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राजस्थान के धौलपुर जिले के बाड़ी में पशु चराने गए एक 16 वर्षीय किशोर की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान कुहावनी गांव निवासी 16 वर्षीय मनोज मीना के रूप में हुई है, जिसे जंगल में पत्थरों से वार कर मौत के घाट उतार दिया गया। शाम को जब किशोर पशुओं के साथ वापस नहीं लौटा, तो ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई और उन्होंने तलाश शुरू की। खोजबीन करने पर रात करीब 09:00 बजे जंगल में मनोज का शव प्लास्टिक के कट्टों से ढका हुआ मिला। इस वारदात के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने बाड़ी-बसेड़ी मार्ग पर जाम लगा दिया है। ग्रामीण मौके पर एसपी और कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े हैं। फिलहाल हालात को देखते हुए एएसपी, सीओ सहित कई पुलिस अधिकारी और जाब्ता मौके पर मौजूद हैं।

1 day ago
user_रोहित वर्मा
रोहित वर्मा
Farmer बारी, धौलपुर, राजस्थान•
1 day ago

राजस्थान के धौलपुर जिले के बाड़ी में पशु चराने गए एक 16 वर्षीय किशोर की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान कुहावनी गांव निवासी 16 वर्षीय मनोज मीना के रूप में हुई है, जिसे जंगल में पत्थरों से वार कर मौत के घाट उतार दिया गया। शाम को जब किशोर पशुओं के साथ वापस नहीं लौटा, तो ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई और उन्होंने तलाश शुरू की। खोजबीन करने पर रात करीब 09:00 बजे जंगल में मनोज का शव प्लास्टिक के कट्टों से ढका हुआ मिला। इस वारदात के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने बाड़ी-बसेड़ी मार्ग पर जाम लगा दिया है। ग्रामीण मौके पर एसपी और कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े हैं। फिलहाल हालात को देखते हुए एएसपी, सीओ सहित कई पुलिस अधिकारी और जाब्ता मौके पर मौजूद हैं।

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  • राजस्थान के धौलपुर में निजी स्कूल संचालकों के संगठन 'स्कूल शिक्षा परिवार' ने जिला कलेक्टर के माध्यम से शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए संगठन ने शाला संबलन एप के माध्यम से निजी स्कूलों की प्रस्तावित जांच प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि वर्तमान में प्रदेशभर में हजारों निजी स्कूलों में लाखों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और बड़ी संख्या में शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी जांच संबंधी निर्देशों में कई ऐसे बिंदु शामिल हैं, जो व्यावहारिक नहीं हैं। इन अव्यावहारिक नियमों के कारण स्कूलों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 'स्कूल शिक्षा परिवार' की मांग है कि जब तक इन नियमों और निर्देशों को व्यावहारिक नहीं बनाया जाता, तब तक शाला संबलन ऐप के माध्यम से होने वाली जांच को स्थगित रखा जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि यदि किसी स्कूल में कोई कमी पाई जाती है, तो पहले संबंधित संस्था से संवाद कर उसे सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि छात्र हित और उनकी सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है, और स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर सरकार के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग से अपील की है कि वे निजी स्कूल संचालकों के साथ चर्चा कर एक व्यावहारिक समाधान निकालें। इस ज्ञापन पर जिले के कई निजी स्कूल संचालकों और संगठन के पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर कर अपनी सहमति जताई है।
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    राजस्थान के धौलपुर में निजी स्कूल संचालकों के संगठन 'स्कूल शिक्षा परिवार' ने जिला कलेक्टर के माध्यम से शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए संगठन ने शाला संबलन एप के माध्यम से निजी स्कूलों की प्रस्तावित जांच प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

