जबलपुर-नरसिंहपुर बॉर्डर पर हुए सड़क हादसे में 5 युवकों की मौत के बाद सोमवार को पावला गांव में परिजनों और ग्रामीणों ने भोपाल-जबलपुर नेशनल हाईवे पर शव रखकर करीब तीन घंटे तक चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारियों ने इसे सामान्य सड़क दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए सुनियोजित हत्या की आशंका जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के 18 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस फरार हाइवा और उसके चालक का पता नहीं लगा सकी है। इस हादसे में 30 वर्षीय राजेंद्र पटेल, 20 वर्षीय वीरेंद्र लोधी, 21 वर्षीय राजपाल लोधी, 30 वर्षीय जयपाल लोधी और 20 वर्षीय नीरज लोधी की मौत हो चुकी है। हादसे में घायल हुए अन्य लोगों का फिलहाल इलाज जारी है। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त कराया गया। पुलिस का कहना है कि फरार हाइवा और उसके चालक की तलाश जारी है और पूरे मामले की जांच सड़क दुर्घटना तथा हत्या, दोनों पहलुओं से की जा रही है।
जबलपुर-नरसिंहपुर बॉर्डर पर हुए सड़क हादसे में 5 युवकों की मौत के बाद सोमवार को पावला गांव में परिजनों और ग्रामीणों ने भोपाल-जबलपुर नेशनल हाईवे पर शव रखकर करीब तीन घंटे तक चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारियों ने इसे सामान्य सड़क दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए सुनियोजित हत्या की आशंका जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के 18 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस फरार हाइवा और उसके चालक का पता नहीं लगा सकी है। इस हादसे में 30 वर्षीय राजेंद्र पटेल, 20 वर्षीय वीरेंद्र लोधी, 21 वर्षीय राजपाल लोधी, 30 वर्षीय जयपाल लोधी और 20 वर्षीय नीरज लोधी की मौत हो चुकी है। हादसे में घायल हुए अन्य लोगों का फिलहाल इलाज जारी है। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त कराया गया। पुलिस का कहना है कि फरार हाइवा और उसके चालक की तलाश जारी है और पूरे मामले की जांच सड़क दुर्घटना तथा हत्या, दोनों पहलुओं से की जा रही है।
- जबलपुर में धर्म संगठन बर्स की ओर से 'जय श्री राम' के उद्घोष के साथ एक विशेष कामना साझा की गई है। इसमें ऐसी परख की उम्मीद जताई गई है जिससे पूरी दुनिया में हरियाली छा जाए। इसके साथ ही, सूखी पड़ी खेती के फिर से हरे-भरे और सुखी होने की प्रार्थना की गई है।1
- जबलपुर के बिलहरी में नर्मदा की रेत को बाइक से लेकर बेचने का मामला सामने आया है। कुछ लोग इस रेत को बिलहरी की एपीआर कॉलोनी में लेकर पहुंचे थे, जहां वे इसे किसी पटवारी को देने के लिए आए थे।1
- सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक संदेश में लिखा गया है कि इस दुनिया में अकेला रहना ही बेहतर है, क्योंकि लोग अपना बनाकर फिर तकलीफ देते हैं। पोस्ट में खुद को महाकाल का बड़ा भक्त, जिम प्रेमी, फोटोग्राफी का शौकीन, 'वेपन लवर' और 'सैड बंदा' बताया गया है। इसके साथ ही 17 अगस्त को 'केक मर्डर' (जन्मदिन) का जिक्र भी किया गया है।1
- मध्य प्रदेश में वेतन की मांग को लेकर एक व्यक्ति ने "साहब, मैं अभी जिंदा हूं..." कहते हुए कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। यह पूरा मामला तीन साल बाद सामने आई एक हैरान करने वाली गलती से जुड़ा हुआ है, जिसके कारण पीड़ित को अपना वेतन पाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी के सामने गुहार लगानी पड़ रही है।1
- नरसिंहपुर के गोटेगांव में सरकारी विद्यालय से नीट तक का सफर तय करने वाली साक्षी साहू की सफलता हर विद्यार्थी के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है। उनके इस सफर में निःशुल्क नीट कोचिंग उनकी सफलता की सीढ़ी साबित हुई है।1
- दमोह जिले के जबेरा विकासखंड के अर्थखेड़ा से जिला ब्यूरो चीफ अरविन्द सिंह लोधी की रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर होने के कारण 43 छात्र-छात्राएं यज्ञशाला में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्कूल भवन कभी भी गिर सकता है, जिससे मासूम बच्चों की जान को हर वक्त गंभीर खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विद्यालय की मरम्मत के लिए 09 अप्रैल 2025 को गौण खनिज मद से ₹2.25 लाख की राशि स्वीकृत की गई थी। उनका आरोप यह भी है कि इसमें से लगभग ₹1,11,800 की राशि बिलों के माध्यम से निकाली जा चुकी है, लेकिन अब तक धरातल पर मरम्मत का कोई भी कार्य नहीं कराया गया। दूसरी तरफ, बीआरसी का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय को पहले बिजोरा में संचालित करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन स्थानीय परिस्थितियों के चलते फिलहाल यज्ञशाला में कक्षाएं लगाई जा रही हैं। इसके साथ ही बीआरसी ने इस मामले में पंचायत स्तर पर बड़ी लापरवाही होने की बात भी कही है। अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर यह गंभीर सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर इन 43 मासूमों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या समय रहते विद्यालय की मरम्मत कर बच्चों को सुरक्षित शिक्षा का अधिकार दिलाया जाएगा? ग्रामीणों द्वारा मरम्मत राशि के उपयोग को लेकर लगाए गए इन आरोपों की निष्पक्ष जांच संबंधित प्रशासन द्वारा किया जाना बेहद आवश्यक है।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 27% ओबीसी आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर किए गए विधानसभा घेराव के दौरान एक युवा प्रदर्शनकारी ने कैमरे पर अपनी बात खुलकर रखी है। इस प्रदर्शन के दौरान युवक ने 13% आरक्षण पर लगी रोक को तुरंत हटाने की मांग की और सरकार के खिलाफ अपने तीखे सवाल व गंभीर आरोप सामने रखे हैं। कैमरे के सामने युवक ने 27% आरक्षण को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए सीधे सरकार को खुली चुनौती दे डाली है। इस ग्राउंड रिपोर्ट में सरकार के खिलाफ इस युवक का पूरा पक्ष और उसका आक्रोश सामने आया है।1
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