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हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष पर्ल चौधरी करनाल पहुंचीं। उनके आगमन पर आम आदमी पार्टी की महिला जिला अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जिससे संगठन को ज़िले में और मज़बूती मिली।

11 hrs ago
user_KL MEDIA 24 - KARNAL LOCAL NEWS
KL MEDIA 24 - KARNAL LOCAL NEWS
Local News Reporter करनाल, करनाल, हरियाणा•
11 hrs ago

हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष पर्ल चौधरी करनाल पहुंचीं। उनके आगमन पर आम आदमी पार्टी की महिला जिला अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जिससे संगठन को ज़िले में और मज़बूती मिली।

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  • हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष पर्ल चौधरी करनाल पहुंचीं। उनके आगमन पर आम आदमी पार्टी की महिला जिला अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जिससे संगठन को ज़िले में और मज़बूती मिली।
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    हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष पर्ल चौधरी करनाल पहुंचीं। उनके आगमन पर आम आदमी पार्टी की महिला जिला अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जिससे संगठन को ज़िले में और मज़बूती मिली।
    user_KL MEDIA 24 - KARNAL LOCAL NEWS
    KL MEDIA 24 - KARNAL LOCAL NEWS
    Local News Reporter करनाल, करनाल, हरियाणा•
    11 hrs ago
  • शामली के सतलोक आश्रम वेद खेड़ी में कबीर प्रकट दिवस महा समारोह के आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह महा समारोह कल से शुरू होगा।
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    शामली के सतलोक आश्रम वेद खेड़ी में कबीर प्रकट दिवस महा समारोह के आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह महा समारोह कल से शुरू होगा।
    user_SAGAR HINDUSTANI
    SAGAR HINDUSTANI
    Local News Reporter Un, Shamli•
    7 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के शामली जिले के बिडौली में दस मुहर्रम, यानी आशूरा के मौके पर, शिया समुदाय द्वारा हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में एक मातमी जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में शबी-ए-ताबूत, अलम और जुलजनाह शामिल थे। जुलूस के दौरान, सोगवारों ने सीनाजनी और जंजीरों का मातम करके इमाम हुसैन को खिराज-ए-अकीदत पेश की। पूरे रास्ते 'या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस अवसर पर मौलाना वसीम बहराइच ने भी अपनी बात रखी।
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    उत्तर प्रदेश के शामली जिले के बिडौली में दस मुहर्रम, यानी आशूरा के मौके पर, शिया समुदाय द्वारा हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में एक मातमी जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में शबी-ए-ताबूत, अलम और जुलजनाह शामिल थे।

