राज्य शासन की मंशा के अनुरूप आम नागरिकों की समस्याओं और मांगों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से मंगलवार को कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम सोड़मा में एक जिला स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिले में चल रहे 'बस्तर मुन्ने एवं सुशासन तिहार' कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसका लक्ष्य ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सभी सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना था। शिविर में कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई, एसडीएम अश्वन पुसाम, जनपद पंचायत सीईओ रूपेंद्र नेताम, तहसीलदार जय कुमार नाग सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अपने संबोधन में बताया कि 'सुशासन तिहार' के माध्यम से अब ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है, और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण भी किया जा रहा है। जनपद पंचायत अध्यक्ष ने भी ग्रामीणों से इस 'सुशासन तिहार' के तहत मिल रही योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। इस शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग ने 06 हितग्राहियों को खाद, खाद्य विभाग ने 07 राशन कार्ड, स्वास्थ्य विभाग ने 05 जन्म प्रमाण पत्र और 08 आयुष्मान कार्ड, क्रेडा विभाग ने 03 सोलर पम्प, वन विभाग ने 02 मेधावी छात्राओं को छात्रवृत्ति, पशु पालन विभाग ने 06 सामग्री अनुदान, राजस्व विभाग ने 37 बीवन और 10 डिजिटल किताब, उद्यानिकी विभाग ने 13 पौधे, शिक्षा विभाग ने 15 जाति प्रमाण पत्र, श्रम विभाग ने 09 श्रम कार्ड और सहकारिता विभाग ने 06 किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किए। इसके अतिरिक्त, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 11 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। ग्रामीणों ने शिविर में विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और शासन की इस पहल की सराहना की।
राज्य शासन की मंशा के अनुरूप आम नागरिकों की समस्याओं और मांगों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से मंगलवार को कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम सोड़मा में एक जिला स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिले में चल रहे 'बस्तर मुन्ने एवं सुशासन तिहार' कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसका लक्ष्य ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सभी सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना था। शिविर में कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई, एसडीएम अश्वन पुसाम, जनपद पंचायत सीईओ रूपेंद्र नेताम, तहसीलदार जय कुमार नाग सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अपने संबोधन में बताया कि 'सुशासन तिहार' के माध्यम से अब ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है, और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण भी किया जा रहा है। जनपद पंचायत अध्यक्ष ने भी ग्रामीणों से
इस 'सुशासन तिहार' के तहत मिल रही योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। इस शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग ने 06 हितग्राहियों को खाद, खाद्य विभाग ने 07 राशन कार्ड, स्वास्थ्य विभाग ने 05 जन्म प्रमाण पत्र और 08 आयुष्मान कार्ड, क्रेडा विभाग ने 03 सोलर पम्प, वन विभाग ने 02 मेधावी छात्राओं को छात्रवृत्ति, पशु पालन विभाग ने 06 सामग्री अनुदान, राजस्व विभाग ने 37 बीवन और 10 डिजिटल किताब, उद्यानिकी विभाग ने 13 पौधे, शिक्षा विभाग ने 15 जाति प्रमाण पत्र, श्रम विभाग ने 09 श्रम कार्ड और सहकारिता विभाग ने 06 किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किए। इसके अतिरिक्त, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 11 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। ग्रामीणों ने शिविर में विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और शासन की इस पहल की सराहना की।
- राज्य शासन की मंशा के अनुरूप आम नागरिकों की समस्याओं और मांगों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से मंगलवार को कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम सोड़मा में एक जिला स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिले में चल रहे 'बस्तर मुन्ने एवं सुशासन तिहार' कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसका लक्ष्य ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सभी सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना था। शिविर में कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई, एसडीएम अश्वन पुसाम, जनपद पंचायत सीईओ रूपेंद्र नेताम, तहसीलदार जय कुमार नाग सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अपने संबोधन में बताया कि 'सुशासन तिहार' के माध्यम से अब ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है, और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण भी किया जा रहा है। जनपद पंचायत अध्यक्ष ने भी ग्रामीणों से इस 'सुशासन तिहार' के तहत मिल रही योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। इस शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग ने 06 हितग्राहियों को खाद, खाद्य विभाग ने 07 राशन कार्ड, स्वास्थ्य विभाग ने 05 जन्म प्रमाण पत्र और 08 आयुष्मान कार्ड, क्रेडा विभाग ने 03 सोलर पम्प, वन विभाग ने 02 मेधावी छात्राओं को छात्रवृत्ति, पशु पालन विभाग ने 06 सामग्री अनुदान, राजस्व विभाग ने 37 बीवन और 10 डिजिटल किताब, उद्यानिकी विभाग ने 13 पौधे, शिक्षा विभाग ने 15 जाति प्रमाण पत्र, श्रम विभाग ने 09 श्रम कार्ड और सहकारिता विभाग ने 06 किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किए। इसके अतिरिक्त, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 11 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। ग्रामीणों ने शिविर में विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और शासन की इस पहल की सराहना की।2
