मातृत्व दिवस पर भी गर्भवती महिलाओं को नहीं मिला पोषण आहार, महीनों से उठ रहा मुद्दा फिर भी व्यवस्था बेअसर मातृत्व दिवस पर भी गर्भवती महिलाओं को नहीं मिला पोषण आहार, महीनों से उठ रहा मुद्दा फिर भी व्यवस्था बेअसर सीएचसी में अंधेरे में दवा वितरण, मोबाइल टॉर्च से मरीज की जांच; लैब में भी अव्यवस्था, जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल हैरिंग्टनगंज (अयोध्या)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैरिंग्टनगंज में गुरुवार को आयोजित मातृत्व दिवस पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बदहाली एक बार फिर सामने आई। कार्यक्रम में पहुंची गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार, फल और दूध उपलब्ध नहीं कराया गया। पोषण आहार का मामला कोई नया नहीं है। कई महीनों से इसके नहीं मिलने का जिक्र और शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। मातृत्व दिवस पर भी महिलाओं को खाली हाथ लौटना पड़ा। दैनिक भास्कर संवाददाता ने लैब का निरीक्षण किया तो जगनारायण अकेले जांच करते मिले। पूछने पर उन्होंने बताया कि योगेंद्र तिवारी अवकाश पर हैं, जबकि लैब टेक्नीशियन दीपक कुमार बलगम की जांच कर रहे हैं। मौके पर दीपक नहीं मिले। तलाश करने पर वह गुटखा मलते हुए मिले। इस दौरान जांच कराने पहुंची महिलाएं लैब में परेशान होती रहीं। बैठने की समुचित व्यवस्था भी नहीं थी और जांच के लिए भी इंतजार करना पड़ा। दवा वितरण कक्ष में बिजली न होने के कारण अंधेरे में दवाएं बांटी जा रही थीं। नेत्र कक्ष में डॉक्टर अनिल कुमार मरीज शिवबली की मोबाइल टॉर्च की रोशनी में जांच करते मिले। रुक-रुककर बारिश के बीच बिजली न होने से अस्पताल के कई हिस्सों में अंधेरा पसरा रहा। सीएचसी अधीक्षक डॉ. डीएन द्विवेदी ने जनरेटर चलाने की बात कही, लेकिन खबर लिखे जाने तक जनरेटर नहीं चला। लैब टेक्नीशियन के मामले में भी जांच की बात कही गई। अब सवाल यह है कि जब महीनों से पोषण आहार की समस्या सामने आ रही है तो समाधान कब होगा और इसकी जवाबदेही आखिर किसकी तय होगी?
मातृत्व दिवस पर भी गर्भवती महिलाओं को नहीं मिला पोषण आहार, महीनों से उठ रहा मुद्दा फिर भी व्यवस्था बेअसर मातृत्व दिवस पर भी गर्भवती महिलाओं को नहीं मिला पोषण आहार, महीनों से उठ रहा मुद्दा फिर भी व्यवस्था बेअसर सीएचसी में अंधेरे में दवा वितरण, मोबाइल टॉर्च से मरीज की जांच; लैब में भी अव्यवस्था, जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल हैरिंग्टनगंज (अयोध्या)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैरिंग्टनगंज में गुरुवार को आयोजित मातृत्व दिवस पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बदहाली एक बार फिर सामने आई। कार्यक्रम में पहुंची गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार, फल और दूध उपलब्ध नहीं कराया गया। पोषण आहार का मामला कोई नया नहीं है। कई महीनों से इसके नहीं मिलने का जिक्र और शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। मातृत्व दिवस पर भी महिलाओं को खाली हाथ लौटना पड़ा। दैनिक भास्कर संवाददाता ने लैब का निरीक्षण किया तो जगनारायण अकेले जांच करते मिले। पूछने पर उन्होंने बताया कि योगेंद्र तिवारी अवकाश पर हैं, जबकि लैब टेक्नीशियन दीपक कुमार बलगम की जांच कर रहे हैं। मौके पर दीपक नहीं मिले। तलाश करने पर वह गुटखा मलते हुए मिले। इस दौरान जांच कराने पहुंची महिलाएं लैब में परेशान होती रहीं। बैठने की समुचित व्यवस्था भी नहीं थी और जांच के लिए भी इंतजार करना पड़ा। दवा वितरण कक्ष में बिजली न होने के कारण अंधेरे में दवाएं बांटी जा रही थीं। नेत्र कक्ष में डॉक्टर अनिल कुमार मरीज शिवबली की मोबाइल टॉर्च की रोशनी में जांच करते मिले। रुक-रुककर बारिश के बीच बिजली न होने से अस्पताल के कई हिस्सों में अंधेरा पसरा रहा। सीएचसी अधीक्षक डॉ. डीएन द्विवेदी ने जनरेटर चलाने की बात कही, लेकिन खबर लिखे जाने तक जनरेटर नहीं चला। लैब टेक्नीशियन के मामले में भी जांच की बात कही गई। अब सवाल यह है कि जब महीनों से पोषण आहार की समस्या सामने आ रही है तो समाधान कब होगा और इसकी जवाबदेही आखिर किसकी तय होगी?