संगठन का कहना है कि वर्तमान में प्रदेशभर में हजारों निजी स्कूलों में लाखों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और बड़ी संख्या में शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी जांच संबंधी निर्देशों में कई ऐसे बिंदु शामिल हैं, जो व्यावहारिक नहीं हैं। इन अव्यावहारिक नियमों के कारण स्कूलों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 'स्कूल शिक्षा परिवार' की मांग है कि जब तक इन नियमों और निर्देशों को व्यावहारिक नहीं बनाया जाता, तब तक शाला संबलन ऐप के माध्यम से होने वाली जांच को स्थगित रखा जाए।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि यदि किसी स्कूल में कोई कमी पाई जाती है, तो पहले संबंधित संस्था से संवाद कर उसे सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि छात्र हित और उनकी सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है, और स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर सरकार के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग से अपील की है कि वे निजी स्कूल संचालकों के साथ चर्चा कर एक व्यावहारिक समाधान निकालें। इस ज्ञापन पर जिले के कई निजी स्कूल संचालकों और संगठन के पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर कर अपनी सहमति जताई है।
    user_Deepu Verma Journalist Dholpur
    Deepu Verma Journalist Dholpur
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • जब भरतभूषण तिवारी ने अपनी पिस्तौल फेंककर सरेंडर कर दिया था, तो फिर उन्हें गोली कैसे मार दी गई? यह एक अत्यंत जघन्य अपराध है। ब्राह्मण की हत्या गौ हत्या के बराबर है और इस पाप के दोषियों को हर हाल में कड़ी सजा मिलनी चाहिए। प्रशासन का दावा है कि उन्होंने पिस्तौल उठा ली थी, लेकिन उन्होंने तो पहले बिना पिस्तौल के विनम्र निवेदन किया था। जब प्रशासन ने उनकी गुहार नहीं सुनी और लगातार घोटाले करते रहे, तो उन्हें मजबूरन पिस्तौल उठानी पड़ी। ऐसे में उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया, क्योंकि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण भी अन्याय के विरुद्ध पापी को सजा देने के लिए हथियार उठाते थे। इस संदर्भ में (एपिसोड- 0A-146) आचार्य अनिरुद्धाचार्यजी महाराज का संदेश भी सामने लाया गया है, जो कहते हैं कि अपनी शरण में आए हुए व्यक्ति को कभी नहीं मारना चाहिए। जिस प्रकार विभीषण के श्रीराम की शरण में आने पर, उन्हें दुश्मन का भाई समझकर मारा नहीं गया बल्कि गले लगा लिया गया था, उसी तरह आत्मसमर्पण करने वाले के साथ किया गया यह व्यवहार सर्वथा अनुचित है।
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    जब भरतभूषण तिवारी ने अपनी पिस्तौल फेंककर सरेंडर कर दिया था, तो फिर उन्हें गोली कैसे मार दी गई? यह एक अत्यंत जघन्य अपराध है। ब्राह्मण की हत्या गौ हत्या के बराबर है और इस पाप के दोषियों को हर हाल में कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

प्रशासन का दावा है कि उन्होंने पिस्तौल उठा ली थी, लेकिन उन्होंने तो पहले बिना पिस्तौल के विनम्र निवेदन किया था। जब प्रशासन ने उनकी गुहार नहीं सुनी और लगातार घोटाले करते रहे, तो उन्हें मजबूरन पिस्तौल उठानी पड़ी। ऐसे में उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया, क्योंकि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण भी अन्याय के विरुद्ध पापी को सजा देने के लिए हथियार उठाते थे।

