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31 जुलाई 2026 को आनी तैहसील के अंतर्गत राणाबाग में एक गाड़ी हुई दुर्घटनाग्रस्त,जिसमें तीन लोग सवार थे,जिसमें से एक लड़की गंभीर रूप से हुई घायल और अन्य दो व्यक्तियों की मौत हो गई #kullutodaynews #himachalpradesh #himachalupdate #MediaPower #himachalkiawaaz #KTN #ATM #shimla #kullu #rampur

2 hrs ago
user_Dev Raj  Thakur
Dev Raj Thakur
Farmer निरमंड, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
2 hrs ago
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31 जुलाई 2026 को आनी तैहसील के अंतर्गत राणाबाग में एक गाड़ी हुई दुर्घटनाग्रस्त,जिसमें तीन लोग सवार थे,जिसमें से एक लड़की गंभीर रूप से हुई घायल और अन्य दो व्यक्तियों की मौत हो गई #kullutodaynews #himachalpradesh #himachalupdate #MediaPower #himachalkiawaaz #KTN #ATM #shimla #kullu #rampur

More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
  • धारा सरगा में आयोजित सावन मेला 2026 श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक संस्कृति के रंगों के साथ संपन्न हुआ। मेले का मुख्य आकर्षण क्षेत्र के दो देवताओं की पावन शिरकत रही। देवताओं के आगमन पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर देवताओं के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और पारंपरिक रस्में विधि-विधान के साथ संपन्न करवाई गईं। स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। धारा सरगा में आयोजित सावन मेला 2026 श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक संस्कृति के रंगों के साथ संपन्न हुआ। मेले का मुख्य आकर्षण क्षेत्र के दो देवताओं की पावन शिरकत रही। देवताओं के आगमन पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर देवताओं के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और पारंपरिक रस्में विधि-विधान के साथ संपन्न करवाई गईं। स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
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    धारा सरगा में आयोजित सावन मेला 2026 श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक संस्कृति के रंगों के साथ संपन्न हुआ। मेले का मुख्य आकर्षण क्षेत्र के दो देवताओं की पावन शिरकत रही। देवताओं के आगमन पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर देवताओं के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और पारंपरिक रस्में विधि-विधान के साथ संपन्न करवाई गईं। स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
धारा सरगा में आयोजित सावन मेला 2026 श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक संस्कृति के रंगों के साथ संपन्न हुआ। मेले का मुख्य आकर्षण क्षेत्र के दो देवताओं की पावन शिरकत रही। देवताओं के आगमन पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर देवताओं के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और पारंपरिक रस्में विधि-विधान के साथ संपन्न करवाई गईं। स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
    user_Him News Update
    Him News Update
    रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Mandi News: स्वादयुक्त धूम्ररहित तंबाकू पर बड़ा प्रतिबंध | हिमाचल का पहला जिला बना मंडी | DC Mandi Mandi News: स्वादयुक्त धूम्ररहित तंबाकू पर बड़ा प्रतिबंध | हिमाचल का पहला जिला बना मंडी | DC Mandi
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    Mandi News: स्वादयुक्त धूम्ररहित तंबाकू पर बड़ा प्रतिबंध | हिमाचल का पहला जिला बना मंडी | DC Mandi
Mandi News: स्वादयुक्त धूम्ररहित तंबाकू पर बड़ा प्रतिबंध | हिमाचल का पहला जिला बना मंडी | DC Mandi
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter Shimla ( Rural ), Himachal Pradesh•
    7 hrs ago
