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14 hrs ago
user_जीतू वर्मा
जीतू वर्मा
तालेड़ा, बूंदी, राजस्थान•
14 hrs ago

More news from राजस्थान and nearby areas
  • Post by जीतू वर्मा
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    Post by जीतू वर्मा
    user_जीतू वर्मा
    जीतू वर्मा
    तालेड़ा, बूंदी, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश की ताज सिटी आगरा के छीपीटोला इलाके में पानी का गंभीर संकट गहरा गया है, जहाँ इंदौर के बाद अब यहाँ भी पेयजल की भारी किल्लत महसूस की जा रही है। पानी की समस्या से जूझ रही महिलाएं खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतर आई हैं और विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि वे एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रही हैं, लेकिन अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं।
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    उत्तर प्रदेश की ताज सिटी आगरा के छीपीटोला इलाके में पानी का गंभीर संकट गहरा गया है, जहाँ इंदौर के बाद अब यहाँ भी पेयजल की भारी किल्लत महसूस की जा रही है। पानी की समस्या से जूझ रही महिलाएं खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतर आई हैं और विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि वे एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रही हैं, लेकिन अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं।
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    14 min ago
  • कोटा ग्रामीण के कनवास इलाके में स्थित टोलनाके के पास दो दिन पहले एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया था, जिसमें 21 वर्षीय टोलकर्मी मयंक की ट्रेलर की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई थी। मयंक झालावाड़ के पनवाड़ इलाके का निवासी था और रोज की तरह अपनी ड्यूटी पर तैनात था। इस पूरे मामले की लाइव तस्वीरें और वीडियो अब सामने आए हैं, जिनमें युवक की दर्दनाक मौत स्पष्ट दिख रही है। दरा-अरनिया स्टेट हाईवे पर बास्याहेडी और कनवास के बीच स्थित टोल नाके पर मयंक सड़क पार कर रहा था, तभी कनवास से धूलेट की ओर जा रहे एक ट्रॉले ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मयंक ट्रॉले के बीच के हिस्से से टकराकर नीचे गिर गया और भारी-भरकम ट्रॉले के पिछले टायर उसके पैरों के ऊपर से गुजर गए। यह हादसा ड्राइवर की लापरवाही के कारण हुआ, जिसने युवक को संभलने का मौका तक नहीं दिया। हादसे के तुरंत बाद, टोल कर्मियों ने लहूलुहान मयंक को कनवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे कोटा रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही, रास्ते में मयंक ने दम तोड़ दिया। फिलहाल, कनवास थाना पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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    कोटा ग्रामीण के कनवास इलाके में स्थित टोलनाके के पास दो दिन पहले एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया था, जिसमें 21 वर्षीय टोलकर्मी मयंक की ट्रेलर की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई थी। मयंक झालावाड़ के पनवाड़ इलाके का निवासी था और रोज की तरह अपनी ड्यूटी पर तैनात था। इस पूरे मामले की लाइव तस्वीरें और वीडियो अब सामने आए हैं, जिनमें युवक की दर्दनाक मौत स्पष्ट दिख रही है।

दरा-अरनिया स्टेट हाईवे पर बास्याहेडी और कनवास के बीच स्थित टोल नाके पर मयंक सड़क पार कर रहा था, तभी कनवास से धूलेट की ओर जा रहे एक ट्रॉले ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मयंक ट्रॉले के बीच के हिस्से से टकराकर नीचे गिर गया और भारी-भरकम ट्रॉले के पिछले टायर उसके पैरों के ऊपर से गुजर गए। यह हादसा ड्राइवर की लापरवाही के कारण हुआ, जिसने युवक को संभलने का मौका तक नहीं दिया।

