रायबरेली जिले में चक्रवाती तूफान के गुजरे 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के कारण ऊंचाहार, सलोन, डलमऊ, बछरावां, लालगंज, महराजगंज समेत पूरे जिले के सैकड़ों गाँव अभी भी घुप अंधेरे में डूबे हुए हैं। टूटे खंभे और बिजली की लाइनें ज्यों की त्यों पड़ी हैं, और विभाग की ओर से सुधार का कोई नामोनिशान नहीं दिख रहा है, जिसने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। इसी लापरवाही से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को ऊंचाहार विद्युत उपकेंद्र पहुँचकर बिजली विभाग के खिलाफ तीखी नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने गुस्से में बताया कि तूफान के तुरंत बाद शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, लेकिन विभाग ने आंखें मूंद लीं और 8-10 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। नरवा, बहादुरपुर, मुड़ासा, रामपुर सहित कई गाँवों के प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने कहा कि भीषण गर्मी में बिना बिजली के उनका जीवन नर्क बन गया है, पानी नहीं निकल रहा, बच्चे पढ़ नहीं पा रहे और दूध-दही जैसी चीजें फट रही हैं। प्रदर्शन के बाद, गुस्साए ग्रामीण ऊंचाहार चौराहे पर जमा हो गए और लखनऊ-प्रयागराज हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को सड़क से हटाया, लेकिन वे अभी भी विद्युत उपकेंद्र पर डटे हुए हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 2-3 दिनों के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे पूरे जिले में एक बड़ा आंदोलन करेंगे और अधिकारियों का घेराव करेंगे। वहीं, विद्युत विभाग केवल "मरम्मत चल रही है" का राग अलाप रहा है।
रायबरेली जिले में चक्रवाती तूफान के गुजरे 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के कारण ऊंचाहार, सलोन, डलमऊ, बछरावां, लालगंज, महराजगंज समेत पूरे जिले के सैकड़ों गाँव अभी भी घुप अंधेरे में डूबे हुए हैं। टूटे खंभे और बिजली की लाइनें ज्यों की त्यों पड़ी हैं, और विभाग की ओर से सुधार का कोई नामोनिशान नहीं दिख रहा है, जिसने ग्रामीणों के
सब्र का बांध तोड़ दिया है। इसी लापरवाही से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को ऊंचाहार विद्युत उपकेंद्र पहुँचकर बिजली विभाग के खिलाफ तीखी नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने गुस्से में बताया कि तूफान के तुरंत बाद शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, लेकिन विभाग ने आंखें मूंद लीं और 8-10 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। नरवा, बहादुरपुर, मुड़ासा, रामपुर सहित
कई गाँवों के प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने कहा कि भीषण गर्मी में बिना बिजली के उनका जीवन नर्क बन गया है, पानी नहीं निकल रहा, बच्चे पढ़ नहीं पा रहे और दूध-दही जैसी चीजें फट रही हैं। प्रदर्शन के बाद, गुस्साए ग्रामीण ऊंचाहार चौराहे पर जमा हो गए और लखनऊ-प्रयागराज हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने काफी
मशक्कत के बाद ग्रामीणों को सड़क से हटाया, लेकिन वे अभी भी विद्युत उपकेंद्र पर डटे हुए हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 2-3 दिनों के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे पूरे जिले में एक बड़ा आंदोलन करेंगे और अधिकारियों का घेराव करेंगे। वहीं, विद्युत विभाग केवल "मरम्मत चल रही है" का राग अलाप रहा है।
- रायबरेली जिले में चक्रवाती तूफान के गुजरे 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के कारण ऊंचाहार, सलोन, डलमऊ, बछरावां, लालगंज, महराजगंज समेत पूरे जिले के सैकड़ों गाँव अभी भी घुप अंधेरे में डूबे हुए हैं। टूटे खंभे और बिजली की लाइनें ज्यों की त्यों पड़ी हैं, और विभाग की ओर से सुधार का कोई नामोनिशान नहीं दिख रहा है, जिसने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। इसी लापरवाही से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को ऊंचाहार विद्युत उपकेंद्र पहुँचकर बिजली विभाग के खिलाफ तीखी नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने गुस्से में बताया कि तूफान के तुरंत बाद शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, लेकिन विभाग ने आंखें मूंद लीं और 8-10 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। नरवा, बहादुरपुर, मुड़ासा, रामपुर सहित कई गाँवों के प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने कहा कि भीषण गर्मी में बिना बिजली के उनका जीवन नर्क बन गया है, पानी नहीं निकल रहा, बच्चे पढ़ नहीं पा रहे और दूध-दही जैसी चीजें फट रही हैं। प्रदर्शन के बाद, गुस्साए ग्रामीण ऊंचाहार चौराहे पर जमा हो गए और लखनऊ-प्रयागराज हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को सड़क से हटाया, लेकिन वे अभी भी विद्युत उपकेंद्र पर डटे हुए हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 2-3 दिनों के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे पूरे जिले में एक बड़ा आंदोलन करेंगे और अधिकारियों का घेराव करेंगे। वहीं, विद्युत विभाग केवल "मरम्मत चल रही है" का राग अलाप रहा है।4