इस संदर्भ में (एपिसोड- 0A-146) आचार्य अनिरुद्धाचार्यजी महाराज का संदेश भी सामने लाया गया है, जो कहते हैं कि अपनी शरण में आए हुए व्यक्ति को कभी नहीं मारना चाहिए। जिस प्रकार विभीषण के श्रीराम की शरण में आने पर, उन्हें दुश्मन का भाई समझकर मारा नहीं गया बल्कि गले लगा लिया गया था, उसी तरह आत्मसमर्पण करने वाले के साथ किया गया यह व्यवहार सर्वथा अनुचित है।
    user_Vimal Kashyap
    Vimal Kashyap
    Artist धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • धौलपुर के सरमथुरा में जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कार्यालय पर सोमवार को एईएन पीएस जादौन और जेईएन शिवसिंह मीणा के स्थानांतरण होने पर उन्हें भावपूर्ण विदाई दी गई। इस दौरान डिस्कॉम कर्मियों और प्रबुद्ध जनों ने दोनों अधिकारियों को विदाई दी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन और डिस्कॉम कर्मी उपस्थित रहे। विदाई के दौरान उपस्थित प्रबुद्ध जनों ने एईएन पीएस जादौन और जेईएन शिवसिंह मीणा के कार्यकाल को काफी सराहनीय बताया।
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    धौलपुर के सरमथुरा में जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कार्यालय पर सोमवार को एईएन पीएस जादौन और जेईएन शिवसिंह मीणा के स्थानांतरण होने पर उन्हें भावपूर्ण विदाई दी गई। इस दौरान डिस्कॉम कर्मियों और प्रबुद्ध जनों ने दोनों अधिकारियों को विदाई दी।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन और डिस्कॉम कर्मी उपस्थित रहे। विदाई के दौरान उपस्थित प्रबुद्ध जनों ने एईएन पीएस जादौन और जेईएन शिवसिंह मीणा के कार्यकाल को काफी सराहनीय बताया।
    user_विष्णु कुमार सोनी
    विष्णु कुमार सोनी
    सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • धौलपुर जिले के सरमथुरा में आमजन द्वारा डिस्कॉम अधिकारियों को भावभीनी विदाई दी गई है। स्थानीय लोगों ने मिलकर डिस्कॉम के अधिकारियों को विदा किया।
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    धौलपुर जिले के सरमथुरा में आमजन द्वारा डिस्कॉम अधिकारियों को भावभीनी विदाई दी गई है। स्थानीय लोगों ने मिलकर डिस्कॉम के अधिकारियों को विदा किया।
    user_भरत सिंह मीणा सरमथुरा
    भरत सिंह मीणा सरमथुरा
    Voice of people सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने तृतीय श्रेणी शिक्षक संवर्ग की वर्षों से लंबित मांगों के समाधान के लिए अलवर में जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। जिलाध्यक्ष मुकेश ईंटोली के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में तृतीय श्रेणी शिक्षकों, प्रबोधकों, तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों के स्थानांतरण शीघ्र शुरू करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है। संगठन का कहना है कि वर्ष 2018 के बाद से इस संवर्ग के स्थानांतरण नहीं किए गए हैं, जबकि अन्य शिक्षक संवर्गों में नियमित रूप से स्थानांतरण होते रहे हैं। जिलाध्यक्ष मुकेश ईंटोली के अनुसार, तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी में पदोन्नति की प्रक्रिया भी वर्षों से बाधित है। इसके साथ ही शिक्षकों एवं कर्मचारियों के उपार्जित अवकाश, एरियर और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों का भुगतान लंबे समय से लंबित होने के कारण कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है। संगठन ने वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर रीट परीक्षा उत्तीर्ण करने की बाध्यता को समाप्त करने और "पे प्रोटेक्शन" के आधार पर की जा रही वसूली तत्काल बंद कर संबंधित आदेश वापस लेने की मांग भी रखी है। इसके अलावा शिक्षा विभाग में स्टाफिंग पैटर्न लागू कर नए पद सृजित करने, रिक्त पदों को भरने और अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हुए विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण के लिए बजट जारी करने की मांग की गई है। जिला मंत्री मनीष चौधरी ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सरकार शीघ्र शिक्षक संगठनों से वार्ता कर मांगों का समाधान नहीं करती है, तो संगठन जयपुर में व्यापक एवं निर्णायक आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इस दौरान जिला सभा अध्यक्ष यादवेंद्र सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष महेश मीणा, केसरी सिंह, विश्वेंद्र चौधरी, सभा अध्यक्ष भागचंद बैरवा, महामंत्री जेपी शर्मा, दयाराम, मोहनलाल, धर्मचंद शर्मा, रमेश मीणा, हरिमोहन मीणा, भगवान सहाय मीणा, शिव कुमार मीणा, मदन लाल मीणा और विक्रम सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
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    राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने तृतीय श्रेणी शिक्षक संवर्ग की वर्षों से लंबित मांगों के समाधान के लिए अलवर में जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। जिलाध्यक्ष मुकेश ईंटोली के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में तृतीय श्रेणी शिक्षकों, प्रबोधकों, तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों के स्थानांतरण शीघ्र शुरू करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है। संगठन का कहना है कि वर्ष 2018 के बाद से इस संवर्ग के स्थानांतरण नहीं किए गए हैं, जबकि अन्य शिक्षक संवर्गों में नियमित रूप से स्थानांतरण होते रहे हैं।

