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राजस्थान निजी बसों की हड़ताल का मुद्दा विधानसभा में उठा
Jalampura AC morcha adhyaks D.s.
राजस्थान निजी बसों की हड़ताल का मुद्दा विधानसभा में उठा
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- Post by Jalampura AC morcha adhyaks D.s.1
- आप देख रहे हैं क्षेत्रीय न्यूज़। आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे गांव की जहाँ स्कूल की घंटी नहीं, बल्कि वहां लगा ताला चीख-चीख कर अपनी बदहाली सुना रहा है।मामला है राजाजी का करेड़ा (काला जी) गांव का। यहाँ का सरकारी स्कूल बंद होने की वजह से आज बच्चों के हाथों में किताबों की जगह मजबूरी है। जो बच्चे कल का भविष्य हैं, उन्हें मीलों दूर दूसरे गांवों में भटकना पड़ रहा है।1
- जवाजा। जानकारी अनुसार बड़कोचरा रोड स्थित जवाजा पंचायत समिति के सामने लंबे समय से कीचड़ और कचरे की समस्या बनी हुई थी। बरसात हो या सामान्य दिन, चौराहे पर हमेशा कीचड़ फैला रहने से राहगीरों और दुकानदारों को भारी परेशानी उठानी पड़ती थी। कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर आखिरकार स्थानीय दुकानदारों ने स्वयं पहल कर उदाहरण पेश किया। दुकानदारों ने आपसी सहयोग से पहले पूरे क्षेत्र की साफ-सफाई करवाई और कीचड़ दोबारा न फैले इसके लिए नाले का निर्माण कर गंदे पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था की। इससे चौराहे पर फैलने वाली गंदगी पर रोक लग गई है और अब आमजन को राहत मिली है। दुकानदार देवेन्द्र सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत और पंचायत समिति स्तर पर कई बार शिकायत दी गई, लेकिन वर्षों से कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। मजबूरन सभी व्यापारियों ने मिलकर स्वयं इस समस्या का समाधान करने का निर्णय लिया। इस पहल में भूपेंद्र, देवेंद्र, दिनेश, मान सिंह, बंटी राजपूत, शाहरुख और प्रवीण सहित अन्य दुकानदारों ने सक्रिय सहयोग दिया। स्थानीय लोगों ने दुकानदारों की इस जनहित पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।1
- Post by Narendra kumar Regar1
- भीलवाड़ा = राजस्थान विधानसभा में पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विषय पर चर्चा के दौरान भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने राज्य में चरागाह एवं शमलात भूमि के संरक्षण, पुनर्जीवन और समग्र विकास को लेकर विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान तभी प्रगतिशील बनेगा जब किसान और पशुधन समृद्ध होंगे, और इसकी आधारशिला मजबूत चरागाह व्यवस्था है। विधायक कोठारी ने कहा कि रियासत काल में गोचर भूमि गौवंश संरक्षण के उद्देश्य से आरक्षित की गई थी, ताकि प्रत्येक गांव का पशुधन चारे और पानी की उपलब्धता से सुरक्षित रह सके। किंतु वर्तमान में अनेक स्थानों पर अतिक्रमण, जल संकट तथा अंग्रेजी बबूल और लेन्टाना जैसी विदेशी प्रजातियों के फैलाव के कारण चरागाह भूमि बंजर होती जा रही है, जिससे पशुपालकों और किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा बजट में की गई घोषणाओं का स्वागत करते हुए कहा कि चरागाह, बंजर, बीहड़, श्मशान एवं अन्य सरकारी भूमि के सीमांकन और अतिक्रमण मुक्ति हेतु जीआईएस (GIS) आधारित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर “मरुधरा राजभूमि डिजिटल एटलस” बनाने की घोषणा सराहनीय कदम है। साथ ही लगभग 5 हजार करोड़ रुपये की राशि से पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं चरागाह विकास जैसे कार्यों को बढ़ावा देने की योजना ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। विधायक कोठारी ने सदन को अवगत कराया कि प्रदेश में 20 लाख हेक्टेयर से अधिक शमलात भूमि उपलब्ध है, जिसमें गोचर, नाड़ी, तालाबों की पाल, ओरण, देवबनी, चारणोट आदि क्षेत्र शामिल हैं। लंबे समय से उपेक्षा और अतिक्रमण के कारण इन क्षेत्रों की उत्पादकता घटती गई है, जिसका सीधा प्रभाव पशुधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। उन्होंने बताया कि अब सरकार के प्रयासों से सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देने लगे हैं। बीज बैंक की पहल के माध्यम से गांव-गांव में देशी घास एवं पौधों के बीज एकत्र कर वर्षा ऋतु में चरागाहों और जल स्रोतों के आसपास रोपण किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों, स्थानीय समुदायों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से