इलाहाबाद विश्वविद्यालय में OBC/SC/ST के लोग इकठ्ठा होकर UCG का समर्थन करने के बहाने सवर्णों को गाली दे रहे थे तभी सवर्णों ने इनकी औकात बता दी। अब इनको हर जगह ऐसे ही जवाव मिलना चाहिए इनकी बहुत अती हो चुकी है। OBC/ST/AC के नाम पर UGC का दुरुपयोग, शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) एक बार फिर विवादों में है। आरोप है कि OBC/ST/AC (आरक्षण श्रेणियों) के नाम पर UGC की नीतियों और प्रावधानों का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे न तो वास्तविक हक़दारों को न्याय मिल पा रहा है और न ही शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी हुई है। शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक न्याय और समान अवसर देना था, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में इसका इस्तेमाल कागज़ी खानापूर्ति, मनमानी नियुक्तियों और नियमों को तोड़-मरोड़ कर लागू करने के लिए किया जा रहा है। कई विश्वविद्यालयों में आरक्षित पद वर्षों से खाली पड़े हैं, जबकि कहीं नियमों को ताक पर रखकर चयन प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है। आरोप यह भी हैं कि कुछ संस्थानों में फर्जी प्रमाण-पत्र, गलत श्रेणी निर्धारण और चयन में पक्षपात के मामले सामने आए हैं, लेकिन UGC की ओर से कठोर निगरानी और कार्रवाई का अभाव दिखता है। इससे वास्तविक OBC/ST/AC वर्ग के योग्य छात्रों और शिक्षकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। छात्र संगठनों का कहना है कि UGC यदि समय रहते ऑडिट, पारदर्शी भर्ती प्रणाली और सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं करता, तो आरक्षण व्यवस्था पर लोगों का विश्वास कमजोर होगा। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि हर विश्वविद्यालय में आरक्षित पदों, स्कॉलरशिप और फेलोशिप का सार्वजनिक डेटा पोर्टल बनाया जाए, ताकि जवाबदेही तय हो सके। अब सवाल यह है कि क्या UGC केवल दिशा-निर्देश जारी करने तक सीमित रहेगा, या फिर OBC/ST/AC के नाम पर हो रहे दुरुपयोग पर ठोस कदम उठाकर शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करेगा? देश की करोड़ों युवा आबादी इसका जवाब चाहती है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में OBC/SC/ST के लोग इकठ्ठा होकर UCG का समर्थन करने के बहाने सवर्णों को गाली दे रहे थे तभी सवर्णों ने इनकी औकात बता दी। अब इनको हर जगह ऐसे ही जवाव मिलना चाहिए इनकी बहुत अती हो चुकी है। OBC/ST/AC के नाम पर UGC का दुरुपयोग, शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) एक बार फिर विवादों में है। आरोप है कि OBC/ST/AC (आरक्षण श्रेणियों) के नाम पर UGC की नीतियों और प्रावधानों का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे न तो वास्तविक हक़दारों को न्याय मिल पा रहा है और न ही शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी हुई है। शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक न्याय और समान अवसर देना था, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में इसका इस्तेमाल कागज़ी खानापूर्ति, मनमानी नियुक्तियों और नियमों को तोड़-मरोड़ कर लागू करने के लिए किया जा रहा है। कई विश्वविद्यालयों में आरक्षित पद वर्षों से खाली पड़े हैं, जबकि कहीं नियमों को ताक पर रखकर चयन प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है। आरोप यह भी हैं कि कुछ संस्थानों में फर्जी प्रमाण-पत्र, गलत श्रेणी निर्धारण और चयन में पक्षपात के मामले सामने आए हैं, लेकिन UGC की ओर से कठोर निगरानी और कार्रवाई का अभाव दिखता है। इससे वास्तविक OBC/ST/AC वर्ग के योग्य छात्रों और शिक्षकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। छात्र संगठनों का कहना है कि UGC यदि समय रहते ऑडिट, पारदर्शी भर्ती प्रणाली और सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं करता, तो आरक्षण व्यवस्था पर लोगों का विश्वास कमजोर होगा। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि हर विश्वविद्यालय में आरक्षित पदों, स्कॉलरशिप और फेलोशिप का सार्वजनिक डेटा पोर्टल बनाया जाए, ताकि जवाबदेही तय हो सके। अब सवाल यह है कि क्या UGC केवल दिशा-निर्देश जारी करने तक सीमित रहेगा, या फिर OBC/ST/AC के नाम पर हो रहे दुरुपयोग पर ठोस कदम उठाकर शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करेगा? देश की करोड़ों युवा आबादी इसका जवाब चाहती है।