हादसे के तुरंत बाद, टोल कर्मियों ने लहूलुहान मयंक को कनवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे कोटा रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही, रास्ते में मयंक ने दम तोड़ दिया। फिलहाल, कनवास थाना पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
    user_Jitendra Kumar
    Jitendra Kumar
    Local News Reporter लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    20 min ago
  • कोटा-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर मंडाना टोल प्लाजा के पास मंगलवार शाम एक चलती ट्रेलर में अचानक आग लग गई। यह ट्रेलर जयपुर से आंध्र प्रदेश की ओर जा रहा था, जिसमें पॉलिथीन से ढकी कलर बनाने की मशीन रखी हुई थी। टोल मैनेजर सुखराम ने बताया कि शाम करीब 4:30 बजे टोलकर्मियों ने ट्रेलर के पिछले हिस्से से आग की लपटें उठती देखीं। टोलकर्मियों ने तत्काल बाल्टी और कैंपर की मदद से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद ट्रेलर को टोल बिल्डिंग के पीछे ले जाया गया, जहाँ पाइपों से पानी डालकर लगभग 20 मिनट के भीतर आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। इस घटना में मशीन की मोटर जल गई, हालांकि ट्रेलर का ड्राइवर अकरम पूरी तरह सुरक्षित रहा। टोलकर्मियों की समय पर की गई कार्रवाई और सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
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    कोटा-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर मंडाना टोल प्लाजा के पास मंगलवार शाम एक चलती ट्रेलर में अचानक आग लग गई। यह ट्रेलर जयपुर से आंध्र प्रदेश की ओर जा रहा था, जिसमें पॉलिथीन से ढकी कलर बनाने की मशीन रखी हुई थी। टोल मैनेजर सुखराम ने बताया कि शाम करीब 4:30 बजे टोलकर्मियों ने ट्रेलर के पिछले हिस्से से आग की लपटें उठती देखीं।

टोलकर्मियों ने तत्काल बाल्टी और कैंपर की मदद से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद ट्रेलर को टोल बिल्डिंग के पीछे ले जाया गया, जहाँ पाइपों से पानी डालकर लगभग 20 मिनट के भीतर आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। इस घटना में मशीन की मोटर जल गई, हालांकि ट्रेलर का ड्राइवर अकरम पूरी तरह सुरक्षित रहा। टोलकर्मियों की समय पर की गई कार्रवाई और सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
    user_Dushyant singh gehlot (journal
    Dushyant singh gehlot (journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • इस वर्ष ज्योतिष अनुसार चंद्रमा को मेघों का स्वामी बताया गया है, जिसके कारण धरती पर जल संतुलन मजबूत होने और कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा के योग बनने की बात कही गई है। चंद्रमा को जल तत्व, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का कारक माना जाता है। ज्योतिष में नवतपा को वर्षा का 'गर्भकाल' कहा गया है, और ऐसी मान्यता है कि नवतपा जितना प्रभावशाली होता है, मानसून भी उतना ही सक्रिय रहता है। इस बार ग्रहों की स्थिति और वातावरणीय संकेत अच्छी वर्षा की ओर स्पष्ट इशारा कर रहे हैं। जून में वर्षा की संभावित तिथियाँ 2, 9 और 15 जून बताई गई हैं। विशेष रूप से 22 और 23 जून को भारत के अनेक राज्यों में भारी बारिश के प्रबल योग बन रहे हैं, जिससे कई क्षेत्रों में तेज वर्षा, गर्जना और मौसम में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, वर्षा ऋतु केवल मौसम ही नहीं बदलती, बल्कि घर की ऊर्जा को भी प्रभावित करती है। बारिश के दिनों में यदि घर में सीलन, गंदा पानी, टूटी वस्तुएं और अव्यवस्था बढ़ जाए तो नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय होने लगती है। वास्तु शास्त्र यह भी मानता है कि वर्षा का जल केवल प्रकृति का वरदान नहीं है, बल्कि ऊर्जा शुद्धि का माध्यम भी है। सही दिशा में बहता जल घर में समृद्धि, शांति और सकारात्मकता बढ़ाता है।
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    इस वर्ष ज्योतिष अनुसार चंद्रमा को मेघों का स्वामी बताया गया है, जिसके कारण धरती पर जल संतुलन मजबूत होने और कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा के योग बनने की बात कही गई है। चंद्रमा को जल तत्व, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का कारक माना जाता है। ज्योतिष में नवतपा को वर्षा का 'गर्भकाल' कहा गया है, और ऐसी मान्यता है कि नवतपा जितना प्रभावशाली होता है, मानसून भी उतना ही सक्रिय रहता है। इस बार ग्रहों की स्थिति और वातावरणीय संकेत अच्छी वर्षा की ओर स्पष्ट इशारा कर रहे हैं।

