सुसाइड मसौली के मोहम्मद आरिफ के घर बुझा इकलौता चिराग, कानपुर में फांसी के फंदे से लटका मिला बेटे का शव बाराबंकी जनपद के मसौली थाना क्षेत्र स्थित कस्बा मसौली से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। मेहनत मजदूरी कर परिवार का सहारा बने युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कस्बा मसौली निवासी मोहम्मद आरिफ का इकलौता बेटा शहनवाज उर्फ सानू (18 वर्ष) कानपुर में एक होटल पर काम करता था। बताया जा रहा है कि वह बीते 18 फरवरी को रोज़गार के सिलसिले में कानपुर गया था। शुक्रवार सुबह कानपुर पुलिस ने फोन के माध्यम से परिजनों को सूचना दी कि शहनवाज का शव कमरे में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला है। यह खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। पिता मोहम्मद आरिफ का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों के अनुसार शहनवाज ही परिवार का इकलौता सहारा था, जिसके कंधों पर पूरे घर की जिम्मेदारी थी। उसकी कमाई से ही परिवार का पालन-पोषण चल रहा था। मृतक की चार बहनें — फोजिया (18 वर्ष), जोया (15 वर्ष), शकीना (10 वर्ष) और एतशाम (20 वर्ष) — भाई की मौत से बेसुध हैं। गांव में जैसे ही घटना की सूचना पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और हर आंख नम नजर आई। सूचना मिलने के बाद परिजन कानपुर पहुंचे, जहां पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है। इधर मसौली कस्बे में मातम पसरा हुआ है। जवान बेटे की असमय मौत ने न सिर्फ एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। पिता मोहम्मद आरिफ का दर्द भरा संदेश: "मेरा बेटा ही मेरे घर का सहारा था। उसी के भरोसे परिवार चल रहा था। पता नहीं मेरे बच्चे ने ऐसा कदम क्यों उठाया… अब हमारी बेटियों और इस घर का सहारा कौन बनेगा। हमें सिर्फ इंसाफ चाहिए और सच्चाई सामने आए।" एक पिता की आंखों का सपना और घर का इकलौता चिराग यूं बुझ जाएगा, किसी ने सोचा भी नहीं था। चाहें तो मैं इसका और ज्यादा भावुक या वायरल हेडलाइन वाला संस्करण भी तैयार कर
सुसाइड मसौली के मोहम्मद आरिफ के घर बुझा इकलौता चिराग, कानपुर में फांसी के फंदे से लटका मिला बेटे का शव बाराबंकी जनपद के मसौली थाना क्षेत्र स्थित कस्बा मसौली से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। मेहनत मजदूरी कर परिवार का सहारा बने युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कस्बा मसौली निवासी मोहम्मद आरिफ का इकलौता बेटा शहनवाज उर्फ सानू (18 वर्ष) कानपुर में एक होटल पर काम करता था। बताया जा रहा है कि वह बीते 18 फरवरी को रोज़गार के सिलसिले में कानपुर गया था। शुक्रवार सुबह कानपुर पुलिस ने फोन के माध्यम से परिजनों को सूचना दी कि शहनवाज का शव कमरे में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला है। यह खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। पिता मोहम्मद आरिफ का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों के अनुसार शहनवाज ही परिवार का इकलौता सहारा था, जिसके कंधों पर पूरे घर की जिम्मेदारी थी। उसकी कमाई से ही परिवार का पालन-पोषण चल रहा था। मृतक की चार बहनें — फोजिया (18 वर्ष), जोया (15 वर्ष), शकीना (10 वर्ष) और एतशाम (20 वर्ष) — भाई की मौत से बेसुध हैं। गांव में जैसे ही घटना की सूचना पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और हर आंख नम नजर आई। सूचना मिलने के बाद परिजन कानपुर पहुंचे, जहां पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है। इधर मसौली कस्बे में मातम पसरा हुआ है। जवान बेटे की असमय मौत ने न सिर्फ एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। पिता मोहम्मद आरिफ का दर्द भरा संदेश: "मेरा बेटा ही मेरे घर का सहारा था। उसी के भरोसे परिवार चल रहा था। पता नहीं मेरे बच्चे ने ऐसा कदम क्यों उठाया… अब हमारी बेटियों और इस घर का सहारा कौन बनेगा। हमें सिर्फ इंसाफ चाहिए और सच्चाई सामने आए।" एक पिता की आंखों का सपना और घर का इकलौता चिराग यूं बुझ जाएगा, किसी ने सोचा भी नहीं था। चाहें तो मैं इसका और ज्यादा भावुक या वायरल हेडलाइन वाला संस्करण भी तैयार कर