जुलूस के दौरान, सोगवारों ने सीनाजनी और जंजीरों का मातम करके इमाम हुसैन को खिराज-ए-अकीदत पेश की। पूरे रास्ते 'या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस अवसर पर मौलाना वसीम बहराइच ने भी अपनी बात रखी।
    user_Shakir ali
    Shakir ali
    Salesperson ऊन, शामली, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • एक महत्वपूर्ण समस्या सामने आई है जहाँ एक गली पिछले एक महीने से खराब हालत में है। बताया गया है कि इस बदहाली के कारण लोग लगातार गिरकर चोटिल हो रहे हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत करने के बावजूद, इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है और न ही इस पर कोई कार्रवाई की गई है। पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने लोगों से इस समस्या को उजागर करने और समाधान की माँग करते हुए इसे पोस्ट और शेयर करने की अपील की है ताकि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान हो सके।
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    एक महत्वपूर्ण समस्या सामने आई है जहाँ एक गली पिछले एक महीने से खराब हालत में है। बताया गया है कि इस बदहाली के कारण लोग लगातार गिरकर चोटिल हो रहे हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत करने के बावजूद, इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है और न ही इस पर कोई कार्रवाई की गई है। पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने लोगों से इस समस्या को उजागर करने और समाधान की माँग करते हुए इसे पोस्ट और शेयर करने की अपील की है ताकि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान हो सके।
    user_Subodh
    Subodh
    निसिंग स्ट, करनाल, हरियाणा•
    11 hrs ago
  • शामली जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कुख्यात गैंगस्टर मुकीम काला के गांव में एक नई पुलिस चौकी का निर्माण किया गया है, जिसे पूर्व में 'अपराध का गढ़' माना जाता था। इस पहल को क्षेत्र में कानून के प्रभावी हस्तक्षेप के तौर पर देखा जा रहा है।
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    शामली जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कुख्यात गैंगस्टर मुकीम काला के गांव में एक नई पुलिस चौकी का निर्माण किया गया है, जिसे पूर्व में 'अपराध का गढ़' माना जाता था। इस पहल को क्षेत्र में कानून के प्रभावी हस्तक्षेप के तौर पर देखा जा रहा है।
    user_Ch Pankaj Chauhan
    Ch Pankaj Chauhan
    Local News Reporter ऊन, शामली, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • आईकॉप जर्नलिस्ट और जनता की आवाज़ के हरियाणा अध्यक्ष विशाल शर्मा पत्रकार ने दिल्ली से लेकर हरियाणा के कुरुक्षेत्र धाम, लाडवा और कुरुक्षेत्र तक की सड़कों के बदहाल स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मौजूदा बीजेपी सरकार के बावजूद इन क्षेत्रों, खासकर 'सीएम सिटी' के आसपास की सड़कों की 'दुर्गति' पर चिंता व्यक्त की है। शर्मा ने आरोप लगाया है कि सच लिखने या दिखाने पर उन्हें 'यातनाएं' दी जाती हैं और देश का युवा 'मिलीभक्ति की राजनीति' का शिकार है, जो एक 'कड़वा सच' है। प्रस्तुत चित्र में दिख रही सड़क पर लगे काले पैच, जिन्हें 'टांकियां' कहा गया है, को केवल मरम्मत नहीं बल्कि देश के विकास मॉडल, राजनीतिक प्राथमिकताओं और बुनियादी ज़रूरतों पर एक 'गहरा कटाक्ष' बताया गया है। एक नागरिक के अनुभव का हवाला देते हुए, यह दर्शाया गया है कि '1978 में भी यही स्थिति थी और आज भी यही है', जो 46 सालों बाद भी 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे दावों के बावजूद सड़कों पर 'टांकियों' के बने रहने पर सवाल खड़े करता है। यह तुलना एक अमेरिकी नागरिक द्वारा इराक में एक भारतीय नागरिक को उसकी देश की पहचान के आधार पर 'मार्क' करने की घटना से की गई है, जो दुनिया की नज़र में भारत के विकास की छवि को दर्शाता है। रिपोर्ट में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि ये 'टांकियां' हमारे राजनीतिक दृष्टिकोण की ही 'टांकियां' हैं, जो दर्शाती हैं कि राजनीति केवल समस्याओं पर अस्थायी 'पट्टियां' लगाने का काम कर रही है। इसमें वर्तमान सरकार के साथ-साथ पूर्ववर्ती सरकारों (जैसे 1984 के दंगों के संदर्भ में कांग्रेस का शासनकाल) की जवाबदेही पर भी प्रश्न उठाया गया है। यह सवाल किया गया है कि क्या 'दंगों की राजनीति' जैसे भावनात्मक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने से बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देने का अवसर खो जाता है। अंत में, यह विश्लेषण करता है कि ये 'टांकियां' देश के व्यापारियों के 'कपड़ों की टांकियां' और 'संविधान पर टांकियां' भी हैं, जो आर्थिक प्रगति के असमान वितरण और संविधान द्वारा हर नागरिक को मिले सम्मानजनक जीवन के अधिकार के उल्लंघन का संकेत देती हैं। जनता का स्पष्ट सवाल है कि राजनीतिक दल 'असली, स्थायी बुनियादी सुविधाओं' पर ध्यान देंगे या केवल 'पुराने ज़ख्मों (दंगों) और पुरानी सड़कों पर 'टांकियां' लगाकर राजनीति करते रहेंगे, क्योंकि 'असली विकास वही है जो ज़मीन पर दिखे, न कि केवल नारों में'।
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    आईकॉप जर्नलिस्ट और जनता की आवाज़ के हरियाणा अध्यक्ष विशाल शर्मा पत्रकार ने दिल्ली से लेकर हरियाणा के कुरुक्षेत्र धाम, लाडवा और कुरुक्षेत्र तक की सड़कों के बदहाल स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मौजूदा बीजेपी सरकार के बावजूद इन क्षेत्रों, खासकर 'सीएम सिटी' के आसपास की सड़कों की 'दुर्गति' पर चिंता व्यक्त की है। शर्मा ने आरोप लगाया है कि सच लिखने या दिखाने पर उन्हें 'यातनाएं' दी जाती हैं और देश का युवा 'मिलीभक्ति की राजनीति' का शिकार है, जो एक 'कड़वा सच' है।

प्रस्तुत चित्र में दिख रही सड़क पर लगे काले पैच, जिन्हें 'टांकियां' कहा गया है, को केवल मरम्मत नहीं बल्कि देश के विकास मॉडल, राजनीतिक प्राथमिकताओं और बुनियादी ज़रूरतों पर एक 'गहरा कटाक्ष' बताया गया है। एक नागरिक के अनुभव का हवाला देते हुए, यह दर्शाया गया है कि '1978 में भी यही स्थिति थी और आज भी यही है', जो 46 सालों बाद भी 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे दावों के बावजूद सड़कों पर 'टांकियों' के बने रहने पर सवाल खड़े करता है। यह तुलना एक अमेरिकी नागरिक द्वारा इराक में एक भारतीय नागरिक को उसकी देश की पहचान के आधार पर 'मार्क' करने की घटना से की गई है, जो दुनिया की नज़र में भारत के विकास की छवि को दर्शाता है।

