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आईकॉप जर्नलिस्ट और जनता की आवाज़ के हरियाणा अध्यक्ष विशाल शर्मा पत्रकार ने दिल्ली से लेकर हरियाणा के कुरुक्षेत्र धाम, लाडवा और कुरुक्षेत्र तक की सड़कों के बदहाल स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मौजूदा बीजेपी सरकार के बावजूद इन क्षेत्रों, खासकर 'सीएम सिटी' के आसपास की सड़कों की 'दुर्गति' पर चिंता व्यक्त की है। शर्मा ने आरोप लगाया है कि सच लिखने या दिखाने पर उन्हें 'यातनाएं' दी जाती हैं और देश का युवा 'मिलीभक्ति की राजनीति' का शिकार है, जो एक 'कड़वा सच' है। प्रस्तुत चित्र में दिख रही सड़क पर लगे काले पैच, जिन्हें 'टांकियां' कहा गया है, को केवल मरम्मत नहीं बल्कि देश के विकास मॉडल, राजनीतिक प्राथमिकताओं और बुनियादी ज़रूरतों पर एक 'गहरा कटाक्ष' बताया गया है। एक नागरिक के अनुभव का हवाला देते हुए, यह दर्शाया गया है कि '1978 में भी यही स्थिति थी और आज भी यही है', जो 46 सालों बाद भी 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे दावों के बावजूद सड़कों पर 'टांकियों' के बने रहने पर सवाल खड़े करता है। यह तुलना एक अमेरिकी नागरिक द्वारा इराक में एक भारतीय नागरिक को उसकी देश की पहचान के आधार पर 'मार्क' करने की घटना से की गई है, जो दुनिया की नज़र में भारत के विकास की छवि को दर्शाता है। रिपोर्ट में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि ये 'टांकियां' हमारे राजनीतिक दृष्टिकोण की ही 'टांकियां' हैं, जो दर्शाती हैं कि राजनीति केवल समस्याओं पर अस्थायी 'पट्टियां' लगाने का काम कर रही है। इसमें वर्तमान सरकार के साथ-साथ पूर्ववर्ती सरकारों (जैसे 1984 के दंगों के संदर्भ में कांग्रेस का शासनकाल) की जवाबदेही पर भी प्रश्न उठाया गया है। यह सवाल किया गया है कि क्या 'दंगों की राजनीति' जैसे भावनात्मक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने से बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देने का अवसर खो जाता है। अंत में, यह विश्लेषण करता है कि ये 'टांकियां' देश के व्यापारियों के 'कपड़ों की टांकियां' और 'संविधान पर टांकियां' भी हैं, जो आर्थिक प्रगति के असमान वितरण और संविधान द्वारा हर नागरिक को मिले सम्मानजनक जीवन के अधिकार के उल्लंघन का संकेत देती हैं। जनता का स्पष्ट सवाल है कि राजनीतिक दल 'असली, स्थायी बुनियादी सुविधाओं' पर ध्यान देंगे या केवल 'पुराने ज़ख्मों (दंगों) और पुरानी सड़कों पर 'टांकियां' लगाकर राजनीति करते रहेंगे, क्योंकि 'असली विकास वही है जो ज़मीन पर दिखे, न कि केवल नारों में'।

16 hrs ago
user_IndiaNews 9Live
IndiaNews 9Live
Media company थानेसर, कुरुक्षेत्र, हरियाणा•
16 hrs ago

