सागर जिले के बामोरा स्थित जलसा होटल के सामने करतार सिंह गुर्जर के घर के किचन में सोमवार सुबह करीब 10 बजे एक जहरीली कोबरा नागिन निकल आई, जिससे परिजनों में दहशत फैल गई। सांप को देखते ही परिवार के सदस्य तुरंत घर से बाहर निकल आए। इस घटना की सूचना तत्काल सर्प विशेषज्ञ बबलू पवार को दी गई। सूचना मिलते ही बबलू पवार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया। किचन में छिपी लगभग 3 फीट लंबी इस कोबरा नागिन को सफलतापूर्वक और सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया। बबलू पवार ने बताया कि यह कोबरा प्रजाति की मादा नागिन थी, जो काफी जहरीली होती है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि समय रहते नागिन का रेस्क्यू कर लिए जाने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू के बाद नागिन को सुरक्षित जंगल में छोड़ने की तैयारी की गई। बबलू पवार ने इस अवसर पर लोगों से बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने और अपने घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की। उन्होंने समझाया कि बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप और अन्य जीव-जंतु अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं।
सागर जिले के बामोरा स्थित जलसा होटल के सामने करतार सिंह गुर्जर के घर के किचन में सोमवार सुबह करीब 10 बजे एक जहरीली कोबरा नागिन निकल आई, जिससे परिजनों में दहशत फैल गई। सांप को देखते ही परिवार के सदस्य तुरंत घर से बाहर निकल आए। इस घटना की सूचना तत्काल सर्प विशेषज्ञ बबलू पवार को दी गई। सूचना मिलते ही बबलू पवार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया। किचन में छिपी लगभग 3 फीट लंबी इस कोबरा नागिन को सफलतापूर्वक और सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया। बबलू पवार ने बताया कि यह कोबरा प्रजाति की मादा नागिन थी, जो काफी जहरीली होती है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि समय रहते नागिन का रेस्क्यू कर लिए जाने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू के बाद नागिन को सुरक्षित जंगल में छोड़ने की तैयारी की गई। बबलू पवार ने इस अवसर पर लोगों से बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने और अपने घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की। उन्होंने समझाया कि बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप और अन्य जीव-जंतु अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं।
- लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से घटना के बारे में जानकारी ली और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। इस घटना के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है, जिनमें एलडीए, ऊर्जा विभाग और फायर विभाग के अधिकारी शामिल हैं। निलंबित किए गए अधिकारियों के नाम गौरव कुमार (कलेक्शन जानकीपुरम), कमलेन्द्र कुमार सिंह (FSSO इंदिरा नगर), अनिल कुमार (सहायक अभियंता) और प्रमोद पांडे (अवर अभियंता) हैं। यह कार्रवाई प्राथमिक जांच में सुरक्षा मानकों और निरीक्षण संबंधी लापरवाही के आरोप सामने आने के बाद की गई है। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।3
- राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ओबीसी मोर्चा ने जनगणना 2027 के पहले चरण में ओबीसी वर्ग के आंकड़े अलग से दर्ज न किए जाने के विरोध में तहसील कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा है। मोर्चा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि वर्तमान में चल रही हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया में परिवार की श्रेणी दर्ज करने के लिए केवल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और 'अन्य' के विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में ओबीसी वर्ग के लिए अलग से कोई विकल्प नहीं रखा गया है, जिसके कारण उनके आंकड़े अलग से दर्ज नहीं हो पाएंगे। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने इस पर कड़ा विरोध व्यक्त किया है, जिससे ओबीसी जातिगत गणना को लेकर विरोध और बढ़ गया है।1
- ललितपुर जिले के थाना मदनपुर क्षेत्र के ग्राम उल्दना खुर्द में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत एक बहु-बेटी सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देना था, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, युवतियों और बालिकाओं ने भाग लेकर महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए, महिला आरक्षी रूबी बघेल ने पुलिस विभाग की प्राथमिकता के रूप में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों, उनके संवैधानिक अधिकारों और शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही जागरूकता उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा करने और विपरीत परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम बनाती है। कार्यक्रम के दौरान, महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, महिला सहायता हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। महिलाओं को यह भी जानकारी दी गई कि छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, दहेज प्रताड़ना या किसी अन्य अपराध की स्थिति में वे तत्काल इन सेवाओं का उपयोग करके सहायता प्राप्त कर सकती हैं। पुलिस टीम ने शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखने और उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान भी चलाया गया। महिलाओं और बालिकाओं को सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, अज्ञात कॉल और संदेशों से सावधान रहने, बैंक खाते और ओटीपी संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करने तथा डिजिटल माध्यमों पर सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस कर्मियों ने चेतावनी दी कि थोड़ी सी लापरवाही भी आर्थिक और सामाजिक नुकसान का कारण बन सकती है। इसके अतिरिक्त, महिला आरक्षी ने बालिकाओं को शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया, यह कहते हुए कि शिक्षित और जागरूक बेटियां ही समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला हैं। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं ने महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और हेल्पलाइन सेवाओं से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनके उत्तर पुलिस टीम द्वारा विस्तार से दिए गए। सम्मेलन में थाना मदनपुर पुलिस के अन्य कर्मियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चियां मौजूद रहीं। अंत में, पुलिस टीम ने सभी महिलाओं और बालिकाओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, किसी भी घटना को छिपाने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचित करने और समाज में महिला सुरक्षा तथा सम्मान के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और जनजागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।4