जून में वर्षा की संभावित तिथियाँ 2, 9 और 15 जून बताई गई हैं। विशेष रूप से 22 और 23 जून को भारत के अनेक राज्यों में भारी बारिश के प्रबल योग बन रहे हैं, जिससे कई क्षेत्रों में तेज वर्षा, गर्जना और मौसम में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, वर्षा ऋतु केवल मौसम ही नहीं बदलती, बल्कि घर की ऊर्जा को भी प्रभावित करती है। बारिश के दिनों में यदि घर में सीलन, गंदा पानी, टूटी वस्तुएं और अव्यवस्था बढ़ जाए तो नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय होने लगती है। वास्तु शास्त्र यह भी मानता है कि वर्षा का जल केवल प्रकृति का वरदान नहीं है, बल्कि ऊर्जा शुद्धि का माध्यम भी है। सही दिशा में बहता जल घर में समृद्धि, शांति और सकारात्मकता बढ़ाता है।
    user_Vastuvid Bhagyesh
    Vastuvid Bhagyesh
    Vastu consultant लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • गौहत्या और गौ तस्करी को जड़ से बंद करने की प्रबल माँग उठाई गई है, यह दावा करते हुए कि सरकार को इस दिशा में ठोस प्रमाण भी दिए जा चुके हैं। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि इन प्रमाणों के बावजूद कार्रवाई में विलंब क्यों हो रहा है, और यह भी रेखांकित किया गया है कि हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदायों की यह एक समान माँग है। पीएमओ इंडिया और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को संबोधित करते हुए, इस अपील में सरकार से आग्रह किया गया है कि वह बिना किसी देरी के कानून बनाए और गोवंश को 'राष्ट्रीय माता' का सम्मान प्रदान करे।
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    गौहत्या और गौ तस्करी को जड़ से बंद करने की प्रबल माँग उठाई गई है, यह दावा करते हुए कि सरकार को इस दिशा में ठोस प्रमाण भी दिए जा चुके हैं। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि इन प्रमाणों के बावजूद कार्रवाई में विलंब क्यों हो रहा है, और यह भी रेखांकित किया गया है कि हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदायों की यह एक समान माँग है।

