पधर:- बच्चे के लिए एनएचएआई के इंजीनियर अंकित गिल बने फरिस्ता नवजात को बचाने के लिए लिया जोखिम, मार्ग बंद होते हुए भी पहुंचाया मंडी मंडी-पठानकोट मार्ग पर कोटरोपी में बन्द पड़े मार्ग के कारण यातायात प्रभावित था और अधिकारियों को मार्ग खोलने में देर होने की संभावना थी। मार्ग का वह हिस्सा हाल ही की बारिश से क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह जमींदोज हो गया था और बचा हुआ हिस्सा भी वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा था। इसी बीच जोगिंद्रनगर की ओर से एक नवजात शिशु के साथ एक परिवार रास्ता पार कर मंडी के लिए निकला, जहाँ बच्चे को चिकित्सकीय सलाह के साथ एक आपात ऑपरेशन की आवश्यकता थी। परिस्थिति को संवेदनशील समझते हुए एनएचएआई के साइड इंजीनियर अंकित गिल मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने परिवार की आपात स्थिति सुनी तो आनन‑फानन अपनी टीम को आदेश दिए और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराते हुए जोखिम उठाकर परिवार को सुरक्षित रूप से मंडी पहुँचया। अंकित गिल ने न केवल बच्चे का समय पर उपचार सुनिश्चित किया बल्कि तब तक कोटरोपी पर डटे रहे जब तक रात में मार्ग की बहाली का काम पूरा न हो सका। उन्होंने पूरी रात अपनी गाड़ी में रहकर जनरेटर के जरिए फ्लैस लाइट जलाकर इलाके पर निगरानी बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार का बड़ा नुकसान न हो। स्थानीय लोग और राहगीर अंकित गिल के इस साहस और मानवता भरे कदम की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं। उनके समय पर निर्णय और मानवीय संवेदना ने एक नवजात की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। एनएचएआई के इस साइड इंजीनियर ने सिर्फ अपना कर्तव्य ही नहीं निभाया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की है। बच्चे के माता पिता ने एनएचएआई साइड इंजीनियर अंकित गिल का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे इंसान ईश्वर सबको दे। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेकर उमाकांत ने भी अंकित गिल की प्रशंसा की। पधर:- बच्चे के लिए एनएचएआई के इंजीनियर अंकित गिल बने फरिस्ता नवजात को बचाने के लिए लिया जोखिम, मार्ग बंद होते हुए भी पहुंचाया मंडी मंडी-पठानकोट मार्ग पर कोटरोपी में बन्द पड़े मार्ग के कारण यातायात प्रभावित था और अधिकारियों को मार्ग खोलने में देर होने की संभावना थी। मार्ग का वह हिस्सा हाल ही की बारिश से क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह जमींदोज हो गया था और बचा हुआ हिस्सा भी वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा था। इसी बीच जोगिंद्रनगर की ओर से एक नवजात शिशु के साथ एक परिवार रास्ता पार कर मंडी के लिए निकला, जहाँ बच्चे को चिकित्सकीय सलाह के साथ एक आपात ऑपरेशन की आवश्यकता थी। परिस्थिति को संवेदनशील समझते हुए एनएचएआई के साइड इंजीनियर अंकित गिल मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने परिवार की आपात स्थिति सुनी तो आनन‑फानन अपनी टीम को आदेश दिए और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराते हुए जोखिम उठाकर परिवार को सुरक्षित रूप से मंडी पहुँचया। अंकित गिल ने न केवल बच्चे का समय पर उपचार सुनिश्चित किया बल्कि तब तक कोटरोपी पर डटे रहे जब तक रात में मार्ग की बहाली का काम पूरा न हो सका। उन्होंने पूरी रात अपनी गाड़ी में रहकर जनरेटर के जरिए फ्लैस लाइट जलाकर इलाके पर निगरानी बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार का बड़ा नुकसान न हो। स्थानीय लोग और राहगीर अंकित गिल के इस साहस और मानवता भरे कदम की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं। उनके समय पर निर्णय और मानवीय संवेदना ने एक नवजात की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। एनएचएआई के इस साइड इंजीनियर ने सिर्फ अपना कर्तव्य ही नहीं निभाया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की है। बच्चे के माता पिता ने एनएचएआई साइड इंजीनियर अंकित गिल का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे इंसान ईश्वर सबको दे। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेकर उमाकांत ने भी अंकित गिल की प्रशंसा की।
