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*बीबीएमबी अस्पताल, नंगल को आधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाए : डॉ. सुभाष शर्मा* *ट्रॉमा सेंटर, 15 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने का किया आग्रह* चंडीगढ़/नंगल। भारतीय जनता पार्टी, पंजाब के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के चेयरमैन को पत्र लिखकर बीबीएमबी अस्पताल, नंगल के व्यापक आधुनिकीकरण तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के तत्काल विस्तार की मांग की है। उन्होंने अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने तथा आपातकालीन हृदय उपचार के लिए ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि नंगल नगर का विकास भाखड़ा बांध परियोजना के साथ हुआ है और बीबीएमबी अस्पताल वर्षों से न केवल बोर्ड के कर्मचारियों एवं उनके परिवारों, बल्कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता रहा है। हालांकि समय के साथ अस्पताल में आधारभूत ढांचे की कमी, विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को सामान्य जांच और उपचार के लिए भी रोपड़, मोहाली और चंडीगढ़ जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में बहुमूल्य समय नष्ट होता है और कई बार मरीजों की जान पर बन आती है। उन्होंने अस्पताल भवन के पूर्ण आधुनिकीकरण, कम से कम 15 बेड के अत्याधुनिक आईसीयू, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर तथा अस्पताल की बेड क्षमता में पर्याप्त वृद्धि की मांग की। साथ ही ईसीजी, ईको, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई सहित अन्य आधुनिक जांच उपकरण स्थापित करने तथा उनके संचालन के लिए प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति करने का भी आग्रह किया। भाजपा नेता ने अस्पताल में लगभग 15 विशेषज्ञ चिकित्सकों, जिनमें जनरल सर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, ऑर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थेटिस्ट तथा इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ शामिल हों, की शीघ्र नियुक्ति की मांग की। उन्होंने कहा कि नंगल व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के कारण यहां सड़क दुर्घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, लेकिन क्षेत्र में समर्पित ट्रॉमा सेंटर का अभाव है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को दूरस्थ अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है, जिससे ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान उपचार में देरी होती है। ऐसे में आधुनिक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना से दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने में बड़ी मदद मिलेगी। डॉ. सुभाष शर्मा ने अस्पताल के आपातकालीन विभाग में तत्काल ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) लगाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ लाख रुपये की लागत वाला यह उपकरण हृदयाघात के मरीजों की जान बचाने में अत्यंत प्रभावी साबित हो सकता है और समय पर उपयोग किए जाने पर मरीजों के बचने की संभावना में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि बीबीएमबी अस्पताल में समय रहते आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ चिकित्सक और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, तो यह अस्पताल एक बार फिर पूरे क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने जनहित को देखते हुए इन मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया।#himachalpunjabnews #followers #nonfollowers #highlights #viralvide #nangal #BJPNEWS #BJPPunjab

15 hrs ago
user_Himachal Punjab News
Himachal Punjab News
Local News Reporter मेहटपुर, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
15 hrs ago

