सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी? महोबा सिंचाई विभाग में दैनिक वेतनभोगियों का शोषण उजागर #महोबा देश की सर्वोच्च अदालत के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सिंचाई विभाग में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के साथ वेतन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वर्ष 1986 में Dhirendra Chamoli vs State of U.P. मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि दैनिक वेतन पर कार्यरत कर्मचारियों को भी समान कार्य के लिए उचित वेतन मिलना चाहिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि केवल अस्थायी या दैनिक वेतनभोगी होने के आधार पर कम भुगतान करना न्यायसंगत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में “समान कार्य के लिए समान वेतन” के सिद्धांत को मजबूत करते हुए कहा था कि यदि कार्य की प्रकृति समान है, तो वेतन में भेदभाव नहीं होना चाहिए दैनिक वेतनभोगी भी श्रमिक अधिकारों के अंतर्गत समान संरक्षण के पात्र हैं। सूत्रों और कर्मचारियों के आरोपों के अनुसार— सिंचाई विभाग में कार्यरत दैनिक वेतनभोगियों को न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किया जा रहा है शासनादेश (01 अप्रैल 2026 से प्रभावी) के बावजूद नियमों का पूर्ण पालन नहीं हो रहा कई कर्मचारियों को मजदूरी समय पर नहीं मिल रही, दैनिक वेतनभोगियों का कहना है कि वे वर्षों से विभाग में काम कर रहे हैं, लेकिन “काम स्थायी कर्मचारियों जैसा, पर वेतन आधा भी नहीं… यह सीधा-सीधा शोषण है।” जब माननीय सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वेतन में भेदभाव गैरकानूनी है, तो महोबा का सिंचाई विभाग अदालत के निर्देशों की अनदेखी कर रहा है? #नितेन्द्रझां #श्रमिक_अधिकार
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी? महोबा सिंचाई विभाग में दैनिक वेतनभोगियों का शोषण उजागर #महोबा देश की सर्वोच्च अदालत के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सिंचाई विभाग में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के साथ वेतन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वर्ष 1986 में Dhirendra Chamoli vs State of U.P. मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि दैनिक वेतन पर कार्यरत कर्मचारियों को भी समान कार्य के लिए उचित वेतन मिलना चाहिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि केवल अस्थायी या दैनिक वेतनभोगी होने के आधार पर कम भुगतान करना न्यायसंगत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में “समान कार्य के लिए समान वेतन” के सिद्धांत को मजबूत करते हुए कहा था कि यदि कार्य की प्रकृति समान है, तो वेतन में भेदभाव नहीं होना चाहिए दैनिक वेतनभोगी भी श्रमिक अधिकारों के अंतर्गत समान संरक्षण के पात्र हैं। सूत्रों और कर्मचारियों के आरोपों के अनुसार— सिंचाई विभाग में कार्यरत दैनिक वेतनभोगियों को न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किया जा रहा है शासनादेश (01 अप्रैल 2026 से प्रभावी) के बावजूद नियमों का पूर्ण पालन नहीं हो रहा कई कर्मचारियों को मजदूरी समय पर नहीं मिल रही, दैनिक वेतनभोगियों का कहना है कि वे वर्षों से विभाग में काम कर रहे हैं, लेकिन “काम स्थायी कर्मचारियों जैसा, पर वेतन आधा भी नहीं… यह सीधा-सीधा शोषण है।” जब माननीय सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वेतन में भेदभाव गैरकानूनी है, तो महोबा का सिंचाई विभाग अदालत के निर्देशों की अनदेखी कर रहा है? #नितेन्द्रझां #श्रमिक_अधिकार
- विद्युत विभाग की लापरवाही से सालट गांव में एक वर्ष से खराब पड़ी है डीपियां, सप्लाई केवल में भी पड़ी है खराब।1
- हमीरपुर जिले के गोहांड ब्लॉक में मनरेगा कर्मियों का गुस्सा बेकाबू होता जा रहा है। 10 महीने से मानदेय न मिलने पर कर्मचारी सातवें दिन भी धरने पर डटे हैं और अब खुली चेतावनी दे दी है, हक नहीं मिला तो आंदोलन सड़कों पर होगा। काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे कर्मियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि परिवार भूख और कर्ज में डूब रहा है, लेकिन जिम्मेदार चुप हैं। 1 मई को जिला मुख्यालय घेरने का ऐलान कर दिया गया है। कर्मचारियों ने साफ कहा, अब चुप नहीं बैठेंगे, लड़ाई आर-पार की होगी ¹। रिर्पोट निर्दोष राजपूत1