  • पानी की सप्लाई को ठीक करते हुए जल रक्षक भरमौर जिला चंबा
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    पानी की सप्लाई को ठीक करते हुए जल रक्षक भरमौर जिला चंबा
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    19 hrs ago
  • माता नीलासुरी मन्दिर हरिपुर मनाली गुणगान करते हुए मां दशमी वारदा भजन मंण्डली सेऊबाग
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    माता नीलासुरी मन्दिर हरिपुर मनाली गुणगान करते हुए 
मां दशमी वारदा भजन मंण्डली सेऊबाग
    user_Himachal Update 24 News
    Himachal Update 24 News
    Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जिला की सबसे बड़ी भुंतर सब्जी मंडी में अव्यवस्थाओं का अंबार, व्यापारी और बागवान परेशान भुंतर, 31 जुलाई। प्रिंसिपल मार्केट यार्ड का दर्जा प्राप्त जिला की सबसे बड़ी भुंतर सब्जी मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। मंडी परिसर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर, गंदगी से उठने वाली दुर्गंध, ट्रैफिक जाम, पार्किंग की कमी, आवारा पशुओं का आतंक तथा जर्जर शौचालय जैसी समस्याओं से व्यापारी, बागवान और स्थानीय लोग लंबे समय से जूझ रहे हैं। मंडी परिसर में ढाबा संचालित करने वाली कृष्णा ठाकुर ने बताया कि चारों ओर फैली गंदगी और कूड़े के ढेरों से दुर्गंध फैल रही है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कारोबार करना भी कठिन हो गया है। उन्होंने मंडी प्रशासन से शीघ्र सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। वहीं, वर्षों से पतलीकूहल क्षेत्र से अपने कृषि उत्पाद भुंतर सब्जी मंडी लाने वाले पदम सिंह ने कहा कि मंडी में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि एपीएमसी के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जिसका समुचित उपयोग कर पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जा सकती है। साथ ही मंडी के पीछे से वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कर यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मंडी परिसर में आवारा पशु भी लगातार घूमते रहते हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसके अतिरिक्त मंडी का शौचालय भी अत्यंत जर्जर अवस्था में है, जिसकी नियमित देखरेख नहीं होने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भुंतर सब्जी मंडी को प्रिंसिपल मार्केट यार्ड का दर्जा मिल चुका है और यहां से एपीएमसी को प्रतिवर्ष अच्छी-खासी आय भी प्राप्त होती है। इसके बावजूद आधारभूत सुविधाओं की कमी चिंता का विषय है। लोगों ने एपीएमसी प्रशासन से मंडी की सफाई व्यवस्था, पार्किंग, यातायात प्रबंधन, शौचालयों के रखरखाव तथा आवारा पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। वहीं एपीएमसी सचिव दीक्षित जरियाल ने कहना कि ट्रैफिक व्यवस्था के लिए मंडी में होमगार्ड की तैनात है। मंडी की सफाई कर कूड़े की गाड़ी प्रतिदिन शाम को कॉन्टैक्टर द्वारा उठाई जाती है। सब्जी मंडी के सार्वजनिक शौचालय की मरम्मत नियमानुसार की जाएगी । फिर भी सब्जी मंडी में किसी प्रकार की कोई कमी नजर आएगी तो उसे पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे।
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    जिला की सबसे बड़ी भुंतर सब्जी मंडी में अव्यवस्थाओं का अंबार, व्यापारी और बागवान परेशान
भुंतर, 31 जुलाई। प्रिंसिपल मार्केट यार्ड का दर्जा प्राप्त जिला की सबसे बड़ी भुंतर सब्जी मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। मंडी परिसर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर, गंदगी से उठने वाली दुर्गंध, ट्रैफिक जाम, पार्किंग की कमी, आवारा पशुओं का आतंक तथा जर्जर शौचालय जैसी समस्याओं से व्यापारी, बागवान और स्थानीय लोग लंबे समय से जूझ रहे हैं।