*बीबीएमबी अस्पताल, नंगल को आधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाए : डॉ. सुभाष शर्मा* *ट्रॉमा सेंटर, 15 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने का किया आग्रह* चंडीगढ़/नंगल। भारतीय जनता पार्टी, पंजाब के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के चेयरमैन को पत्र लिखकर बीबीएमबी अस्पताल, नंगल के व्यापक आधुनिकीकरण तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के तत्काल विस्तार की मांग की है। उन्होंने अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने तथा आपातकालीन हृदय उपचार के लिए ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि नंगल नगर का विकास भाखड़ा बांध परियोजना के साथ हुआ है और बीबीएमबी अस्पताल वर्षों से न केवल बोर्ड के कर्मचारियों एवं उनके परिवारों, बल्कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता रहा है। हालांकि समय के साथ अस्पताल में आधारभूत ढांचे की कमी, विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को सामान्य जांच और उपचार के लिए भी रोपड़, मोहाली और चंडीगढ़ जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में बहुमूल्य समय नष्ट होता है और कई बार मरीजों की जान पर बन आती है। उन्होंने अस्पताल भवन के पूर्ण आधुनिकीकरण, कम से कम 15 बेड के अत्याधुनिक आईसीयू, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर तथा अस्पताल की बेड क्षमता में पर्याप्त वृद्धि की मांग की। साथ ही ईसीजी, ईको, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई सहित अन्य आधुनिक जांच उपकरण स्थापित करने तथा उनके संचालन के लिए प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति करने का भी आग्रह किया। भाजपा नेता ने अस्पताल में लगभग 15 विशेषज्ञ चिकित्सकों, जिनमें जनरल सर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, ऑर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थेटिस्ट तथा इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ शामिल हों, की शीघ्र नियुक्ति की मांग की। उन्होंने कहा कि नंगल व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के कारण यहां सड़क दुर्घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, लेकिन क्षेत्र में समर्पित ट्रॉमा सेंटर का अभाव है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को दूरस्थ अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है, जिससे ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान उपचार में देरी होती है। ऐसे में आधुनिक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना से दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने में बड़ी मदद मिलेगी। डॉ. सुभाष शर्मा ने अस्पताल के आपातकालीन विभाग में तत्काल ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) लगाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ लाख रुपये की लागत वाला यह उपकरण हृदयाघात के मरीजों की जान बचाने में अत्यंत प्रभावी साबित हो सकता है और समय पर उपयोग किए जाने पर मरीजों के बचने की संभावना में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि बीबीएमबी अस्पताल में समय रहते आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ चिकित्सक और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, तो यह अस्पताल एक बार फिर पूरे क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने जनहित को देखते हुए इन मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया।#himachalpunjabnews #followers #nonfollowers #highlights #viralvide #nangal #BJPNEWS #BJPPunjab

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    *बीबीएमबी अस्पताल, नंगल को आधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाए : डॉ. सुभाष शर्मा*

*ट्रॉमा सेंटर, 15 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने का किया आग्रह*

चंडीगढ़/नंगल। भारतीय जनता पार्टी, पंजाब के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के चेयरमैन को पत्र लिखकर बीबीएमबी अस्पताल, नंगल के व्यापक आधुनिकीकरण तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के तत्काल विस्तार की मांग की है। उन्होंने अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने तथा आपातकालीन हृदय उपचार के लिए ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि नंगल नगर का विकास भाखड़ा बांध परियोजना के साथ हुआ है और बीबीएमबी अस्पताल वर्षों से न केवल बोर्ड के कर्मचारियों एवं उनके परिवारों, बल्कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता रहा है। हालांकि समय के साथ अस्पताल में आधारभूत ढांचे की कमी, विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को सामान्य जांच और उपचार के लिए भी रोपड़, मोहाली और चंडीगढ़ जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में बहुमूल्य समय नष्ट होता है और कई बार मरीजों की जान पर बन आती है।

उन्होंने अस्पताल भवन के पूर्ण आधुनिकीकरण, कम से कम 15 बेड के अत्याधुनिक आईसीयू, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर तथा अस्पताल की बेड क्षमता में पर्याप्त वृद्धि की मांग की। साथ ही ईसीजी, ईको, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई सहित अन्य आधुनिक जांच उपकरण स्थापित करने तथा उनके संचालन के लिए प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति करने का भी आग्रह किया।

भाजपा नेता ने अस्पताल में लगभग 15 विशेषज्ञ चिकित्सकों, जिनमें जनरल सर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, ऑर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थेटिस्ट तथा इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ शामिल हों, की शीघ्र नियुक्ति की मांग की।

उन्होंने कहा कि नंगल व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के कारण यहां सड़क दुर्घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, लेकिन क्षेत्र में समर्पित ट्रॉमा सेंटर का अभाव है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को दूरस्थ अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है, जिससे ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान उपचार में देरी होती है। ऐसे में आधुनिक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना से दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने में बड़ी मदद मिलेगी।

