Shuru
Apke Nagar Ki App…
chakki plant k liye contact number 8219579518 Himachal Pradesh district Hamirpur
Sanjay Kumar
chakki plant k liye contact number 8219579518 Himachal Pradesh district Hamirpur
More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
- chakki plant k liye contact number 8219579518 Himachal Pradesh district Hamirpur1
- मणिमहेश कैलाश संगम संस्था हमीरपुर की बेड़ा तारने की रस्म श्रद्धापूर्वक सम्पन्न सुजानपुर प्रसिद्ध शक्तिपीठ कालीनाथ कालेश्वर महादेव मंदिर में मणिमहेश कैलाश संगम संस्था, हमीरपुर द्वारा पवित्र बेड़ा तारने की रस्म श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ सम्पन्न की गई। इस धार्मिक आयोजन में संस्था के पदाधिकारियों, विभिन्न शाखाओं के शाखा अध्यक्षों तथा बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने भाग लेकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ बेड़ा पूजन किया गया। इसके उपरांत श्रद्धालुओं ने सुसज्जित बेड़े को कंधों पर उठाकर धार्मिक शोभायात्रा निकाली। पूरे परिसर में "हर-हर महादेव" एवं "जय मणिमहेश" के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा।1
- विधायक विवेक शर्मा,,बोले,, कि,,,कुटलैहड़ की पंचायत हटली के रिवाड़ से दगड़ूंह के लिए जब का प्रावधान ही नहीं था,,भूमि विवाद था,,तो कैसे वन गया,,92 लाख का पुल,,वह भी अधूरा,,इसकी होगी जांच,,लोकनिवि मंडल बंगाणा को दिए आदेश,,1
- ऊना में इस साल 150 हेक्टेयर में होगा पौधारोपण, जिला वन मंडल ने अभियान को लेकर बनाई रणनीति, जल्द होगा वन महोत्सव की तिथि का ऐलान। जिला वन मंडल अधिकारी विकल्प यादव ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इस वर्ष वन महोत्सव के तहत जिले में लगभग 150 हेक्टेयर भूमि पर पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए वन विभाग द्वारा करीब एक लाख पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पौधारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जल्द ही वन महोत्सव की तिथि घोषित कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान में वन विभाग के अलावा शिक्षा, पंचायत, ग्रामीण विकास सहित अन्य सरकारी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण से जोड़ा जाए ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हरित क्षेत्र में भी वृद्धि हो सके। विकल्प यादव ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उनकी देखरेख और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसलिए पौधारोपण वाले क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जाएगी और लगाए गए पौधों के संरक्षण के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे वन महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाकर उन्हें संरक्षित करने का संकल्प लें। इससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता के संरक्षण तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।1
- जिला की सबसे बड़ी भुंतर सब्जी मंडी में अव्यवस्थाओं का अंबार, व्यापारी और बागवान परेशान भुंतर, 31 जुलाई। प्रिंसिपल मार्केट यार्ड का दर्जा प्राप्त जिला की सबसे बड़ी भुंतर सब्जी मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। मंडी परिसर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर, गंदगी से उठने वाली दुर्गंध, ट्रैफिक जाम, पार्किंग की कमी, आवारा पशुओं का आतंक तथा जर्जर शौचालय जैसी समस्याओं से व्यापारी, बागवान और स्थानीय लोग लंबे समय से जूझ रहे हैं। मंडी परिसर में ढाबा संचालित करने वाली कृष्णा ठाकुर ने बताया कि चारों ओर फैली गंदगी और कूड़े के ढेरों से दुर्गंध फैल रही है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कारोबार करना भी कठिन हो गया है। उन्होंने मंडी प्रशासन से शीघ्र सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। वहीं, वर्षों से पतलीकूहल क्षेत्र से अपने कृषि उत्पाद भुंतर सब्जी मंडी लाने वाले पदम सिंह ने कहा कि मंडी