मंडी परिसर में ढाबा संचालित करने वाली कृष्णा ठाकुर ने बताया कि चारों ओर फैली गंदगी और कूड़े के ढेरों से दुर्गंध फैल रही है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कारोबार करना भी कठिन हो गया है। उन्होंने मंडी प्रशासन से शीघ्र सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।
वहीं, वर्षों से पतलीकूहल क्षेत्र से अपने कृषि उत्पाद भुंतर सब्जी मंडी लाने वाले पदम सिंह ने कहा कि मंडी में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि एपीएमसी के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जिसका समुचित उपयोग कर पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जा सकती है। साथ ही मंडी के पीछे से वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कर यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि मंडी परिसर में आवारा पशु भी लगातार घूमते रहते हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसके अतिरिक्त मंडी का शौचालय भी अत्यंत जर्जर अवस्था में है, जिसकी नियमित देखरेख नहीं होने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भुंतर सब्जी मंडी को प्रिंसिपल मार्केट यार्ड का दर्जा मिल चुका है और यहां से एपीएमसी को प्रतिवर्ष अच्छी-खासी आय भी प्राप्त होती है। इसके बावजूद आधारभूत सुविधाओं की कमी चिंता का विषय है। लोगों ने एपीएमसी प्रशासन से मंडी की सफाई व्यवस्था, पार्किंग, यातायात प्रबंधन, शौचालयों के रखरखाव तथा आवारा पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
वहीं एपीएमसी सचिव दीक्षित जरियाल ने कहना कि ट्रैफिक व्यवस्था के लिए मंडी में होमगार्ड की तैनात है। मंडी की सफाई कर कूड़े की गाड़ी प्रतिदिन शाम को कॉन्टैक्टर द्वारा उठाई जाती है। सब्जी मंडी के सार्वजनिक शौचालय की मरम्मत  नियमानुसार की जाएगी । फिर भी सब्जी मंडी में किसी प्रकार की कोई कमी नजर आएगी तो उसे पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे।
    user_Munishkoundal
    Munishkoundal
    कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • भुंतर सब्जी मंडी में वीडियो रोकने पर एपीएमसी सख्त, आढ़ती से मांगा जवाब पारदर्शिता पर सवाल उठाने वाले किसी भी कृत्य से बचने की हिदायत, किसानों-बागवानों के हित में मीडिया की भूमिका अहम भुंतर सब्जी मंडी में वीडियो रोकने पर एपीएमसी सख्त, आढ़ती से मांगा जवाब पारदर्शिता पर सवाल उठाने वाले किसी भी कृत्य से बचने की हिदायत, किसानों-बागवानों के हित में मीडिया की भूमिका अहम Kullu Times
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    भुंतर सब्जी मंडी में वीडियो रोकने पर एपीएमसी सख्त, आढ़ती से मांगा जवाब

पारदर्शिता पर सवाल उठाने वाले किसी भी कृत्य से बचने की हिदायत, किसानों-बागवानों के हित में मीडिया की भूमिका अहम


भुंतर सब्जी मंडी में वीडियो रोकने पर एपीएमसी सख्त, आढ़ती से मांगा जवाब
पारदर्शिता पर सवाल उठाने वाले किसी भी कृत्य से बचने की हिदायत, किसानों-बागवानों के हित में मीडिया की भूमिका अहम
Kullu Times
    user_Himachal Update 24 News
    Himachal Update 24 News
    Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    14 hrs ago
  • पधर:- बच्चे के लिए एनएचएआई के इंजीनियर अंकित गिल बने फरिस्ता नवजात को बचाने के लिए लिया जोखिम, मार्ग बंद होते हुए भी पहुंचाया मंडी मंडी-पठानकोट मार्ग पर कोटरोपी में बन्द पड़े मार्ग के कारण यातायात प्रभावित था और अधिकारियों को मार्ग खोलने में देर होने की संभावना थी। मार्ग का वह हिस्सा हाल ही की बारिश से क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह जमींदोज हो गया था और बचा हुआ हिस्सा भी वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा था। इसी बीच जोगिंद्रनगर की ओर से एक नवजात शिशु के साथ एक परिवार रास्ता पार कर मंडी के लिए निकला, जहाँ बच्चे को चिकित्सकीय सलाह के साथ एक आपात ऑपरेशन की आवश्यकता थी। परिस्थिति को संवेदनशील समझते हुए एनएचएआई के साइड इंजीनियर अंकित गिल मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने परिवार की आपात स्थिति सुनी तो आनन‑फानन अपनी टीम को आदेश दिए और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराते हुए जोखिम उठाकर परिवार को सुरक्षित रूप से मंडी पहुँचया। अंकित गिल ने न केवल बच्चे का समय पर उपचार सुनिश्चित किया बल्कि तब तक कोटरोपी पर डटे रहे जब तक रात में मार्ग की बहाली का काम पूरा न हो सका। उन्होंने पूरी रात अपनी गाड़ी में रहकर जनरेटर के जरिए फ्लैस लाइट जलाकर इलाके पर निगरानी बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार का बड़ा नुकसान न हो। स्थानीय लोग और राहगीर अंकित गिल के इस साहस और मानवता भरे कदम की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं। उनके समय पर निर्णय और मानवीय संवेदना ने एक नवजात की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। एनएचएआई के इस साइड इंजीनियर ने सिर्फ अपना कर्तव्य ही नहीं निभाया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की है। बच्चे के माता पिता ने एनएचएआई साइड इंजीनियर अंकित गिल का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे इंसान ईश्वर सबको दे। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेकर उमाकांत ने भी अंकित गिल की प्रशंसा की। पधर:- बच्चे के लिए एनएचएआई के इंजीनियर अंकित गिल बने फरिस्ता नवजात को बचाने के लिए लिया जोखिम, मार्ग बंद होते हुए भी पहुंचाया मंडी मंडी-पठानकोट मार्ग पर कोटरोपी में बन्द पड़े मार्ग के कारण यातायात प्रभावित था और अधिकारियों को मार्ग खोलने में देर होने की संभावना थी। मार्ग का वह हिस्सा हाल ही की बारिश से क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह जमींदोज हो गया था और बचा हुआ हिस्सा भी वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा था। इसी बीच जोगिंद्रनगर की ओर से एक नवजात शिशु के साथ एक परिवार रास्ता पार कर मंडी के लिए निकला, जहाँ बच्चे को चिकित्सकीय सलाह के साथ एक आपात ऑपरेशन की आवश्यकता थी। परिस्थिति को संवेदनशील समझते हुए एनएचएआई के साइड इंजीनियर अंकित गिल मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने परिवार की आपात स्थिति सुनी तो आनन‑फानन अपनी टीम को आदेश दिए और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराते हुए जोखिम उठाकर परिवार को सुरक्षित रूप से मंडी पहुँचया। अंकित गिल ने न केवल बच्चे का समय पर उपचार सुनिश्चित किया बल्कि तब तक कोटरोपी पर डटे रहे जब तक रात में मार्ग की बहाली का काम पूरा न हो सका। उन्होंने पूरी रात अपनी गाड़ी में रहकर जनरेटर के जरिए फ्लैस लाइट जलाकर इलाके पर निगरानी बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार का बड़ा नुकसान न हो। स्थानीय लोग और राहगीर अंकित गिल के इस साहस और मानवता भरे कदम की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं। उनके समय पर निर्णय और मानवीय संवेदना ने एक नवजात की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। एनएचएआई के इस साइड इंजीनियर ने सिर्फ अपना कर्तव्य ही नहीं निभाया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की है। बच्चे के माता पिता ने एनएचएआई साइड इंजीनियर अंकित गिल का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे इंसान ईश्वर सबको दे। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेकर उमाकांत ने भी अंकित गिल की प्रशंसा की।
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    पधर:- बच्चे के लिए एनएचएआई के इंजीनियर अंकित गिल बने फरिस्ता

 नवजात को बचाने के लिए लिया जोखिम, मार्ग बंद होते हुए भी पहुंचाया मंडी

मंडी-पठानकोट मार्ग पर कोटरोपी में बन्द पड़े मार्ग के कारण यातायात प्रभावित था और अधिकारियों को मार्ग खोलने में देर होने की संभावना थी। मार्ग का वह हिस्सा हाल ही की बारिश से क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह जमींदोज हो गया था और बचा हुआ हिस्सा भी वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा था। इसी बीच जोगिंद्रनगर की ओर से एक नवजात शिशु के साथ एक परिवार रास्ता पार कर मंडी के लिए निकला, जहाँ बच्चे को चिकित्सकीय सलाह के साथ एक आपात ऑपरेशन की आवश्यकता थी।