- मौदहा (हमीरपुर)। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ढीहाडेरा में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान संतोष (30) पुत्र जाली वर्मा के रूप में हुई है। बताया जाता है कि संतोष ने अपने घर में फांसी लगा ली। परिजनों ने आनन-फानन में उसे गंभीर हालत में कस्बे के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की मां कुंवर बाई ने आरोप लगाया है कि उसके बेटे को उसकी पत्नी कोमल और ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा बेरहमी से पीटा गया था। इसी घटना से आहत होकर उसने यह कदम उठाया। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।2
- नौगांव में भगवान चित्रगुप्त जयंती पर नगर में भव्य शोभायात्रा निकल गई एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए । शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यात्रा मनसा देवी मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए चित्रगुप्त मंदिर पर सम्पन्न हुई ।1
- बांदा। जिलाधिकारी अमित आसेरी के निर्देशन में नगर मजिस्ट्रेट संदीप केला के नेतृत्व में शहर में व्यापक स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। महेश्वरी देवी चौराहे से लेकर चौक बाजार तक प्रशासन की टीम ने पुलिस बल के साथ संयुक्त कार्रवाई की, जिससे दुकानदारों और ठेला-फेरी लगाने वालों में हड़कंप की स्थिति बन गई। अभियान की शुरुआत होते ही कई दुकानदारों ने आनन-फानन में अपना सामान समेटना शुरू कर दिया, जबकि कुछ स्थानों पर प्रशासन को सख्ती भी बरतनी पड़ी। इस दौरान महेश्वरी देवी चौराहा, प्रकाश टॉकीज, कोतवाली क्षेत्र, शंकर गुरु चौराहा, चौक बाजार, सब्जी मंडी और छावनी चौराहा सहित कई प्रमुख स्थानों पर सड़क और पटरी पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। प्रशासन द्वारा विशेष रूप से नालों के ऊपर रखे गए अस्थायी ढांचे, तख्त, टीनशेड और अन्य सामान को हटवाया गया, जिससे जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद लोगों को सख्त चेतावनी दी गई कि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण पाए जाने पर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नगर मजिस्ट्रेट संदीप केला ने बताया कि शहर के प्रमुख बाजारों में अतिक्रमण के कारण अक्सर जाम की समस्या उत्पन्न होती है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारों को देखते हुए बाजारों में भीड़ बढ़ने की संभावना है, ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा। इस अभियान में खाद्य एवं सफाई निरीक्षक हेमन्त प्रसाद, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक देवेन्द्र, राजस्व निरीक्षक रामजस सिंह, स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के जिला कार्यक्रम प्रबंधक अभिषेक खरे, गौरव श्रीवास्तव, मनीष, विकास, सफाई नायक राजाराम सहित नगर पालिका के कर्मचारी और पुलिस बल मौजूद रहे।1
- मौदहा हमीरपुर। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ढीहाडेरा निवासी संतोष (30)पुत्र जाली वर्मा ने अपने घर में फांसी लगा ली। जिसे परिजनों द्वारा गंभीर हालत में इलाज के लिए कस्बे के सरकारी अस्पताल लाया गया जहां डाक्टरोँ ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की माँ कुंवर बाई का आरोप है कि, उसके बेटे को ससुराल में पत्नी कोमल और उसके परिवार वालों ने बेरहमी से मारा था जिससे आहत होकर उसने फांसी लगा ली है।1
- महोबा: नमामि गंगे और PWD की 'जंग' में प्यासे ग्रामीण, 15 दिनों1
- मौदहा हमीरपुर बुधवार देररात एक पक्के मकान का आधा हिस्सा भरभरा कर रोड में गिर गया जिससे बिजली के तार टूटने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई वहीं सडक पर मलबा गिरने से आवागमन बाधित हो गया। कस्बे के मोहल्ला कुम्हरौडा सैनी गेस्ट हाउस के निकट स्थित डा. अशोक कुमार गुप्ता पढोरी वाले के मकान का कुछ हिस्सा बुधवार देररात सडक पर भरभरा कर गिर गया। राहत की बात यह रही कि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ नहीं तो कुछ समय बाद इसी रास्ते से एक बारात की बिदाई होना थी। मकान का हिस्सा गिरने से बिजली के तार गिर गई और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई वहीं सडक पर मलबा गिरने से कुछ समय के लिए आवागमन भी बाधित हो गया जिसे बिजली विभाग ने रात में ही सही कर दिया।4
- गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र के ग्राम मुहारी में स्थित खेत में आग लग गई,आग की जानकारी पुलिस को दी गई,मौके पर पुलिस ऑफ फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और काफी मांसशक्त के बाद आग़ पर का भी पाया गया है।1