हत्याकांड का अभियुक्त प्रकाश कुमार ने किया आत्मसमर्पण गुरुआ पुलिस की दबिश शराब मामले में वारंटी भी गिरफ्तार गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता देखने को मिली है। पुलिस की लगातार दबिश के चलते एक हत्याकांड का फरार अभियुक्त प्रकाश कुमार ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। इसके साथ ही, मद्य निषेध मामले में वांछित एक वारंटी को भी गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, हत्या से जुड़े कांड संख्या 87/19 में एकमात्र फरार अभियुक्त प्रकाश कुमार ने 3 फरवरी 2026 को माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। प्रकाश कुमार चतरा (झारखंड) जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र के जबड़ा गांव निवासी बीरेंद्र यादव का पुत्र है। पुलिस की लगातार दबिश के कारण उसे यह कदम उठाना पड़ा। वहीं, दूसरी ओर मद्य निषेध कांड में वांछित कुर्की वारंटी बोला सिंह को भी गुरुआ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बोला सिंह गुरुआ थाना क्षेत्र के श्यामनगर गांव का निवासी है। गुरुआ थाना प्रभारी मनेश कुमार ने बताया कि दोनों मामलों में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
हत्याकांड का अभियुक्त प्रकाश कुमार ने किया आत्मसमर्पण गुरुआ पुलिस की दबिश शराब मामले में वारंटी भी गिरफ्तार गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता देखने को मिली है। पुलिस की लगातार दबिश के चलते एक हत्याकांड का फरार अभियुक्त प्रकाश कुमार ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। इसके साथ ही, मद्य निषेध मामले में वांछित एक वारंटी को भी गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, हत्या से जुड़े कांड संख्या 87/19 में एकमात्र फरार अभियुक्त प्रकाश कुमार ने 3 फरवरी 2026 को माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। प्रकाश कुमार चतरा (झारखंड) जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र के जबड़ा गांव निवासी बीरेंद्र यादव का पुत्र है। पुलिस की लगातार दबिश के कारण उसे यह कदम उठाना पड़ा। वहीं, दूसरी ओर मद्य निषेध कांड में वांछित कुर्की वारंटी बोला सिंह को भी गुरुआ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बोला सिंह गुरुआ थाना क्षेत्र के श्यामनगर गांव का निवासी है। गुरुआ थाना प्रभारी मनेश कुमार ने बताया कि दोनों मामलों में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
- रफीगंज शहर के लोहार गली में सतचंडी महायज्ञ को लेकर बुधवार की रात्रि करीब 9:00 बजे के आसपास प्रवचन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व जिला परिषद दीनानाथ विश्वकर्मा, भाजपा नेता विजय सिन्हा, राना रंग बहादुर सिंह, रफीगंज रेलवे स्टेशन मास्टर एस एस पांडे ने फीता काटकर किया। इसके बाद झांसी से आई हुई कथावाचक उषा रामायणी द्वारा प्रवचन सुनाया गया। इस दौरान सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे हैं। बता दे की 4 फरवरी से शुरू होकर 8 फरवरी को यह महायज्ञ संपन्न होगा।1
- बिहार में एक गांव के सभी ब्राह्मणों पर हुआ FIR तो हो गया वीडियो वायरल... दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाना में एक अनोखा FIR दर्ज हुआ है। अब तक 12 लोगों को हिरासत में भी ले लिया गया है। यह मामला कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव का बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक असर्फी पासवान के द्वारा कुशेश्वरस्थान थाना में एक आवेदन दिया गया है। जिसमें में पूरे गांव को अभियुक्त बनाया गया हैं 70 ब्राह्मण लोगों को नामजद और 100-150 अज्ञात लोगों लोगों को आरोपी बनाया गया है।1