डॉ. सुभाष शर्मा ने अस्पताल के आपातकालीन विभाग में तत्काल ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) लगाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ लाख रुपये की लागत वाला यह उपकरण हृदयाघात के मरीजों की जान बचाने में अत्यंत प्रभावी साबित हो सकता है और समय पर उपयोग किए जाने पर मरीजों के बचने की संभावना में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि बीबीएमबी अस्पताल में समय रहते आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ चिकित्सक और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, तो यह अस्पताल एक बार फिर पूरे क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने जनहित को देखते हुए इन मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया।#himachalpunjabnews #followers #nonfollowers #highlights #viralvide #nangal  #BJPNEWS #BJPPunjab
    user_Himachal Punjab News
    Himachal Punjab News
    Local News Reporter मेहटपुर, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
  • ऊना में इस साल 150 हेक्टेयर में होगा पौधारोपण, जिला वन मंडल ने अभियान को लेकर बनाई रणनीति, जल्द होगा वन महोत्सव की तिथि का ऐलान। जिला वन मंडल अधिकारी विकल्प यादव ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इस वर्ष वन महोत्सव के तहत जिले में लगभग 150 हेक्टेयर भूमि पर पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए वन विभाग द्वारा करीब एक लाख पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पौधारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जल्द ही वन महोत्सव की तिथि घोषित कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान में वन विभाग के अलावा शिक्षा, पंचायत, ग्रामीण विकास सहित अन्य सरकारी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण से जोड़ा जाए ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हरित क्षेत्र में भी वृद्धि हो सके। विकल्प यादव ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उनकी देखरेख और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसलिए पौधारोपण वाले क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जाएगी और लगाए गए पौधों के संरक्षण के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे वन महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाकर उन्हें संरक्षित करने का संकल्प लें। इससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता के संरक्षण तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
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    ऊना में इस साल 150 हेक्टेयर में होगा पौधारोपण, जिला वन मंडल ने अभियान को लेकर बनाई रणनीति, जल्द होगा वन महोत्सव की तिथि का ऐलान।