जिलाध्यक्ष मुकेश ईंटोली के अनुसार, तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी में पदोन्नति की प्रक्रिया भी वर्षों से बाधित है। इसके साथ ही शिक्षकों एवं कर्मचारियों के उपार्जित अवकाश, एरियर और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों का भुगतान लंबे समय से लंबित होने के कारण कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है। संगठन ने वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर रीट परीक्षा उत्तीर्ण करने की बाध्यता को समाप्त करने और "पे प्रोटेक्शन" के आधार पर की जा रही वसूली तत्काल बंद कर संबंधित आदेश वापस लेने की मांग भी रखी है। इसके अलावा शिक्षा विभाग में स्टाफिंग पैटर्न लागू कर नए पद सृजित करने, रिक्त पदों को भरने और अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हुए विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण के लिए बजट जारी करने की मांग की गई है।

जिला मंत्री मनीष चौधरी ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सरकार शीघ्र शिक्षक संगठनों से वार्ता कर मांगों का समाधान नहीं करती है, तो संगठन जयपुर में व्यापक एवं निर्णायक आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इस दौरान जिला सभा अध्यक्ष यादवेंद्र सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष महेश मीणा, केसरी सिंह, विश्वेंद्र चौधरी, सभा अध्यक्ष भागचंद बैरवा, महामंत्री जेपी शर्मा, दयाराम, मोहनलाल, धर्मचंद शर्मा, रमेश मीणा, हरिमोहन मीणा, भगवान सहाय मीणा, शिव कुमार मीणा, मदन लाल मीणा और विक्रम सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
    user_TNANEWS24 Rajkumar Sain
    TNANEWS24 Rajkumar Sain
    Carpenter सेपऊ, धौलपुर, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • धौलपुर की सरमथुरा थाना पुलिस ने पारिवारिक विवाद के कारण अपने परिवार से अलग रह रहे एक बुजुर्ग की काउंसलिंग के माध्यम से सम्मानपूर्वक घर वापसी कराई है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा और एडीएफ बाड़ी श्रवण कुमार झोरड़ के सुपरविजन में आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं मानवीय समाधान के तहत यह कार्रवाई की गई है। पुलिस की इस संवेदनशील पहल की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। तीन पुत्रों के पिता और ग्राम कोनेसा निवासी बुजुर्ग नथुआ राम मीना पारिवारिक अनबन के चलते पिछले कुछ समय से अपने परिवार से अलग रह रहे थे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी व्यथा सुनाई और सहायता की गुहार लगाई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल सरमथुरा थाना प्रभारी को आवश्यक कार्रवाई कर पारिवारिक स्तर पर समाधान कराने के निर्देश दिए। निर्देशों की पालना में सरमथुरा थाना पुलिस ने बुजुर्ग के पुत्रों एवं परिवार के अन्य सदस्यों को थाने बुलाकर काउंसलिंग की। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने परिवार को बुजुर्गों के सम्मान, उनके अधिकारों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करते हुए आपसी समझाइश से विवाद का समाधान कराया। काउंसलिंग के बाद परिजनों ने पुलिस के सामने पिता की पूरी देखभाल करने, उन्हें सम्मान देने और भविष्य में किसी भी प्रकार की उपेक्षा नहीं करने का आश्वासन दिया। इसके बाद नथुआ राम मीना की सम्मानपूर्वक उनके परिवार में घर वापसी कराई गई। लंबे समय बाद परिवार का साथ मिलने पर भावुक हुए नथुआ राम मीना ने धौलपुर पुलिस और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान का आभार व्यक्त किया। धौलपुर पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ समाज के कमजोर, असहाय और वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं का मानवीय दृष्टिकोण से समाधान करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है और वह आगे भी इसके लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
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    धौलपुर की सरमथुरा थाना पुलिस ने पारिवारिक विवाद के कारण अपने परिवार से अलग रह रहे एक बुजुर्ग की काउंसलिंग के माध्यम से सम्मानपूर्वक घर वापसी कराई है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा और एडीएफ बाड़ी श्रवण कुमार झोरड़ के सुपरविजन में आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं मानवीय समाधान के तहत यह कार्रवाई की गई है। पुलिस की इस संवेदनशील पहल की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।