- अयोध्या,14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है।पीड़ितों को अयोध्या विधायक व जिला प्रशासन ने मुआवजा देने का ऐलान किया। अयोध्या,14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। चौड़ीकरण की जद में आकर विस्थापित हुए पीड़ितों को अयोध्या विधायक व जिला प्रशासन ने मुआवजा देने का ऐलान किया। कलेक्ट्रेट सभागार में अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने पीड़ितों के साथ बैठक की। जिन मकानों को चौड़ीकरण के दौरान गिराया गया था, उनके आकलन के बाद मुआवजा दिया गया। प्रशासन के मुताबिक पीड़ितों को कुल करीब 93 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। मुआवजा मिलने के बाद पीड़ित संतुष्ट नजर आए और उन्होंने प्रशासन के फैसले पर सहमति जताई। कार्रवाई में गिराई गई पांच दुकानों के दुकानदारों के लिए भी व्यवस्था की गई है। नगर निगम इन दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन बनाकर दुकानें उपलब्ध कराएगा। दुकानदारों को दुकान मिलने से वे दोबारा अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगे और रोजी-रोटी का संकट दूर होगा। मुआवजे और दुकानों के पुनर्व्यवस्थापन के ऐलान के बाद 14 कोसी परिक्रमा मार्ग चौड़ीकरण को लेकर चल रही सियासत पर भी विराम लगता नजर आ रहा है।3
- मित्र सेन यादव जैसे व्यक्तित्व को माफिया बताना इतिहास और उनके संघर्ष का अपमान”—श्री चंद यादव अयोध्या के टेढ़ी बाजार में लगी होल्डिंग को लेकर समाजवादी पार्टी महानगर उपाध्यक्ष श्री चंद यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय बाबू मित्र सेन यादव जैसे जननेता के व्यक्तित्व पर सवाल खड़ा करने से पहले उनके पूरे जीवन और संघर्ष को पढ़ना चाहिए। बाबू जी ने अपना जीवन गरीब, शोषित और पीड़ित लोगों की आवाज बनने में लगाया और अन्याय के खिलाफ हमेशा मजबूती से खड़े रहे। श्री चंद यादव ने कहा कि जिसने यह होल्डिंग लगाई है, उसकी जानकारी और मानसिकता दोनों पर सवाल खड़े होते हैं। शायद उसने बाबू जी को करीब से जाना ही नहीं, उनके संघर्ष को समझा ही नहीं। किसी होल्डिंग पर ‘माफिया’ लिख देने भर से जनता के दिल में बसे किसी जननेता का इतिहास नहीं मिटाया जा सकता। मित्र सेन यादव का मूल्यांकन किसी होल्डिंग के शब्दों से नहीं, बल्कि उनके संघर्ष, विचार और जनता के लिए किए गए कामों से होगा।1
- सहादतगंज बाईपास पर दर्दनाक हादसा, ट्रक ने पांच भैंसों को मारी टक्कर बिपिन पांडेय संवाददाता इन 24लाइव न्यूज़ अयोध्या अयोध्या अयोध्या। सहादतगंज बाईपास पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। अयोध्या की तरफ से लखनऊ जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर जा रही पांच भैंसों को टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद ट्रक चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया। हादसे में दो भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन भैंस गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सहादतगंज चौकी की पुलिस वा पीआरबी 5376 घटनास्थल पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू कर दी है।1
- रामनगरी के सहादतगंज बाईपास पर दर्दनाक हादसा, ट्रक ने पांच भैंसों को मारी टक्कर। अयोध्या। जनपद के सहादतगंज बाईपास पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। अयोध्या की तरफ से लखनऊ जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर जा रही पांच भैंसों को टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद ट्रक चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया। हादसे में दो भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन भैंस गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सहादतगंज चौकी की पुलिस वा पीआरबी 5376 घटनास्थल पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू कर दी है।1