जिला वन मंडल अधिकारी विकल्प यादव ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इस वर्ष वन महोत्सव के तहत जिले में लगभग 150 हेक्टेयर भूमि पर पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए वन विभाग द्वारा करीब एक लाख पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पौधारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जल्द ही वन महोत्सव की तिथि घोषित कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान में वन विभाग के अलावा शिक्षा, पंचायत, ग्रामीण विकास सहित अन्य सरकारी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण से जोड़ा जाए ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हरित क्षेत्र में भी वृद्धि हो सके। विकल्प यादव ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उनकी देखरेख और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसलिए पौधारोपण वाले क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जाएगी और लगाए गए पौधों के संरक्षण के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे वन महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाकर उन्हें संरक्षित करने का संकल्प लें। इससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता के संरक्षण तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
  • विधायक विवेक शर्मा,,बोले,, कि,,,कुटलैहड़ की पंचायत हटली के रिवाड़ से दगड़ूंह के लिए जब का प्रावधान ही नहीं था,,भूमि विवाद था,,तो कैसे वन गया,,92 लाख का पुल,,वह भी अधूरा,,इसकी होगी जांच,,लोकनिवि मंडल बंगाणा को दिए आदेश,,
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    विधायक विवेक शर्मा,,बोले,, कि,,,कुटलैहड़ की पंचायत हटली के रिवाड़ से दगड़ूंह के लिए जब  का प्रावधान ही नहीं था,,भूमि विवाद था,,तो कैसे वन गया,,92 लाख का पुल,,वह भी अधूरा,,इसकी होगी जांच,,लोकनिवि मंडल बंगाणा को दिए आदेश,,
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
  • chakki plant k liye contact number 8219579518 Himachal Pradesh district Hamirpur
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    chakki plant k liye contact number 8219579518 Himachal Pradesh district Hamirpur
    user_Sanjay Kumar
    Sanjay Kumar
    Machine workshop टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मणिमहेश कैलाश संगम संस्था हमीरपुर की बेड़ा तारने की रस्म श्रद्धापूर्वक सम्पन्न सुजानपुर प्रसिद्ध शक्तिपीठ कालीनाथ कालेश्वर महादेव मंदिर में मणिमहेश कैलाश संगम संस्था, हमीरपुर द्वारा पवित्र बेड़ा तारने की रस्म श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ सम्पन्न की गई। इस धार्मिक आयोजन में संस्था के पदाधिकारियों, विभिन्न शाखाओं के शाखा अध्यक्षों तथा बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने भाग लेकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ बेड़ा पूजन किया गया। इसके उपरांत श्रद्धालुओं ने सुसज्जित बेड़े को कंधों पर उठाकर धार्मिक शोभायात्रा निकाली। पूरे परिसर में "हर-हर महादेव" एवं "जय मणिमहेश" के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा।
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    मणिमहेश कैलाश संगम संस्था हमीरपुर की बेड़ा तारने की रस्म श्रद्धापूर्वक सम्पन्न
सुजानपुर