आईकॉप जर्नलिस्ट और जनता की आवाज़ के हरियाणा अध्यक्ष विशाल शर्मा पत्रकार ने दिल्ली से लेकर हरियाणा के कुरुक्षेत्र धाम, लाडवा और कुरुक्षेत्र तक की सड़कों के बदहाल स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मौजूदा बीजेपी सरकार के बावजूद इन क्षेत्रों, खासकर 'सीएम सिटी' के आसपास की सड़कों की 'दुर्गति' पर चिंता व्यक्त की है। शर्मा ने आरोप लगाया है कि सच लिखने या दिखाने पर उन्हें 'यातनाएं' दी जाती हैं और देश का युवा 'मिलीभक्ति की राजनीति' का शिकार है, जो एक 'कड़वा सच' है। प्रस्तुत चित्र में दिख रही सड़क पर लगे काले पैच, जिन्हें 'टांकियां' कहा गया है, को केवल मरम्मत नहीं बल्कि देश के विकास मॉडल, राजनीतिक प्राथमिकताओं और बुनियादी ज़रूरतों पर एक 'गहरा कटाक्ष' बताया गया है। एक नागरिक के अनुभव का हवाला देते हुए, यह दर्शाया गया है कि '1978 में भी यही स्थिति थी और आज भी यही है', जो 46 सालों बाद भी 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे दावों के बावजूद सड़कों पर 'टांकियों' के बने रहने पर सवाल खड़े करता है। यह तुलना एक अमेरिकी नागरिक द्वारा इराक में एक भारतीय नागरिक को उसकी देश की पहचान के आधार पर 'मार्क' करने की घटना से की गई है, जो दुनिया की नज़र में भारत के विकास की छवि को दर्शाता है। रिपोर्ट में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि ये 'टांकियां' हमारे राजनीतिक दृष्टिकोण की ही 'टांकियां' हैं, जो दर्शाती हैं कि राजनीति केवल समस्याओं पर अस्थायी 'पट्टियां' लगाने का काम कर रही है। इसमें वर्तमान सरकार के साथ-साथ पूर्ववर्ती सरकारों (जैसे 1984 के दंगों के संदर्भ में कांग्रेस का शासनकाल) की जवाबदेही पर भी प्रश्न उठाया गया है। यह सवाल किया गया है कि क्या 'दंगों की राजनीति' जैसे भावनात्मक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने से बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देने का अवसर खो जाता है। अंत में, यह विश्लेषण करता है कि ये 'टांकियां' देश के व्यापारियों के 'कपड़ों की टांकियां' और 'संविधान पर टांकियां' भी हैं, जो आर्थिक प्रगति के असमान वितरण और संविधान द्वारा हर नागरिक को मिले सम्मानजनक जीवन के अधिकार के उल्लंघन का संकेत देती हैं। जनता का स्पष्ट सवाल है कि राजनीतिक दल 'असली, स्थायी बुनियादी सुविधाओं' पर ध्यान देंगे या केवल 'पुराने ज़ख्मों (दंगों) और पुरानी सड़कों पर 'टांकियां' लगाकर राजनीति करते रहेंगे, क्योंकि 'असली विकास वही है जो ज़मीन पर दिखे, न कि केवल नारों में'।

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  • आईकॉप जर्नलिस्ट और जनता की आवाज़ के हरियाणा अध्यक्ष विशाल शर्मा पत्रकार ने दिल्ली से लेकर हरियाणा के कुरुक्षेत्र धाम, लाडवा और कुरुक्षेत्र तक की सड़कों के बदहाल स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मौजूदा बीजेपी सरकार के बावजूद इन क्षेत्रों, खासकर 'सीएम सिटी' के आसपास की सड़कों की 'दुर्गति' पर चिंता व्यक्त की है। शर्मा ने आरोप लगाया है कि सच लिखने या दिखाने पर उन्हें 'यातनाएं' दी जाती हैं और देश का युवा 'मिलीभक्ति की राजनीति' का शिकार है, जो एक 'कड़वा सच' है। प्रस्तुत चित्र में दिख रही सड़क पर लगे काले पैच, जिन्हें 'टांकियां' कहा गया है, को केवल मरम्मत नहीं बल्कि देश के विकास मॉडल, राजनीतिक प्राथमिकताओं और बुनियादी ज़रूरतों पर एक 'गहरा कटाक्ष' बताया गया है। एक नागरिक के अनुभव का हवाला देते हुए, यह दर्शाया गया है कि '1978 में भी यही स्थिति थी और आज भी यही है', जो 46 सालों बाद भी 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे दावों के बावजूद सड़कों पर 'टांकियों' के बने रहने पर सवाल खड़े करता है। यह तुलना एक अमेरिकी नागरिक द्वारा इराक में एक भारतीय नागरिक को उसकी देश की पहचान के आधार पर 'मार्क' करने की घटना से की गई है, जो दुनिया की नज़र में भारत के विकास की छवि को दर्शाता है। रिपोर्ट में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि ये 'टांकियां' हमारे राजनीतिक दृष्टिकोण की ही 'टांकियां' हैं, जो दर्शाती हैं कि राजनीति केवल समस्याओं पर अस्थायी 'पट्टियां' लगाने का काम कर रही है। इसमें वर्तमान सरकार के साथ-साथ पूर्ववर्ती सरकारों (जैसे 1984 के दंगों के संदर्भ में कांग्रेस का शासनकाल) की जवाबदेही पर भी प्रश्न उठाया गया है। यह सवाल किया गया है कि क्या 'दंगों की राजनीति' जैसे भावनात्मक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने से बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देने का अवसर खो जाता है। अंत में, यह विश्लेषण करता है कि ये 'टांकियां' देश के व्यापारियों के 'कपड़ों की टांकियां' और 'संविधान पर टांकियां' भी हैं, जो आर्थिक प्रगति के असमान वितरण और संविधान द्वारा हर नागरिक को मिले सम्मानजनक जीवन के अधिकार के उल्लंघन का संकेत देती हैं। जनता का स्पष्ट सवाल है कि राजनीतिक दल 'असली, स्थायी बुनियादी सुविधाओं' पर ध्यान देंगे या केवल 'पुराने ज़ख्मों (दंगों) और पुरानी सड़कों पर 'टांकियां' लगाकर राजनीति करते रहेंगे, क्योंकि 'असली विकास वही है जो ज़मीन पर दिखे, न कि केवल नारों में'।
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    आईकॉप जर्नलिस्ट और जनता की आवाज़ के हरियाणा अध्यक्ष विशाल शर्मा पत्रकार ने दिल्ली से लेकर हरियाणा के कुरुक्षेत्र धाम, लाडवा और कुरुक्षेत्र तक की सड़कों के बदहाल स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मौजूदा बीजेपी सरकार के बावजूद इन क्षेत्रों, खासकर 'सीएम सिटी' के आसपास की सड़कों की 'दुर्गति' पर चिंता व्यक्त की है। शर्मा ने आरोप लगाया है कि सच लिखने या दिखाने पर उन्हें 'यातनाएं' दी जाती हैं और देश का युवा 'मिलीभक्ति की राजनीति' का शिकार है, जो एक 'कड़वा सच' है।