- नदरपुर में क्रिकेट टूर्नामेंट का शानदार आयोजन,खिलाड़ियों में दिखा उत्साह डोभी से महेंद्र कुमार शर्मा की रिपोर्ट डोभी प्रखंड के नदरपुर गाँव के खेल मैदान में 4 फरवरी बुधवार की दोपहर करीब एक बजे भव्य क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया ।इस प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि नदरपुर पंचायत की मुखिया रेखा देवी, डोभी के लोकप्रिय युवा नेता भगत यादव एवं रवि यादव, और एसएसबी (SSB) कैंप के कमांडेंट सनोज कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। खिलाड़ियों को खेल को खेल की भावना से खेलने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर मिलता है। टूर्नामेंट की शुरुआत ssb कमांडेंट सनोज कुमार के द्वारा क्रिकेट खेल के बाद की गई। टूर्नामेंट का मुकाबला माँ कुलेश्वरी टीम और भदैया क्लब टीम के बीच खेला गया। दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, भदैया क्लब ने अपने शानदार प्रदर्शन के बाद माँ कुलेश्वरी टीम को 40 रनों से पराजित कर जीत हासिल की। मैच में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए भदैया क्लब के खिलाड़ी फैजान खान को 'मैन ऑफ द मैच' के खिताब से नवाजा गया। उनकी शानदार बल्लेबाजी/गेंदबाजी ने टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इस अवसर पर भारी संख्या में खेल प्रेमी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।1
- औरंगाबाद जिला पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र के नवाडीह मोड़ के समीप हुए चर्चित व्यवसायी हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने न केवल हत्या की साजिश रचने वालों को पकड़ा है, बल्कि उस मुख्य शूटर को भी गिरफ्तार कर लिया है जिसने गैलेक्सी मेडिकल के मालिक मो. जुनैद अहमद पर गोलियां चलाई थीं। पुलिस ने इस पूरे मामले में ‘प्रोफेशनल हिट’ के एंगल का खुलासा करते हुए भारी मात्रा में अवैध हथियार भी जब्त किए हैं।1
- और लो 100001
- Post by SATISH KUMAR (पत्रकार)1
- रफीगंज के कासमा थाना क्षेत्र के खैरी इटवां गांव में मारपीट में एक युवक घायल हो गया। घायल को परिजनों द्वारा रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया गया। घायल की पहचान खैरी इटवां गांव निवासी सुरेंद्र यादव के 19 वर्षीय पुत्र दिवेश कुमार के रूप में की गई है। इस संदर्भ में कासमा पुलिस ने बुधवार रात्रि 8:00 बजे बतायाकी मामले में जांच पड़ताल की जा रही है।1
- इलाहाबाद विश्वविद्यालय में OBC/SC/ST के लोग इकठ्ठा होकर UCG का समर्थन करने के बहाने सवर्णों को गाली दे रहे थे तभी सवर्णों ने इनकी औकात बता दी। अब इनको हर जगह ऐसे ही जवाव मिलना चाहिए इनकी बहुत अती हो चुकी है। OBC/ST/AC के नाम पर UGC का दुरुपयोग, शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) एक बार फिर विवादों में है। आरोप है कि OBC/ST/AC (आरक्षण श्रेणियों) के नाम पर UGC की नीतियों और प्रावधानों का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे न तो वास्तविक हक़दारों को न्याय मिल पा रहा है और न ही शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी हुई है। शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक न्याय और समान अवसर देना था, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में इसका इस्तेमाल कागज़ी खानापूर्ति, मनमानी नियुक्तियों और नियमों को तोड़-मरोड़ कर लागू करने के लिए किया जा रहा है। कई विश्वविद्यालयों में आरक्षित पद वर्षों से खाली पड़े हैं, जबकि कहीं नियमों को ताक पर रखकर चयन प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है। आरोप यह भी हैं कि कुछ संस्थानों में फर्जी प्रमाण-पत्र, गलत श्रेणी निर्धारण और चयन में पक्षपात के मामले सामने आए हैं, लेकिन UGC की ओर से कठोर निगरानी और कार्रवाई का अभाव दिखता है। इससे वास्तविक OBC/ST/AC वर्ग के योग्य छात्रों और शिक्षकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। छात्र संगठनों का कहना है कि UGC यदि समय रहते ऑडिट, पारदर्शी भर्ती प्रणाली और सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं करता, तो आरक्षण व्यवस्था पर लोगों का विश्वास कमजोर होगा। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि हर विश्वविद्यालय में आरक्षित पदों, स्कॉलरशिप और फेलोशिप का सार्वजनिक डेटा पोर्टल बनाया जाए, ताकि जवाबदेही तय हो सके। अब सवाल यह है कि क्या UGC केवल दिशा-निर्देश जारी करने तक सीमित रहेगा, या फिर OBC/ST/AC के नाम पर हो रहे दुरुपयोग पर ठोस कदम उठाकर शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करेगा? देश की करोड़ों युवा आबादी इसका जवाब चाहती है।1
- Post by जन सेवक1