भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए लोकायुक्त इंदौर की टीम ने धार के सर्किट हाउस पर बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए जल संसाधन विभाग के अमीन को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त विपुस्था योगेश देशमुख के निर्देश पर की गई। ग्राम आमला, तहसील एवं जिला धार निवासी 36 वर्षीय किसान दयाराम पटेल ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर संभाग राजेश सहाय को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वह ग्राम आमला के तालाब की रिक्त भूमि पर खेती के लिए पट्टा प्राप्त करना चाहता था, जिसके लिए उसने जल संसाधन विभाग धार में पदस्थ अमीन राज दिनकर विजय नगर इंदौर से संपर्क किया। आरोपी अमीन द्वारा पट्टा स्वीकृत कराने के नाम पर 30,000 रुपए की रिश्वत मांगी गई, जबकि इसकी वास्तविक शासकीय फीस मात्र 5 से 7 हजार रुपए है। आवेदक रिश्वत नहीं देना चाहता था और आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाने के उद्देश्य से उसने लोकायुक्त में शिकायत की। शिकायत की जांच पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय द्वारा कराई गई, जिसमें मामला सही पाया गया। इसके बाद आज ट्रैप दल का गठन किया गया। आरोपी ने आवेदक को रिश्वत लेने के लिए धार बुलाया। कार्यालय में अवकाश होने के कारण आवेदक ने आरोपी को प्रकाश नगर स्थित अपने किराए के मकान पर बुलाया, जहां लोकायुक्त टीम पहले से ही आसपास तैनात थी।जैसे ही आरोपी ने आवेदक से 10,000 रुपए रिश्वत के रूप में अपने दाहिने हाथ में लिए, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।इस कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान, आरक्षक विजय कुमार, आदित्य सिंह भदौरिया, कमलेश परिहार, अनिल परमार एवं रामेश्वर निंगवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए लोकायुक्त इंदौर की टीम ने धार के सर्किट हाउस पर बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए जल संसाधन विभाग के अमीन को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त विपुस्था योगेश देशमुख के निर्देश पर की गई। ग्राम आमला, तहसील एवं जिला धार निवासी 36 वर्षीय किसान दयाराम पटेल ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर संभाग राजेश सहाय को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वह ग्राम आमला के तालाब की रिक्त भूमि पर खेती के लिए पट्टा प्राप्त करना चाहता था, जिसके लिए उसने जल
संसाधन विभाग धार में पदस्थ अमीन राज दिनकर विजय नगर इंदौर से संपर्क किया। आरोपी अमीन द्वारा पट्टा स्वीकृत कराने के नाम पर 30,000 रुपए की रिश्वत मांगी गई, जबकि इसकी वास्तविक शासकीय फीस मात्र 5 से 7 हजार रुपए है। आवेदक रिश्वत नहीं देना चाहता था और आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाने के उद्देश्य से उसने लोकायुक्त में शिकायत की। शिकायत की जांच पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय द्वारा कराई गई, जिसमें मामला सही पाया गया। इसके बाद आज ट्रैप दल का गठन किया गया। आरोपी ने आवेदक को रिश्वत लेने के लिए धार बुलाया। कार्यालय
में अवकाश होने के कारण आवेदक ने आरोपी को प्रकाश नगर स्थित अपने किराए के मकान पर बुलाया, जहां लोकायुक्त टीम पहले से ही आसपास तैनात थी।जैसे ही आरोपी ने आवेदक से 10,000 रुपए रिश्वत के रूप में अपने दाहिने हाथ में लिए, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।इस कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान, आरक्षक विजय कुमार, आदित्य सिंह भदौरिया, कमलेश परिहार, अनिल परमार एवं रामेश्वर निंगवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए लोकायुक्त इंदौर की टीम ने धार के सर्किट हाउस पर बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए जल संसाधन विभाग के अमीन को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त विपुस्था योगेश देशमुख के निर्देश पर की गई। ग्राम आमला, तहसील एवं जिला धार निवासी 36 वर्षीय किसान दयाराम पटेल ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर संभाग राजेश सहाय को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वह ग्राम आमला के तालाब की रिक्त भूमि पर खेती के लिए पट्टा प्राप्त करना चाहता था, जिसके लिए उसने जल संसाधन विभाग धार में पदस्थ अमीन राज दिनकर विजय नगर इंदौर से संपर्क किया। आरोपी अमीन द्वारा पट्टा स्वीकृत कराने के नाम पर 30,000 रुपए की रिश्वत मांगी गई, जबकि इसकी वास्तविक शासकीय फीस मात्र 5 से 7 हजार रुपए है। आवेदक रिश्वत नहीं देना चाहता था और आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाने के उद्देश्य से उसने लोकायुक्त में शिकायत की। शिकायत की जांच पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय द्वारा कराई गई, जिसमें मामला सही पाया गया। इसके बाद आज ट्रैप दल का गठन किया गया। आरोपी ने आवेदक को रिश्वत लेने के लिए धार बुलाया। कार्यालय में अवकाश होने के कारण आवेदक ने आरोपी को प्रकाश नगर स्थित अपने किराए के मकान पर बुलाया, जहां लोकायुक्त टीम पहले से ही आसपास तैनात थी।जैसे ही आरोपी ने आवेदक से 10,000 रुपए रिश्वत के रूप में अपने दाहिने हाथ में लिए, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।इस कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान, आरक्षक विजय कुमार, आदित्य सिंह भदौरिया, कमलेश परिहार, अनिल परमार एवं रामेश्वर निंगवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।3
- Post by Kulkarni jyotish News channel1
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- Post by राजेश माल्या1
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