प्रसिद्ध शक्तिपीठ कालीनाथ कालेश्वर महादेव मंदिर में मणिमहेश कैलाश संगम संस्था, हमीरपुर द्वारा पवित्र बेड़ा तारने की रस्म श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ सम्पन्न की गई। इस धार्मिक आयोजन में संस्था के पदाधिकारियों, विभिन्न शाखाओं के शाखा अध्यक्षों तथा बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने भाग लेकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ बेड़ा पूजन किया गया। इसके उपरांत श्रद्धालुओं ने सुसज्जित बेड़े को कंधों पर उठाकर धार्मिक शोभायात्रा निकाली। पूरे परिसर में "हर-हर महादेव" एवं "जय मणिमहेश" के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Mandi News: स्वादयुक्त धूम्ररहित तंबाकू पर बड़ा प्रतिबंध | हिमाचल का पहला जिला बना मंडी | DC Mandi Mandi News: स्वादयुक्त धूम्ररहित तंबाकू पर बड़ा प्रतिबंध | हिमाचल का पहला जिला बना मंडी | DC Mandi
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    Mandi News: स्वादयुक्त धूम्ररहित तंबाकू पर बड़ा प्रतिबंध | हिमाचल का पहला जिला बना मंडी | DC Mandi
Mandi News: स्वादयुक्त धूम्ररहित तंबाकू पर बड़ा प्रतिबंध | हिमाचल का पहला जिला बना मंडी | DC Mandi
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter Shimla ( Rural ), Himachal Pradesh•
    6 hrs ago
  • हरिद्वार से क़ाबड़ लेकर मंडी पहुंचे मंडी वाले पंडित का हुआ जोरदार स्वागत 16 जुलाई को बिजली महादेव का होगा रुद्राभिषेक हरिद्वार से क़ाबड़ लेकर पैदल चले मंडी के मशहूर मंडी वाले पंडित सुक्रवार को वापिस मंडी पहुंच गए। क़ाबड़ लेकर आ रहे क़ाबड़ियों का भोले के भगत जगह जगह खूब स्वागत कर रहे है। इसी दौरान मंडी ओहुँचे कबड़िये का भी भगतों ने ढोल नगाड़ों से जोरदार स्वागत किया। पंडित दीनानाथ शर्मा ने कहा कि मुझे मंडी वाले पंडित जी के ऊपर बहुत गर्व है जो की हरिद्वार से पैदल चलकर बिजली महादेव तक अपनी कावड़ यात्रा कर रहे हैं उनका जगह-जगह पर श्रद्धालु भोले भोले कहकर स्वागत कर रहे हैं और भोले की कृपा से उनके खान-पान की व्यवस्था की जा रही है उनके साथ अन्य एक और भी महाशय हैं। उन्होंने कहा कि पंडित जी की कांवड़ यात्रा हरिद्वार से 16 जुलाई को सुबह 5 बजे शुरू हुई अब भोले की कृपा से गंगाजल से 10 अगस्त को बिजली महादेव में रुद्राभिषेक होगा। हरिद्वार से क़ाबड़ लेकर मंडी पहुंचे मंडी वाले पंडित का हुआ जोरदार स्वागत 16 जुलाई को बिजली महादेव का होगा रुद्राभिषेक हरिद्वार से क़ाबड़ लेकर पैदल चले मंडी के मशहूर मंडी वाले पंडित सुक्रवार को वापिस मंडी पहुंच गए। क़ाबड़ लेकर आ रहे क़ाबड़ियों का भोले के भगत जगह जगह खूब स्वागत कर रहे है। इसी दौरान मंडी ओहुँचे कबड़िये का भी भगतों ने ढोल नगाड़ों से जोरदार स्वागत किया। पंडित दीनानाथ शर्मा ने कहा कि मुझे मंडी वाले पंडित जी के ऊपर बहुत गर्व है जो की हरिद्वार से पैदल चलकर बिजली महादेव तक अपनी कावड़ यात्रा कर रहे हैं उनका जगह-जगह पर श्रद्धालु भोले भोले कहकर स्वागत कर रहे हैं और भोले की कृपा से उनके खान-पान की व्यवस्था की जा रही है उनके साथ अन्य एक और भी महाशय हैं। उन्होंने कहा कि पंडित जी की कांवड़ यात्रा हरिद्वार से 16 जुलाई को सुबह 5 बजे शुरू हुई अब भोले की कृपा से गंगाजल से 10 अगस्त को बिजली महादेव में रुद्राभिषेक होगा।
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    हरिद्वार से क़ाबड़ लेकर मंडी पहुंचे मंडी वाले पंडित का हुआ जोरदार स्वागत