पीएमओ इंडिया और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को संबोधित करते हुए, इस अपील में सरकार से आग्रह किया गया है कि वह बिना किसी देरी के कानून बनाए और गोवंश को 'राष्ट्रीय माता' का सम्मान प्रदान करे।
    user_VKH NEWS
    VKH NEWS
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • सूरज म्यूज़िक चड़गांव द्वारा नया ट्रेडिंग सॉन्ग 'भाभी मारा आशिक कौ दुपटौ मूंडौ बांध ल्या बाद' जारी किया गया है। यह गाना, जिसे Song (1391) के रूप में भी पहचाना जा रहा है, तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है।
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    सूरज म्यूज़िक चड़गांव द्वारा नया ट्रेडिंग सॉन्ग 'भाभी मारा आशिक कौ दुपटौ मूंडौ बांध ल्या बाद' जारी किया गया है। यह गाना, जिसे Song (1391) के रूप में भी पहचाना जा रहा है, तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है।
    user_Raj Mehta
    Raj Mehta
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • कोटा शहर के तलवंडी वार्ड-71 सेक्टर-2 स्थित बरथुनिया क्लीनिक अस्पताल के पास मंगलवार को बिजली विभाग के एक ट्रांसफॉर्मर में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। इस घटना के लिए स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस ट्रांसफॉर्मर में पहले भी कई बार आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन बिजली वितरण कंपनी द्वारा अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। अस्पताल के ठीक पास ट्रांसफॉर्मर होने के कारण लगातार किसी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। आरोप है कि बिजली वितरण कंपनी केईडीएल को सूचना देने के बावजूद विभागीय कर्मचारी मौके पर देर से पहुंचे। आग की भयावहता को देखते हुए, आसपास के लोगों ने खुद मिट्टी डालकर और आग बुझाने वाले उपकरणों की सहायता से आग बुझाने का प्रयास किया, पर वे सफल नहीं हो पाए। स्थानीय निवासी दुष्यंत सिंह गहलोत द्वारा तत्काल सूचना दिए जाने पर, अग्निशमन विभाग के मुख्य अधिकारी राकेश व्यास के निर्देश पर फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम लगभग 10 मिनट में मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर में तेल और हाई वोल्टेज होने के कारण विस्फोट का खतरा बना रहता है, इसलिए लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना देनी चाहिए। उन्होंने आमजन को भी आग बुझाने के प्राथमिक संसाधन अपने आसपास रखने की सलाह दी ताकि शुरुआती स्तर पर आग को नियंत्रित किया जा सके। अस्पताल संचालक डॉ. निरल ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर को हटाने के लिए पूर्व में भी बिजली विभाग को आवेदन देकर चेतावनी दी गई थी, क्योंकि बार-बार आग लगने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। भविष्य में किसी भी जनहानि से बचने के लिए स्थानीय लोगों ने इस ट्रांसफॉर्मर को तत्काल वहां से हटाने की जोरदार मांग की है।
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    कोटा शहर के तलवंडी वार्ड-71 सेक्टर-2 स्थित बरथुनिया क्लीनिक अस्पताल के पास मंगलवार को बिजली विभाग के एक ट्रांसफॉर्मर में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। इस घटना के लिए स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस ट्रांसफॉर्मर में पहले भी कई बार आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन बिजली वितरण कंपनी द्वारा अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। अस्पताल के ठीक पास ट्रांसफॉर्मर होने के कारण लगातार किसी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। आरोप है कि बिजली वितरण कंपनी केईडीएल को सूचना देने के बावजूद विभागीय कर्मचारी मौके पर देर से पहुंचे। आग की भयावहता को देखते हुए, आसपास के लोगों ने खुद मिट्टी डालकर और आग बुझाने वाले उपकरणों की सहायता से आग बुझाने का प्रयास किया, पर वे सफल नहीं हो पाए।

स्थानीय निवासी दुष्यंत सिंह गहलोत द्वारा तत्काल सूचना दिए जाने पर, अग्निशमन विभाग के मुख्य अधिकारी राकेश व्यास के निर्देश पर फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम लगभग 10 मिनट में मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर में तेल और हाई वोल्टेज होने के कारण विस्फोट का खतरा बना रहता है, इसलिए लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना देनी चाहिए। उन्होंने आमजन को भी आग बुझाने के प्राथमिक संसाधन अपने आसपास रखने की सलाह दी ताकि शुरुआती स्तर पर आग को नियंत्रित किया जा सके। अस्पताल संचालक डॉ. निरल ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर को हटाने के लिए पूर्व में भी बिजली विभाग को आवेदन देकर चेतावनी दी गई थी, क्योंकि बार-बार आग लगने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

भविष्य में किसी भी जनहानि से बचने के लिए स्थानीय लोगों ने इस ट्रांसफॉर्मर को तत्काल वहां से हटाने की जोरदार मांग की है।
    user_Dushyant singh gehlot (journal
    Dushyant singh gehlot (journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    5 hrs ago
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