में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि एपीएमसी के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जिसका समुचित उपयोग कर पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जा सकती है। साथ ही मंडी के पीछे से वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कर यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मंडी परिसर में आवारा पशु भी लगातार घूमते रहते हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसके अतिरिक्त मंडी का शौचालय भी अत्यंत जर्जर अवस्था में है, जिसकी नियमित देखरेख नहीं होने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भुंतर सब्जी मंडी को प्रिंसिपल मार्केट यार्ड का दर्जा मिल चुका है और यहां से एपीएमसी को प्रतिवर्ष अच्छी-खासी आय भी प्राप्त होती है। इसके बावजूद आधारभूत सुविधाओं की कमी चिंता का विषय है। लोगों ने एपीएमसी प्रशासन से मंडी की सफाई व्यवस्था, पार्किंग, यातायात प्रबंधन, शौचालयों के रखरखाव तथा आवारा पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। वहीं एपीएमसी सचिव दीक्षित जरियाल ने कहना कि ट्रैफिक व्यवस्था के लिए मंडी में होमगार्ड की तैनात है। मंडी की सफाई कर कूड़े की गाड़ी प्रतिदिन शाम को कॉन्टैक्टर द्वारा उठाई जाती है। सब्जी मंडी के सार्वजनिक शौचालय की मरम्मत नियमानुसार की जाएगी । फिर भी सब्जी मंडी में किसी प्रकार की कोई कमी नजर आएगी तो उसे पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे।2
- भुंतर सब्जी मंडी में वीडियो रोकने पर एपीएमसी सख्त, आढ़ती से मांगा जवाब पारदर्शिता पर सवाल उठाने वाले किसी भी कृत्य से बचने की हिदायत, किसानों-बागवानों के हित में मीडिया की भूमिका अहम भुंतर सब्जी मंडी में वीडियो रोकने पर एपीएमसी सख्त, आढ़ती से मांगा जवाब पारदर्शिता पर सवाल उठाने वाले किसी भी कृत्य से बचने की हिदायत, किसानों-बागवानों के हित में मीडिया की भूमिका अहम Kullu Times1
- हरिद्वार से क़ाबड़ लेकर मंडी पहुंचे मंडी वाले पंडित का हुआ जोरदार स्वागत 16 जुलाई को बिजली महादेव का होगा रुद्राभिषेक हरिद्वार से क़ाबड़ लेकर पैदल चले मंडी के मशहूर मंडी वाले पंडित सुक्रवार को वापिस मंडी पहुंच गए। क़ाबड़ लेकर आ रहे क़ाबड़ियों का भोले के भगत जगह जगह खूब स्वागत कर रहे है। इसी दौरान मंडी ओहुँचे कबड़िये का भी भगतों ने ढोल नगाड़ों से जोरदार स्वागत किया। पंडित दीनानाथ शर्मा ने कहा कि मुझे मंडी वाले पंडित जी के ऊपर बहुत गर्व है जो की हरिद्वार से पैदल चलकर बिजली महादेव तक अपनी कावड़ यात्रा कर रहे हैं उनका जगह-जगह पर श्रद्धालु भोले भोले कहकर स्वागत कर रहे हैं और भोले की कृपा से उनके खान-पान की व्यवस्था की जा रही है उनके साथ अन्य एक और भी महाशय हैं। उन्होंने कहा कि पंडित जी की कांवड़ यात्रा हरिद्वार से 16 जुलाई को सुबह 5 बजे शुरू हुई अब भोले की कृपा से गंगाजल से 10 अगस्त को बिजली महादेव में रुद्राभिषेक होगा। हरिद्वार से क़ाबड़ लेकर मंडी पहुंचे मंडी वाले पंडित का हुआ जोरदार स्वागत 16 जुलाई को बिजली महादेव का होगा रुद्राभिषेक हरिद्वार से क़ाबड़ लेकर पैदल चले मंडी के मशहूर मंडी वाले पंडित सुक्रवार को वापिस मंडी पहुंच गए। क़ाबड़ लेकर आ रहे क़ाबड़ियों का भोले के भगत जगह जगह खूब स्वागत कर रहे है। इसी दौरान मंडी ओहुँचे कबड़िये का भी भगतों ने ढोल नगाड़ों से जोरदार स्वागत किया। पंडित दीनानाथ शर्मा ने कहा कि मुझे मंडी वाले पंडित जी के ऊपर बहुत गर्व है जो की हरिद्वार से पैदल चलकर बिजली महादेव तक अपनी कावड़ यात्रा कर रहे हैं उनका जगह-जगह पर श्रद्धालु भोले भोले कहकर स्वागत कर रहे हैं और भोले की कृपा से उनके खान-पान की व्यवस्था की जा रही है उनके साथ अन्य एक और भी महाशय हैं। उन्होंने कहा कि पंडित जी की कांवड़ यात्रा हरिद्वार से 16 जुलाई को सुबह 5 बजे शुरू हुई अब भोले की कृपा से गंगाजल से 10 अगस्त को बिजली महादेव में रुद्राभिषेक होगा।2
