अटरिया में शिक्षा की नई अलख: सीडीओ ने किया अत्याधुनिक 'पंथ रिसर्च लाइब्रेरी' का लोकार्पण अटरिया में शिक्षा की नई अलख: सीडीओ ने किया अत्याधुनिक 'पंथ रिसर्च लाइब्रेरी' का लोकार्पण संवाददाता ,,नरेश गुप्ता सीतापुर (अटरिया): ग्रामीण अंचल के मेधावी छात्रों को अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अटरिया कस्बे में नीलगांव कट के सामने नवनिर्मित पंथ रिसर्च लाइब्रेरी का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी (CDO) प्रणता ऐश्वर्या ने फीता काटकर किया। लाइब्रेरी की मुख्य विशेषताएं और सुविधाएं ग्राम पंचायत द्वारा 15वें और पंचम वित्त आयोग के बजट से निर्मित यह लाइब्रेरी आधुनिक संसाधनों से लैस है: लागत और क्षमता: ₹7,48,000 की लागत से तैयार इस भवन में एक साथ 30 छात्र-छात्राओं के बैठने की व्यवस्था है। डिजिटल सुविधाएं: परिसर में हाई-स्पीड वाई-फाई और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की महत्वपूर्ण पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। रियायती शुल्क: सामान्य छात्रों के लिए ₹300 और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए मात्र ₹250 का मासिक सुविधा शुल्क निर्धारित किया गया है। आत्मनिर्भर मॉडल: ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमर सिंह 'बबलू' यादव ने बताया कि लाइब्रेरी से होने वाली आय का उपयोग इसके रखरखाव और वहां कार्यरत कर्मचारियों के वेतन के लिए किया जाएगा। "ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी सुविधाओं से युवाओं को घर के पास ही बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलेगा, जिससे वे शहरों पर निर्भर रहे बिना अपनी प्रतिभा निखार सकेंगे।" — प्रणता ऐश्वर्या, सीडीओ सीतापुर कार्यक्रम में गणमान्य जनों की उपस्थिति उद्घाटन के दौरान ग्राम प्रधान पूनम यादव, प्रतिनिधि अमर सिंह यादव, टिकौली प्रधान अखिलेश वर्मा सहित भारी संख्या में ग्रामीण और छात्र मौजूद रहे। ग्राम पंचायत अधिकारी राम जी, संदीप रावत, डॉली, मो. हस्सान, अनिल राय और धीरेंद्र प्रताप सिंह ने भी कार्यक्रम में प्रतिभाग कर इस पहल को क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया।
अटरिया में शिक्षा की नई अलख: सीडीओ ने किया अत्याधुनिक 'पंथ रिसर्च लाइब्रेरी' का लोकार्पण अटरिया में शिक्षा की नई अलख: सीडीओ ने किया अत्याधुनिक 'पंथ रिसर्च लाइब्रेरी' का लोकार्पण संवाददाता ,,नरेश गुप्ता सीतापुर (अटरिया): ग्रामीण अंचल के मेधावी छात्रों को अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अटरिया कस्बे में नीलगांव कट के सामने नवनिर्मित पंथ रिसर्च लाइब्रेरी का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी (CDO)
प्रणता ऐश्वर्या ने फीता काटकर किया। लाइब्रेरी की मुख्य विशेषताएं और सुविधाएं ग्राम पंचायत द्वारा 15वें और पंचम वित्त आयोग के बजट से निर्मित यह लाइब्रेरी आधुनिक संसाधनों से लैस है: लागत और क्षमता: ₹7,48,000 की लागत से तैयार इस भवन में एक साथ 30 छात्र-छात्राओं के बैठने की व्यवस्था है। डिजिटल सुविधाएं: परिसर में हाई-स्पीड वाई-फाई और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की महत्वपूर्ण पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। रियायती शुल्क: सामान्य छात्रों के लिए
₹300 और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए मात्र ₹250 का मासिक सुविधा शुल्क निर्धारित किया गया है। आत्मनिर्भर मॉडल: ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमर सिंह 'बबलू' यादव ने बताया कि लाइब्रेरी से होने वाली आय का उपयोग इसके रखरखाव और वहां कार्यरत कर्मचारियों के वेतन के लिए किया जाएगा। "ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी सुविधाओं से युवाओं को घर के पास ही बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलेगा, जिससे वे शहरों पर निर्भर रहे बिना अपनी