- औरंगाबाद जिले के दुलारे पंचायत के मुखिया सह पैक्स अध्यक्ष कि गिरफ्तारी से औरंगाबाद मुखिया संघ अध्यक्ष सुजीत सिंह की दहाड़1
- औरंगाबाद जिला पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र के नवाडीह मोड़ के समीप हुए चर्चित व्यवसायी हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने न केवल हत्या की साजिश रचने वालों को पकड़ा है, बल्कि उस मुख्य शूटर को भी गिरफ्तार कर लिया है जिसने गैलेक्सी मेडिकल के मालिक मो. जुनैद अहमद पर गोलियां चलाई थीं। पुलिस ने इस पूरे मामले में ‘प्रोफेशनल हिट’ के एंगल का खुलासा करते हुए भारी मात्रा में अवैध हथियार भी जब्त किए हैं।1
- Post by गौतम चंद्रवंशी जी1
- रफीगंज शहर के लोहार गली में सतचंडी महायज्ञ की शुरुआत बुधवार को जल यात्रा के साथ शुरू हुई। जल यात्रा के उपरांत बुधवार रात्रि में झांसी की कथा वाचक उषा रामायणी द्वारा प्रवचन की शुरुआत की गई। यह आयोजन प्रत्येक रात्रि आगामी 8 फरवरी 2026 तक की जाएगी। महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य लोहार गली स्थित देवी मंदिर में से नवनिर्मित मंदिर में देवी प्राण प्रतिष्ठा करना है।1
- गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता देखने को मिली है। पुलिस की लगातार दबिश के चलते एक हत्याकांड का फरार अभियुक्त प्रकाश कुमार ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। इसके साथ ही, मद्य निषेध मामले में वांछित एक वारंटी को भी गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, हत्या से जुड़े कांड संख्या 87/19 में एकमात्र फरार अभियुक्त प्रकाश कुमार ने 3 फरवरी 2026 को माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। प्रकाश कुमार चतरा (झारखंड) जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र के जबड़ा गांव निवासी बीरेंद्र यादव का पुत्र है। पुलिस की लगातार दबिश के कारण उसे यह कदम उठाना पड़ा। वहीं, दूसरी ओर मद्य निषेध कांड में वांछित कुर्की वारंटी बोला सिंह को भी गुरुआ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बोला सिंह गुरुआ थाना क्षेत्र के श्यामनगर गांव का निवासी है। गुरुआ थाना प्रभारी मनेश कुमार ने बताया कि दोनों मामलों में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।1
- डिहरी नगर थाना क्षेत्र में महिला की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। डिहरी रेलवे स्टेशन की सब्जी मंडी के पीछे लाल रंग के ट्रॉली बैग में मिले महिला के शव मामले में मृतका के पति क्यामुद्दीन शेख को गिरफ्तार किया गया है। डिहरी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 अतुलेश झा ने बुधवार को दोपहर क़रीब तीन बजे नगर थाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पूछताछ में क्यामुद्दीन ने पत्नी पर अवैध संबंध का शक होने की बात स्वीकार की और गला घोटकर हत्या करने की बात कबूल की। हत्या के बाद शव को ट्रॉली बैग में भरकर फेंक दिया गया। मृतका की पहचान मैरून खातून उर्फ मैरून निशा, निवासी जक्की बिगहा के रूप में हुई है। इस मामले में इरफान आलम और राजु शेख मंसूरी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने एफएसएल जांच के साथ आगे की कार्रवाई तेज कर दी है।1
- Post by Pooja Kumari1
- बिहार में एक गांव के सभी ब्राह्मणों पर हुआ FIR तो हो गया वीडियो वायरल... दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाना में एक अनोखा FIR दर्ज हुआ है। अब तक 12 लोगों को हिरासत में भी ले लिया गया है। यह मामला कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव का बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक असर्फी पासवान के द्वारा कुशेश्वरस्थान थाना में एक आवेदन दिया गया है। जिसमें में पूरे गांव को अभियुक्त बनाया गया हैं 70 ब्राह्मण लोगों को नामजद और 100-150 अज्ञात लोगों लोगों को आरोपी बनाया गया है।1