पधर:- बच्चे के लिए एनएचएआई के इंजीनियर अंकित गिल बने फरिस्ता नवजात को बचाने के लिए लिया जोखिम, मार्ग बंद होते हुए भी पहुंचाया मंडी मंडी-पठानकोट मार्ग पर कोटरोपी में बन्द पड़े मार्ग के कारण यातायात प्रभावित था और अधिकारियों को मार्ग खोलने में देर होने की संभावना थी। मार्ग का वह हिस्सा हाल ही की बारिश से क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह जमींदोज हो गया था और बचा हुआ हिस्सा भी वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा था। इसी बीच जोगिंद्रनगर की ओर से एक नवजात शिशु के साथ एक परिवार रास्ता पार कर मंडी के लिए निकला, जहाँ बच्चे को चिकित्सकीय सलाह के साथ एक आपात ऑपरेशन की आवश्यकता थी। परिस्थिति को संवेदनशील समझते हुए एनएचएआई के साइड इंजीनियर अंकित गिल मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने परिवार की आपात स्थिति सुनी तो आनन‑फानन अपनी टीम को आदेश दिए और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराते हुए जोखिम उठाकर परिवार को सुरक्षित रूप से मंडी पहुँचया। अंकित गिल ने न केवल बच्चे का समय पर उपचार सुनिश्चित किया बल्कि तब तक कोटरोपी पर डटे रहे जब तक रात में मार्ग की बहाली का काम पूरा न हो सका। उन्होंने पूरी रात अपनी गाड़ी में रहकर जनरेटर के जरिए फ्लैस लाइट जलाकर इलाके पर निगरानी बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार का बड़ा नुकसान न हो। स्थानीय लोग और राहगीर अंकित गिल के इस साहस और मानवता भरे कदम की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं। उनके समय पर निर्णय और मानवीय संवेदना ने एक नवजात की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। एनएचएआई के इस साइड इंजीनियर ने सिर्फ अपना कर्तव्य ही नहीं निभाया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की है। बच्चे के माता पिता ने एनएचएआई साइड इंजीनियर अंकित गिल का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे इंसान ईश्वर सबको दे। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेकर उमाकांत ने भी अंकित गिल की प्रशंसा की। पधर:- बच्चे के लिए एनएचएआई के इंजीनियर अंकित गिल बने फरिस्ता नवजात को बचाने के लिए लिया जोखिम, मार्ग बंद होते हुए भी पहुंचाया मंडी मंडी-पठानकोट मार्ग पर कोटरोपी में बन्द पड़े मार्ग के कारण यातायात प्रभावित था और अधिकारियों को मार्ग खोलने में देर होने की संभावना थी। मार्ग का वह हिस्सा हाल ही की बारिश से क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह जमींदोज हो गया था और बचा हुआ हिस्सा भी वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा था। इसी बीच जोगिंद्रनगर की ओर से एक नवजात शिशु के साथ एक परिवार रास्ता पार कर मंडी के लिए निकला, जहाँ बच्चे को चिकित्सकीय सलाह के साथ एक आपात ऑपरेशन की आवश्यकता थी। परिस्थिति को संवेदनशील समझते हुए एनएचएआई के साइड इंजीनियर अंकित गिल मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने परिवार की आपात स्थिति सुनी तो आनन‑फानन अपनी टीम को आदेश दिए और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराते हुए जोखिम उठाकर परिवार को सुरक्षित रूप से मंडी पहुँचया। अंकित गिल ने न केवल बच्चे का समय पर उपचार सुनिश्चित किया बल्कि तब तक कोटरोपी पर डटे रहे जब तक रात में मार्ग की बहाली का काम पूरा न हो सका। उन्होंने पूरी रात अपनी गाड़ी में रहकर जनरेटर के जरिए फ्लैस लाइट जलाकर इलाके पर निगरानी बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार का बड़ा नुकसान न हो। स्थानीय लोग और राहगीर अंकित गिल के इस साहस और मानवता भरे कदम की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं। उनके समय पर निर्णय और मानवीय संवेदना ने एक नवजात की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। एनएचएआई के इस साइड इंजीनियर ने सिर्फ अपना कर्तव्य ही नहीं निभाया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की है। बच्चे के माता पिता ने एनएचएआई साइड इंजीनियर अंकित गिल का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे इंसान ईश्वर सबको दे। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेकर उमाकांत ने भी अंकित गिल की प्रशंसा की।