- पधर:- बच्चे के लिए एनएचएआई के इंजीनियर अंकित गिल बने फरिस्ता नवजात को बचाने के लिए लिया जोखिम, मार्ग बंद होते हुए भी पहुंचाया मंडी मंडी-पठानकोट मार्ग पर कोटरोपी में बन्द पड़े मार्ग के कारण यातायात प्रभावित था और अधिकारियों को मार्ग खोलने में देर होने की संभावना थी। मार्ग का वह हिस्सा हाल ही की बारिश से क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह जमींदोज हो गया था और बचा हुआ हिस्सा भी वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा था। इसी बीच जोगिंद्रनगर की ओर से एक नवजात शिशु के साथ एक परिवार रास्ता पार कर मंडी के लिए निकला, जहाँ बच्चे को चिकित्सकीय सलाह के साथ एक आपात ऑपरेशन की आवश्यकता थी। परिस्थिति को संवेदनशील समझते हुए एनएचएआई के साइड इंजीनियर अंकित गिल मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने परिवार की आपात स्थिति सुनी तो आनन‑फानन अपनी टीम को आदेश दिए और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराते हुए जोखिम उठाकर परिवार को सुरक्षित रूप से मंडी पहुँचया। अंकित गिल ने न केवल बच्चे का समय पर उपचार सुनिश्चित किया बल्कि तब तक कोटरोपी पर डटे रहे जब तक रात में मार्ग की बहाली का काम पूरा न हो सका। उन्होंने पूरी रात अपनी गाड़ी में रहकर जनरेटर के जरिए फ्लैस लाइट जलाकर इलाके पर निगरानी बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार का बड़ा नुकसान न हो। स्थानीय लोग और राहगीर अंकित गिल के इस साहस और मानवता भरे कदम की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं। उनके समय पर निर्णय और मानवीय संवेदना ने एक नवजात की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। एनएचएआई के इस साइड इंजीनियर ने सिर्फ अपना कर्तव्य ही नहीं निभाया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की है। बच्चे के माता पिता ने एनएचएआई साइड इंजीनियर अंकित गिल का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे इंसान ईश्वर सबको दे। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेकर उमाकांत ने भी अंकित गिल की प्रशंसा की। पधर:- बच्चे के लिए एनएचएआई के इंजीनियर अंकित गिल बने फरिस्ता नवजात को बचाने के लिए लिया जोखिम, मार्ग बंद होते हुए भी पहुंचाया मंडी मंडी-पठानकोट मार्ग पर कोटरोपी में बन्द पड़े मार्ग के कारण यातायात प्रभावित था और अधिकारियों को मार्ग खोलने में देर होने की संभावना थी। मार्ग का वह हिस्सा हाल ही की बारिश से क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह जमींदोज हो गया था और बचा हुआ हिस्सा भी वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा था। इसी बीच जोगिंद्रनगर की ओर से एक नवजात शिशु के साथ एक परिवार रास्ता पार कर मंडी के लिए निकला, जहाँ बच्चे को चिकित्सकीय सलाह के साथ एक आपात ऑपरेशन की आवश्यकता थी। परिस्थिति को संवेदनशील समझते हुए एनएचएआई के साइड इंजीनियर अंकित गिल मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने परिवार की आपात स्थिति सुनी तो आनन‑फानन अपनी टीम को आदेश दिए और अपनी गाड़ी उपलब्ध कराते हुए जोखिम उठाकर परिवार को सुरक्षित रूप से मंडी पहुँचया। अंकित गिल ने न केवल बच्चे का समय पर उपचार सुनिश्चित किया बल्कि तब तक कोटरोपी पर डटे रहे जब तक रात में मार्ग की बहाली का काम पूरा न हो सका। उन्होंने पूरी रात अपनी गाड़ी में रहकर जनरेटर के जरिए फ्लैस लाइट जलाकर इलाके पर निगरानी बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार का बड़ा नुकसान न हो। स्थानीय लोग और राहगीर अंकित गिल के इस साहस और मानवता भरे कदम की खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं। उनके समय पर निर्णय और मानवीय संवेदना ने एक नवजात की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। एनएचएआई के इस साइड इंजीनियर ने सिर्फ अपना कर्तव्य ही नहीं निभाया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल भी कायम की है। बच्चे के माता पिता ने एनएचएआई साइड इंजीनियर अंकित गिल का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे इंसान ईश्वर सबको दे। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेकर उमाकांत ने भी अंकित गिल की प्रशंसा की।1