परिस्थिति को संवेदनशील समझते हुए एनएचएआई के साइड इंजीनियर अंकित गिल मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने परिवार की आपात स्थिति सुनी तो आनन‑फानन अपनी टीम को आदेश दिए और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराते हुए जोखिम उठाकर परिवार को सुरक्षित रूप से मंडी पहुँचया। अंकित गिल ने न केवल बच्चे का समय पर उपचार सुनिश्चित किया बल्कि तब तक कोटरोपी पर डटे रहे जब तक रात में मार्ग की बहाली का काम पूरा न हो सका। उन्होंने पूरी रात अपनी गाड़ी में रहकर जनरेटर के जरिए फ्लैस लाइट जलाकर इलाके पर निगरानी बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार का बड़ा नुकसान न हो।
स्थानीय लोग और राहगीर अंकित गिल के इस साहस और मानवता भरे कदम की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं। उनके समय पर निर्णय और मानवीय संवेदना ने एक नवजात की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। एनएचएआई के इस साइड इंजीनियर ने सिर्फ अपना कर्तव्य ही नहीं निभाया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की है। बच्चे के माता पिता ने एनएचएआई साइड इंजीनियर अंकित गिल का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे इंसान ईश्वर सबको दे। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेकर उमाकांत ने भी अंकित गिल की प्रशंसा की।
पधर:- बच्चे के लिए एनएचएआई के इंजीनियर अंकित गिल बने फरिस्ता
नवजात को बचाने के लिए लिया जोखिम, मार्ग बंद होते हुए भी पहुंचाया मंडी
मंडी-पठानकोट मार्ग पर कोटरोपी में बन्द पड़े मार्ग के कारण यातायात प्रभावित था और अधिकारियों को मार्ग खोलने में देर होने की संभावना थी। मार्ग का वह हिस्सा हाल ही की बारिश से क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह जमींदोज हो गया था और बचा हुआ हिस्सा भी वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा था। इसी बीच जोगिंद्रनगर की ओर से एक नवजात शिशु के साथ एक परिवार रास्ता पार कर मंडी के लिए निकला, जहाँ बच्चे को चिकित्सकीय सलाह के साथ एक आपात ऑपरेशन की आवश्यकता थी।
परिस्थिति को संवेदनशील समझते हुए एनएचएआई के साइड इंजीनियर अंकित गिल मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने परिवार की आपात स्थिति सुनी तो आनन‑फानन अपनी टीम को आदेश दिए और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराते हुए जोखिम उठाकर परिवार को सुरक्षित रूप से मंडी पहुँचया। अंकित गिल ने न केवल बच्चे का समय पर उपचार सुनिश्चित किया बल्कि तब तक कोटरोपी पर डटे रहे जब तक रात में मार्ग की बहाली का काम पूरा न हो सका। उन्होंने पूरी रात अपनी गाड़ी में रहकर जनरेटर के जरिए फ्लैस लाइट जलाकर इलाके पर निगरानी बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार का बड़ा नुकसान न हो।
स्थानीय लोग और राहगीर अंकित गिल के इस साहस और मानवता भरे कदम की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं। उनके समय पर निर्णय और मानवीय संवेदना ने एक नवजात की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। एनएचएआई के इस साइड इंजीनियर ने सिर्फ अपना कर्तव्य ही नहीं निभाया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की है। बच्चे के माता पिता ने एनएचएआई साइड इंजीनियर अंकित गिल का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे इंसान ईश्वर सबको दे। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेकर उमाकांत ने भी अंकित गिल की प्रशंसा की।
    user_ललित ठाकुर
    ललित ठाकुर
    Padhar, Mandi•
    6 hrs ago
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