- बीजापुर में स्थित तेंदूपत्ता गोदाम में भीषण आग लगने की बड़ी खबर सामने आई है। इस भयावह अग्निकांड में गोदाम में रखे 18 हजार से भी ज्यादा तेंदूपत्ते के बोरे पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं।1
- झीरम कांड को लेकर समर्पित नक्सली बारसे देवा ने एक विशेष बातचीत में कई बड़े खुलासे किए हैं। इस इंटरव्यू के दौरान उन्होंने नक्सली संगठन की रणनीति, उनके टारगेट और उस दौर की अंदरूनी गतिविधियों से जुड़ी अहम बातें साझा कीं। बारसे देवा ने विशेष रूप से बताया कि झीरम हमले के पीछे किस तरह की तैयारी की गई थी और संगठन के भीतर उस समय का माहौल कैसा था। इन अहम खुलासों के बाद झीरम कांड एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। यह विशेष इंटरव्यू नक्सलवाद की अंदरूनी दुनिया और बस्तर के मौजूदा हालात को समझने की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।1
- दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि वे संत रामपाल जी महाराज के आधिकारिक YouTube चैनल पर उपलब्ध पूरा वीडियो अवश्य देखें।1
- ग्राम पंचायत घाटलोहंगा में मंगलवार को माँ पिलाबाई माता गुड़ी का चैत्र जतरा बाजार श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हो गया। हर वर्ष की तरह इस साल भी माँ पिलाबाई माता, महा माई, फिरंता माँ और परदेसीन बावड़ी माता के सम्मान में यह आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों से देवी-देवताओं को आमंत्रित कर उनका विधिवत पूजन और पारंपरिक रीति-रिवाजों से सम्मान किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने माता का आशीर्वाद प्राप्त कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूरे क्षेत्र में भक्ति, संस्कृति और पारंपरिक लोक आस्था का माहौल देखने को मिला, जिसमें पूजा-पाठ और देवी-देवताओं की पारंपरिक सेवा के साथ ग्रामीण संस्कृति की अनूठी झलक भी मिली। ग्रामीणों ने इस आयोजन को वर्षों से गांव की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बताया। इस सफल आयोजन में ग्रामवासियों और समिति के सदस्यों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में माता पुजारी अलदेव बघेल, माटी पुजारी मनीराम बघेल, वरिष्ठ सम्मानित खोगेश्वर तिवारी, मना प्रसाद तिवारी, ग्राम सरपंच दिया भद्रे, उपसरपंच यमुना तिवारी, पूर्व उपसरपंच मुनालाल यादव, वार्ड पंच यसवंत तिवारी, मंगल राम नाग, फूलसिंग बघेल, तुलसी राम ठाकुर, कोटवार नरेंद्र नाग सहित गांव और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- बस्तर पुलिस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जगदलपुर में एक अफीम तस्कर को गिरफ्तार किया है। कोतवाली पुलिस ने रायपुर रोड पर गोयल बड़ी तिराहा के पास घेराबंदी कर 63 वर्षीय आरोपी को पकड़ा। उसके पास से 167.2 ग्राम अफीम बरामद हुई, जिसकी कीमत लगभग 95 हजार रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपी का नाम हरदीप सिंह है, जो भिलाई दुर्ग का निवासी है। वह बस ड्राइवर की आड़ में अफीम की तस्करी कर रहा था, और पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर उसके पास से कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के निर्देशों पर हुई इस कार्रवाई के बाद, आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।2
- कुल 56 सरपंचों ने अपने पदों से इस्तीफा देकर सरकार को खुली चुनौती दी है। इस बड़े विरोध प्रदर्शन के तहत उन्होंने हाईवे को भी चक्का जाम कर दिया है।1
- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के ग्राम बरकई में बस्तर की लोकसंस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकता का प्रतीक 'बंधा मतौर' कार्यक्रम बड़े धूमधाम से आयोजित किया गया। हर तीन वर्ष में आयोजित होने वाले इस अनूठे पारंपरिक उत्सव में कोंडागांव सहित आसपास के कई जिलों से हजारों ग्रामीण पहुंचे और तालाब में उतरकर सामूहिक रूप से मछली पकड़ने की परंपरा में शामिल हुए। आयोजन स्थल पर दिनभर ढोल-नगाड़ों, लोकगीतों और ग्रामीण उत्साह का माहौल बना रहा। इस उत्सव में शामिल होने के लिए सुबह से ही लोगों का बरकई गांव में जुटना शुरू हो गया था, जिससे देखते ही देखते गांव में भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीण मछली पकड़ने के लिए छोड़ी-बड़ी जाली, चगोड़ी, पेलना, शौकी समेत अन्य पारंपरिक सामग्री लेकर पहुंचे थे। समिति द्वारा निर्धारित शुल्क की रसीद कटवाने के बाद लोगों ने तालाब किनारे आदेश का इंतजार किया। दोपहर तक जिले सहित पड़ोसी राज्य ओडिशा से भी बड़ी संख्या में लोग आयोजन स्थल पर पहुंच चुके थे, जिससे यह कार्यक्रम जनसैलाब में बदल गया।1