- गरीबी का दंश झेल रहे रामजीत गौड़ ने इलाज के अभाव में जिंदगी मौत की लडाई हार गया* *गरीबी का दंश झेल रहे रामजीत गौड़ ने इलाज के अभाव में जिंदगी मौत की लडाई हार गया* *तारुन अयोध्या* तारुन विकास खंड क्षेत्र के ग्राम सभा घोपा पकड़ियाहरा निवासी गरीबी का दंश झेल रहे रामजीत गौड़ ने उचित इलाज के अभाव में जिंदगी मौत की लड़ाई हार गया । और घर पर ही दम तोड़ दिया । मृतक की पत्नी सहित चार पुत्र और तीन पुत्रियां हैं । जिसमें एक बालिक पुत्री की शादी हो चुकी है । जहां अनाथ हुए बच्चों के सर से पिता का साया उठ गया तो वहीं तो गरीबी की स्थिति में सरकारी योजनाओं से वंचित छप्पर के नीचे परिवार अपना जीवन बिताने के लिए विवश है । वहीं खाने-पीने के लिए मजबूर परिवार की मदद ग्रामीणों सहित कुछ समाजसेवी कर रहे हैं। जो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है । वहीं प्रशासनिक और सामाजिक मदद की परिवार गुहार लगा रहा है । विकासखंड तारुन अंतर्गत ग्राम पंचायत घोंपा के मजरे पकड़ियहरा निवासी मृतक रामजीत गौड़ उम्र लगभग 45 वर्ष जो हफ्तों से वायरल फीवर से पीड़ित था पैसों के अभाव में उचित इलाज नहीं करवा पा रहा था । कुछ लोगों से कर्ज लेकर स्थानीय चिकित्सकों सहित सरकारी अस्पतालों में इलाज कर रहा था । परंतु इसी बीच बीते 18 सितंबर को गरीबी की दंश झेलते हुए जिंदगी की लड़ाई लड़ते लड़ते हार गया । और मौत के गाल में समा गया । घर पर मौत होने के बाद गांव वालों ने आपसी सहयोग करते हुए उसका अंतिम दाह संस्कार करवा दिया था । मृतक की पत्नी पिंकी देवी के अलावा विवाहित बेटी रोशनी, सूरज 18 वर्ष, किशन 16 वर्ष, राज 14 वर्ष, रजनीश 11वर्ष, सलोनी 8 वर्ष, अंजू 5 वर्ष है । जिनका रो-रो कर बुरा हाल है । अनाथ हुए बच्चों के सर से पिता का साया उठने के बाद उनके सामने अंधेरा महसूस हो रहा है । इस असहाय परिवार को हर तरफ से मदद की आवश्यकता है । जबकि केंद्र व प्रदेश की सरकार की मंसा है कि विकास की किरण अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी । परंतु इन बच्चों को सरकारी योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिलता दिखाई पड़ रहा है । छप्पर पल्ली के सहारे रह रहे हैं मृतक गरीब मजदूर की मौत की खबर सुनकर गांव के कुछ दानवीरों ने अपने हाथ दान के लिए बढ़ाए । जिससे अंतिम दाह संस्कार हो सका । तो वहीं सूचना पाते ही क्षेत्रीय विधायक अभय सिंह के पिता भगवान बक्स सिंह, समाजसेवी उपेंद्र दुबे उर्फ झिंगूरी भी पहुंचकर मदद करते आगे भी हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया । इन बच्चों के सर पर छत और सरकारी सहायता की दरकार है । जिससे इनको शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके और उनके भविष्य को सुधारा जा सके । मौजूदा समय में बच्चे प्राथमिक विद्यालय में किसी तरह अपनी पढ़ाई कर रहे हैं । अब आगे का रास्ता बच्चों को दिखाई नहीं पड़ रहा है । समाजसेवी उपेंद्र दूबे उर्फ झिंगूरी दूबे ने क्षेत्रीय लोगों से आगे आते हुए मदद की अपील किया है ।1
- *सुल्तानपुर में आशा बहुओं ने डीएम को सौंपा ज्ञापन,18 महीने का बकाया मानदेय देने की मांग* सुल्तानपुर में शुक्रवार को आशा बहू कार्यकत्रियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा. आशा बहुओं ने कहा कि विधानसभा में मुख्यमंत्री की ओर से आशा बहुओं को सम्मानजनक मानदेय दिए जाने की घोषणा की गई थी, लेकिन घोषणा के बाद भी अब तक उनके मानदेय में बढ़ोतरी नहीं की गई है. कार्यकत्रियों ने सरकार से तत्काल मानदेय बढ़ाने की मांग की है. आशा बहू कल्याण संघ की प्रदेश अध्यक्ष सीमा सिंह के नेतृत्व में कार्यकत्रियां जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं. यहां उन्होंने अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा. आशा बहुओं का कहना है कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और अभियानों को धरातल तक पहुंचाने में लगातार काम कर रही हैं. इसके बावजूद उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है. आशा बहू कार्यकत्रियों ने बताया कि उनका करीब 18 महीने