- भुंतर सब्जी मंडी में वीडियो रोकने पर एपीएमसी सख्त, आढ़ती से मांगा जवाब पारदर्शिता पर सवाल उठाने वाले किसी भी कृत्य से बचने की हिदायत, किसानों-बागवानों के हित में मीडिया की भूमिका अहम भुंतर सब्जी मंडी में वीडियो रोकने पर एपीएमसी सख्त, आढ़ती से मांगा जवाब पारदर्शिता पर सवाल उठाने वाले किसी भी कृत्य से बचने की हिदायत, किसानों-बागवानों के हित में मीडिया की भूमिका अहम Kullu Times1
- *बीबीएमबी अस्पताल, नंगल को आधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाए : डॉ. सुभाष शर्मा* *ट्रॉमा सेंटर, 15 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने का किया आग्रह* चंडीगढ़/नंगल। भारतीय जनता पार्टी, पंजाब के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के चेयरमैन को पत्र लिखकर बीबीएमबी अस्पताल, नंगल के व्यापक आधुनिकीकरण तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के तत्काल विस्तार की मांग की है। उन्होंने अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने तथा आपातकालीन हृदय उपचार के लिए ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि नंगल नगर का विकास भाखड़ा बांध परियोजना के साथ हुआ है और बीबीएमबी अस्पताल वर्षों से न केवल बोर्ड के कर्मचारियों एवं उनके परिवारों, बल्कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता रहा है। हालांकि समय के साथ अस्पताल में आधारभूत ढांचे की कमी, विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को सामान्य जांच और उपचार के लिए भी रोपड़, मोहाली और चंडीगढ़ जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में बहुमूल्य समय नष्ट होता है और कई बार मरीजों की जान पर बन आती है। उन्होंने अस्पताल भवन के पूर्ण आधुनिकीकरण, कम से कम 15 बेड के अत्याधुनिक आईसीयू, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर तथा अस्पताल की बेड क्षमता में पर्याप्त वृद्धि की मांग की। साथ ही ईसीजी, ईको, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई सहित अन्य आधुनिक जांच उपकरण स्थापित करने तथा उनके संचालन के लिए प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति करने का भी आग्रह किया। भाजपा नेता ने अस्पताल में लगभग 15 विशेषज्ञ चिकित्सकों, जिनमें जनरल सर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, ऑर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थेटिस्ट तथा इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ शामिल हों, की शीघ्र नियुक्ति की मांग की। उन्होंने कहा कि नंगल व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के कारण यहां सड़क दुर्घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, लेकिन क्षेत्र में समर्पित ट्रॉमा सेंटर का अभाव है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को दूरस्थ अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है, जिससे ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान उपचार में देरी होती है। ऐसे में आधुनिक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना से दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने में बड़ी मदद मिलेगी। डॉ. सुभाष शर्मा ने अस्पताल के आपातकालीन विभाग में तत्काल ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) लगाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ लाख रुपये की लागत वाला यह उपकरण हृदयाघात के मरीजों की जान बचाने में अत्यंत प्रभावी साबित हो सकता है और समय पर उपयोग किए जाने पर मरीजों के बचने की संभावना में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि बीबीएमबी अस्पताल में समय रहते आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ चिकित्सक और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, तो यह अस्पताल एक बार फिर पूरे क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने जनहित को देखते हुए इन मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया।#himachalpunjabnews #followers #nonfollowers #highlights #viralvide #nangal #BJPNEWS #BJPPunjab1