- रायबरेली के विवेकानंद बिहारी लाल पब्लिक स्कूल में शिक्षक-अभिभावक गोष्ठी और छात्र-छात्राओं के अंक पत्र वितरण कार्यक्रम बड़े उत्साह और गरिमामय माहौल के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन के दौरान, विद्यालय परिसर बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों की मौजूदगी से पूरी तरह गुलजार रहा। विद्यालय के प्रबंधक, चन्द्रिका प्रसाद श्रीवास्तव और आदेश श्रीवास्तव ने विशेष रूप से मेधावी छात्र-छात्राओं को अंक पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने बच्चों की पढ़ाई, उनके अनुशासन और विद्यालय की समग्र व्यवस्थाओं को लेकर शिक्षकों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया, जिसके परिणामस्वरूप उनके चेहरों पर खुशी स्पष्ट रूप से झलक रही थी। विद्यालय प्रबंधन ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और अनुशासन भी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं। पूरे कार्यक्रम स्थल पर तालियों की गूंज और बच्चों की मुस्कान ने माहौल को अविस्मरणीय बना दिया।1
- रायबरेली के महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के नरई गांव से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक दबंग युवक हाथ में लाइसेंसी बंदूक लेकर महिलाओं को धमकाते और रौब झाड़ते हुए दिख रहा है। यह बंदूक युवक के पिता के नाम पर लाइसेंसी है, जिसका इस्तेमाल बेटा दबाव बनाने के लिए कर रहा है। वायरल वीडियो को कुछ दिन पुराना बताया जा रहा है, जिसके आधार पर अब पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।1
- सोमवार को रायबरेली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गैस सिलेंडर, सीएनजी और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ महंगाई व भ्रष्टाचार के विरोध में जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में अधिवक्ताओं के साथ कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जाँच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की भी मांग की। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- रायबरेली शहर कांग्रेस कमेटी ने बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल, सीएनजी और गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि सहित विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और बढ़ते भ्रष्टाचार के कारण आम जनता भारी परेशानी का सामना कर रही है। इसके साथ ही, कमेटी ने लखनऊ में अधिवक्ताओं पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इन जनसमस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो पार्टी आम जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरेगी और आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।1
- रायबरेली के ऊँचाहार क्षेत्र की मुख्य सर्विस रोड इस समय गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। यह मार्ग इतना जर्जर हो गया है कि इस पर आवागमन करने वाले हजारों राहगीरों को रोज अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर होना पड़ता है। खास बात यह है कि इसी खस्ताहाल सड़क पर क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय का कार्यालय भी स्थित है। आगामी बरसात के मौसम को देखते हुए, स्थानीय जनता ने सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग उठाई है। इस गंभीर समस्या को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश फौजी के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क में सुधार की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बारिश शुरू होने से पहले सड़क की मरम्मत नहीं की गई, तो यह पूरा मार्ग दलदल में बदल जाएगा। इससे राहगीरों और दुकानदारों की मुश्किलें और भी बढ़ जाएंगी, जिससे उनकी परेशानी दोगुनी हो जाएगी।1
- नसीराबाद पुलिस ने आलमपुर ग्राम सभा की एक निवासिनी प्रीति सिंह की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उनके घर के दरवाजे के ठीक सामने किए गए अतिक्रमण को हटवा दिया है। प्रीति सिंह, जो गोपाल नारायण सिंह की पत्नी हैं, ने पुलिस को एक प्रार्थना पत्र दिया था जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके पड़ोसी सावित्री देवी (पत्नी संतोष) और सत्यम ने उनके घर के सामने ईंटों का ढेर लगा दिया था। ये पड़ोसी ईंटों को हटाने से मना कर रहे थे और उस जगह पर जबरन अपना कब्जा बता रहे थे। पुलिस ने मामले की जांच के लिए मौके का दौरा किया और आरोपों को सही पाया। इसके बाद, आज पूरे दल बल के साथ राजस्व टीम के सहयोग से इस अतिक्रमण को हटा दिया गया।1
- रायबरेली में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बेटी को ससुराल से विदा कराने गए माँ-बेटे पर ससुरालियों ने हमला कर दिया। यह घटना शिवगढ़ थाना क्षेत्र के तरौजा मजरे कुंभी गाँव की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, बेटी के ससुराल वालों ने माँ और बेटे को गिरा गिरा कर मारा और उन्हें भद्दी भद्दी गालियाँ भी दीं। पीड़ित मझिगवां, हरदोई के हरचंदपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इस पूरी मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस ने मामले में संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है और अब आगे की जाँच-पड़ताल शुरू कर दी गई है।1