तीन पुत्रों के पिता और ग्राम कोनेसा निवासी बुजुर्ग नथुआ राम मीना पारिवारिक अनबन के चलते पिछले कुछ समय से अपने परिवार से अलग रह रहे थे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी व्यथा सुनाई और सहायता की गुहार लगाई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल सरमथुरा थाना प्रभारी को आवश्यक कार्रवाई कर पारिवारिक स्तर पर समाधान कराने के निर्देश दिए। निर्देशों की पालना में सरमथुरा थाना पुलिस ने बुजुर्ग के पुत्रों एवं परिवार के अन्य सदस्यों को थाने बुलाकर काउंसलिंग की। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने परिवार को बुजुर्गों के सम्मान, उनके अधिकारों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करते हुए आपसी समझाइश से विवाद का समाधान कराया।

काउंसलिंग के बाद परिजनों ने पुलिस के सामने पिता की पूरी देखभाल करने, उन्हें सम्मान देने और भविष्य में किसी भी प्रकार की उपेक्षा नहीं करने का आश्वासन दिया। इसके बाद नथुआ राम मीना की सम्मानपूर्वक उनके परिवार में घर वापसी कराई गई। लंबे समय बाद परिवार का साथ मिलने पर भावुक हुए नथुआ राम मीना ने धौलपुर पुलिस और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान का आभार व्यक्त किया। धौलपुर पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ समाज के कमजोर, असहाय और वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं का मानवीय दृष्टिकोण से समाधान करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है और वह आगे भी इसके लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
    user_Afaq ahmed
    Afaq ahmed
    Court reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • नीट पेपर लीक, नई शिक्षा नीति को वापस लेने, एनटीए को समाप्त करने और पुलिस दमन बंद करने जैसी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर पिछले 24 दिनों से आंदोलन चल रहा है। आज छात्र-युवाओं के 'संसद मार्च' पर हुई भीषण पुलिस कार्रवाई, लाठीचार्ज, वॉटर कैनन, आंसू गैस के इस्तेमाल और गिरफ्तारियों के विरोध में सबलगढ़ के पुरानी अदालत तिराहे पर माकपा, किसान सभा और एसएफआई (SFI) के कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार ने पूरी शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने की ठान ली है। उन्होंने बताया कि हाल ही में लगभग एक सैकड़ा पेपर लीक हो चुके हैं और नीट पेपर लीक के बाद 20 से अधिक छात्र आत्महत्या कर चुके हैं, लेकिन सरकार जवाबदेही सुनिश्चित करने को तैयार नहीं है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा नहीं लिया जा रहा है और मोदी सरकार द्वारा इस स्थिति को बचाने की कोशिश की जा रही है, जिससे देशभर में भारी आक्रोश व्याप्त है। अशोक तिवारी ने इस दमनकारी कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज करने के लिए छात्र-युवाओं और आम जनता से अपील की है। इस विरोध प्रदर्शन में माकपा के नगर सचिव अशोक राठौर, सहायक सचिव इसराइल खान, किसान सभा के जिला महासचिव नरेश गोस्वामी, तहसील अध्यक्ष भानसिंह जादौन, रामप्रकाश जादौन और एसएफआई के छात्र नेता भानु प्रताप सिंह जादौन सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। इन सभी ने मिलकर आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया है।
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    नीट पेपर लीक, नई शिक्षा नीति को वापस लेने, एनटीए को समाप्त करने और पुलिस दमन बंद करने जैसी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर पिछले 24 दिनों से आंदोलन चल रहा है। आज छात्र-युवाओं के 'संसद मार्च' पर हुई भीषण पुलिस कार्रवाई, लाठीचार्ज, वॉटर कैनन, आंसू गैस के इस्तेमाल और गिरफ्तारियों के विरोध में सबलगढ़ के पुरानी अदालत तिराहे पर माकपा, किसान सभा और एसएफआई (SFI) के कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार ने पूरी शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने की ठान ली है। उन्होंने बताया कि हाल ही में लगभग एक सैकड़ा पेपर लीक हो चुके हैं और नीट पेपर लीक के बाद 20 से अधिक छात्र आत्महत्या कर चुके हैं, लेकिन सरकार जवाबदेही सुनिश्चित करने को तैयार नहीं है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा नहीं लिया जा रहा है और मोदी सरकार द्वारा इस स्थिति को बचाने की कोशिश की जा रही है, जिससे देशभर में भारी आक्रोश व्याप्त है।