- (बाराबंकी)। जनपद की तहसील रामनगर के गणेशपुर कस्बे में शुक्रवार रात एक शादी समारोह उस समय हंगामे में बदल गया, जब जयमाला के दौरान नशे में धुत दूल्हे ने मर्यादा की सारी सीमाएं तोड़ दीं। शराब के प्रभाव में अनियंत्रित दूल्हे ने पहले दुल्हन से अभद्रता की और फिर बीच-बचाव करने आए ससुर पर हाथ उठा दिया। देखते ही देखते खुशियों का माहौल रणक्षेत्र में तब्दील हो गया और बाराती व जनाती आमने-सामने आ गए। जानकारी के अनुसार बहराइच जनपद के मुराइनपुरवा से आई बारात का स्वागत पूरे शालीन ढंग से किया गया था। रात करीब 11 बजे दूल्हा विशाल मंच पर जयमाला के लिए पहुंचा, लेकिन वह पूरी तरह नशे में था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जयमाला के दौरान दूल्हे ने अचानक दुल्हन निशा को लात मार दी। बेटी को बचाने पहुंचे पिता सत्रोहन के साथ भी उसने हाथापाई शुरू कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई, टेंट की कुर्सियां टूट गईं और अफरा-तफरी मच गई। इस हिंसक झड़प में दूल्हे की बहन, जीजा समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें कुछ के पैर टूटने की भी सूचना है। सूचना पर डायल 112 और महादेवा चौकी प्रभारी रविंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को सीएचसी भिजवाया। रातभर चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद गांव के संभ्रांत लोगों और पूर्व प्रधान की मध्यस्थता से सुबह दोनों पक्षों में लिखित समझौता हुआ। इसके बाद शेष वैवाहिक रस्में पूरी कराई गईं। पुलिस ने घटना को गंभीर मानते हुए दोनों पक्षों को थाने तलब किया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा1
- मसौली के मोहम्मद आरिफ के घर बुझा इकलौता चिराग, कानपुर में फांसी के फंदे से लटका मिला बेटे का शव बाराबंकी जनपद के मसौली थाना क्षेत्र स्थित कस्बा मसौली से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। मेहनत मजदूरी कर परिवार का सहारा बने युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कस्बा मसौली निवासी मोहम्मद आरिफ का इकलौता बेटा शहनवाज उर्फ सानू (18 वर्ष) कानपुर में एक होटल पर काम करता था। बताया जा रहा है कि वह बीते 18 फरवरी को रोज़गार के सिलसिले में कानपुर गया था। शुक्रवार सुबह कानपुर पुलिस ने फोन के माध्यम से परिजनों को सूचना दी कि शहनवाज का शव कमरे में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला है। यह खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। पिता मोहम्मद आरिफ का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों के अनुसार शहनवाज ही परिवार का इकलौता सहारा था, जिसके कंधों पर पूरे घर की जिम्मेदारी थी। उसकी कमाई से ही परिवार का पालन-पोषण चल रहा था। मृतक की चार बहनें — फोजिया (18 वर्ष), जोया (15 वर्ष), शकीना (10 वर्ष) और एतशाम (20 वर्ष) — भाई की मौत से बेसुध हैं। गांव में जैसे ही घटना की सूचना पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और हर आंख नम नजर आई। सूचना मिलने के बाद परिजन कानपुर पहुंचे, जहां पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है। इधर मसौली कस्बे में मातम पसरा हुआ है। जवान बेटे की असमय मौत ने न सिर्फ एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। पिता मोहम्मद आरिफ का दर्द भरा संदेश: "मेरा बेटा ही मेरे घर का सहारा था। उसी के भरोसे परिवार चल रहा था। पता नहीं मेरे बच्चे ने ऐसा कदम क्यों उठाया… अब हमारी बेटियों और इस घर का सहारा कौन बनेगा। हमें सिर्फ इंसाफ चाहिए और सच्चाई सामने आए।" एक पिता की आंखों का सपना और घर का इकलौता चिराग यूं बुझ जाएगा, किसी ने सोचा भी नहीं था। चाहें तो मैं इसका और ज्यादा भावुक या वायरल हेडलाइन वाला संस्करण भी तैयार कर1
- लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। जगरानी अस्पताल के पास विद्युत कार्य के दौरान करंट लगने से संविदा लाइनमैन परशुराम (45) की मौके पर ही मौत हो गई। परशुराम कल्याणपुर–गुडंबा क्षेत्र में बिजली विभाग में कार्यरत थे। परिजनों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना दिए बिजली लाइन चालू कर दी गई, जिससे यह हादसा हुआ। परिवार का यह भी कहना है कि मृतक को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए और जल्दबाजी में काम करने का दबाव बनाया गया। 👨👩👧👦 चार छोटे बच्चों के सिर से उठा साया मृतक अपने पीछे तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं — सभी अभी नाबालिग हैं। परिवार कल्याणपुर में किराए के मकान में रहता था और मूल रूप से तरैया क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। घर में कमाने वाला एकमात्र सदस्य होने के कारण अब पूरा परिवार गहरे संकट में है। 📍 पावर हाउस पर हंगामा घटना के बाद आक्रोशित लोगों का जमावड़ा सेक्टर 25 पावर हाउस (गाज़ीपुर थाना क्षेत्र) पर लग गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी रही। ❓ सवालों के घेरे में बिजली विभाग परिजनों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, पेंशन और आवास देने का मौखिक आश्वासन तो दिया गया, लेकिन अब तक कोई लिखित आश्वासन नहीं मिला है। 🔎 बड़ा सवाल: क्या संविदा कर्मियों की सुरक्षा सिर्फ कागज़ों तक सीमित है? कब तक बिना सुरक्षा उपकरणों के जान जोखिम में डालते रहेंगे लाइनमैन?1
- लखनऊ में जगरानी हॉस्पिटल के पास लाइनमैन की मौत के बाद बिजली विभाग के जेई (जूनियर इंजीनियर) की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना क्या है?👇👇 जगरानी हॉस्पिटल के पास विद्युत लाइन पर काम कर रहे एक लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लाइन पर मेंटेनेंस/मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक सप्लाई चालू होने या सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। जेई पर क्यों उठ रहे सवाल?,👇 शटडाउन की अनुमति: क्या लाइन पर काम से पहले विधिवत शटडाउन लिया गया था? सुरक्षा प्रोटोकॉल: क्या लाइनमैन को सेफ्टी किट (दस्ताने, बेल्ट, हेलमेट) उपलब्ध कराई गई थी? लिखित अनुमति/डायरी एंट्री: क्या कार्य शुरू करने से पहले विभागीय रजिस्टर में एंट्री की गई थी? निगरानी की जिम्मेदारी: मौके पर संबंधित जेई या अधिकारी की मौजूदगी थी या नहीं? परिवार और सहकर्मियों का आरोप मृतक के परिजनों और कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि बिना पूरी सुरक्षा व्यवस्था के काम कराया गया। अगर शटडाउन के बावजूद सप्लाई चालू हुई, तो यह गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। विभागीय प्रतिक्रिया बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि लापरवाही साबित होती है तो संबंधित अधिकारियों पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई संभव है।... लखनऊ के इंदिरा नगर सेक्टर 25 में परिजन मौजूद मुआवजा की मांग 50 लाख की मांग1