प्रतिभा निखार सकेंगे।" — प्रणता ऐश्वर्या, सीडीओ सीतापुर कार्यक्रम में गणमान्य जनों की उपस्थिति उद्घाटन के दौरान ग्राम प्रधान पूनम यादव, प्रतिनिधि अमर सिंह यादव, टिकौली प्रधान अखिलेश वर्मा सहित भारी संख्या में ग्रामीण और छात्र मौजूद रहे। ग्राम पंचायत अधिकारी राम जी, संदीप रावत, डॉली, मो. हस्सान, अनिल राय और धीरेंद्र प्रताप सिंह ने भी कार्यक्रम में प्रतिभाग कर इस पहल को क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया।
- अटरिया में शिक्षा की नई अलख: सीडीओ ने किया अत्याधुनिक 'पंथ रिसर्च लाइब्रेरी' का लोकार्पण संवाददाता ,,नरेश गुप्ता सीतापुर (अटरिया): ग्रामीण अंचल के मेधावी छात्रों को अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अटरिया कस्बे में नीलगांव कट के सामने नवनिर्मित पंथ रिसर्च लाइब्रेरी का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी (CDO) प्रणता ऐश्वर्या ने फीता काटकर किया। लाइब्रेरी की मुख्य विशेषताएं और सुविधाएं ग्राम पंचायत द्वारा 15वें और पंचम वित्त आयोग के बजट से निर्मित यह लाइब्रेरी आधुनिक संसाधनों से लैस है: लागत और क्षमता: ₹7,48,000 की लागत से तैयार इस भवन में एक साथ 30 छात्र-छात्राओं के बैठने की व्यवस्था है। डिजिटल सुविधाएं: परिसर में हाई-स्पीड वाई-फाई और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की महत्वपूर्ण पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। रियायती शुल्क: सामान्य छात्रों के लिए ₹300 और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए मात्र ₹250 का मासिक सुविधा शुल्क निर्धारित किया गया है। आत्मनिर्भर मॉडल: ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमर सिंह 'बबलू' यादव ने बताया कि लाइब्रेरी से होने वाली आय का उपयोग इसके रखरखाव और वहां कार्यरत कर्मचारियों के वेतन के लिए किया जाएगा। "ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी सुविधाओं से युवाओं को घर के पास ही बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलेगा, जिससे वे शहरों पर निर्भर रहे बिना अपनी प्रतिभा निखार सकेंगे।" — प्रणता ऐश्वर्या, सीडीओ सीतापुर कार्यक्रम में गणमान्य जनों की उपस्थिति उद्घाटन के दौरान ग्राम प्रधान पूनम यादव, प्रतिनिधि अमर सिंह यादव, टिकौली प्रधान अखिलेश वर्मा सहित भारी संख्या में ग्रामीण और छात्र मौजूद रहे। ग्राम पंचायत अधिकारी राम जी, संदीप रावत, डॉली, मो. हस्सान, अनिल राय और धीरेंद्र प्रताप सिंह ने भी कार्यक्रम में प्रतिभाग कर इस पहल को क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया।4
- ki main pichle kai dinon se lagatar gas ( black kasmanda ) agency ke chakkar laga raha hoon, lekin mujhe gas cylinder nahi diya ja raha hai. Har baar koi na koi bahana banakar mujhe wapas bhej diya jata hai, jis wajah se mujhe ghar mein khana banane mein bahut pareshani ho rahi hai. Aap se nivedan hai ki kripya is mamle ki janch karein aur mujhe jald se jald gas cylinder dilwane ki kripa karein. Dhanyawad.1
- ममाला अंग्रेजी शराब व बीयर की दुकान पर लोग शराब पी कर गाली गलौज करते हुए हैं1
- *बाराबकी डीएम व एसपी ने अफीम खेती का किया निरीक्षण, किसानों से संवाद कर जाना हाल* बाराबंकी, 02 अप्रैल 2026। जिलाधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी एवं पुलिस अधीक्षक श्री अर्पित विजयवर्गीय ने तहसील नवाबगंज क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम मेंहदीपुर मजरे हरख में पोस्ता/अफीम की खेती का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेतों में पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद स्थापित किया तथा अफीम की खेती से होने वाले लाभ एवं आने वाली चुनौतियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान जिला अफीम अधिकारी ने अवगत कराया कि जनपद में वर्तमान में कुल 5038 किसान अफीम की खेती कर रहे हैं। इनमें से 4269 किसान