प्रस्तुत चित्र में दिख रही सड़क पर लगे काले पैच, जिन्हें 'टांकियां' कहा गया है, को केवल मरम्मत नहीं बल्कि देश के विकास मॉडल, राजनीतिक प्राथमिकताओं और बुनियादी ज़रूरतों पर एक 'गहरा कटाक्ष' बताया गया है। एक नागरिक के अनुभव का हवाला देते हुए, यह दर्शाया गया है कि '1978 में भी यही स्थिति थी और आज भी यही है', जो 46 सालों बाद भी 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे दावों के बावजूद सड़कों पर 'टांकियों' के बने रहने पर सवाल खड़े करता है। यह तुलना एक अमेरिकी नागरिक द्वारा इराक में एक भारतीय नागरिक को उसकी देश की पहचान के आधार पर 'मार्क' करने की घटना से की गई है, जो दुनिया की नज़र में भारत के विकास की छवि को दर्शाता है।

रिपोर्ट में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि ये 'टांकियां' हमारे राजनीतिक दृष्टिकोण की ही 'टांकियां' हैं, जो दर्शाती हैं कि राजनीति केवल समस्याओं पर अस्थायी 'पट्टियां' लगाने का काम कर रही है। इसमें वर्तमान सरकार के साथ-साथ पूर्ववर्ती सरकारों (जैसे 1984 के दंगों के संदर्भ में कांग्रेस का शासनकाल) की जवाबदेही पर भी प्रश्न उठाया गया है। यह सवाल किया गया है कि क्या 'दंगों की राजनीति' जैसे भावनात्मक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने से बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देने का अवसर खो जाता है।

अंत में, यह विश्लेषण करता है कि ये 'टांकियां' देश के व्यापारियों के 'कपड़ों की टांकियां' और 'संविधान पर टांकियां' भी हैं, जो आर्थिक प्रगति के असमान वितरण और संविधान द्वारा हर नागरिक को मिले सम्मानजनक जीवन के अधिकार के उल्लंघन का संकेत देती हैं। जनता का स्पष्ट सवाल है कि राजनीतिक दल 'असली, स्थायी बुनियादी सुविधाओं' पर ध्यान देंगे या केवल 'पुराने ज़ख्मों (दंगों) और पुरानी सड़कों पर 'टांकियां' लगाकर राजनीति करते रहेंगे, क्योंकि 'असली विकास वही है जो ज़मीन पर दिखे, न कि केवल नारों में'।
    user_IndiaNews 9Live
    IndiaNews 9Live
    Media company थानेसर, कुरुक्षेत्र, हरियाणा•
    16 hrs ago
  • एक महत्वपूर्ण समस्या सामने आई है जहाँ एक गली पिछले एक महीने से खराब हालत में है। बताया गया है कि इस बदहाली के कारण लोग लगातार गिरकर चोटिल हो रहे हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत करने के बावजूद, इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है और न ही इस पर कोई कार्रवाई की गई है। पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने लोगों से इस समस्या को उजागर करने और समाधान की माँग करते हुए इसे पोस्ट और शेयर करने की अपील की है ताकि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान हो सके।
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    एक महत्वपूर्ण समस्या सामने आई है जहाँ एक गली पिछले एक महीने से खराब हालत में है। बताया गया है कि इस बदहाली के कारण लोग लगातार गिरकर चोटिल हो रहे हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत करने के बावजूद, इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है और न ही इस पर कोई कार्रवाई की गई है। पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने लोगों से इस समस्या को उजागर करने और समाधान की माँग करते हुए इसे पोस्ट और शेयर करने की अपील की है ताकि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान हो सके।
    user_Subodh
    Subodh
    निसिंग स्ट, करनाल, हरियाणा•
    12 hrs ago
  • हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष पर्ल चौधरी करनाल पहुंचीं। उनके आगमन पर आम आदमी पार्टी की महिला जिला अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जिससे संगठन को ज़िले में और मज़बूती मिली।
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    हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष पर्ल चौधरी करनाल पहुंचीं। उनके आगमन पर आम आदमी पार्टी की महिला जिला अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जिससे संगठन को ज़िले में और मज़बूती मिली।
    user_KL MEDIA 24 - KARNAL LOCAL NEWS
    KL MEDIA 24 - KARNAL LOCAL NEWS
    Local News Reporter करनाल, करनाल, हरियाणा•
    12 hrs ago
  • ऋषिकेश में हरियाणा से आई एक स्विफ्ट कार को पुलिस ने रोका, जिसमें हनी सिंह के आपत्तिजनक गाने तेज आवाज में बज रहे थे। गाड़ी रोकने पर पुलिस ने पाया कि कार की पिछली सीट पर एक लड़का और एक लड़की निर्वस्त्र अवस्था में थे। पुलिस द्वारा स्थिति के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने जवाब दिया कि गर्मी थी। इसके बाद, लड़की ने पुलिसकर्मियों के साथ बदतमीजी करनी शुरू कर दी। इस घटना के बाद, उत्तराखंड पुलिस दोनों को थप्पड़ मारते हुए नजदीकी पुलिस चौकी लेकर जा रही है। साथ ही, उनकी स्विफ्ट कार को भी जब्त कर लिया गया है।
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    ऋषिकेश में हरियाणा से आई एक स्विफ्ट कार को पुलिस ने रोका, जिसमें हनी सिंह के आपत्तिजनक गाने तेज आवाज में बज रहे थे। गाड़ी रोकने पर पुलिस ने पाया कि कार की पिछली सीट पर एक लड़का और एक लड़की निर्वस्त्र अवस्था में थे। पुलिस द्वारा स्थिति के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने जवाब दिया कि गर्मी थी।