अशोक तिवारी ने इस दमनकारी कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज करने के लिए छात्र-युवाओं और आम जनता से अपील की है। इस विरोध प्रदर्शन में माकपा के नगर सचिव अशोक राठौर, सहायक सचिव इसराइल खान, किसान सभा के जिला महासचिव नरेश गोस्वामी, तहसील अध्यक्ष भानसिंह जादौन, रामप्रकाश जादौन और एसएफआई के छात्र नेता भानु प्रताप सिंह जादौन सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। इन सभी ने मिलकर आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया है।
    user_Lokesh shukla
    Lokesh shukla
    कैलारस, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • बिहार पुलिस को दीपक पंडित ने खुली चुनौती दे दी है। वहीं दूसरी तरफ, एक बिहारी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि वह कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहा है और अगर कोर्ट ने सजा का प्रावधान नहीं किया, तो वह किराये की पिस्तौल लाकर पूरी 6 की 6 गोलियां उतार देगा। इसे जंग के लिए तैयार खड़े भरतभूषण तिवारी के क्रांतिवीरों का जज्बा बताया गया है। इसके साथ ही दीपक पंडित ने पुलिस प्रशासन को सीधे ललकारते हुए कहा है कि वे कैमरा ऑन करके अपने सीनियर ऑफिसर को उसके साथ बिठाएं और उसके सवालों के जवाब दें। दीपक पंडित का कहना है कि अगर वह इस बहस में हार जाए तो उसके माथे पर गोली मार दी जाए, और अगर पुलिस अफसर हार जाए तो वह भी गोली खाने को तैयार रहे।
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    बिहार पुलिस को दीपक पंडित ने खुली चुनौती दे दी है। वहीं दूसरी तरफ, एक बिहारी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि वह कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहा है और अगर कोर्ट ने सजा का प्रावधान नहीं किया, तो वह किराये की पिस्तौल लाकर पूरी 6 की 6 गोलियां उतार देगा। इसे जंग के लिए तैयार खड़े भरतभूषण तिवारी के क्रांतिवीरों का जज्बा बताया गया है।

इसके साथ ही दीपक पंडित ने पुलिस प्रशासन को सीधे ललकारते हुए कहा है कि वे कैमरा ऑन करके अपने सीनियर ऑफिसर को उसके साथ बिठाएं और उसके सवालों के जवाब दें। दीपक पंडित का कहना है कि अगर वह इस बहस में हार जाए तो उसके माथे पर गोली मार दी जाए, और अगर पुलिस अफसर हार जाए तो वह भी गोली खाने को तैयार रहे।
    user_Vimal Kashyap
    Vimal Kashyap
    Artist धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
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