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शामली जिले के बिड़ौली सादात गांव में 9 मुहर्रम की रात्रि को शिया समुदाय के लोगों ने नवासे रसूल इमाम हुसैन अ.स. के भतीजे हजरत कासिम अ.स. की शहादत को पूरे सोग और अकीदत के साथ याद किया। इस अवसर पर, सोगवारों ने हजरत कासिम अ.स. की याद में मन्नती चराग जलाए और मेहदी उठाई। इस कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल और विद्युत विभाग के कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।
Shakir ali
शामली जिले के बिड़ौली सादात गांव में 9 मुहर्रम की रात्रि को शिया समुदाय के लोगों ने नवासे रसूल इमाम हुसैन अ.स. के भतीजे हजरत कासिम अ.स. की शहादत को पूरे सोग और अकीदत के साथ याद किया। इस अवसर पर, सोगवारों ने हजरत कासिम अ.स. की याद में मन्नती चराग जलाए और मेहदी उठाई। इस कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल और विद्युत विभाग के कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।
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- शामली के सतलोक आश्रम वेद खेड़ी में कबीर प्रकट दिवस महा समारोह के आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह महा समारोह कल से शुरू होगा।1
- उत्तर प्रदेश के शामली जिले के बिडौली में दस मुहर्रम, यानी आशूरा के मौके पर, शिया समुदाय द्वारा हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में एक मातमी जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में शबी-ए-ताबूत, अलम और जुलजनाह शामिल थे। जुलूस के दौरान, सोगवारों ने सीनाजनी और जंजीरों का मातम करके इमाम हुसैन को खिराज-ए-अकीदत पेश की। पूरे रास्ते 'या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस अवसर पर मौलाना वसीम बहराइच ने भी अपनी बात रखी।4
- शामली जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कुख्यात गैंगस्टर मुकीम काला के गांव में एक नई पुलिस चौकी का निर्माण किया गया है, जिसे पूर्व में 'अपराध का गढ़' माना जाता था। इस पहल को क्षेत्र में कानून के प्रभावी हस्तक्षेप के तौर पर देखा जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के शामली जिले के इरशादपुर माजरा गाँव में नालियों के पानी की निकासी की व्यवस्था अत्यंत खराब है। इस खराब व्यवस्था के कारण पूरे गाँव की साफ-सफाई की स्थिति बहुत दयनीय बनी हुई है।1
- शामली जनपद में पुलिस के संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहन चेकिंग अभियान के तहत थानाभवन पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान पुलिस ने एक युवक को अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनुज पुत्र रामगोपाल के रूप में हुई है, जो ग्राम नोजली, थाना थानाभवन, जनपद शामली का निवासी बताया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध 315 बोर तमंचा और एक जिंदा 315 बोर कारतूस बरामद किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी के खिलाफ थानाभवन थाने में आर्म्स एक्ट की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1
- शामली पुलिस ने एक ₹50,000 के इनामी बदमाश को मुठभेड़ में मार गिराया है। यह कार्रवाई शामली के कांधला के जंगल में हुई, जहाँ हुई मुठभेड़ के बाद भारी मात्रा में कारतूस और अवैध हथियार बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब शामली पुलिस ने ऐसी कार्रवाई की हो, इससे पहले भी कई अन्य बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर किया जा चुका है।1
- हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष पर्ल चौधरी करनाल पहुंचीं। उनके आगमन पर आम आदमी पार्टी की महिला जिला अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जिससे संगठन को ज़िले में और मज़बूती मिली।1
- उत्तर प्रदेश के बिडोली में शिया समुदाय के सोगवारों ने शुक्रवार को दस मुहर्रम यानी आशूर के दिन हजरत इमाम हुसैन की याद में एक मातमी जुलूस निकाला। इस दौरान 'या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस जुलूस में शबी-ए-ताबूत, अलम और जुलजनाह शामिल थे। पूर्व प्रधान फजल अली उर्फ अच्छू मिया के आवास से शुरू हुआ यह जुलूस इमाम बारगाह से निकलकर गलियों से होता हुआ कर्बला में समाप्त हुआ। जुलूस के दौरान सीनाजनी और जंजीरों का मातम किया गया। साथ ही, श्रद्धालुओं के लिए शर्बत, खाना और चाय का वितरण भी किया गया। जुलूस से पहले एक मजलिस का आयोजन किया गया था, जिसे मौलाना मोहम्मद वसीम (बहराइच) ने खिताब किया। उन्होंने बताया कि हजरत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने दीन और हक के लिए अपनी कुर्बानी दी, और तमाम यातनाएं सहने के बावजूद यजीद के अत्याचारों के सामने नहीं झुके। मौलाना ने दुनिया में झूठ न बोलने को सबसे बेहतर अमल बताया। मजलिस में अली रजा, हमजा जैदी, सय्यद वसी हैदर, नफीस शाह, सय्यद कमर अब्बास और मन्नन मिया सहित कई अन्य लोगों ने मर्सिया खानी की। जुलूस के कर्बला पहुंचने के बाद, वहां ताजिये दफन किए गए। इस अवसर पर सय्यद फ़ज़ल अली उर्फ अच्छू मिया, अली जोन, नियाज़ हैदर, ज़िंदा शाह, हामिद शाह, गुड्डू मिया, सय्यद कमर अब्बास, कमर रज़ा ज़ैदी, सय्यद मेहताब मेहदी, बाकिर अली, डॉक्टर बाकर जैदी, आफताब मेहदी, सलीम शाह, साजिद शाह, साबिर शाह, मिन्हाल मेहदी, मोहसिन रिजवी, और डॉक्टर रजी बाकर समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।4