सीपीएस पद्धति के अंतर्गत प्रति किसान लगभग 5 एयर भूमि पर खेती कर रहे हैं, जबकि शेष 769 कृषक 1 एयर भूमि पर पारंपरिक चीरा विधि से अफीम उत्पादन कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि अफीम की खेती उनके लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने, उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने तथा खेती से अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन किसानों की समस्याओं के समाधान एवं आवश्यक सहयोग के लिए निरंतर तत्पर है। पुलिस अधीक्षक श्री अर्पित विजयवर्गीय ने किसानों एवं संबंधित अधिकारियों से कहा कि अफीम के संग्रहण, भंडारण एवं अवशेष के निस्तारण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित तरीके से संपादित किया जाए, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं सुचारु बनी रहे। इस अवसर पर संबंधित विभागीय अधिकारी एवं किसान बन्धु उपस्थित रहे।1
- ब्रेकिंग लखनऊ स्थानीय चौकी फैज़ुल्लागंज पर सूचना देकर घर वापस जा रहे पीड़ित युवको पर बेखौफ़ दबंगो ने कर दिया चाकू से हमला व फेका तेजाब जिससे युवक हुए गंभीर रूप से घायल1
- Post by मोहित पासी ब्लॉक अध्यक्ष लाखन आर्मी1
- राजधानी लखनऊ के इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे स्थित एक रेस्टोरेंट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बिरयानी के पीस को लेकर ग्राहक और दुकानदार के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि बात इतनी बढ़ गई कि रेस्टोरेंट संचालक रिजवान और उसके कर्मचारियों ने ग्राहक पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। टेढ़ी पुलिया निवासी सूरज प्रजापति ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह अपने साथी मोहम्मद आमिर के साथ बुधवार रात “मुगलई जायका” रेस्टोरेंट पर बिरयानी पैक कराने गए थे। इसी दौरान पीस को लेकर विवाद हुआ, जिस पर आपत्ति जताने पर गाली-गलौज शुरू हो गई और फिर हमला कर दिया गया। हमले में सूरज गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। 👉 सवाल ये है कि आखिर छोटी-छोटी बातों पर बढ़ता ये गुस्सा कब थमेगा? #Lucknow #ViralNews #CrimeNews #BiryaniDispute #UPPolice1
- बाराबंकी जिलाधिकारी ने गेहूं की क्रॉप कटिंग का किया निरीक्षण* *क्रॉप कटिंग से प्राप्त आंकड़े कृषि नीति निर्धारण में निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिका–डीएम* बाराबंकी, 02 अप्रैल 2026। जिलाधिकारी द्वारा तहसील नवाबगंज अन्तर्गत ग्राम लक्षबर बजहा में रबी फसल अंतर्गत गेहूं की क्रॉप कटिंग कराई गई तथा मौके पर पहुंचकर पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने क्रॉप कटिंग के कार्य को निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप पारदर्शिता के साथ संपादित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि क्रॉप कटिंग के माध्यम से फसल उत्पादन का सटीक एवं वास्तविक आकलन प्राप्त होता है, जिससे कृषि से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलती है। यह प्रक्रिया फसल बीमा दावों के निस्तारण, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से जुड़े निर्णयों तथा कृषि नीति निर्धारण के लिए विश्वसनीय आधार प्रदान करती है। साथ ही, इससे विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादन की स्थिति का तुलनात्मक विश्लेषण संभव होता है, जिससे किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं संसाधनों की बेहतर योजना बनाकर उनकी आय वृद्धि में भी सहायता मिलती है। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि अन्य ग्रामों में भी क्रॉप कटिंग का कार्य निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए, जिससे फसल उत्पादन का सटीक एवं शुद्ध आकलन प्राप्त हो सके। इस दौरान उप जिलाधिकारी नवाबगंज श्री आनंद कुमार तिवारी, तहसीलदार नवाबगंज सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1