16 जुलाई को बिजली महादेव का होगा रुद्राभिषेक

हरिद्वार से क़ाबड़ लेकर पैदल चले मंडी के  मशहूर मंडी वाले पंडित सुक्रवार को वापिस मंडी पहुंच गए। क़ाबड़ लेकर आ रहे क़ाबड़ियों का भोले के भगत जगह जगह खूब स्वागत कर रहे है। इसी दौरान मंडी ओहुँचे कबड़िये का भी भगतों ने ढोल नगाड़ों से जोरदार स्वागत किया। पंडित दीनानाथ शर्मा ने कहा कि मुझे मंडी वाले पंडित जी के ऊपर बहुत गर्व है जो की हरिद्वार से पैदल चलकर बिजली महादेव तक अपनी कावड़ यात्रा कर रहे हैं उनका जगह-जगह पर श्रद्धालु भोले भोले कहकर स्वागत कर रहे हैं और भोले की कृपा से उनके खान-पान की व्यवस्था की जा रही है उनके साथ अन्य एक और भी महाशय हैं। उन्होंने कहा कि पंडित जी की कांवड़ यात्रा हरिद्वार से 16 जुलाई को सुबह 5 बजे शुरू हुई अब भोले की कृपा से गंगाजल से 10 अगस्त को बिजली महादेव में रुद्राभिषेक होगा।
हरिद्वार से क़ाबड़ लेकर मंडी पहुंचे मंडी वाले पंडित का हुआ जोरदार स्वागत
16 जुलाई को बिजली महादेव का होगा रुद्राभिषेक
हरिद्वार से क़ाबड़ लेकर पैदल चले मंडी के  मशहूर मंडी वाले पंडित सुक्रवार को वापिस मंडी पहुंच गए। क़ाबड़ लेकर आ रहे क़ाबड़ियों का भोले के भगत जगह जगह खूब स्वागत कर रहे है। इसी दौरान मंडी ओहुँचे कबड़िये का भी भगतों ने ढोल नगाड़ों से जोरदार स्वागत किया। पंडित दीनानाथ शर्मा ने कहा कि मुझे मंडी वाले पंडित जी के ऊपर बहुत गर्व है जो की हरिद्वार से पैदल चलकर बिजली महादेव तक अपनी कावड़ यात्रा कर रहे हैं उनका जगह-जगह पर श्रद्धालु भोले भोले कहकर स्वागत कर रहे हैं और भोले की कृपा से उनके खान-पान की व्यवस्था की जा रही है उनके साथ अन्य एक और भी महाशय हैं। उन्होंने कहा कि पंडित जी की कांवड़ यात्रा हरिद्वार से 16 जुलाई को सुबह 5 बजे शुरू हुई अब भोले की कृपा से गंगाजल से 10 अगस्त को बिजली महादेव में रुद्राभिषेक होगा।
    user_ललित ठाकुर
    ललित ठाकुर
    Padhar, Mandi•
    6 hrs ago
  • पधर:- बच्चे के लिए एनएचएआई के इंजीनियर अंकित गिल बने फरिस्ता नवजात को बचाने के लिए लिया जोखिम, मार्ग बंद होते हुए भी पहुंचाया मंडी मंडी-पठानकोट मार्ग पर कोटरोपी में बन्द पड़े मार्ग के कारण यातायात प्रभावित था और अधिकारियों को मार्ग खोलने में देर होने की संभावना थी। मार्ग का वह हिस्सा हाल ही की बारिश से क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह जमींदोज हो गया था और बचा हुआ हिस्सा भी वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा था। इसी बीच जोगिंद्रनगर की ओर से एक नवजात शिशु के साथ एक परिवार रास्ता पार कर मंडी के लिए निकला, जहाँ बच्चे को चिकित्सकीय सलाह के साथ एक आपात ऑपरेशन की आवश्यकता थी। परिस्थिति को संवेदनशील समझते हुए एनएचएआई के साइड इंजीनियर अंकित गिल मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने परिवार की आपात स्थिति सुनी तो आनन‑फानन अपनी टीम को आदेश दिए और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराते हुए जोखिम उठाकर परिवार को सुरक्षित रूप से मंडी पहुँचया। अंकित गिल ने न केवल बच्चे का समय पर उपचार सुनिश्चित किया बल्कि तब तक कोटरोपी पर डटे रहे जब तक रात में मार्ग की बहाली का काम पूरा न हो सका। उन्होंने पूरी रात अपनी गाड़ी में रहकर जनरेटर के जरिए फ्लैस लाइट जलाकर इलाके पर निगरानी बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार का बड़ा नुकसान न हो। स्थानीय लोग और राहगीर अंकित गिल के इस साहस और मानवता भरे कदम की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं। उनके समय पर निर्णय और मानवीय संवेदना ने एक नवजात की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। एनएचएआई के इस साइड इंजीनियर ने सिर्फ अपना कर्तव्य ही नहीं निभाया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की है। बच्चे के माता पिता ने एनएचएआई साइड इंजीनियर अंकित गिल का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे इंसान ईश्वर सबको दे। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेकर उमाकांत ने भी अंकित गिल की प्रशंसा की। पधर:- बच्चे के लिए एनएचएआई के इंजीनियर अंकित गिल बने फरिस्ता नवजात को बचाने के लिए लिया जोखिम, मार्ग बंद होते हुए भी पहुंचाया मंडी मंडी-पठानकोट मार्ग पर कोटरोपी में बन्द पड़े मार्ग के कारण यातायात प्रभावित था और अधिकारियों को मार्ग खोलने में देर होने की संभावना थी। मार्ग का वह हिस्सा हाल ही की बारिश से क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह जमींदोज हो गया था और बचा हुआ हिस्सा भी वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा था। इसी बीच जोगिंद्रनगर की ओर से एक नवजात शिशु के साथ एक परिवार रास्ता पार कर मंडी के लिए निकला, जहाँ बच्चे को चिकित्सकीय सलाह के साथ एक आपात ऑपरेशन की आवश्यकता थी। परिस्थिति को संवेदनशील समझते हुए एनएचएआई के साइड इंजीनियर अंकित गिल मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने परिवार की आपात स्थिति सुनी तो आनन‑फानन अपनी टीम को आदेश दिए और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराते हुए जोखिम उठाकर परिवार को सुरक्षित रूप से मंडी पहुँचया। अंकित गिल ने न केवल बच्चे का समय पर उपचार सुनिश्चित किया बल्कि तब तक कोटरोपी पर डटे रहे जब तक रात में मार्ग की बहाली का काम पूरा न हो सका। उन्होंने पूरी रात अपनी गाड़ी में रहकर जनरेटर के जरिए फ्लैस लाइट जलाकर इलाके पर निगरानी बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार का बड़ा नुकसान न हो। स्थानीय लोग और राहगीर अंकित गिल के इस साहस और मानवता भरे कदम की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं। उनके समय पर निर्णय और मानवीय संवेदना ने एक नवजात की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। एनएचएआई के इस साइड इंजीनियर ने सिर्फ अपना कर्तव्य ही नहीं निभाया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की है। बच्चे के माता पिता ने एनएचएआई साइड इंजीनियर अंकित गिल का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे इंसान ईश्वर सबको दे। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेकर उमाकांत ने भी अंकित गिल की प्रशंसा की।
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    पधर:- बच्चे के लिए एनएचएआई के इंजीनियर अंकित गिल बने फरिस्ता