इसके बाद, लड़की ने पुलिसकर्मियों के साथ बदतमीजी करनी शुरू कर दी। इस घटना के बाद, उत्तराखंड पुलिस दोनों को थप्पड़ मारते हुए नजदीकी पुलिस चौकी लेकर जा रही है। साथ ही, उनकी स्विफ्ट कार को भी जब्त कर लिया गया है।
    user_Vaneet kashyap
    Vaneet kashyap
    अंबाला, अंबाला, हरियाणा•
    53 min ago
  • बराड़ा में श्री संत द्वारा हरी मंदिर प्रबंधक कमेटी और साथ संगत द्वारा श्याम बाबा कीर्तन का बड़ी धूमधाम से आयोजन किया गया। इस भव्य कीर्तन में रघुवंशी ब्रदर्स ने श्याम बाबा का गुणगान किया, जिससे संगत बाबा के सुंदर भजनों पर झूमने पर मजबूर हो गई।
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    बराड़ा में श्री संत द्वारा हरी मंदिर प्रबंधक कमेटी और साथ संगत द्वारा श्याम बाबा कीर्तन का बड़ी धूमधाम से आयोजन किया गया। इस भव्य कीर्तन में रघुवंशी ब्रदर्स ने श्याम बाबा का गुणगान किया, जिससे संगत बाबा के सुंदर भजनों पर झूमने पर मजबूर हो गई।
    user_Manish sharma
    Manish sharma
    मुलाना सेंट, अंबाला, हरियाणा•
    7 hrs ago
  • Dekhi mahaul
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    Dekhi mahaul
    user_Gautam Kumar
    Gautam Kumar
    अंबाला, अंबाला, हरियाणा•
    12 hrs ago
  • करनाल के पंचायत व जिला लोक संपर्क कष्ट निवारण परिवेशना समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें हरियाणा सरकार के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा मुख्य रूप से शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के उच्च अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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    करनाल के पंचायत व जिला लोक संपर्क कष्ट निवारण परिवेशना समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें हरियाणा सरकार के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा मुख्य रूप से शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के उच्च अधिकारी भी उपस्थित रहे।
    user_KL MEDIA 24 - KARNAL LOCAL NEWS
    KL MEDIA 24 - KARNAL LOCAL NEWS
    Local News Reporter करनाल, करनाल, हरियाणा•
    12 hrs ago
  • हरियाणा के कुर्बानपुर में किसान और पुलिस आमने-सामने आ गए हैं। यह स्थिति कुर्बानपुर क्षेत्र से सामने आई है।
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    हरियाणा के कुर्बानपुर में किसान और पुलिस आमने-सामने आ गए हैं। यह स्थिति कुर्बानपुर क्षेत्र से सामने आई है।
    user_N R Rahul Jakhar
    N R Rahul Jakhar
    Local News Reporter अंबाला, अंबाला, हरियाणा•
    12 hrs ago
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