- दमोह नगर पालिका ने बारिश के मौसम से पहले शहर में जर्जर भवनों की पहचान का अभियान शुरू कर दिया है। वार्ड प्रभारियों की रिपोर्ट के आधार पर लगभग 233 भवनों को जर्जर के रूप में चिन्हित किया गया है। इन भवनों की सूची आगे की कार्रवाई के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) कार्यालय भेजी गई है, ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके। नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, पीडब्ल्यूडी की टीम सूची में शामिल भवनों का निरीक्षण कर उनकी वास्तविक स्थिति का सत्यापन करेगी। इसके बाद, जो भवन अत्यधिक खतरनाक पाए जाएंगे, उन्हें गिराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नगर पालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी ने आज सोमवार दोपहर 2 बजे बताया कि मई माह में सभी वार्ड प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों की पहचान करने के निर्देश दिए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप यह 233 भवनों की सूची तैयार हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान लगातार पानी गिरने से कमजोर भवनों के ढहने और जनहानि की आशंका रहती है, जिसके चलते एहतियातन यह कदम उठाया जा रहा है। हालांकि, इस सूची में कुछ ऐसे गैर-जर्जर दीवार या मकानों को भी शामिल किए जाने की बात सामने आई है, जिस पर फिलहाल उच्च न्यायालय (हाइकोर्ट) द्वारा स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) जारी कर रोक लगा दी गई है।1
- Post by Malkhan daas Tirpaliya1
- आज शहर के चार परीक्षा केंद्रों पर री-नीट परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें गर्ल्स कॉलेज स्थित एक केंद्र पर तीन छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गईं। इनमें से दो छात्र निर्धारित समय पर कॉलेज में प्रवेश नहीं कर सकीं, जबकि तीसरी छात्र के अभिभावक पिछली परीक्षा का ही प्रवेश फॉर्म लेकर पहुंचे थे। समय पर प्रवेश न पा सकने वाली दो छात्राओं की पहचान स्नेहा दुबे (निवासी आरएमपी नगर विदिशा) और रागनी विश्वकर्मा (ग्राम कुला, तहसील कुरवाई) के रूप में हुई है। प्रवेश सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही अनुमत था, लेकिन ये दोनों छात्र 1:30 बजे के 2 मिनट बाद पहुंची थीं, जिसके चलते उन्हें प्रवेश से रोक दिया गया। इस जानकारी के बाद परीक्षा की नोडल अधिकारी और केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्य गीता भदौरिया मौके पर पहुंचीं। उन्होंने दोनों छात्रों को केंद्र के अंदर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन उनका बायोमेट्रिक सफल नहीं हो सका, जिसके कारण उन्हें परीक्षा दिए बिना ही बाहर आना पड़ा।1
- बेंगलुरु में शनिवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) री-एग्जाम के दौरान एक परीक्षा केंद्र के बाहर भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया, जहाँ समय पर न पहुँच पाने के कारण कई छात्राओं को परीक्षा में प्रवेश नहीं मिल सका। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें छात्राएँ फूट-फूटकर रोती हुई दिखाई दे रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ छात्राएँ दोपहर 1:32 बजे परीक्षा केंद्र पहुँची थीं, जबकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के नियमों के अनुसार दोपहर 1:30 बजे के बाद प्रवेश पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। गेट बंद मिलने पर छात्राओं ने अंदर जाने की काफी कोशिश की, और कुछ तो रेलिंग पार कर परिसर तक भी पहुँच गईं। हालांकि, अंदर का गेट भी बंद होने के कारण उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली। परिजनों ने आरोप लगाया कि शहर में एक बड़े राजनीतिक कार्यक्रम के कारण कई प्रमुख मार्गों पर भारी ट्रैफिक जाम था, जिससे वे समय पर घर से निकलने के बावजूद परीक्षा केंद्र तक तय समय में नहीं पहुँच सके। अभिभावकों ने प्रशासन पर पर्याप्त ट्रैफिक प्रबंधन न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ मिनट की देरी ने उनके बच्चों का पूरा साल बर्बाद कर दिया। इस वायरल वीडियो में छात्राएँ परीक्षा केंद्र के बाहर रोती और उनके परिजन अधिकारियों से प्रवेश देने की गुहार लगाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर एक बहस छिड़ गई है। एक वर्ग ने परीक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य बताया है, जबकि दूसरे वर्ग ने ऐसी विशेष परिस्थितियों में कुछ मिनट की रियायत देने की माँग उठाई है। NTA की परीक्षा गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाता, और इसी सख्त नियम के चलते देर से पहुँचे इन अभ्यर्थियों को परीक्षा से वंचित रहना पड़ा।1
- Post by Jagtapal Yadav g1
- सागर शहर के व्यस्त मार्ग पीली कोठी घाटी क्षेत्र में शनिवार को एक शराबी युवक ने बीच सड़क पर जमकर हंगामा किया। युवक शराब के नशे में धुत था और कलेक्टर कार्यालय के पास सड़क पर उत्पात मचा रहा था। उसने राहगीरों और वाहन चालकों पर पत्थर फेंककर दहशत फैला दी, जिससे लोग सहम गए और वाहन रोकने को मजबूर हो गए। इस घटना के कारण लगभग आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। कुछ देर बाद युवक सड़क के बीचोंबीच लेट गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे हटाने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह लगातार हंगामा करता रहा। आखिरकार, राहगीरों ने ही स्थिति को संभाला और युवक को सड़क से हटाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। पूरे घटनाक्रम के दौरान मौके पर कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया, जिससे स्थानीय लोगों में हैरानी और नाराजगी है। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने लंबे समय तक सड़क पर हंगामा चलता रहा, लेकिन पुलिस की मौजूदगी नहीं दिखी। इससे कानून व्यवस्था और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल, मामले में पुलिस द्वारा जांच किए जाने की बात कही जा रही है।1