- देवरिया में आम आदमी पार्टी (AAP) कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal और पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia को आबकारी घोटाले के आरोपों से राहत मिलने पर खुशी जताते हुए जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख स्थानों पर एकत्र होकर मिठाई बांटी और एक-दूसरे को बधाई दी। इस दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि यह “सच्चाई की जीत” है और न्यायपालिका पर विश्वास कायम हुआ है। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से चल रहे मामले में राहत मिलने से कार्यकर्ताओं में उत्साह है और संगठन को नई ऊर्जा मिली है। जश्न के दौरान नारेबाजी भी की गई और आम जनता के बीच मिठाई वितरित की गई।1
- कानपुर बार एसोसिएशन का कचहरी में होली मिलन समारोह। #kanpur #advocate #holi #ceremony1
- लखनऊ एपिसोड 1 वन रेंज दुबग्गा क्षेत्र के फतेह नगर पंचायत भवन पास से लेफ्ट साइड कच्चा गलियर के आगे हरे पेड़ों पर 3 दिन पहले चला था आरा, काटे गए थे प्रतिबंधित पेड़ अभी तक वन दरोगा मोइन खान ने नहीं की कोई कार्यवाही पर्यावरण बचाने के लिए सरकार जहां फिक्रमंद हैं। वहीं अधिकारी डीएफओ सुधांशु पांडे, रेंजर सोनम दीक्षित, डिप्टी वन दरोगा मोइन खान और वन माली मुलायम सरकार की मंशा पर पानी फेरने पर तुले हुए हैं। वन विभाग टीम की मिली भगत से क्षेत्र में हरे पेड़ों पर बेधड़क आरा चल रहा है। और प्रतिबंधित पेड़ काटे जा रहे हैं। एपिसोड 2 , ताजा मामला ऑफिस खेड़ा में हुआ है साइड खड़ंजा गया हुआ है जाने वाले मार्ग पर। लगभग एक दर्जन प्रतिबंधित पेड़ों को काटकर धराशाई कर दिया गया। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या कार्यवाही होती है या फिर अधिकारियों को गुमराह करके ठेकेदार को बचाने का कार्य किया जाता है1
- जनपद बाराबंकी आयुक्त महोदया खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन व जिलाधिकारी महोदय के निर्देशानुसार तथा उप जिलाधिकारी नवाबगंज श्री आनन्द तिवारी व सहायक आयुक्त (खाद्य)-॥ डा० शैलेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में दिनांक 26-02-2026 को होली पर्व के अन्तर्गत बाराबंकी शहर के लखपेड़ाबाग व नबीगंज दक्षेत्र में सघन छापामार अभियान चलाया गया। अभियान के अन्तर्गत लखपेड़ाबाग स्थित मेसर्स बाला जी घी स्टोर से घी के 02 नमूने लिये गये। इसी प्रकार नबीगंज स्थित मेसर्स रवि ट्रेडर्स से वंश ब्राण्ड के सरसो तेल व रिफाइन्ड सोयाबीन तेल का नमूना लिया गया तथा संदिग्ध प्रतीत होने के कारण मयूर वनस्पति के 10 टिन (कीमत 39000/-रू०). बिस्किन वनस्पत्ति के 24 टिन (कीमत 53,340/- रू०) बेकरी सॉटनिंग के 14 जार (कीमत 32,900) को विक्रय से प्रतिबन्धित कर दिया गया। इस प्रकार मेसर्स रवि ट्रेडर्स पर कुल एक लाख पच्चीस हजार रूपये कीमत के खाद्य पदार्थों को विकय से प्रतिबन्धित कर दिया गया। इसी कम में हैदरगढ़ स्थित हरी ट्रेडर्स से पनीर व छेना का नमूना जॉच हेतु संग्रहित कर प्रयोगशाला भेजा गया। रामनगर स्थित गिरीं चौराहा से खोया का नमूना संग्रहित किया गया। अभियान के दौरान लिये गये नमूनों का विवरण इस प्रकार है।. 1. मेसर्स बाला जी घी, लखपेड़ाबाग, बाराबंकी घी-02 2. मेसर्स रवि ट्रेडर्स, नबीगंज, बाराबंकी सरसों तेल-01 व रिफाइन्ड सोयाबीन तेल-01 3. मेसर्स हरी ट्रेडर्स सब्जीमण्डी, हैदरगढ़, बाराबंकी-पनीर-01 व छेना-01 4. रामनगर स्थित गिरी चौराहा, बाराबंकी खोया-01 प्रर्वतन कार्यवाही में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी नीरद पाण्डेय व खाद्य सुरक्षा अधिकारीगण अरूण कुमार, अर्शी फारूकी, भगौती प्रसाद, पल्लवी तिवारी, अनुराधा मिश्रा, डा० अंकिता यादव शामिल रहे। कुल नमूनों की संख्या-07 कुल जब्तीकरण की कीमत-कुल रू0 1,25,240/-1