 नवजात को बचाने के लिए लिया जोखिम, मार्ग बंद होते हुए भी पहुंचाया मंडी

मंडी-पठानकोट मार्ग पर कोटरोपी में बन्द पड़े मार्ग के कारण यातायात प्रभावित था और अधिकारियों को मार्ग खोलने में देर होने की संभावना थी। मार्ग का वह हिस्सा हाल ही की बारिश से क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह जमींदोज हो गया था और बचा हुआ हिस्सा भी वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा था। इसी बीच जोगिंद्रनगर की ओर से एक नवजात शिशु के साथ एक परिवार रास्ता पार कर मंडी के लिए निकला, जहाँ बच्चे को चिकित्सकीय सलाह के साथ एक आपात ऑपरेशन की आवश्यकता थी।
परिस्थिति को संवेदनशील समझते हुए एनएचएआई के साइड इंजीनियर अंकित गिल मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने परिवार की आपात स्थिति सुनी तो आनन‑फानन अपनी टीम को आदेश दिए और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराते हुए जोखिम उठाकर परिवार को सुरक्षित रूप से मंडी पहुँचया। अंकित गिल ने न केवल बच्चे का समय पर उपचार सुनिश्चित किया बल्कि तब तक कोटरोपी पर डटे रहे जब तक रात में मार्ग की बहाली का काम पूरा न हो सका। उन्होंने पूरी रात अपनी गाड़ी में रहकर जनरेटर के जरिए फ्लैस लाइट जलाकर इलाके पर निगरानी बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार का बड़ा नुकसान न हो।
स्थानीय लोग और राहगीर अंकित गिल के इस साहस और मानवता भरे कदम की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं। उनके समय पर निर्णय और मानवीय संवेदना ने एक नवजात की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। एनएचएआई के इस साइड इंजीनियर ने सिर्फ अपना कर्तव्य ही नहीं निभाया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की है। बच्चे के माता पिता ने एनएचएआई साइड इंजीनियर अंकित गिल का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे इंसान ईश्वर सबको दे। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेकर उमाकांत ने भी अंकित गिल की प्रशंसा की।
पधर:- बच्चे के लिए एनएचएआई के इंजीनियर अंकित गिल बने फरिस्ता
नवजात को बचाने के लिए लिया जोखिम, मार्ग बंद होते हुए भी पहुंचाया मंडी
मंडी-पठानकोट मार्ग पर कोटरोपी में बन्द पड़े मार्ग के कारण यातायात प्रभावित था और अधिकारियों को मार्ग खोलने में देर होने की संभावना थी। मार्ग का वह हिस्सा हाल ही की बारिश से क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह जमींदोज हो गया था और बचा हुआ हिस्सा भी वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा था। इसी बीच जोगिंद्रनगर की ओर से एक नवजात शिशु के साथ एक परिवार रास्ता पार कर मंडी के लिए निकला, जहाँ बच्चे को चिकित्सकीय सलाह के साथ एक आपात ऑपरेशन की आवश्यकता थी।
परिस्थिति को संवेदनशील समझते हुए एनएचएआई के साइड इंजीनियर अंकित गिल मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने परिवार की आपात स्थिति सुनी तो आनन‑फानन अपनी टीम को आदेश दिए और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराते हुए जोखिम उठाकर परिवार को सुरक्षित रूप से मंडी पहुँचया। अंकित गिल ने न केवल बच्चे का समय पर उपचार सुनिश्चित किया बल्कि तब तक कोटरोपी पर डटे रहे जब तक रात में मार्ग की बहाली का काम पूरा न हो सका। उन्होंने पूरी रात अपनी गाड़ी में रहकर जनरेटर के जरिए फ्लैस लाइट जलाकर इलाके पर निगरानी बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार का बड़ा नुकसान न हो।
स्थानीय लोग और राहगीर अंकित गिल के इस साहस और मानवता भरे कदम की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं। उनके समय पर निर्णय और मानवीय संवेदना ने एक नवजात की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। एनएचएआई के इस साइड इंजीनियर ने सिर्फ अपना कर्तव्य ही नहीं निभाया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की है। बच्चे के माता पिता ने एनएचएआई साइड इंजीनियर अंकित गिल का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे इंसान ईश्वर सबको दे। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेकर उमाकांत ने भी अंकित गिल की प्रशंसा की।
    user_ललित ठाकुर
    ललित ठाकुर
    Padhar, Mandi•
    6 hrs ago
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