का भुगतान रुका हुआ है. लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उनके सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो रही हैं. उन्होंने सरकार से मांग की कि लंबित भुगतान को तत्काल जारी किया जाए, ताकि आशा बहुओं को राहत मिल सके. कार्यकत्रियों का कहना है कि मुख्यमंत्री की ओर से विधानसभा में आशा बहुओं के मानदेय को सम्मानजनक स्तर तक बढ़ाने की घोषणा की गई थी. इसके बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही मानदेय में बढ़ोतरी होगी, लेकिन अभी तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है. आशा बहुओं ने सरकार से अपनी घोषणा को लागू करने की मांग की. प्रदेश अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि आशा बहुएं लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी बात रखती रही हैं. अब उनका कहना है कि केवल प्रशासन से बातचीत करने का कोई औचित्य नहीं रह गया है. यदि उनकी मांगों और बकाया भुगतान पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आशा बहुएं सीधे मुख्यमंत्री से मिलने गोरखपुर जाएंगी. सीमा सिंह ने कहा कि आशा बहुएं अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाली नहीं हैं. उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द मानदेय बढ़ाने और 18 महीने से रुके भुगतान को जारी करने की मांग की है. आशा बहुओं ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे मुख्यमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाएंगी.4
- बीकापुर के रामनगर धौरहरा में बने पंप कैनाल के श्रेय पर दो विधायक आमने-सामने, सियासत गरम। आज सरकार के जलशक्ति मंत्री द्वारा होना था पंप कैनाल का भव्य लोकार्पण कार्यक्रम, अचानक हुआ स्थगित। बीकापुर के रामनगर धौरहरा में बने पंप कैनाल के श्रेय पर दो विधायक आमने-सामने, सियासत गरम। आज सरकार के जलशक्ति मंत्री द्वारा होना था पंप कैनाल का भव्य लोकार्पण कार्यक्रम, अचानक हुआ स्थगित। अयोध्या में बाढ़ प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देने वाली पंप कैनाल परियोजना अब सियासी चर्चा का केंद्र बन गई है। परियोजना के लोकार्पण को लेकर रुदौली और बीकापुर के विधायकों के बीच श्रेय लेने की होड़ दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों की सक्रियता के बीच इलाके में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। अयोध्या जिले की सोहावल तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत रामनगर धौरहरा में तैयार हुई पंप कैनाल परियोजना को लेकर बुधवार को सोशल मीडिया पर खूब हलचल देखने को मिली। रुदौली विधायक की ओर से गुरुवार को सिंचाई मंत्री द्वारा पंप कैनाल के लोकार्पण की जानकारी साझा की गई, जिसके बाद परियोजना के श्रेय को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। दरअसल, रामनगर धौरहरा में बनी यह परियोजना बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में आती है, जबकि इससे होने वाला लाभ रुदौली विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित किसानों को भी बड़े पैमाने पर मिलने की बात कही जा रही है। यही वजह है कि परियोजना को लेकर दोनों विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों की सक्रियता चर्चा में है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पंप कैनाल की मांग काफी पुरानी है। बीकापुर विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान के पिता और पूर्व सिंचाई मंत्री स्वर्गीय मुन्ना सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित गांवों की समस्या को देखते हुए इस परियोजना की मांग उठाई थी। इसके बाद पूर्व विधायिका शोभा सिंह चौहान और वर्तमान विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान ने भी परियोजना को लेकर शासन स्तर पर पैरवी की। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीकापुर विधानसभा क्षेत्र के कार्यक्रम के दौरान भी इस परियोजना का जिक्र हुआ था। मुख्यमंत्री की ओर से इसे बाढ़ प्रभावित किसानों के हित में महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए स्वीकृति का उल्लेख किया गया था। पंप कैनाल के निर्माण से क्षेत्र की हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद है। हर साल बाढ़ और जलभराव की वजह से प्रभावित होने वाली फसलों को इससे राहत मिलने की बात कही जा रही है। इसका सीधा लाभ बड़ी संख्या में किसानों को मिलने की संभावना है। परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराने का मामला भी सामने आया है। स्थानीय जानकारी के अनुसार विवेक सिंह पुत्र शत्रोहन सिंह निवासी ग्राम रामनगर धौरहरा ने गाटा संख्या 91 में अपनी पैतृक संपत्ति की 0.198 हेक्टेयर भूमि परियोजना के लिए दी। इसके बदले शासन की ओर से गाटा संख्या 77 मि. में 0.198 हेक्टेयर भूमि दिए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 24 सितंबर को जल शक्ति मंत्री द्वारा लोकार्पण का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से कार्यक्रम स्थगित हो गया। इसके बाद तराई क्षेत्र में परियोजना के लोकार्पण को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गईं। रामनगर धौरहरा में तैयार हुई यह पंप कैनाल सिर्फ एक सिंचाई परियोजना नहीं, बल्कि लंबे समय से बाढ़ और जलभराव की समस्या झेल रहे किसानों के लिए बड़ी उम्मीद के तौर पर देखी जा रही है। हालांकि परियोजना का लोकार्पण भले ही तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हो, लेकिन इसके श्रेय को लेकर स्थानीय राजनीति में हलचल जरूर तेज हो गई है। फिलहाल लोकार्पण कार्यक्रम स्थगित होने के बाद सभी की निगाहें अब अगली तारीख पर टिकी हैं। परियोजना से किसानों को कितनी राहत मिलती है, यह आने वाला समय बताएगा, लेकिन उद्घाटन से पहले ही इसका श्रेय राजनीतिक चर्चा का विषय जरूर बन गया है।1
- अयोध्या के सहादतगंज बाईपास पर दर्दनाक हादसा, ट्रक ने पांच भैंसों को मारी टक्कर अयोध्या। सहादतगंज बाईपास पर एक दर्दनाक हादसा,अयोध्या की तरफ से लखनऊ जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर जा रही पांच भैंसों को टक्कर मारी।टक्कर मारने के बाद ट्रक चालक ट्रक लेकर मौके से फरार। हादसे में दो भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन भैंस गंभीर रूप से घायल हो गई। थाना कैंट क्षेत्र का मामला।1
- दुष्कर्म के आरोप में घिरे कथावाचक पवन देव महाराज पर पुलिस का शिकंजा, कोर्ट में चार्जशीट दाखिल बिपिन पांडेय संवाददाता इन 24लाइव न्यूज़ अयोध्या अयोध्या। बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कनक मलेथू निवासी कथावाचक पवन देव पुत्र स्वर्गीय रमाकांत शास्त्री के खिलाफ दर्ज मामले में अयोध्या पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस के अनुसार बिहार निवासी 38 वर्षीय महिला ने अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर कथावाचक पवन देव पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने तथा बाद में शादी से इनकार करने का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर बीकापुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं बयानों के आधार पर कार्रवाई पूरी करते हुए गुरुवार को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। अब मामले में आगे की न्यायिक कार्रवाई न्यायालय के स्तर से होगी। पीड़िता की शिकायत के बादशादी से इनकार करने का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर बीकापुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं बयानों के आधार पर कार्रवाई पूरी करते हुए गुरुवार को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। अब मामले में आगे की न्यायिक कार्रवाई न्यायालय के स्तर से होगी। पीड़िता की शिकायत के बाद मामला चर्चा में आया था। पुलिस की ओर से चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद प्रकरण में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।3