने वर्तमान में बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति ग्रामीणों को सचेत किया। उन्होंने सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप का उपयोग करते समय बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से जानकारी दी और सभी को समझाया कि वे किसी भी अपरिचित व्यक्ति से अपनी निजी जानकारी या तस्वीरें साझा न करें। महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित अपराधों पर भी कड़ी चर्चा की गई, जिसमें पुलिस टीम ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के तरीके सिखाए। छत्तीसगढ़ पुलिस की विशेष पहल 'अभिव्यक्ति ऐप' के महत्व को बताते हुए उपस्थित महिलाओं के मोबाइल में यह ऐप डाउनलोड कराया गया। साथ ही, आपातकालीन सेवा डायल 112 के त्वरित उपयोग के बारे में भी जागरूकता फैलाई गई। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट लगाने और नशे की हालत व कम उम्र में वाहन न चलाने की समझाइश दी गई। इसके अतिरिक्त, समाज में बढ़ रहे नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने की विशेष सलाह दी गई। गरियाबंद पुलिस द्वारा संचालित यह जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा।1
- पुलिस पर एक गरीब व्यक्ति को जबरन चोर बनाने और उसे चोरी का माल हाथ में पकड़वाकर मीडिया के लिए तस्वीरें खिंचवाने का गंभीर आरोप लगा है। बताया गया है कि पुलिस कथित तौर पर उस बेकसूर व्यक्ति को जेल भेजने की तैयारी कर रही थी, तभी उसने हिम्मत दिखाई। कैमरे के सामने ही उस लड़के ने पुलिस की पोल खोल दी, यह कहते हुए कि जब उसने चोरी नहीं की है, तो वह चोरी का माल पकड़कर तस्वीरें क्यों लेने दे। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन पर किसी को कोई भरोसा न होने की बात कही गई है। आरोप है कि पुलिस मेहनत करना नहीं चाहती और केवल मामलों को 'पूरा क्लियर' दिखाने के लिए बेकसूर गरीबों को पकड़कर, उनके हाथ में चोरी का माल थमाकर झूठी तस्वीरें खिंचवाती है ताकि लोगों के सामने खुद को 'जीनियस' साबित कर सके। सवाल उठाया गया है कि आखिर कोई बेकसूर व्यक्ति किसी और के आरोप की सजा क्यों काटे।1
- विधायक अनुज शर्मा ने नकटी गांव मामले पर एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस मामले में किसी भी गरीब व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।1
- खैरागढ़ में एसबीआई आरसेटी द्वारा संचालित 'ए हेल्प' (पशु सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम 2026, 27) के तहत प्रशिक्षणार्थियों के लिए एक शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। 29 जून सोमवार को सुबह 10 बजे मिली जानकारी अनुसार, इस भ्रमण के दौरान पशु सखियों ने शासकीय पशु चिकित्सालय का दौरा किया और पशुपालन, पशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा टीकाकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित पशु सखियों की क्षमताओं को विकसित करना है। इस अवसर पर आरसेटी के अधिकारी, प्रशिक्षक और सभी प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।1