रिपोर्ट में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि ये 'टांकियां' हमारे राजनीतिक दृष्टिकोण की ही 'टांकियां' हैं, जो दर्शाती हैं कि राजनीति केवल समस्याओं पर अस्थायी 'पट्टियां' लगाने का काम कर रही है। इसमें वर्तमान सरकार के साथ-साथ पूर्ववर्ती सरकारों (जैसे 1984 के दंगों के संदर्भ में कांग्रेस का शासनकाल) की जवाबदेही पर भी प्रश्न उठाया गया है। यह सवाल किया गया है कि क्या 'दंगों की राजनीति' जैसे भावनात्मक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने से बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देने का अवसर खो जाता है।

अंत में, यह विश्लेषण करता है कि ये 'टांकियां' देश के व्यापारियों के 'कपड़ों की टांकियां' और 'संविधान पर टांकियां' भी हैं, जो आर्थिक प्रगति के असमान वितरण और संविधान द्वारा हर नागरिक को मिले सम्मानजनक जीवन के अधिकार के उल्लंघन का संकेत देती हैं। जनता का स्पष्ट सवाल है कि राजनीतिक दल 'असली, स्थायी बुनियादी सुविधाओं' पर ध्यान देंगे या केवल 'पुराने ज़ख्मों (दंगों) और पुरानी सड़कों पर 'टांकियां' लगाकर राजनीति करते रहेंगे, क्योंकि 'असली विकास वही है जो ज़मीन पर दिखे, न कि केवल नारों में'।
    user_IndiaNews 9Live
    IndiaNews 9Live
    Media company थानेसर, कुरुक्षेत्र, हरियाणा•
    15 hrs ago
  • शुक्रवार को पानीपत के खंड एवं विकास पंचायत अधिकारी कार्यालय में गांव गवालडा पंचायत की बैठक के दौरान पंच रमेश और सरपंच दीपक शर्मा के बीच विवाद हो गया, जो हाथापाई में बदल गया। यह घटना तब शुरू हुई जब पंच रमेश ने सरपंच से पिछले कार्यों का हिसाब-किताब मांगा। आरोप है कि सरपंच ने हिसाब देने से इनकार कर दिया और जबरन पंच रमेश से रजिस्टर पर हस्ताक्षर करवाने का प्रयास किया। दोनों पक्षों के बीच वाद-विवाद बढ़ने पर ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया। इसके बाद, दोनों पक्षों ने इसराना थाना पहुंचकर अपनी-अपनी शिकायतें दर्ज करवाईं। सरपंच दीपक शर्मा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि पंच रमेश ने सरकारी कार्य में बाधा डाली और उनके खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। थाना इसराना के एसएचओ हरिराम ने बताया कि उन्हें दोनों पक्षों से शिकायतें मिली थीं। जांच-पड़ताल के बाद, पंच रमेश के खिलाफ धारा 107/151 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई है।
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    शुक्रवार को पानीपत के खंड एवं विकास पंचायत अधिकारी कार्यालय में गांव गवालडा पंचायत की बैठक के दौरान पंच रमेश और सरपंच दीपक शर्मा के बीच विवाद हो गया, जो हाथापाई में बदल गया। यह घटना तब शुरू हुई जब पंच रमेश ने सरपंच से पिछले कार्यों का हिसाब-किताब मांगा। आरोप है कि सरपंच ने हिसाब देने से इनकार कर दिया और जबरन पंच रमेश से रजिस्टर पर हस्ताक्षर करवाने का प्रयास किया।

दोनों पक्षों के बीच वाद-विवाद बढ़ने पर ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया। इसके बाद, दोनों पक्षों ने इसराना थाना पहुंचकर अपनी-अपनी शिकायतें दर्ज करवाईं। सरपंच दीपक शर्मा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि पंच रमेश ने सरकारी कार्य में बाधा डाली और उनके खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

थाना इसराना के एसएचओ हरिराम ने बताया कि उन्हें दोनों पक्षों से शिकायतें मिली थीं। जांच-पड़ताल के बाद, पंच रमेश के खिलाफ धारा 107/151 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई है।
    user_चन्द्र सिंह जागलान पत्रकार
    चन्द्र सिंह जागलान पत्रकार
    Video Creator इसराना, पानीपत, हरियाणा•
    6 hrs ago
  • करनाल के पंचायत व जिला लोक संपर्क कष्ट निवारण परिवेशना समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें हरियाणा सरकार के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा मुख्य रूप से शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के उच्च अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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    करनाल के पंचायत व जिला लोक संपर्क कष्ट निवारण परिवेशना समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें हरियाणा सरकार के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा मुख्य रूप से शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के उच्च अधिकारी भी उपस्थित रहे।
    user_KL MEDIA 24 - KARNAL LOCAL NEWS
    KL MEDIA 24 - KARNAL LOCAL NEWS
    Local News Reporter करनाल, करनाल, हरियाणा•
    11 hrs ago
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