कई स्थानों पर हरियाली लौटने लगी है। उन्होंने कहा कि भीलवाडा में लगभग 200 चरागाह विकास कार्य पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से प्रगति पर हैं। जिले के मांडलगढ़ तहसील के अमरतिया गांव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा की वहा पर भूमिगत जलस्तर, जो पहले 100 फीट से नीचे चला गया था, अब 20-25 फीट पर स्थिर है। पिछले 25 वर्षों से गांव में नई बोरिंग की आवश्यकता नहीं पड़ी है। इससे न केवल जल संकट कम हुआ है, बल्कि पशुपालकों की आय और दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। विधायक कोठारी ने मांग की कि चरागाह विकास एवं जल संरक्षण कार्यों को ग्रामीण पारिस्थितिकी आधारभूत संरचना के रूप में मान्यता दी जाए तथा इन्हें राज्य स्तरीय अभियान का रूप दिया जाए। इसी संदर्भ में उन्होंने “दीनदयाल चरागाह विकास योजना” प्रारंभ करने का प्रस्ताव रखा। योजना के अंतर्गत गोचर एवं शमलात भूमि का संरक्षण, देशी चारा प्रजातियों का संवर्धन, नाड़ी-तालाब-बावड़ी संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण तथा ग्रामीण समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया। प्रथम चरण में राज्य के 10 हजार गांवों का चयन कर चरणबद्ध कार्ययोजना लागू करने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल भूमि सुधार का विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण, सुरक्षित जल स्रोत और सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था का संकल्प है। यदि संगठित और निरंतर प्रयास किए जाएं तो राजस्थान की भूमि पुनः हरी-भरी हो सकती है और किसान-पशुपालकों की आय में स्थायी वृद्धि की जा सकती है।1
- रायपुर (ब्यावर) रसद विभाग द्वारा छापामार कार्यवाही कर 48 LPG सिलेण्डर जब्त किए खाद्य विभाग के आदेश दिनांक 12.02.2026 के अनुसरण में एवं श्री कमल राम मीना जिला कलक्टर ब्यावर के निर्देशानुसार अभियान चलाकर घरेलू एलपीजी सिलेण्डरो के व्यवसायिक उपयोग, अवैध रिफलिंग, अवैध भण्डारण और कालाबाजारी जैसी गतिविधियो पर अंकुश लगाने तथा दुरूपयोग पर कार्यवाही करने के निर्देशो की अनुपालना मे दिनांक 26.02.2026 को श्री अब्दुल सादिक, जिला रसद अधिकारी, ब्यावर के नेतृत्व में श्री सोहन सिंह चौहान, प्रवर्तन अधिकारी व विक्रान्त मथुरिया, प्रवर्तन निरीक्षक द्वारा छापामार कार्यवाही कर कुल 48 सिलेण्डर जब्त किए गए जिसमें 06 सिलेण्डर वाणिज्यिक श्रेणी क्षमता (19.0) किलो, 35 वाणिज्यिक सिलेण्डर क्षमता 5 किलो, एवं 02 घरेलू LPG सिलेण्डर व 05 बिना नम्बर अंकित अप्रमाणित सिलेण्डर जो ISI से प्रमाणित नहीं है कुल 48 LPG सिलेण्डर जब्त किये गए। चिन्टू साईकिल स्टोर के प्रोपराईटर श्री चन्द्रेश गर्ग द्वारा साईकिल स्टोर के सामने पुराने मकान में भण्डारण स्थल बना रखा पाया जो सघन रिहायशी क्षेत्र में स्थित है उनके द्वारा गैस सिलेण्डर की बिक्री की जाती है जबकि उनके पास गैस सिलेण्डरों के प्राप्त खरीद के बिल वाउचर नहीं पाए गए, गैस सिलेण्डर बिक्री की अनुमति नहीं होना पाया गया, गैस उपभोक्ता डायरी नहीं पाई गई एवं सुरक्षा मानको का स्पष्ट उलंघन पाया गया तथा सिलेण्डर भण्डारण स्थल पर सुरक्षा मानको के कोई भी इंतजाम नहीं पाए गए। जिनका विवरण निम्नानुसार है:- 1. स्थान नृसिंह गली, भैरू चौराहा स्थित चिन्टू साईकिल स्टोर, ब्यावर। प्रोपराइटर चन्द्रेश गर्ग पुत्र श्री सुरेश गर्ग, ब्यावर। > जब्त सामग्री विवरण- 06 सिलेण्डर वाणिज्यिक श्रेणी क्षमता (19.0) किलो, 35 वाणिज्यिक सिलेण्डर क्षमता 5 किलो, एवं 02 घरेलू LPG सिलेण्डर व 05 बिना नम्बर अंकित अप्रमाणित सिलेण्डर जो ISI से प्रमाणित नहीं है कुल 48 LPG सिलेण्डर जब्त किये गए। कुल- 48 गैस सिलेण्डर जब्त किये गए। 1. दुकानदार द्वारा LPG आदेश 2000 के प्रावधानो का उलघन करने पर 48 सिलेण्डर जब्त किए जिन्हें ज्वाला गैस एजेन्सी ब्यावर के कार्मिक श्री लोकेश सांखला पुत्र श्री मांगीलाल सांखला, ब्यावर को सुपुर्दगी पर दिए गए। 2. उक्त प्रकरण माननीय न्यायालय जिला कलक्टर ब्यावर के समक्ष आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 6A में प्रस्तुत किए जाएंगे। विभाग के निर्देशानुसार गैस सिलेण्डर के दुरूपयोग पर निरंतर कार्यवाही जारी रहेगी अतः गैस उपभोक्ताओं से अपील की जाती है कि गैस सिलेण्डर का वैध व सुरक्षित उपयोग करें1
- Post by जगदीश माली पत्रका र1
- Post by Jalampura AC morcha adhyaks D.s.1