- Mandi News: स्वादयुक्त धूम्ररहित तंबाकू पर बड़ा प्रतिबंध | हिमाचल का पहला जिला बना मंडी | DC Mandi Mandi News: स्वादयुक्त धूम्ररहित तंबाकू पर बड़ा प्रतिबंध | हिमाचल का पहला जिला बना मंडी | DC Mandi1
- धारा सरगा में आयोजित सावन मेला 2026 श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक संस्कृति के रंगों के साथ संपन्न हुआ। मेले का मुख्य आकर्षण क्षेत्र के दो देवताओं की पावन शिरकत रही। देवताओं के आगमन पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर देवताओं के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और पारंपरिक रस्में विधि-विधान के साथ संपन्न करवाई गईं। स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। धारा सरगा में आयोजित सावन मेला 2026 श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक संस्कृति के रंगों के साथ संपन्न हुआ। मेले का मुख्य आकर्षण क्षेत्र के दो देवताओं की पावन शिरकत रही। देवताओं के आगमन पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर देवताओं के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और पारंपरिक रस्में विधि-विधान के साथ संपन्न करवाई गईं। स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।1
- पानी की सप्लाई को ठीक करते हुए जल रक्षक भरमौर जिला चंबा1
- ई-मेल से पंचकूला जिला न्यायालय व लघु सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मामले में पुलिस उपायुक्त अदिति सिंह का बयान आया सामने......1
- डिलीवरी बॉय से मोबाइल छीनकर भागे 4 शातिर स्नैचर 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार, छीना गया मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल ई-रिक्शा बरामद कर आज जेल भेजा डिलीवरी बॉय से मोबाइल छीनकर भागे 4 शातिर स्नैचर 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार, छीना गया मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल ई-रिक्शा बरामद कर आज जेल भेजा पंचकूला/ 31 जुलाई:- पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के नेतृत्व में पंचकूला पुलिस लगातार चोरी, लूट और स्नैचिंग की वारदातों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत पुलिस चौकी सेक्टर-16 की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डिलीवरी बॉय से मोबाइल फोन छीनने की वारदात का मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन तथा वारदात में प्रयुक्त ई-रिक्शा भी बरामद कर लिया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। दिनांक 29 जुलाई 2026 की रात शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार नामक डिलीवरी राइडर सेक्टर-17 में ऑर्डर डिलीवर करने के बाद अपने घर लौट रहा था। रास्ते में सेक्टर-16/17 डिवाइडिंग रोड पर भोजन का ऑनलाइन ऑर्डर करने के लिए वह अपनी मोटरसाइकिल रोककर मोबाइल चला रहा था। इसी दौरान एक ई-रिक्शा अचानक उसके पास आकर रुका, जिसमें चार युवक सवार थे। दो युवक ई-रिक्शा से नीचे उतरे और शिकायतकर्ता को पकड़कर उसके हाथ से मोबाइल फोन जबरन छीन लिया तथा चारों आरोपी ई-रिक्शा सहित मौके से फरार हो गए। जांच के दौरान सेक्टर-16 पुलिस चौकी टीम ने इंचार्ज सिंहराज की अगुवाई में गुप्त सूचना के आधार पर 30 जुलाई को सेक्टर-17/18 पुलिया के पास से चारों आरोपियों धर्मेन्द्र, क्रिश, दीपू तथा सुनील को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह के अनुसार पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल ई-रिक्शा तथा शिकायतकर्ता से छीना गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद चारों आरोपियों को आज न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि पंचकूला पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। लूट, स्नैचिंग और चोरी जैसी वारदातों में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।1