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झारखंड के लोहरदगा में एक ऐसी सड़क है जिसे 'विश्व का अजूबा रोड' कहा जाता है। इस खतरनाक सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जहाँ बाइक सवार अक्सर गिरते रहते हैं। इन लगातार हो रहे हादसों के कारण यहाँ लोगों की जान तक चली जाती है।
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झारखंड के लोहरदगा में एक ऐसी सड़क है जिसे 'विश्व का अजूबा रोड' कहा जाता है। इस खतरनाक सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जहाँ बाइक सवार अक्सर गिरते रहते हैं। इन लगातार हो रहे हादसों के कारण यहाँ लोगों की जान तक चली जाती है।
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- सड़कों पर क्षमता से अधिक भार लेकर दौड़ रही गाड़ियाँ लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रही हैं। यह स्थिति चिंताजनक है, जिसके कारण हादसों की आशंका में वृद्धि हुई है।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले में एक कंपनी के खिलाफ गांव वालों का ज़बरदस्त गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीण इस बात से बेहद आक्रोशित हैं कि उनकी ज़मीन से प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कोयला निकाला जा रहा है, जबकि उनके गांव में पीने के पानी की मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं है।1
- झारखंड के लोहरदगा में एक ऐसी सड़क है जिसे 'विश्व का अजूबा रोड' कहा जाता है। इस खतरनाक सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जहाँ बाइक सवार अक्सर गिरते रहते हैं। इन लगातार हो रहे हादसों के कारण यहाँ लोगों की जान तक चली जाती है।1
- सांप के काटने की स्थिति में लोगों को स्पष्ट रूप से सलाह दी गई है कि वे किसी भी तांत्रिक, ओझा या भगत के चक्कर में न पड़ें। यह संदेश बार-बार दोहराया गया है कि ऐसे मामलों में तत्काल किसी भी पारंपरिक उपचारकर्ता के पास जाने से बचना चाहिए। इसके बजाय, सांप के काटने पर सीधे और तुरंत अस्पताल जाकर चिकित्सा सहायता प्राप्त करना ही प्राथमिकता होनी चाहिए।1
- लातेहार जिले के महुआडार प्रखंड की चंपा पंचायत में स्थित ग्वालखाड़ गाँव मूलभूत सुविधाओं और भोजन के अभाव से जूझ रहा है। चंपा पंचायत की मुखिया सुषमा कुजूर ने बुधवार शाम 4 बजे बताया कि प्राकृतिक की गोद में बसे इस गाँव की इतनी दयनीय स्थिति है कि नक्सलियों ने भी कभी यहाँ पनाह नहीं ली। उन्होंने यह भी बताया कि ग्वालखाड़ गाँव तक पहुँचने के लिए न तो कोई सुगम रास्ता है और न ही यहाँ किसी भी विकास कार्य की आधारशिला रखी गई है।1
- लातेहार के उपायुक्त संदीप कुमार ने शनिवार को मॉर्डन महिला कॉलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त ने कॉलेज परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं और उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि कॉलेज का बुनियादी ढाँचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) काफी अच्छा है, लेकिन यहाँ पानी और बिजली सहित कुछ अन्य मूलभूत सुविधाओं की समस्याएँ मौजूद हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और आश्वासन दिया कि इन मुद्दों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि कॉलेज में आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाएगा और सभी मूलभूत समस्याओं का जल्द निराकरण किया जाएगा, ताकि छात्राओं को एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।1
- एक ज़मीन विवाद को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है, जहाँ दोनों पक्षों ने फ़ोन पर क्रोध व्यक्त किया है। विवाद के बढ़ने से भयावह स्थिति पैदा होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में, जिला प्रशासन से अपील की गई है कि वे इस मामले का संज्ञान लें ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके।1
- हाल ही में एक हादसा हुआ, लेकिन इसके बावजूद लोगों की हिम्मत नहीं टूटी। इस घटना ने यह सीख दी है कि विषम परिस्थितियों में भी दूसरों की मदद करना ही सबसे बड़ी इंसानियत है।1